नई दिल्ली में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में आज 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित इस समारोह में 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार वितरित किए गए। पद्म विभूषण से सम्मानित होने वालों में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र से पत्रकार पी. नारायणन और समाज सेवा के लिए पूर्व न्यायधीश के. टी. थोमस शामिल हैं। वहीं, पद्म भूषण पुरस्कार डॉ. विजय अमृतराज (पूर्व टेनिस खिलाड़ी), डॉ. एसके एम. मलियानन्दन, फिल्म अभिनेता ममूटी, वेल्लाप्पल्ली नटेशन, डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी और पार्श्व गायिका अलका याग्निक को प्रदान किए गए। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा गया। पद्म श्री से सम्मानित किए गए 57 लोगों में सार्वजनिक सेवा के लिए कबीन्द्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत), कला क्षेत्र में सतीश शाह (मरणोपरांत), समाज सेवा के लिए सरदार इंदरजीत सिंह सिद्धू, फिल्म अभिनेता आर माधवन, खेल क्षेत्र में क्रिकेटर रोहित शर्मा और हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया प्रमुख हैं। यह भी बताया गया कि ये पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीन श्रेणियों में दिया जाता है। इस वर्ष सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें पाँच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। वर्ष 1954 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और ये कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, तथा व्यापार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जाते हैं।
नई दिल्ली में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में आज 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित इस समारोह में 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार वितरित किए गए। पद्म विभूषण से सम्मानित होने वालों में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र से पत्रकार पी. नारायणन और समाज सेवा के लिए पूर्व न्यायधीश के. टी. थोमस शामिल हैं। वहीं, पद्म भूषण पुरस्कार डॉ. विजय अमृतराज (पूर्व टेनिस खिलाड़ी), डॉ. एसके एम. मलियानन्दन, फिल्म अभिनेता ममूटी, वेल्लाप्पल्ली नटेशन, डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी और पार्श्व गायिका अलका याग्निक को प्रदान किए गए। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा गया। पद्म श्री से सम्मानित किए गए 57 लोगों में सार्वजनिक सेवा के लिए कबीन्द्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत), कला क्षेत्र में सतीश शाह (मरणोपरांत), समाज सेवा के लिए सरदार इंदरजीत सिंह सिद्धू, फिल्म अभिनेता आर माधवन, खेल क्षेत्र में क्रिकेटर रोहित शर्मा और हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया प्रमुख हैं। यह भी बताया गया कि ये पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीन श्रेणियों में दिया जाता है। इस वर्ष सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें पाँच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। वर्ष 1954 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और ये कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, तथा व्यापार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जाते हैं।
- गाजियाबाद के मुरादनगर थाना पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुरादनगर पुलिस ने इस चोरी की वारदात का 24 घंटे में पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया सैमसंग मोबाइल फोन, एप्पल स्मार्टवॉच और घटना में इस्तेमाल किया गया ई-रिक्शा बरामद किया है। यह मामला 23 जून को दर्ज की गई एक शिकायत से संबंधित है, जब पीड़ित ने बताया था कि उसका बैग चोरी हो गया है, जिसमें मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच रखी हुई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादनगर पुलिस ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के आधार पर अपनी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मोहित, परवीन और विक्टर नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 20 जून को फ्लिपकार्ट हब के सामने खड़ी एक स्कूटी से यह बैग चुराया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।1
- नई दिल्ली में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में आज 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित इस समारोह में 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 57 पद्म श्री पुरस्कार वितरित किए गए। पद्म विभूषण से सम्मानित होने वालों में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र से पत्रकार पी. नारायणन और समाज सेवा के लिए पूर्व न्यायधीश के. टी. थोमस शामिल हैं। वहीं, पद्म भूषण पुरस्कार डॉ. विजय अमृतराज (पूर्व टेनिस खिलाड़ी), डॉ. एसके एम. मलियानन्दन, फिल्म अभिनेता ममूटी, वेल्लाप्पल्ली नटेशन, डॉ. दत्तात्रेयुडु नोरी और पार्श्व गायिका अलका याग्निक को प्रदान किए गए। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा गया। पद्म श्री से सम्मानित किए गए 57 लोगों में सार्वजनिक सेवा के लिए कबीन्द्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत), कला क्षेत्र में सतीश शाह (मरणोपरांत), समाज सेवा के लिए सरदार इंदरजीत सिंह सिद्धू, फिल्म अभिनेता आर माधवन, खेल क्षेत्र में क्रिकेटर रोहित शर्मा और हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया प्रमुख हैं। यह भी बताया गया कि ये पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री तीन श्रेणियों में दिया जाता है। इस वर्ष सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें पाँच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। वर्ष 1954 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है और ये कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, तथा व्यापार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जाते हैं।1
- बेंगलुरु मेट्रो में ऑफिस के समय हुई तकनीकी खराबी के कारण सैकड़ों यात्री पूरी रात अलग-अलग स्टेशनों पर फंसे रहे। देर रात तक स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा रही और वाहनों की भारी किल्लत के चलते यात्रियों को घर पहुँचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई यात्रियों को मजबूरी में ट्रकों, लोडर और यहाँ तक कि बुलडोजरों का भी सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुँचना पड़ा। बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की तकनीकी टीमों ने इस समस्या को ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया। करीब 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुबह 5 बजे इस तकनीकी खराबी को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया।1
- गाजियाबाद जनपद के थाना अंकुर विहार क्षेत्र में मंगलवार देर रात विजय विहार अंडरपास के पास आफताब नामक एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले युवक की जमकर पिटाई की और उसके बाद उस पर चाकू से कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के वक्त आफताब के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जो मारपीट होते देख मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और घायल युवक को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उपायुक्त ग्रामीण, सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विजय विहार में आफताब की चाकू मारकर हत्या की गई है और पुलिस इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए अलीगंज अग्निकांड को लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव के बयानों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम पाठक ने उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से 'मौत पर राजनीति न करने' की अपील करते हुए सीधे तौर पर कहा कि यह हादसा 'आपके कुकृत्यों का नतीजा' है।1
- लखनऊ में हुए हादसे के बाद गाजियाबाद का फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके चलते जिलेभर के कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस निरीक्षण में, कई संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें खराब अग्निशमन यंत्र और अधूरे आपातकालीन निकास शामिल थे। नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संचालकों को विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। गंभीर अनियमितताओं के कारण कुछ संस्थानों की बिजली आपूर्ति भी कटवा दी गई है। फायर विभाग ने छात्रों और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- आज, 23 जून 2026 को गाजियाबाद में भारतीय किसान यूनियन सुनील (BKU सुनील) ने जिला कचहरी पहुंचकर गाजियाबाद बार एसोसिएशन के चल रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। संगठन के किसान पदाधिकारियों ने BKU सुनील के बैनर तले अधिवक्ताओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित की। BKU सुनील के जिला अध्यक्ष अंकित गुर्जर के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान अंकित गुर्जर ने साफ शब्दों में कहा कि किसान और वकील दोनों ही अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा हैं, और जब तक अधिवक्ताओं की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, BKU सुनील उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे वकीलों के किसी भी उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेंगे, क्योंकि उनके अनुसार अन्नदाता और कानून के रखवाले एक-दूसरे के पूरक हैं। BKU सुनील के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू शर्मा एडवोकेट ने भी इस मौके पर जोर देते हुए कहा कि किसानों की जमीन, मुआवजे और कानूनी मामलों में वकील ही उनकी आवाज होते हैं, इसलिए वकीलों पर हमला किसानों पर हमले के समान है। अंकित गुर्जर ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिवक्ताओं की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो किसान भी मजबूर होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। भारतीय किसान यूनियन सुनील ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने तत्काल अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार नहीं किया, तो किसान संगठन भी एक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा।4
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों पर पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण का एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस राज्यव्यापी अभियान के तहत, सुरक्षा मानकों और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अब तक 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की गई है। इस कड़ी में, कानपुर के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र काकादेव में ही 30 से अधिक संस्थानों को सील किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कई भवनों के बेसमेंट पार्किंग क्षेत्रों में अवैध रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही थीं और उनके पास वैध फायर एनओसी भी नहीं थी। इसी तरह, प्रयागराज में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, 97 पंजीकृत कोचिंग संस्थानों में से केवल 15 के पास ही वैध फायर एनओसी थी, जिसके बाद विकास प्राधिकरण ने सिविल लाइंस स्थित खान ग्लोबल स्टडीज को सील कर दिया। इस अभियान में पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग, प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त टीमें विभिन्न सुरक्षा मानकों की गहन जांच कर रही हैं। इसमें अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास की स्थिति, भवन संरचना की सुरक्षा और वैध फायर एनओसी का विशेष रूप से सत्यापन किया जा रहा है। यह कार्रवाई लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, आगरा सहित राज्य के अन्य कई जिलों में भी जारी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1