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एमरजेंसी में मरीज़ एडमिट, और हाथों हाथ दस लाख रुपए का सेहत कार्ड बन गया। बच्चे की बच गई जान, गरीब परिवार सीएम भगवंत मान का कर रहे हैं धन्यवाद 🙏🏼
@RavinderNadhori
एमरजेंसी में मरीज़ एडमिट, और हाथों हाथ दस लाख रुपए का सेहत कार्ड बन गया। बच्चे की बच गई जान, गरीब परिवार सीएम भगवंत मान का कर रहे हैं धन्यवाद 🙏🏼
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- हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा ने शहीद सौरभ गर्ग की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि; मरणोपरांत सम्मान के लिए प्रक्रिया जारी पिल्लूखेड़ा (जींद), 17 फरवरी 2026: हरियाणा मानव अधिकार आयोग की टीम ने आज पिल्लूखेड़ा में शहीद सौरभ गर्ग के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नमन किया। आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा ने इस मौके पर बताया कि शहीद सौरभ गर्ग के परिजनों की ओर से मरणोपरांत उचित पुरस्कार प्रदान करने की लगातार मांग की जा रही थी। आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया और जांच की।तत्कालीन उपायुक्त द्वारा इसकी अनुशंसा पहले ही की जा चुकी थी, जिसे केस बनाकर चंडीगढ़ भेजा गया था। प्रक्रिया के अनुसार यह मामला केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से अनुमति मिलने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कुछ विलंब हुआ, जिसके चलते सौरभ गर्ग के पिता ने मानव अधिकार आयोग में आवेदन दिया। आयोग की हिदायत पर स्मारक के रखरखाव के लिए माली, स्वीपर सहित आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति सरकार द्वारा की गई है।उल्लेखनीय है कि 8 दिसंबर 2012 को पिल्लूखेड़ा में गैस सिलेंडर रिसाव से लगी भीषण आग में फंसे 11 लोगों की जान बचाने के लिए सौरभ गर्ग ने अद्वितीय साहस और त्याग का परिचय दिया था। इस दौरान वे स्वयं शहीद हो गए। उनके इस बलिदान को सम्मान मिलना चाहिए। परिवार की ओर से निरंतर प्रयास किए गए हैं।सरकार द्वारा उनके परिवार को अनुदान राशि प्रदान की गई है और 5 लाख रुपये की लागत से स्मारक का निर्माण भी करवाया गया। विधानसभा में उनके सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया था, जो उनके योगदान की मान्यता दर्शाता है।आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा ने कहा कि मरणोपरांत सम्मान की वर्तमान आवेदन प्रक्रिया पर कार्यवाही जारी है। आयोग का प्रयास है कि सौरभ गर्ग के साहस और त्याग को पूर्ण एवं उचित पहचान मिल सके।1
- Post by HB NEWS 801