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madiya deam rahatgarh pani ka selav road ke dono side kafi fela hua madiya deam rahatgarh pani ke gerav

9 hrs ago
user_Chhote Raja Rajput
Chhote Raja Rajput
Farmer खुरई, सागर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

madiya deam rahatgarh pani ka selav road ke dono side kafi fela hua madiya deam rahatgarh pani ke gerav

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • इस संपूर्ण ब्रह्मांड को आत्मा परमात्मा को और शरीर को जो लोग जानना समझना चाहते हैं उन्हें पवित्र गीता ग्रंथ का एक बार अध्ययन पठन पाठन अवश्य करना चाहिए हरि ॐ।।
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    इस संपूर्ण ब्रह्मांड को आत्मा परमात्मा को और शरीर को जो लोग जानना समझना चाहते हैं उन्हें पवित्र गीता ग्रंथ का एक बार अध्ययन पठन पाठन अवश्य करना चाहिए हरि ॐ।।
    user_दधिवल मानव, ग्राम गिदखिनी
    दधिवल मानव, ग्राम गिदखिनी
    Sagar, Madhya Pradesh•
    17 hrs ago
  • मंदिर की रेलिंग चोरी का मामला मंदिर की रेलिंग चोरी पर उठे सवाल, पुलिस जांच में रेलिंग लगी मिली लोकेशन : विदिशा स्लग : मंदिर की रेलिंग चोरी का मामला मंदिर की रेलिंग चोरी पर उठे सवाल, पुलिस जांच में रेलिंग लगी मिली लोकेशन : विदिशा एंकर : विदिशा के प्रसिद्ध बाढ़ वाले गणेश मंदिर से सरकारी रेलिंग चोरी होने का मामला सामने आने के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हालांकि मंदिर के पुजारी और पुलिस का कहना है कि रेलिंग चोरी नहीं हुई है। पुलिस जांच में रेलिंग मौके पर लगी मिली है। वीओ : दरअसल, बाढ़ वाले गणेश मंदिर में पर्यटन विभाग की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई गई थी। रेलिंग चोरी होने की जानकारी सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो जारी कर मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने लोगों से अपील भी की थी कि यदि किसी को रेलिंग चोरी या उसे ले जाने वालों के संबंध में कोई जानकारी है तो उन्हें सूचना दी जाए। लेकिन अब इस मामले में मंदिर के पुजारी परसराम चौबे का कहना है कि न तो उन्होंने रेलिंग चोरी होने की कोई शिकायत की है और न ही मंदिर से कोई रेलिंग चोरी हुई है। उनका आरोप है कि किसी ने उनके नाम से झूठी शिकायत कर दी। वहीं सहायक सचिव का कहना है कि सीएसपी कार्यालय से पुलिस टीम जांच के लिए आई थी, लेकिन रेलिंग चोरी होने जैसा कोई मामला नहीं है। बाइट — अतुल सिंह, सीएसपी विदिशा सीएसपी अतुल सिंह के मुताबिक पुलिस अधीक्षक को आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके बाद जांच उन्हें सौंपी गई। पुलिस ने मौके पर जांच करने के साथ संबंधित लोगों के बयान भी लिए हैं। जांच में रेलिंग मौके पर लगी हुई मिली है। वीओ-2 : फिलहाल मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रेलिंग चोरी होने की बात सामने आई तो शिकायत किस आधार पर हुई और इसकी जानकारी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य तक कैसे पहुंची। वहीं पुलिस जांच में रेलिंग मौके पर लगी मिलने के बाद पूरे मामले की तस्वीर अलग नजर आ रही है। अब पुलिस की जांच और सामने आए बयानों से ही स्पष्ट होगा कि आखिर इस मामले की वास्तविकता क्या है। बाइट : परसराम चौबे पुजारी बाइट : यशवंत मीणा सहायक सचिव
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    मंदिर की रेलिंग चोरी का मामला

मंदिर की रेलिंग चोरी पर उठे सवाल, पुलिस जांच में रेलिंग लगी मिली

लोकेशन : विदिशा
स्लग : मंदिर की रेलिंग चोरी का मामला
मंदिर की रेलिंग चोरी पर उठे सवाल, पुलिस जांच में रेलिंग लगी मिली
लोकेशन : विदिशा
एंकर :
विदिशा के प्रसिद्ध बाढ़ वाले गणेश मंदिर से सरकारी रेलिंग चोरी होने का मामला सामने आने के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो जारी कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हालांकि मंदिर के पुजारी और पुलिस का कहना है कि रेलिंग चोरी नहीं हुई है। पुलिस जांच में रेलिंग मौके पर लगी मिली है।
वीओ :
दरअसल, बाढ़ वाले गणेश मंदिर में पर्यटन विभाग की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई गई थी। रेलिंग चोरी होने की जानकारी सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने वीडियो जारी कर मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने लोगों से अपील भी की थी कि यदि किसी को रेलिंग चोरी या उसे ले जाने वालों के संबंध में कोई जानकारी है तो उन्हें सूचना दी जाए।
लेकिन अब इस मामले में मंदिर के पुजारी परसराम चौबे का कहना है कि न तो उन्होंने रेलिंग चोरी होने की कोई शिकायत की है और न ही मंदिर से कोई रेलिंग चोरी हुई है। उनका आरोप है कि किसी ने उनके नाम से झूठी शिकायत कर दी।
वहीं सहायक सचिव का कहना है कि सीएसपी कार्यालय से पुलिस टीम जांच के लिए आई थी, लेकिन रेलिंग चोरी होने जैसा कोई मामला नहीं है।
बाइट — अतुल सिंह, सीएसपी विदिशा
सीएसपी अतुल सिंह के मुताबिक पुलिस अधीक्षक को आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके बाद जांच उन्हें सौंपी गई। पुलिस ने मौके पर जांच करने के साथ संबंधित लोगों के बयान भी लिए हैं। जांच में रेलिंग मौके पर लगी हुई मिली है।
वीओ-2 :
फिलहाल मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रेलिंग चोरी होने की बात सामने आई तो शिकायत किस आधार पर हुई और इसकी जानकारी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य तक कैसे पहुंची। वहीं पुलिस जांच में रेलिंग मौके पर लगी मिलने के बाद पूरे मामले की तस्वीर अलग नजर आ रही है। अब पुलिस की जांच और सामने आए बयानों से ही स्पष्ट होगा कि आखिर इस मामले की वास्तविकता क्या है।
बाइट : परसराम चौबे पुजारी 
बाइट : यशवंत मीणा सहायक सचिव
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार ललितपुर। कोतवाली ललितपुर पुलिस ने प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्कूल से घर लौट रहे अभय सिंह को रास्ते में रोककर कथित रूप से पैसों की मांग की थी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उनके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया गया था। गंभीर रूप से घायल अभय सिंह की झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामला कोतवाली ललितपुर क्षेत्र के झरकौन गांव का है। 10 अगस्त 2026 को अभय सिंह के परिजनों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। आरोप है कि स्कूल से घर लौटते समय अभय सिंह को रास्ते में रोककर आरोपियों ने पैसों की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और सिर पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ललितपुर लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान अभय सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धारा 103(1) बीएनएस की बढ़ोतरी कर हत्या के मामले में कार्रवाई शुरू की। मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने लगातार दबिश एवं तलाश अभियान चलाकर मुकदमे में फरार पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोर सिंह, मनोहर सिंह, बृगभान, राहुल तथा आशीष उर्फ छोटू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मुकदमे में फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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    प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार
प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार
ललितपुर। कोतवाली ललितपुर पुलिस ने प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्कूल से घर लौट रहे अभय सिंह को रास्ते में रोककर कथित रूप से पैसों की मांग की थी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उनके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया गया था। गंभीर रूप से घायल अभय सिंह की झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
मामला कोतवाली ललितपुर क्षेत्र के झरकौन गांव का है। 10 अगस्त 2026 को अभय सिंह के परिजनों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। आरोप है कि स्कूल से घर लौटते समय अभय सिंह को रास्ते में रोककर आरोपियों ने पैसों की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और सिर पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गए।
परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ललितपुर लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान अभय सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धारा 103(1) बीएनएस की बढ़ोतरी कर हत्या के मामले में कार्रवाई शुरू की।
मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने लगातार दबिश एवं तलाश अभियान चलाकर मुकदमे में फरार पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में मोर सिंह, मनोहर सिंह, बृगभान, राहुल तथा आशीष उर्फ छोटू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मुकदमे में फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
    user_पत्रकार प्रिइन्द्र सिंह
    पत्रकार प्रिइन्द्र सिंह
    Local News Reporter Madawara, Lalitpur•
    8 hrs ago
  • बारिश में नहर पटरी हुई बदहाल, पैदल चलना हो रहा मुश्किल कई दिनों से शहर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे नहर की पटरी खराब हो गई हैं। कई जगहों पर जल जमाव व कीचड़ हो गया है। इसके चलते वाहन चालकों व राहगीरों को परेशान होना पड़ रहा है। जहां रावतयाना वार्ड की सड़के खराब हैं। वहीँ, पिसनारी व आजादपुरा की नहर पटरी बदहाल हो गई है।
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    बारिश में नहर पटरी हुई बदहाल, पैदल चलना हो रहा मुश्किल 
कई दिनों से शहर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे नहर की पटरी खराब हो गई हैं। कई जगहों पर जल जमाव व कीचड़ हो गया है। इसके चलते वाहन चालकों व राहगीरों को परेशान होना पड़ रहा है।  जहां रावतयाना वार्ड की सड़के खराब हैं। वहीँ, पिसनारी व आजादपुरा की नहर पटरी बदहाल हो गई है।
    user_Manoj Kumar vaidya
    Manoj Kumar vaidya
    Local News Reporter ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ललितपुर पुलिस ने अध्यापक की हत्या के आरोप में वांछित 5 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार।पुलिस क्षेत्राधिकारी ने दी जानकारी। ललितपुर पुलिस ने एक अध्यापक के साथ मारपीट करके हत्या के आरोपी 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि विगत 10 अगस्त को अध्यापक जब विद्यालय से लौट रहा था कि रास्ते में उक्त लोग मिल गये और रुपये मागने लगे।जब अध्यापक ने रुपये देने से मना किया तो उसे पत्थरों से मारपीट करके घायल कर दिया गया था इसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।इस मामले में मृतक अध्यापक के साले ने पुलिस कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय की गुहार लगायी थी। पुलिस ने अपराध पंजीकृत करके विवेचना के बाद 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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    ललितपुर पुलिस ने अध्यापक की हत्या के आरोप में वांछित 5 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार।पुलिस क्षेत्राधिकारी ने दी जानकारी।
ललितपुर पुलिस ने एक अध्यापक के साथ मारपीट करके हत्या के आरोपी 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि विगत 10 अगस्त को अध्यापक जब विद्यालय से लौट रहा था कि रास्ते में उक्त लोग मिल गये और रुपये मागने लगे।जब अध्यापक ने रुपये देने से मना किया तो उसे पत्थरों से मारपीट करके घायल कर दिया गया था इसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।इस मामले में मृतक अध्यापक के साले ने पुलिस कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय की गुहार लगायी थी। पुलिस ने अपराध पंजीकृत करके विवेचना के बाद 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    user_S.K.Tripathi
    S.K.Tripathi
    Media house ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नियम विरुद्ध मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय अस्पताल में शूट किया हुआ वीडियो वायरल लोकेशन :- विदिशा मध्य प्रदेश स्लग :- नियम विरुद्ध मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय अस्पताल में शूट किया हुआ वीडियो वायरल लोकेशन :- विदिशा मध्य प्रदेश एंकर :- शासकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता अब चरम पर पहुंच चुकी है। परिसर में सुरक्षा में हुई भारी चूक और लिफ्ट-कॉरिडोर में हुई कमर्शियल शूटिंग के गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए डीन महोदय ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान दे डाला। डीन का कहना है कि "इतना बड़ा परिसर है, हम कैसे देख सकते हैं कि कौन आ रहा है और कौन जा रहा है!" लाखों रुपये का सुरक्षा बजट, 60 से 70 सुरक्षा गार्ड्स और सरकार से मोटा वेतन पाने वाले शीर्ष प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा बयान न केवल उनकी प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं और मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा डीन का यह बयान बेहद खतरनाक और लापरवाही से भरा है। सवाल यह उठता है कि यदि कल को अस्पताल परिसर या हॉस्टल में कोई अनजान व्यक्ति घुसकर छात्र-छात्राओं या महिला डॉक्टरों के साथ कोई अप्रिय घटना या अपराध घटित कर देता है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? जब सरकार सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये का शासकीय बजट पानी की तरह बहा रही है, तब भी मरीज, मेडिकल छात्र और डॉक्टर सुरक्षा के अभाव में खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। कॉलेज प्रशासन, डीन और अस्पताल अधीक्षक का ध्यान इन संवेदनशील मुद्दों पर बिल्कुल नहीं है। आलम यह है कि जिम्मेदार अधिकारी अपने वातानुकूलित कमरों में बैठकर आराम फरमा रहे हैं और जमीनी स्तर पर अस्पताल लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है। संवेदनशील लिफ्ट और कॉरिडोर में कमर्शियल रील्स हाल ही में अस्पताल के आपातकालीन भाग एवं लिफ्ट कोरिडोर जैसे संवेदनशील भाग में एक व्यावसायिक डांस क्लास के प्रमोशन के लिए वीडियो और रील्स शूट किए गए। नियमतः किसी भी शासकीय अस्पताल में कमर्शियल गतिविधियों और शूटिंग पर कानूनी प्रतिबंध होता है। आपातकालीन सेवाओं के लिए बनी लिफ्ट को शूटिंग के लिए रोके जाने से गंभीर मरीजों के इलाज में बाधा उत्पन्न हुई और मरीजों की गोपनीयता का सरेआम उल्लंघन हुआ। प्राथमिकताओं पर सवाल :- मंदिर पर 24 घंटे कड़ा पहरा, अस्पताल अनाथ डीन और अधीक्षक की प्राथमिकताओं का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां पूरा अस्पताल परिसर बाहरी तत्वों के लिए खुला छोड़ दिया गया है, वहीं परिसर में स्थित शिव मंदिर पर 24 घंटे गार्ड की विशेष ड्यूटी लगाई गई है और CCTV कैमरे से सीधी निगरानी रखी जा रही है। हाल ही में प्रशासन ने एक सख्त आदेश जारी कर कर्मचारियों को मंदिर में पूजा-पाठ करने पर कार्रवाई की धमकी दी थी। आस्था पर तुरंत प्रतिबंध लगाने वाले डीन महोदय, जब परिसर में कमर्शियल शूटिंग होती है और सुरक्षा में सेंध लगती है, तो पूरी तरह मौन धारण कर लेते हैं। सुरक्षा एजेंसी और कंपनी मैनेजर पर मेहरबानी अस्पताल में 60 से 70 सुरक्षा गार्ड्स की फौज तैनात होने के बावजूद बाहरी व्यक्ति बेझिझक मुख्य भवन और लिफ्ट तक पहुंचकर रील्स बना लेते हैं। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी सुरक्षा एजेंसी या उसके मैनेजर पर कोई आर्थिक दंड या ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई न होना, शीर्ष प्रबंधन और एजेंसी के बीच सांठगांठ की ओर साफ इशारा करता है। उठते सीधे सवाल :- सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? यदि 'इतने बड़े परिसर' का बहाना बनाकर डीन पल्ला झाड़ लेंगे, तो हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं और अस्पताल के मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? कमरों में बैठकर क्या कर रहा प्रबंधन? लाखों रुपये वेतन लेने वाले डीन और अधीक्षक अगर अपने दफ्तरों से निकलकर सुरक्षा का जायजा नहीं ले सकते, तो वे पदों पर क्यों बने हुए हैं? बजट की बर्बादी :- जब 60-70 गार्ड्स के रहते बाहरी लोग आकर डांस वीडियो बना रहे हैं, तो सुरक्षा पर खर्च हो रहे लाखों रुपये के बजट का क्या मतलब रह जाता है? अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और भर्ती मरीजों के परिजनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले डीन, अधीक्षक और सुरक्षा एजेंसी के मैनेजर पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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    नियम विरुद्ध मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय अस्पताल में शूट किया हुआ वीडियो वायरल


लोकेशन :- विदिशा मध्य प्रदेश 
स्लग :- नियम विरुद्ध मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय अस्पताल में शूट किया हुआ वीडियो वायरल
लोकेशन :- विदिशा मध्य प्रदेश 
एंकर :- शासकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता अब चरम पर पहुंच चुकी है। परिसर में सुरक्षा में हुई भारी चूक और लिफ्ट-कॉरिडोर में हुई कमर्शियल शूटिंग के गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए डीन महोदय ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान दे डाला। डीन का कहना है कि "इतना बड़ा परिसर है, हम कैसे देख सकते हैं कि कौन आ रहा है और कौन जा रहा है!"
लाखों रुपये का सुरक्षा बजट, 60 से 70 सुरक्षा गार्ड्स और सरकार से मोटा वेतन पाने वाले शीर्ष प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा बयान न केवल उनकी प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं और मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
डीन का यह बयान बेहद खतरनाक और लापरवाही से भरा है। सवाल यह उठता है कि यदि कल को अस्पताल परिसर या हॉस्टल में कोई अनजान व्यक्ति घुसकर छात्र-छात्राओं या महिला डॉक्टरों के साथ कोई अप्रिय घटना या अपराध घटित कर देता है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
जब सरकार सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये का शासकीय बजट पानी की तरह बहा रही है, तब भी मरीज, मेडिकल छात्र और डॉक्टर सुरक्षा के अभाव में खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। कॉलेज प्रशासन, डीन और अस्पताल अधीक्षक का ध्यान इन संवेदनशील मुद्दों पर बिल्कुल नहीं है। आलम यह है कि जिम्मेदार अधिकारी अपने वातानुकूलित कमरों में बैठकर आराम फरमा रहे हैं और जमीनी स्तर पर अस्पताल लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है।
संवेदनशील लिफ्ट और कॉरिडोर में कमर्शियल रील्स
हाल ही में अस्पताल के आपातकालीन भाग एवं लिफ्ट कोरिडोर जैसे संवेदनशील भाग में एक व्यावसायिक डांस क्लास के प्रमोशन के लिए वीडियो और रील्स शूट किए गए। नियमतः किसी भी शासकीय अस्पताल में कमर्शियल गतिविधियों और शूटिंग पर कानूनी प्रतिबंध होता है। आपातकालीन सेवाओं के लिए बनी लिफ्ट को शूटिंग के लिए रोके जाने से गंभीर मरीजों के इलाज में बाधा उत्पन्न हुई और मरीजों की गोपनीयता का सरेआम उल्लंघन हुआ।
प्राथमिकताओं पर सवाल :- मंदिर पर 24 घंटे कड़ा पहरा, अस्पताल अनाथ
डीन और अधीक्षक की प्राथमिकताओं का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां पूरा अस्पताल परिसर बाहरी तत्वों के लिए खुला छोड़ दिया गया है, वहीं परिसर में स्थित शिव मंदिर पर 24 घंटे गार्ड की विशेष ड्यूटी लगाई गई है और CCTV कैमरे से सीधी निगरानी रखी जा रही है।
हाल ही में प्रशासन ने एक सख्त आदेश जारी कर कर्मचारियों को मंदिर में पूजा-पाठ करने पर कार्रवाई की धमकी दी थी। आस्था पर तुरंत प्रतिबंध लगाने वाले डीन महोदय, जब परिसर में कमर्शियल शूटिंग होती है और सुरक्षा में सेंध लगती है, तो पूरी तरह मौन धारण कर लेते हैं।
सुरक्षा एजेंसी और कंपनी मैनेजर पर मेहरबानी
अस्पताल में 60 से 70 सुरक्षा गार्ड्स की फौज तैनात होने के बावजूद बाहरी व्यक्ति बेझिझक मुख्य भवन और लिफ्ट तक पहुंचकर रील्स बना लेते हैं। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी सुरक्षा एजेंसी या उसके मैनेजर पर कोई आर्थिक दंड या ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई न होना, शीर्ष प्रबंधन और एजेंसी के बीच सांठगांठ की ओर साफ इशारा करता है।
उठते सीधे सवाल :-
सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? यदि 'इतने बड़े परिसर' का बहाना बनाकर डीन पल्ला झाड़ लेंगे, तो हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं और अस्पताल के मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
कमरों में बैठकर क्या कर रहा प्रबंधन? लाखों रुपये वेतन लेने वाले डीन और अधीक्षक अगर अपने दफ्तरों से निकलकर सुरक्षा का जायजा नहीं ले सकते, तो वे पदों पर क्यों बने हुए हैं?
बजट की बर्बादी :- जब 60-70 गार्ड्स के रहते बाहरी लोग आकर डांस वीडियो बना रहे हैं, तो सुरक्षा पर खर्च हो रहे लाखों रुपये के बजट का क्या मतलब रह जाता है?
अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और भर्ती मरीजों के परिजनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले डीन, अधीक्षक और सुरक्षा एजेंसी के मैनेजर पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सतवाँसा में जहरीले सर्प के काटने से बुजुर्ग किसान हुआ घायल। तहसील मड़ावरा के सतवांसा गाँव में  खेत पर फसल देखने गए 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान को सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजनों द्वारा इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज ललितपुर रेफर कर दिया।
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    सतवाँसा में जहरीले सर्प के काटने से बुजुर्ग किसान हुआ घायल।

तहसील मड़ावरा के सतवांसा गाँव में  खेत पर फसल देखने गए 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान को सांप ने काट लिया। सांप के काटने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजनों द्वारा इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज ललितपुर रेफर कर दिया।
    user_S.K.Tripathi
    S.K.Tripathi
    Media house ललितपुर, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • विदिशा का विजय मंदिर में नमाज अदा करने का एक वीडियो हुआ वायरल विदिशा का(बीजा मंडल,)विजय मंदिर एक विवादित मामला है जहां एएसआई (ASI) द्वारा यहां पर निगरानी रखी जाती है लेकिन मंदिर का मामला कोर्ट में चल रहा है लेकिन इसी बीच एक युवक द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है
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    विदिशा का विजय मंदिर में नमाज अदा करने का एक वीडियो हुआ वायरल
विदिशा का(बीजा मंडल,)विजय मंदिर एक विवादित मामला है जहां एएसआई (ASI) द्वारा यहां पर निगरानी रखी जाती है लेकिन मंदिर का मामला कोर्ट में चल रहा है लेकिन इसी बीच एक युवक द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • जनपद ललितपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण मकान गिरने से हुई क्षति रिपोर्टर प्रकाश सिंह लोधी जनपद ललितपुर के ग्राम पंचायत लरगन मेगुड्डी बाई पत्नी सुख सिंह, निवासी ग्राम लरगन, थाना महरौनी, जिला ललितपुर की रहने वाली है। दिनांक 20 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि में निरंतर हो रही तेज बारिश के कारण प्रार्थिनी के मकान की पीछे की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने के बाद मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया तथा घर में रखा घरेलू सामान भी मलबे एवं बारिश के पानी में दबने/भीगने के कारण खराब हो गया। इस घटना से प्रार्थिनी के परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है तथा रहने के लिए भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। प्रार्थिनी पैर से विकलांग भी है और अत्यंत असहाय स्थिति में है। ऐसी परिस्थिति में अपने मकान की मरम्मत कराना एवं घरेलू सामान की भरपाई करना उसके लिए संभव नहीं है। अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि मौके पर राजस्व विभाग की टीम भेजकर क्षतिग्रस्त मकान एवं सामान का तत्काल सर्वे/पंचनामा कराया जाए तथा शासन के नियमानुसार प्रार्थिनी को दैवीय आपदा/बारिश से हुई क्षति के अंतर्गत आर्थिक सहायता एवं अन्य संभव शासकीय सहायता प्रदान करने की कृपा करें।
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    जनपद ललितपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण मकान गिरने से हुई क्षति
रिपोर्टर प्रकाश सिंह लोधी 
जनपद ललितपुर के ग्राम पंचायत लरगन मेगुड्डी बाई पत्नी सुख सिंह, निवासी ग्राम लरगन, थाना महरौनी, जिला ललितपुर की रहने वाली है।
दिनांक 20 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि में निरंतर हो रही तेज बारिश के कारण प्रार्थिनी के मकान की पीछे की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने के बाद मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया तथा घर में रखा घरेलू सामान भी मलबे एवं बारिश के पानी में दबने/भीगने के कारण खराब हो गया। इस घटना से प्रार्थिनी के परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है तथा रहने के लिए भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
प्रार्थिनी पैर से विकलांग भी है और अत्यंत असहाय स्थिति में है। ऐसी परिस्थिति में अपने मकान की मरम्मत कराना एवं घरेलू सामान की भरपाई करना उसके लिए संभव नहीं है।
अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि मौके पर राजस्व विभाग की टीम भेजकर क्षतिग्रस्त मकान एवं सामान का तत्काल सर्वे/पंचनामा कराया जाए तथा शासन के नियमानुसार प्रार्थिनी को दैवीय आपदा/बारिश से हुई क्षति के अंतर्गत आर्थिक सहायता एवं अन्य संभव शासकीय सहायता प्रदान करने की कृपा करें।
    user_Prakash Singh
    Prakash Singh
    मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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