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नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के भौरझिर गाँव से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में व्यापक भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस महत्वपूर्ण योजना में अनियमितताएँ बरती जा रही हैं।
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के भौरझिर गाँव से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में व्यापक भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस महत्वपूर्ण योजना में अनियमितताएँ बरती जा रही हैं।
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- नरसिंहपुर जिले के मुशरान वार्ड स्थित पटेल कॉलोनी की गली नंबर 2 के निवासी मूलभूत सुविधाओं के गंभीर अभाव के कारण नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। अपनी इन दयनीय स्थितियों और समस्याओं को उजागर करते हुए, स्थानीय निवासियों ने आज जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित 'जनसुनवाई' के दौरान एक ज्ञापन सौंपा है।1
- यह जानकारी एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़ द्वारा साझा की गई है।1
- बाबा खाटू श्याम के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से शुरू हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा आ पहुँची है। नरसिंहपुर पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पदयात्रा में शामिल भक्तों ने बताया कि यह उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी राजस्थान तक पहुँचना है। उन्होंने जानकारी दी कि वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूरा करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने साझा किया कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें से एक मुख्य पदयात्री हैं और अन्य सेवा कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि धूप, बारिश या तूफान जैसी कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं सकती, क्योंकि बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा खाटू श्याम के दर्शन करना और अपनी श्रद्धा अर्पित करना है। श्रद्धालुओं का यह जत्था बाबा का आशीर्वाद और अटूट विश्वास लेकर अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।4
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में मटर उत्पादक किसानों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि गोटेगांव कृषि उपज मंडी क्षेत्र के लगभग 150 किसानों ने अपनी मटर की फसल गोपाल एंड कंपनी को बेची थी, जिसके बाद किसानों की करोड़ों रुपए की मेहनत की कमाई का गबन कर लिया गया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित किसानों ने पिछले 5 महीनों पहले FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पिछले हफ्ते SDM ने FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रशासन अपने इस वादे से मुकर गया है। इसी के विरोध में, किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर के नाम SDM को एक ज्ञापन सौंपा है और गोपाल एंड कंपनी पर तुरंत FIR दर्ज करने, साथ ही इसमें संलिप्त अधिकारियों के ऊपर जांच की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई तो उनका यह धरना जारी रहेगा।1
- कोनी के डंपर संचालकों ने 14 घंटे के प्रतिबंधात्मक आदेश पर अपना कड़ा विरोध जताया है। संचालकों का कहना है कि इस आदेश के कारण उनका व्यापार पूरी तरह ठप हो रहा है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा में स्थित गाडरवारा नगर पालिका के विवेकानंद वार्ड के नागरिक भीषण समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषकर बारिश के महीनों में उन्हें आने-जाने, विद्युत व्यवस्था और पानी की निकासी को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर मुद्दों को लेकर विवेकानंद वार्ड के नागरिकों ने गाडरवारा एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने प्रशासन से उनकी समस्याओं को तत्काल दूर करने की पुरजोर मांग की है।1
- नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के भौरझिर गाँव से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय निवासियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में व्यापक भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस महत्वपूर्ण योजना में अनियमितताएँ बरती जा रही हैं।1
- गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।1