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खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय एकनिया से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अनुशासन के नाम पर एक शिक्षक ने कथित तौर पर छात्राओं को उठक-बैठक की सजा दी। इस सजा के बाद नौ छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान एक पुलिस वाहन पर पथराव की घटना भी सामने आई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और सभी छात्राओं को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। फिलहाल, सभी छात्राएं सुरक्षित बताई जा रही हैं और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
GAUTAM KUMAR
खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय एकनिया से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अनुशासन के नाम पर एक शिक्षक ने कथित तौर पर छात्राओं को उठक-बैठक की सजा दी। इस सजा के बाद नौ छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान एक पुलिस वाहन पर पथराव की घटना भी सामने आई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और सभी छात्राओं को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। फिलहाल, सभी छात्राएं सुरक्षित बताई जा रही हैं और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
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- खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित भरतखंड गांव का ऐतिहासिक मुगलकालीन महल "52 कोठरी, 53 द्वार" एक बार फिर सुर्खियों में है। यह बेशकीमती धरोहर, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही है, अब पर्यटन के नक्शे पर जगह बनाने की उम्मीद जगा रही है। इसी क्रम में, कला एवं संस्कृति विभाग की एक टीम ने महल का निरीक्षण कर इसके संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया है। 17वीं शताब्दी में निर्मित इस अद्भुत महल में 52 कोठरियां, 53 द्वार, एक गुप्त सुरंग, रानी स्नान तालाब और अलग-अलग ध्वनि उत्पन्न करने वाले खंभे आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विभागीय अधिकारियों ने इस निरीक्षण की रिपोर्ट सरकार को भेजने की बात कही है। वहीं, ग्रामीणों ने पुरज़ोर ढंग से मांग दोहराई है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित कर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।1
- लखीसराय के चानन प्रखंड के कछुआ में मंगलवार को आदिवासी किसान परिवारों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया और किसानों ने जैविक खेती की शपथ ली। यह आयोजन जिला प्रशासन लखीसराय के मार्गदर्शन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र लखीसराय, जिला कृषि कार्यालय और जिला उद्यान कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी सहित कृषि विभाग और जीविका के कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों के बीच राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए नींबू के उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और जलवायु स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय किसान ऋषुदेव बिंद का उदाहरण भी दिया, जो स्ट्रॉबेरी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। अधिकारियों ने हरित क्रांति के बाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी, केंचुओं और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रकाश डालते हुए जैविक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया, ताकि भूमि, जल और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जैविक प्रमाणन से जुड़ी संस्था किसानों की मिट्टी की जांच करेगी और उसके गुणवत्ता का आकलन करेगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीज और जैविक उत्पादों के विपणन के लिए एक संगठन का गठन किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करेंगे, मिट्टी, जल, पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण करेंगे तथा अन्य किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी किसान परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।4
- नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी भूख हड़ताल आज अपने 12वें दिन में पहुँच गई है। इस दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया गया है, वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।1
- तारापुर के मिलकी खानपुर गांव में आतंकी कनेक्शन के आरोप में मोहम्मद सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद उनके घर में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। सद्दाम के परिजनों ने उन्हें निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया है कि उसे एक साजिश के तहत फंसाया गया है। उनके पिता मोहम्मद शमशेर, जिनका पैर टूटा हुआ है, ने कहा कि सद्दाम बचपन से ही मानसिक रूप से कमजोर है और उसने दूसरी-तीसरी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। उन्होंने आगे बताया कि सद्दाम का मुंबई में इलाज भी कराया गया था, और वह कोई भी काम ठीक से सीख नहीं पाता था। सद्दाम की मां फरीदा खातून ने बताया कि पुलिस देर रात उनके घर पहुंची और सद्दाम को अपने साथ ले गई, जबकि वह घर लौटकर खाना खाने के बाद मोबाइल देखते-देखते सो गया था। घर में उनकी मां, बहन और भाभी भी मौजूद थीं। परिवार ने स्पष्ट किया है कि सद्दाम का किसी भी आतंकी संगठन या किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- एक पिता ने अपने बेटे के संबंध में गहरा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि उनका बेटा आतंकी नहीं है। पिता के मुताबिक, उनके बेटे को एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने आगे जोड़ा कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार है।1
- खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय एकनिया से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अनुशासन के नाम पर एक शिक्षक ने कथित तौर पर छात्राओं को उठक-बैठक की सजा दी। इस सजा के बाद नौ छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान एक पुलिस वाहन पर पथराव की घटना भी सामने आई। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और सभी छात्राओं को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। फिलहाल, सभी छात्राएं सुरक्षित बताई जा रही हैं और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।1
- 13 साल की एक बच्ची के साथ 5 दिन तक दुष्कर्म करने के आरोप में, पुलिस प्रशासन ने 12 आरोपियों को हथकड़ी लगाकर पूरे शहर में घुमाया। इस दौरान उनकी जमकर पिटाई भी की गई।1