कन्नौज के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के सीतलपुरवा गांव की एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर पत्थरबाजी के झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और आए दिन विवाद करने का आरोप लगाया है। महिला ने तिर्वा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सीतलपुरवा निवासी रजनी देवी, जो राहुल कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि गांव के कल्लू उर्फ अंकित, गोलू, खेडू, गोविंद, गोपाल, नीतू, शिखा, ताराचंद, चन्द्र प्रकाश, मीरा देवी, कान्ती देवी, माधुरी और कंचन सहित कई अन्य लोग उनसे रंजिश रखते हैं। रजनी देवी ने आरोप लगाया है कि ये सभी लोग उनके ऊपर अपने घर पर पत्थर फेंकने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। रजनी देवी ने बताया कि एक बार पहले भी जब उन पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया गया था, तब वे अपने परिवार के साथ खाटूश्याम मंदिर दर्शन के लिए बाहर गई हुई थीं। पुलिस जांच में भी उनकी अनुपस्थिति की पुष्टि हुई थी। इसके बावजूद, दोबारा पत्थरबाजी की घटना होने पर उन्हीं पर आरोप लगाए जा रहे हैं। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हैं और झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पति अस्वस्थ हैं, और छोटे-छोटे बच्चों के साथ वे भय और तनाव के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं। रजनी देवी ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक पत्थरबाज का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया है कि उन्हें प्रार्थना पत्र मिल गया है और मामले की जांच कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कन्नौज के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के सीतलपुरवा गांव की एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर पत्थरबाजी के झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और आए दिन विवाद करने का आरोप लगाया है। महिला ने तिर्वा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सीतलपुरवा निवासी रजनी देवी, जो राहुल कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि गांव के कल्लू उर्फ अंकित, गोलू, खेडू, गोविंद, गोपाल, नीतू, शिखा, ताराचंद, चन्द्र प्रकाश, मीरा देवी, कान्ती देवी, माधुरी और कंचन सहित कई अन्य लोग उनसे रंजिश रखते हैं। रजनी देवी ने आरोप लगाया है कि ये सभी लोग उनके ऊपर अपने घर पर पत्थर फेंकने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। रजनी देवी ने बताया कि एक बार पहले भी जब उन पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया गया था, तब वे अपने परिवार के साथ खाटूश्याम मंदिर दर्शन के लिए बाहर गई हुई थीं। पुलिस जांच में भी उनकी अनुपस्थिति की पुष्टि हुई थी। इसके बावजूद, दोबारा पत्थरबाजी की घटना होने पर उन्हीं पर आरोप लगाए जा रहे हैं। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हैं और झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पति अस्वस्थ हैं, और छोटे-छोटे बच्चों के साथ वे भय और तनाव के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं। रजनी देवी ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक पत्थरबाज का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया है कि उन्हें प्रार्थना पत्र मिल गया है और मामले की जांच कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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- छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।1
- रूपापुर क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे अंडरपास के निकट शुक्रवार को एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक रोडवेज बस की इको कार से जोरदार टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इको कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और कार में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन ग्रामीणों ने तत्परता से राहत कार्य शुरू कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार चालक को हल्की चोटें आई हैं, जबकि कार को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को सामान्य किया, हालांकि हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। घटना से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दुर्घटनाग्रस्त इको कार और मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ दिखाई दे रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बस तथा कार दोनों के चालकों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- कस्बा रुरूगंज में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और शाहिदाने कर्बला की याद में पूरी यकीदत और एहतराम के साथ ताजिए निकाले गए। इस दौरान, जुलूस में हजरत हुसैन रजी अल्लाह ताला के बड़ी संख्या में दीवाने शामिल हुए। रुरूगंज में मोहम्मद आमिर ने कमेटी को ढाल भेंट कर सम्मानित किया और फूल मालाओं से उनका स्वागत भी किया। साथ ही, रुरूगंज के अन्य लोगों ने भी खूब लंगर बांटे, जिसे बाहर से आए हुए लोगों ने बड़े उत्साह के साथ खाया।4
- शुरू ऐप पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह एक कार को उठाया जा रहा है। ऐप अपने दर्शकों तक हर छोटी-बड़ी खबर पहुँचाने का आश्वासन देता है।1
- कन्नौज के छिबरामऊ में एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही विधायक अर्चना पांडे मौके पर पहुंचीं।1
- कन्नौज के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के सीतलपुरवा गांव की एक महिला ने अपने पड़ोसियों पर पत्थरबाजी के झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और आए दिन विवाद करने का आरोप लगाया है। महिला ने तिर्वा कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सीतलपुरवा निवासी रजनी देवी, जो राहुल कुमार की पत्नी हैं, ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि गांव के कल्लू उर्फ अंकित, गोलू, खेडू, गोविंद, गोपाल, नीतू, शिखा, ताराचंद, चन्द्र प्रकाश, मीरा देवी, कान्ती देवी, माधुरी और कंचन सहित कई अन्य लोग उनसे रंजिश रखते हैं। रजनी देवी ने आरोप लगाया है कि ये सभी लोग उनके ऊपर अपने घर पर पत्थर फेंकने का झूठा आरोप लगाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। रजनी देवी ने बताया कि एक बार पहले भी जब उन पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया गया था, तब वे अपने परिवार के साथ खाटूश्याम मंदिर दर्शन के लिए बाहर गई हुई थीं। पुलिस जांच में भी उनकी अनुपस्थिति की पुष्टि हुई थी। इसके बावजूद, दोबारा पत्थरबाजी की घटना होने पर उन्हीं पर आरोप लगाए जा रहे हैं। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हैं और झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पति अस्वस्थ हैं, और छोटे-छोटे बच्चों के साथ वे भय और तनाव के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं। रजनी देवी ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक पत्थरबाज का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया है कि उन्हें प्रार्थना पत्र मिल गया है और मामले की जांच कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- हरदोई के बेनीगंज में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का ताजिया जुलूस अत्यंत गमगीन माहौल में निकाला गया। 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजते हुए इस जुलूस ने पूरे नगर की गलियों को हुसैनी माहौल से भर दिया। सुबह से ही कर्बला में मान्यताओं वाली ताजियों के दफनाने का सिलसिला भी जारी रहा। इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे, हजरत अली व फातिमा के बेटे हजरत इमाम हुसैन और उनके बहत्तर साथियों ने कर्बला में इंसानियत व मानवता का संदेश देते हुए शहादत दी थी, जिसे दसवीं मोहर्रम पर याद किया गया। नगर के बड़े इमाम चौक से शुरू होकर, जुलूस कमेटी अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद व नई बस्ती के इरफान अहमद की अगुवाई में चिन्हित मार्गों से होता हुआ नीबा देवी के पास पहुँचा। यहाँ अकीदतमंदों ने जोरदार मातम किया, और स्थानीय अंजुमनों व अजादारों ने 'छुरी का मातम' व 'सीना जनी' कर 'मर्सिया' पढ़ा। इस दौरान जुलूस में हिंदू समुदाय के लोगों की भी शिरकत देखी गई, जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक बना। दूरदराज के गाँवों से आए लोग और बच्चे भी जुलूस देखने में खास उत्साह के साथ मशगूल रहे। जुलूस के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र सहित पुलिस बल नीबा देवी के पास मुस्तैद रहा, जहाँ अजादारों को हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत भी करनी पड़ी। पुलिस और स्थानीय ताजियादारों व कमेटी सदस्यों की सूझबूझ से पंचायती ताजिया का जुलूस नीबा देवी के पास से गुजरा। रास्ते में सड़क के दोनों ओर अकीदतमंदों के लिए पानी व शरबत की 'सबीलें' लगी हुई थीं, जिनमें समाजवादी पार्टी के नेता रामचंद्र और समीउल्लाह अंसारी ने भी ठंडा पानी व शरबत वितरित किया। नगर व बेनीगंज देहात के संभ्रांत व्यक्ति भी इस दौरान उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नेकपुर चौरासी पुल के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जहाँ कादरीगेट निवासी राहुल सक्सेना को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे उनके दाहिने पैर में गहरी चोट आई है। दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें इस भयावह मंजर को बयां कर रही हैं, जिनमें घायल राहुल सड़क किनारे एक पुराने गत्ते पर खून से लथपथ पड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और उसे अस्थायी रूप से एक हरे कपड़े से बांधा गया है। दर्द से कराहते राहुल के हाथ में मोबाइल फोन है और वे बेबसी से कैमरे की ओर देख रहे हैं। घटनास्थल पर बिखरा खून दुर्घटना की गंभीरता को स्पष्ट करता है। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचित किया, लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद न तो 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और न ही कोई स्वास्थ्य टीम। अंततः राहुल के परिजनों को उन्हें अपनी निजी कार से नजदीकी अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना ने जिले की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की बड़ी लापरवाही और उनके दावों की पोल खोल दी है, जिससे लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि इतनी गंभीर दुर्घटना के बाद भी एम्बुलेंस सेवा क्यों नदारद रही।2