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Luta a Raja
Anil Patel
Luta a Raja
- Ankur VermaLalganj, Pratapgarh🙏19 hrs ago
- Ankur VermaLalganj, Pratapgarh🙏19 hrs ago
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- *सरकारी तालाब पर अवैध कब्जा, एसडीएम से लेकर लेखपाल-कानूनगो तक मौन* *कब्जे से जल निकासी बाधित, सड़कें हो रहीं खराब* *खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश* कौशांबी। सिराथू तहसील क्षेत्र के ग्राम मलाक भायल करेटी में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 265 स्पष्ट रूप से सरकारी जलमग्न (तालाब) भूमि के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद दबंगों द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सतीश पुत्र रामभवन द्वारा तालाब की भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार लेखपाल और कानूनगो को सूचना दी गई, लेकिन अब तक न तो मौके पर कोई कार्रवाई की गई और न ही कब्जा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व कर्मचारियों की चुप्पी भूमाफियाओं को प्रशासनिक संरक्षण का संकेत दे रही है। तालाब पर हो रहे अवैध कब्जे का असर अब गांव की जल निकासी व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तालाब पाटे जाने से बरसात और नालियों का पानी नहीं निकल पा रहा, जिसके कारण गांव की सड़कें खराब हो रही हैं और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जल संरक्षण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है और वे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाही बरतने वाले लेखपाल, कानूनगो समेत जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते सरकारी तालाब को बचाने के लिए कदम उठाएगा, या फिर राजस्व अमले की चुप्पी में भूमाफियाओं का कब्जा स्थायी रूप ले लेगा?1
- अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी नहीं हटवाया गया अभी तक कब्जा।1
- कौशाम्बी....बुधवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में शासनादेश के क्रम में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस से निरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर प्रोन्नत हुए उपनिरीक्षक राकेश राय को स्टार लगाकर पदोन्नति प्रदान की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा राकेश राय को निरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर पदोन्नति हेतु बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई तथा निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- ये बच्ची ने दिल जीत लिया1
- आगरा में एक विशेष समुदाय के युवक द्वारा मचाए गए आतंक के कारण 40 से अधिक हिंदू परिवारों ने अपने घरों को बेचने के लिए पोस्टर लगा दिए।1
- हरचंदपुर विधानसभा के युवाओं के लिए स्टेडियम बनवाने का संकल्प, पूर्व विधायक राकेश सिंह का बड़ा बयान1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी तहसील मुख्यालय के कस्बे में विजिलेंस टीम की छापेमारी से उपभोक्ताओं में खलबली मची रही।1
- *प्रयागराज मे ढाई करोड़ की सरकारी जमीन को प्राइवेट के नाम करने पर डीएम का एक्शन,कानूनगो का हुआ डिमोशन,बना लेखपाल* प्रयागराज के गंगापार के सोरांव तहसील में एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को सरकारी जमीन की हेरफेर के आरोप में डिमोशन कर लेखपाल बना दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी कानूनगो दूधनाथ को निलंबित भी कर दिया गया है। कानूनगो दूधनाथ पर फाफामऊ में बंजर और परती भूमि को पैसे लेकर अपने करीबियों के नाम करने का आरोप है। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई,जिसमें वह दोषी पाए गए। इस मामले की शिकायत शासन और प्रशासन तक पहुंची थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई,जिसमें दो नायब तहसीलदार, एक कानूनगो और एक लेखपाल शामिल थे। लगभग चार महीने तक चली जांच में तहसील और जिला अभिलेखागार के सभी दस्तावेज खंगाले गए। जांच में सामने आया कि कानूनगो ने परती जमीन को तीन लोगों के नाम करने के लिए अभिलेखों में छेड़छाड़ की थी। उन्होंने सरकारी भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया था। दो दिन पहले यह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने दोषी कानूनगो को डिमोशन करते हुए लेखपाल बना दिया और उन्हें निलंबित भी कर दिया। इसके अलावा, दूधनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी पुलिस को दिए गए हैं। एक अन्य लेखपाल को यह मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया है। जांच में पता चला है कि लगभग ढाई करोड़ रुपये की यह जमीन 20 लाख रुपये लेकर निजी लोगों के नाम की गई थी। सोरांव के एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कानूनगो दूधनाथ जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। तहसील के अभिलेखों में इस जमीन को फिर से परती की श्रेणी में दर्ज करा दिया गया है।1