एटा जनपद की अवागढ़ पुलिस ने चार साल पुराने एक महिला के हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतका का कंकाल बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम सुपैती निवासी बीनेश कुमार ने 17 फरवरी 2022 को थाना अवागढ़ में अपनी बहन चंद्रवती की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि चंद्रवती का पति मंजेश कुमार उसे 15 फरवरी 2022 को जलेसर घुमाने के बहाने घर से ले गया था, लेकिन अगले दिन मंजेश अकेला लौट आया और चंद्रवती वापस नहीं आई। लगभग चार साल बाद, 10 जून 2026 को बीनेश कुमार ने फिर से तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी बहन की हत्या उसके पति मंजेश कुमार और उसके साथी सौदान सिंह ने मिलकर की थी और शव को छिपा दिया था। इस शिकायत के आधार पर थाना अवागढ़ में मुकदमा संख्या 112/2026, धारा 302 और 201 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के निर्देशन में जांच शुरू हुई। पुलिस ने 11 जून 2026 को ग्राम शहनौआ के पास से मंजेश कुमार पुत्र गोविंदराम और उसके साथी सौदान सिंह पुत्र किशनलाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली। मुख्य आरोपी मंजेश कुमार ने बताया कि उसे अपनी पत्नी चंद्रवती के चरित्र पर संदेह था, जो कासगंज में घरों में काम करती थी, और इसी शक के चलते उसने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। उसने 15 फरवरी 2022 को पत्नी को बहन के घर घुमाने का बहाना बनाकर घर से निकाला, जलेसर में साथी सौदान सिंह को बुलाया, शराब पी और फिर दोनों ने चंद्रवती को सिकंदराराऊ ले जाकर टेंपो से धर्मपुर नगरिया मोड़ पर उतारा। वहां से वे चंद्रवती को नगरिया गांव जाने वाले रास्ते पर एक खेत में ले गए, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को ईशन नदी के किनारे स्थित खेत में पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई और उनकी निशानदेही पर मृतका का कंकाल बरामद किया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और विवेचना पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। मंजेश कुमार का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, जबकि सह-आरोपी सौदान सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हैं। पुलिस इस चार साल पुराने गुमशुदगी के मामले को हत्याकांड में बदलने और उसका खुलासा करने को एक बड़ी सफलता मान रही है, वहीं मृतका के परिजनों को भी वर्षों बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
एटा जनपद की अवागढ़ पुलिस ने चार साल पुराने एक महिला के हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतका का कंकाल बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम सुपैती निवासी बीनेश कुमार ने 17 फरवरी 2022 को थाना अवागढ़ में अपनी बहन चंद्रवती की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि चंद्रवती का पति मंजेश कुमार उसे 15 फरवरी 2022 को जलेसर घुमाने के बहाने घर से ले गया था, लेकिन अगले दिन मंजेश अकेला लौट आया और चंद्रवती वापस नहीं आई। लगभग चार साल बाद, 10 जून 2026 को बीनेश कुमार ने फिर से तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी बहन की हत्या उसके पति मंजेश कुमार और उसके साथी सौदान सिंह ने मिलकर की थी और शव को छिपा दिया था। इस शिकायत के आधार पर थाना अवागढ़ में मुकदमा संख्या 112/2026, धारा 302 और 201 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के निर्देशन में जांच शुरू हुई। पुलिस ने 11 जून 2026 को ग्राम शहनौआ के पास से मंजेश कुमार पुत्र गोविंदराम और उसके साथी सौदान सिंह पुत्र किशनलाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली। मुख्य आरोपी मंजेश कुमार ने बताया कि उसे अपनी पत्नी चंद्रवती के चरित्र पर संदेह था, जो कासगंज में घरों में काम करती थी, और इसी शक के चलते उसने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। उसने 15 फरवरी 2022 को पत्नी को बहन के घर घुमाने का बहाना बनाकर घर से निकाला, जलेसर में साथी सौदान सिंह को बुलाया, शराब पी और फिर दोनों ने चंद्रवती को सिकंदराराऊ ले जाकर टेंपो से धर्मपुर नगरिया मोड़ पर उतारा। वहां से वे चंद्रवती को नगरिया गांव जाने वाले रास्ते पर एक खेत में ले गए, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को ईशन नदी के किनारे स्थित खेत में पहले से खोदे गए गड्ढे में दबा दिया। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस आरोपियों को घटनास्थल पर ले गई और उनकी निशानदेही पर मृतका का कंकाल बरामद किया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और विवेचना पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। मंजेश कुमार का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, जबकि सह-आरोपी सौदान सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हैं। पुलिस इस चार साल पुराने गुमशुदगी के मामले को हत्याकांड में बदलने और उसका खुलासा करने को एक बड़ी सफलता मान रही है, वहीं मृतका के परिजनों को भी वर्षों बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
- Post by Sujana.sabar1
- एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव खेतूपुरा निवासी 40 वर्षीय रामरहीस ने बिजनौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बिजनौर में पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव एटा पहुंचा, तो परिजनों ने धरना स्थल के पास सड़क किनारे शव रखकर जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। परिजनों के अनुसार, रामरहीस जगदीश के पुत्र थे और बिजनौर में एक शराब ठेके पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे। दो दिन पहले उनका अपने ही परिवार के कुछ सदस्यों से खेत की मेड़ को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत दोनों पक्षों ने जैथरा थाने में की थी और पुलिस इसकी जांच कर रही थी। इसी बीच, बिजनौर से रामरहीस की आत्महत्या की सूचना मिली, जिसके बाद परिजन वहां पहुंचे। मृतक की पत्नी श्रीदेवी ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था। इसी अपमान से आहत होकर उनके पति ने यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें गांव से बेदखल करने की कोशिश न की जाए। वहीं, मृतक के रिश्तेदार जुगेश कुमार का आरोप है कि खेत की मेड़ काटने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसका पंचायत में भी कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद विरोधी पक्ष ने रामरहीस की पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की। पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से परेशान होकर रामरहीस ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि खेत की मेड़ को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच की जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि युवक ने बिजनौर में किन परिस्थितियों में आत्महत्या की, इसकी भी जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए।4
- एटा जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में स्थित ग्राम बिजोरी से एक महिला को गोली के छर्रे लगने की सूचना सामने आई है। इस खबर के मिलने के बाद स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल महिला को तुरंत एटा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस इस पूरे प्रकरण के प्रत्येक पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है और थाना स्तर पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक एटा, श्री श्वेताभ पाण्डेय ने भी जानकारी दी है।1
- समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया है कि देश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुँच गया है। सोमवार को भोगांव कस्बे में एक पत्रकार की दिवंगत माता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचीं सांसद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा शासनकाल में लगभग हर विभाग में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से मंदिरों और धार्मिक परियोजनाओं के नाम पर भी बड़े स्तर पर घोटाले होने का आरोप लगाया। डिंपल यादव के अनुसार, अयोध्या सहित विभिन्न मंदिर विकास एवं कॉरिडोर परियोजनाओं में धन के दुरुपयोग और कमीशनखोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर जनता की आस्था और सहयोग से बनते हैं, लेकिन सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही है। सांसद डिंपल यादव ने मतदाता सूची में नाम काटे जाने के मुद्दे को भी गंभीरता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मैनपुरी में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए आवश्यक है। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए, उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।1
- कासगंज जिले के गणपतिनगर गांव में श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ हो गया है। इस अवसर पर प्रधान जगतप्रसाद बघेल ने कहा कि धर्म और जनता की सेवा करना ही उनका फर्ज है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षित निवेश माहौल का सीधा सकारात्मक असर औद्योगिक विकास पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में बड़े कारखानों की संख्या लगभग 14 हजार से बढ़कर 32 हजार से अधिक हो गई है, जिससे राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिसमें अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, बेहतर आधारभूत सुविधाओं का विकास और उद्योगों के लिए पारदर्शी नीतियां शामिल हैं। इन्हीं कारणों से देश-विदेश की कई कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती के रूप में मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्था बनाना है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, नए निवेश को प्रोत्साहन और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि सुरक्षित वातावरण, सुशासन और विकासोन्मुख नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में औद्योगिक एवं आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।2
- एटा में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने मंगलवार, 16 जून को पुलिस लाइंस पहुंचकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के अंतर्गत चल रही अभिलेख सत्यापन (डीवी) और शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी) प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। एसएसपी ने भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का गहनता से जायजा लिया, जिसमें अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच, शारीरिक मानक परीक्षण, माप-तौल व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और उम्मीदवारों को दी जा रही मूलभूत सुविधाएं शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने भर्ती कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। डॉ. इलामारन ने जोर देकर कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न होनी चाहिए, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, पक्षपात या भेदभाव की कोई गुंजाइश न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार किया जाए और उन्हें निर्धारित मानकों के आधार पर अवसर प्रदान किए जाएं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पूरी भर्ती प्रक्रिया को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि पुलिस लाइंस एटा में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती के लिए अभिलेख सत्यापन एवं शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया 15 जून से ही संचालित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी नगर कीर्तिका सिंह, प्रतिसार निरीक्षक किशनलाल गौतम समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- मैनपुरी जिले के कुसमरा क्षेत्र में बेवर-इटावा मार्ग पर भगवानू की मठिया के पास स्थित कमल सुधा पेट्रोल पंप के सामने ऑटो और ईको कार के बीच एक भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। मृतिका की पहचान नगला भूपत निवासी भूरी के रूप में हुई है, जिनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति का पैर उखड़कर सड़क पर जा गिरा। हादसे में घायल हुए सभी लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सैफई अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए मैनपुरी मोर्चरी भेजा गया है। घटनास्थल पर सूचना मिलते ही सीओ भोगांव, इंस्पेक्टर किशनी और सब इंस्पेक्टर कुसमरा पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और बाधित हुए यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया। यह खबर मैनपुरी से पत्रकार मोहित गुप्ता ने रिपोर्ट की है।1