गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।
गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।
- दिनांक 06-07-2026 को नरसिंहपुर पुलिस द्वारा पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे "सेफ क्लिक-2.0" अभियान के तहत स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जिलेभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में, गाडरवारा क्षेत्र के काबरा मेमोरियल पब्लिक स्कूल, क्रेयॉन इंटरनेशनल स्कूल, दक्ष इंटरनेशनल स्कूल और पीएम श्री स्कूल के लगभग 700 विद्यार्थियों के लिए श्री भवन में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, साइबर बुलिंग, फिशिंग लिंक, फर्जी KYC अपडेट, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, UPI एवं ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने तथा OTP, UPI PIN, CVV, पासवर्ड सहित अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड के महत्व, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अपनाने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के साथ-साथ भ्रामक या अपुष्ट जानकारी साझा न करने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में, सभी छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने स्वयं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इसके उपरांत, स्कूली छात्र-छात्राओं ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की मानव श्रृंखला बनाकर आमजन को साइबर सुरक्षा का संदेश दिया और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल कर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।1
- यह जानकारी एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़ द्वारा साझा की गई है।1
- बाबा खाटू श्याम के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अद्भुत नजारा नरसिंहपुर में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के गोंदिया से शुरू हुई बाबा खाटू श्याम की पदयात्रा आ पहुँची है। नरसिंहपुर पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने पदयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पदयात्रा में शामिल भक्तों ने बताया कि यह उनकी गहरी श्रद्धा का परिणाम है और उनका लक्ष्य बाबा खाटू श्याम की नगरी राजस्थान तक पहुँचना है। उन्होंने जानकारी दी कि वे प्रतिदिन लगभग 35 से 40 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, और इस पूरी यात्रा को पूरा करने में लगभग 35 से 40 दिन का समय लगेगा। यात्रा में शामिल कुणाल पांडे ने साझा किया कि यह उनकी दूसरी पदयात्रा है और वे बाबा की कृपा से ही इस कठिन मार्ग को तय कर पा रहे हैं। इस पैदल यात्रा में कुल चार लोग शामिल हैं, जिनमें से एक मुख्य पदयात्री हैं और अन्य सेवा कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि धूप, बारिश या तूफान जैसी कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं सकती, क्योंकि बाबा की शक्ति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा खाटू श्याम के दर्शन करना और अपनी श्रद्धा अर्पित करना है। श्रद्धालुओं का यह जत्था बाबा का आशीर्वाद और अटूट विश्वास लेकर अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।4
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में मटर उत्पादक किसानों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि गोटेगांव कृषि उपज मंडी क्षेत्र के लगभग 150 किसानों ने अपनी मटर की फसल गोपाल एंड कंपनी को बेची थी, जिसके बाद किसानों की करोड़ों रुपए की मेहनत की कमाई का गबन कर लिया गया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित किसानों ने पिछले 5 महीनों पहले FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पिछले हफ्ते SDM ने FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रशासन अपने इस वादे से मुकर गया है। इसी के विरोध में, किसान भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर के नाम SDM को एक ज्ञापन सौंपा है और गोपाल एंड कंपनी पर तुरंत FIR दर्ज करने, साथ ही इसमें संलिप्त अधिकारियों के ऊपर जांच की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई तो उनका यह धरना जारी रहेगा।1
- कोनी के डंपर संचालकों ने 14 घंटे के प्रतिबंधात्मक आदेश पर अपना कड़ा विरोध जताया है। संचालकों का कहना है कि इस आदेश के कारण उनका व्यापार पूरी तरह ठप हो रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले के मुशरान वार्ड स्थित पटेल कॉलोनी की गली नंबर 2 के निवासी मूलभूत सुविधाओं के गंभीर अभाव के कारण नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। अपनी इन दयनीय स्थितियों और समस्याओं को उजागर करते हुए, स्थानीय निवासियों ने आज जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित 'जनसुनवाई' के दौरान एक ज्ञापन सौंपा है।1
- नरसिंहपुर जिले के मुशरान वार्ड स्थित पटेल कॉलोनी की गली नंबर 2 के निवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। अपनी इस बदहाली को लेकर वार्डवासियों ने आज जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित 'जनसुनवाई' में एक ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। निवासियों का आरोप है कि उनके मोहल्ले में सीवर लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन ठेकेदार ने इसे अभी तक चालू नहीं किया है। इसके चलते घरों के सीवर कनेक्शन मुख्य लाइन से नहीं जोड़े जा सके हैं, जिससे गंदे पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। वार्डवासियों ने चिंता जताई है कि इस जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। सीवर की समस्या के अलावा, पटेल कॉलोनी गली नंबर 2 के निवासियों ने बिजली के खंभे न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि स्ट्रीट लाइट के अभाव में रात के समय आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और आए दिन दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए जाएं ताकि सीवर लाइन कनेक्शन को चालू किया जा सके और कॉलोनी में बिजली के खंभे लगाकर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके, क्योंकि मूलभूत सुविधाओं के लिए वार्डवासी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।2
- गोटेगांव के न्यू बस स्टैंड के सामने जबलपुर रोड पर हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही भीषण जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है। यह गोटेगांव की प्रमुख सड़क है, जो इसे जबलपुर दिशा से जोड़ती है, और प्रतिदिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। इस जलभराव के कारण स्कूल ड्रेस पहनकर निकलने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है; कई बार उनकी साइकिलें फिसल जाती हैं, बच्चे गिर जाते हैं और उनके कपड़े व किताबें खराब हो जाती हैं। सड़क के दोनों ओर दलदली मिट्टी होने के कारण पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय जनता में इस बात को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश है कि आसपास के अनेक गांवों के लोग और छात्र-छात्राएं जिस प्रमुख मार्ग का उपयोग करते हैं, उस पर वर्षों से जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। गोटेगांव की जनता अब प्रशासन से यह सवाल पूछ रही है कि आखिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा और क्या हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों से अपनी राय व्यक्त कर इस समस्या के समाधान के लिए आवाज़ उठाने का आग्रह किया जा रहा है, क्योंकि उनकी आवाज़ ही बदलाव की शुरुआत बन सकती है।1