डबरा के सिमरिया टेकरी में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रमेश बाल्मीकि की मौत को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने दतिया जिले के गोराघाट थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, इन पुलिसकर्मियों ने भीड़ के साथ मिलकर रमेश की बेरहमी से पिटाई की, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद डबरा अस्पताल में रमेश के परिजनों और समाज के लोगों ने भारी हंगामा किया। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर, एसडीओपी सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा लिया है और उनका कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। वहीं, परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
डबरा के सिमरिया टेकरी में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रमेश बाल्मीकि की मौत को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने दतिया जिले के गोराघाट थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, इन पुलिसकर्मियों ने भीड़ के साथ मिलकर रमेश की बेरहमी से पिटाई की, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद डबरा अस्पताल में रमेश के परिजनों और समाज के लोगों ने भारी हंगामा किया। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर, एसडीओपी सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा लिया है और उनका कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। वहीं, परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करोड़ों की सौगातें लेकर आ गए हैं। इस मौके पर दोनों नेता जनता को कई विकास परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे हैं।1
- पंडोखर थाना क्षेत्र के सदका मौजे में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक अधेड़ व्यक्ति का शव खेत पर लगे नीम के पेड़ से लटका हुआ मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पंडोखर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान निवाड़ी के बड़ेरा सोपान निवासी जसवंत पुत्र पर्वत सिंह राजपूत के रूप में की गई है। पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा, जहां रविवार शाम करीब 6 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। मामले की जांच कर रहे एसडीओपी पूनम चंद्र यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों सहित अन्य संबंधित लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।1
- दतिया के पास हुई एक घटना ने नेताओं के काफिले और उनकी रफ्तार की आम चर्चाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मिसाल पेश की। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपनी सभी व्यस्तताओं को दरकिनार करते हुए सड़क हादसे के घायलों की पीड़ा को प्राथमिकता दी और तुरंत अपना काफिला रुकवाया। घटनास्थल पर उन्होंने न केवल घायलों को अस्पताल पहुँचाने में मदद की, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों, विशेषकर सीएमएचओ को सीधे फोन कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की जवाबदेही तय की। यह कार्रवाई एक ऐसे व्यक्तित्व की पहचान है, जिनका हृदय हमेशा जनसाधारण की पीड़ा के प्रति धड़कता है। डॉ. मिश्रा के इस सहज व्यक्तित्व की खूबी उनकी 'सेवा ही संकल्प' और 'संवेदनशीलता ही पहचान' के सिद्धांत में निहित है।1
- दतिया में अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रास्ते में एक गंभीर सड़क दुर्घटना देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। डॉ. मिश्रा ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो, अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर सभी आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएँ करने की जिम्मेदारी सौंपी। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी पहुँचे हैं। यह जानकारी दी गई है कि शिवपुरी में भारत माता की रक्षा के उद्देश्य से अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण किया जाएगा।1
- दतिया जिले के भांडेर में, शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात पुलिस ने एक कॉम्बिंग गश्त अभियान के दौरान मेला ग्राउंड स्थित एफसीआई गोदाम के सामने जुआ खेल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी रुपयों-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर ताश से जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने मौके से 52 पत्तों की एक ताश की गड्डी और 16 हजार रुपये नकद जब्त किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बरकीसराय भांडेर निवासी राजू पुत्र लखन लाल श्रीवास्तव (41), सोप्ता भांडेर निवासी लालू पुत्र रामसेवक यादव (35), और सिकंदरपुर भांडेर निवासी प्रिन्स पुत्र विश्वजीत महंत (पंडित) (21) शामिल हैं। इन तीनों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत रात करीब 02 बजे मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि कॉम्बिंग गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखने पर दबिश दी गई, जहां तीनों आरोपी जुआ खेलते हुए पकड़े गए। फिलहाल, पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- दतिया के पास एक सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। जैसे ही उनका काफिला दुर्घटनास्थल पर पहुँचा, डॉ. मिश्रा ने तुरंत उसे रुकवाया और घायलों की मदद करने के लिए आगे आए। डॉ. मिश्रा ने मौके पर मौजूद लोगों की सहायता से घायलों को बिना देरी किए अस्पताल भिजवाया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से फोन पर संपर्क किया और उन्हें घायलों के बेहतर तथा त्वरित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमएचओ से उपचार की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का यह कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह व्यवहार स्पष्ट संदेश देता है कि जनसेवा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़े होने से ही साबित होती है। सड़क पर घायल लोगों की जान बचाने के लिए तत्काल सहायता और इलाज की व्यवस्था कर, उन्होंने एक बार फिर इंसानियत और संवेदनशील नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।1
- ग्वालियर के नदी गेट इलाके में हुई ज़रा सी बारिश ने एक बार फिर नगर निगम प्रशासन के कामकाज की पोल खोल दी है। हल्की फुहारों के बाद ही नदी गेट पर सीवर चौक हो गया, जिसके कारण सड़क पूरी तरह से पानी से लबालब हो गई। इस जलभराव के चलते राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।1