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दतिया में अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रास्ते में एक गंभीर सड़क दुर्घटना देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। डॉ. मिश्रा ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो, अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर सभी आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएँ करने की जिम्मेदारी सौंपी। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।
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दतिया में अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रास्ते में एक गंभीर सड़क दुर्घटना देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। डॉ. मिश्रा ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो, अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर सभी आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएँ करने की जिम्मेदारी सौंपी। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।
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- पंडोखर थाना क्षेत्र के सदका मौजे में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक अधेड़ व्यक्ति का शव खेत पर लगे नीम के पेड़ से लटका हुआ मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पंडोखर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान निवाड़ी के बड़ेरा सोपान निवासी जसवंत पुत्र पर्वत सिंह राजपूत के रूप में की गई है। पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भांडेर अस्पताल भेजा, जहां रविवार शाम करीब 6 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। मामले की जांच कर रहे एसडीओपी पूनम चंद्र यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों सहित अन्य संबंधित लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।1
- दतिया के पास हुई एक घटना ने नेताओं के काफिले और उनकी रफ्तार की आम चर्चाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मिसाल पेश की। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपनी सभी व्यस्तताओं को दरकिनार करते हुए सड़क हादसे के घायलों की पीड़ा को प्राथमिकता दी और तुरंत अपना काफिला रुकवाया। घटनास्थल पर उन्होंने न केवल घायलों को अस्पताल पहुँचाने में मदद की, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों, विशेषकर सीएमएचओ को सीधे फोन कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की जवाबदेही तय की। यह कार्रवाई एक ऐसे व्यक्तित्व की पहचान है, जिनका हृदय हमेशा जनसाधारण की पीड़ा के प्रति धड़कता है। डॉ. मिश्रा के इस सहज व्यक्तित्व की खूबी उनकी 'सेवा ही संकल्प' और 'संवेदनशीलता ही पहचान' के सिद्धांत में निहित है।1
- दतिया में अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने रास्ते में एक गंभीर सड़क दुर्घटना देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवा दिया। उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। डॉ. मिश्रा ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो, अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर सभी आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएँ करने की जिम्मेदारी सौंपी। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।1
- दतिया के पास एक सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। जैसे ही उनका काफिला दुर्घटनास्थल पर पहुँचा, डॉ. मिश्रा ने तुरंत उसे रुकवाया और घायलों की मदद करने के लिए आगे आए। डॉ. मिश्रा ने मौके पर मौजूद लोगों की सहायता से घायलों को बिना देरी किए अस्पताल भिजवाया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से फोन पर संपर्क किया और उन्हें घायलों के बेहतर तथा त्वरित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमएचओ से उपचार की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का यह कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह व्यवहार स्पष्ट संदेश देता है कि जनसेवा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़े होने से ही साबित होती है। सड़क पर घायल लोगों की जान बचाने के लिए तत्काल सहायता और इलाज की व्यवस्था कर, उन्होंने एक बार फिर इंसानियत और संवेदनशील नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।1
- गोंदन थाना पुलिस ने राम जानकी मंदिर में हुई चोरी की घटना को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को धर दबोचा है। इस चोर पर ₹10,000 का इनाम घोषित था।1
- दतिया उपचुनाव से जुड़ी हर अपडेट के बीच, डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डॉ. मिश्रा का खास शायराना अंदाज और उनके किए गए वादों ने सभी का दिल जीत लिया है। वीडियो में वे कहते सुने जा सकते हैं, "जब समुद्र का पानी उतरता देख किनारे पर घर नहीं बनाते, तो फिर क्यों किसी भ्रम में पड़ना? वो लौट के आएंगे, यह उनका वादा है!" इस वायरल वीडियो के बाद दतिया उपचुनाव में आगे क्या नया होने वाला है, इस पर हमारी नजर बनी हुई है।1
- दतिया जिले के भांडेर में, शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात पुलिस ने एक कॉम्बिंग गश्त अभियान के दौरान मेला ग्राउंड स्थित एफसीआई गोदाम के सामने जुआ खेल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी रुपयों-पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर ताश से जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने मौके से 52 पत्तों की एक ताश की गड्डी और 16 हजार रुपये नकद जब्त किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बरकीसराय भांडेर निवासी राजू पुत्र लखन लाल श्रीवास्तव (41), सोप्ता भांडेर निवासी लालू पुत्र रामसेवक यादव (35), और सिकंदरपुर भांडेर निवासी प्रिन्स पुत्र विश्वजीत महंत (पंडित) (21) शामिल हैं। इन तीनों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत रात करीब 02 बजे मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि कॉम्बिंग गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखने पर दबिश दी गई, जहां तीनों आरोपी जुआ खेलते हुए पकड़े गए। फिलहाल, पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर के वार्ड क्रमांक 4 में पहली ही बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की भयंकर लापरवाही उजागर कर दी है। शीतला गंज से लगे इस वार्ड में संपूर्ण कॉलोनी में स्थित समस्त दुकानदारों की दुकानों और रहवासियों के मकानों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गाइडेंस पब्लिक स्कूल की पूरी इमारत भी पानी से तर-बतर हो चुकी है और लोग पैदल भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मकानों में पानी भर जाने के कारण लोग पेट भरने के लिए भोजन भी नहीं बना पा रहे हैं। करणी सेना परिवार दतिया के जिला अध्यक्ष शिरोमणि सिंह सोलंकी ने इस गंभीर स्थिति के लिए सीधे तौर पर नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका ने दो माह पूर्व विवादित स्थिति में सड़क और नाले का निर्माण किया था, जो कि बगैर तकनीकी जानकारी के और लापरवाही पूर्वक किया गया था। शिरोमणि सिंह सोलंकी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए शीघ्र संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो करणी सेना आमजन के सहयोग से धरना आंदोलन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर तालाबंदी का भी काम करेगी।1