नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में मटर उत्पादक किसानों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि गोटेगांव कृषि उपज मंडी क्षेत्र के लगभग 150 किसानों ने अपनी मटर की फसल गोपाल एंड कंपनी को बेची थी, जिसके बाद किसानों की करोड़ों रुपए की मेहनत की कमाई का गबन कर लिया गया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित किसानों ने पिछले 5 महीनों पहले FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पिछले हफ्ते SDM ने FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रशासन अपने इस वादे से मुकर गया है। इसी के विरोध में, किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर के नाम SDM को एक ज्ञापन सौंपा है और गोपाल एंड कंपनी पर तुरंत FIR दर्ज करने, साथ ही इसमें संलिप्त अधिकारियों के ऊपर जांच की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई तो उनका यह धरना जारी रहेगा।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में मटर उत्पादक किसानों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि गोटेगांव कृषि उपज मंडी क्षेत्र के लगभग 150 किसानों ने अपनी मटर की फसल गोपाल एंड कंपनी को बेची थी, जिसके बाद किसानों की करोड़ों रुपए की मेहनत की कमाई का गबन कर लिया गया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित किसानों ने पिछले 5 महीनों पहले FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पिछले हफ्ते SDM ने FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रशासन अपने इस वादे से मुकर गया है। इसी के विरोध में, किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर के नाम SDM को एक ज्ञापन सौंपा है और गोपाल एंड कंपनी पर तुरंत FIR दर्ज करने, साथ ही इसमें संलिप्त अधिकारियों के ऊपर जांच की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई तो उनका यह धरना जारी रहेगा।
- नरसिंहपुर स्थित पटेल कॉलोनी में गंभीर बदहाली का सामना कर रहे वार्डवासी सीवर लाइन और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।1
- नरसिंहपुर जिले के कलेक्ट्रेट में मटर किसानों ने जमकर हंगामा किया। किसानों ने इस दौरान प्रशासन पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।1
- नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के भौरझिर गाँव से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में व्यापक भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस महत्वपूर्ण योजना में अनियमितताएँ बरती जा रही हैं।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा में स्थित गाडरवारा नगर पालिका के विवेकानंद वार्ड के नागरिक भीषण समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषकर बारिश के महीनों में उन्हें आने-जाने, विद्युत व्यवस्था और पानी की निकासी को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर मुद्दों को लेकर विवेकानंद वार्ड के नागरिकों ने गाडरवारा एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने प्रशासन से उनकी समस्याओं को तत्काल दूर करने की पुरजोर मांग की है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) की सागर जिला इकाई ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में महिला डॉक्टरों के साथ हुई अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शहर में लगातार भारी बारिश के बावजूद, आप कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सागर जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ केवल खानापूर्ति न की जाए, बल्कि सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मीडिया से बात करते हुए, इंजी. डी.के. सिंह ने कहा कि कार्यस्थलों पर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा 'भगवान भरोसे' है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जो डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, वे आज अपने कार्यस्थल पर ही सुरक्षित नहीं हैं। बीएमसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में महिला डॉक्टर के साथ हुई अभद्रता को उन्होंने बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया। सिंह ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो वे भयमुक्त होकर अपनी सेवाएं कैसे दे पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस मामले में मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन पर सख्त धाराएं लगाने की मांग की। आप के संगठन मंत्री पुष्पेन्द्र राजपूत ने कुछ प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता करने वाले असामाजिक तत्वों की तत्काल गिरफ्तारी शामिल है, वह भी बिना किसी राजनीतिक दबाव के और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कड़ी कार्रवाई के साथ। इसके अतिरिक्त, बीएमसी परिसर और संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता ऑडिट करने, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सख्त करने की मांग की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक जांच की भी वकालत की। इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष इंजी. डी.के. सिंह के साथ जिला संगठन मंत्री पुष्पेंद्र राजपूत, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष कुर्मी, आरटीआई विंग जिला अध्यक्ष प्रदीप जैन, मीडिया प्रभारी संजेश कश्यप, जिला संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज, ज्योतिष सोनी, मयंक खरे और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में जल्द और ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।3
- आम आदमी पार्टी (आप) की सागर जिला इकाई ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में महिला डॉक्टरों के साथ हुई अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले को लेकर भारी बारिश के बावजूद कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। ‘आप’ सागर जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ केवल खानापूर्ति न कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। मीडिया से बात करते हुए इंजी. डी.के. सिंह ने बताया कि कार्यस्थलों पर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, वे आज अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं हैं। बीएमसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में महिला डॉक्टर के साथ हुई अभद्रता को बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो वे भयमुक्त होकर अपनी सेवाएं कैसे दे पाएंगी? उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस मामले में मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन पर सख्त धाराएं लगाने की मांग की। पार्टी के संगठन मंत्री पुष्पेंद्र राजपूत ने प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता करने वाले असामाजिक तत्वों की बिना किसी राजनीतिक दबाव के तत्काल गिरफ्तारी और सीसी टीवी फुटेज के आधार पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। इसके अतिरिक्त, बीएमसी परिसर और संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने तथा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सख्त करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता ऑडिट कराने की मांग भी की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की बात भी कही। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष इंजी. डी.के. सिंह के साथ संगठन मंत्री पुष्पेंद्र राजपूत, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष कुर्मी, आरटीआई विंग जिला अध्यक्ष प्रदीप जैन, मीडिया प्रभारी संजेश कश्यप, जिला संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज, ज्योतिष सोनी, मयंक खरे सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक सुर में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में जल्द और ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी इंजीनियर डीके सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव मंडी में मटर किसानों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला आज एक नए मोड़ पर पहुँच गया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष विमलेश कुमार लोधी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और सभी पीड़ित किसान अपनी गाढ़े पसीने की कमाई के गबन को लेकर आज जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में भारी आक्रोश के साथ पहुँचे। किसानों ने आरोपी व्यापारी संदीप पटेल, गोपाल पटेल और 'गोपाल एंड कंपनी' के अन्य व्यापारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर जोर दिया। गौरतलब है कि इन व्यापारियों ने 150 किसानों का भुगतान पिछले पांच महीनों से रोक रखा था, और उनके द्वारा दिए गए चेक भी बाउंस हो चुके थे। इसके अतिरिक्त, किसानों ने मंडी सचिव और थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच करवाकर उन्हें निलंबित करने की भी मांग की। आज जनसुनवाई के दौरान किसानों के भारी आक्रोश और उनके कड़े रुख के आगे प्रशासन को आखिरकार झुकना पड़ा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को शांत कराया और संबंधित दोषी व्यापारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का ठोस लिखित/मौखिक आश्वासन दिया। प्रशासन से मिले इस आश्वासन के बाद ही किसान शांत हुए और अपना आंदोलन समाप्त कर वहाँ से रवाना हुए। भारतीय किसान यूनियन जिला नरसिंहपुर के देवेंद्र पाठक और प्रवक्ता चौधरी लोकेश सिंह ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द ही आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे दोबारा उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।4
- दमोह-रनेह में पुलिस अभिरक्षा के दौरान एक बड़ा सेंध लगने की जानकारी सामने आई है। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक की ओर इशारा करती है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जनसुनवाई में पहुँचने वाले आवेदकों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए उनके आवेदनों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है।1