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“पेट्रोल पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी… केंद्र सरकार की नई अधिसूचना जारी। पेट्रोल पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी, केंद्र सरकार की नई अधिसूचना जारी। 26 मार्च 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना—पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लागू, उद्योग और आम जनता पर पड़ेगा असर नई दिल्ली, 26 मार्च 2026। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर कर ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना भारत के राजपत्र (The Gazette of India, Extraordinary) में 26 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई, जिसके तहत पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा लिया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करना बताया जा रहा है। क्या है अधिसूचना का मुख्य प्रावधान? राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के तहत किया गया है। इसमें वर्ष 2017 के उत्पाद शुल्क नियमों में संशोधन करते हुए पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) पर लागू शुल्क में परिवर्तन किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि: मोटर स्पिरिट (जिसे आमतौर पर पेट्रोल कहा जाता है) पर 18.5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी निर्धारित की गई है। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। संशोधन का उद्देश्य कर संरचना को अद्यतन करना और राजस्व में वृद्धि करना है। किन उत्पादों पर लागू होगा नया शुल्क? अधिसूचना में “मोटर स्पिरिट” (Motor Spirit) को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि इसमें वह पेट्रोल शामिल होगा जो वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत: सामान्य पेट्रोल हाई-स्पीड पेट्रोल मिश्रित ईंधन (ब्लेंडेड फ्यूल) को शामिल किया गया है। हालांकि, अधिसूचना में कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का भी प्रावधान रखा गया है, जैसे: निर्यात के लिए भेजे जाने वाले उत्पाद विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में उपयोग होने वाला ईंधन कुछ सरकारी या औद्योगिक उपयोग के विशेष मामले क्या होगा आम जनता पर असर? पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। चूंकि पेट्रोल की कीमतों में करों का बड़ा हिस्सा शामिल होता है, इसलिए इस वृद्धि के बाद पेट्रोल के खुदरा दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि: परिवहन लागत में वृद्धि होगी वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ सकते हैं महंगाई पर दबाव बढ़ेगा हालांकि, अंतिम कीमतों पर असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि तेल कंपनियां और राज्य सरकारें अपने स्तर पर क्या निर्णय लेती हैं। सरकार का पक्ष। केंद्र सरकार का कहना है कि यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार:वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया हैसरकार बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटा रही हैकर संरचना में यह बदलाव दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी हैउद्योग जगत की प्रतिक्रियापेट्रोलियम और परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। सकारात्मक पहलू: सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा मिलेगा नकारात्मक पहलू:। लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी छोटे व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों पर दबाव बढ़ेगा महंगाई बढ़ने का खतरा राज्यों की भूमिका भी अहम। भारत में पेट्रोल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों के कर शामिल होते हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि: राज्य सरकारें अपने वैट (VAT) में कोई बदलाव करती हैं या नहीं कुछ राज्य जनता को राहत देने के लिए टैक्स घटा सकते हैं यदि राज्य सरकारें अपने करों में कटौती नहीं करतीं, तो आम जनता पर पूरा भार पड़ सकता है। पिछले संशोधनों का संदर्भ। राजपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले: वर्ष 2019 में एक प्रमुख अधिसूचना जारी की गई थी वर्ष 2025 में भी इसमें संशोधन किया गया था अब 2026 में यह नया संशोधन लागू किया गया है, जो कर ढांचे में एक और महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। क्या यह अस्थायी कदम है? विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, मुद्रा विनिमय दर और घरेलू आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए करों में बदलाव करती रहती है। इसलिए यह संभव है कि: भविष्य में स्थिति के अनुसार इसमें फिर बदलाव किया जाए यदि कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, तो सरकार राहत दे सकती है। निष्कर्ष केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई यह वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली है। जहां एक ओर इससे सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और उद्योगों पर इसका बोझ बढ़ सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि: तेल कंपनियां कीमतों में कितना बदलाव करती हैं राज्य सरकारें क्या रुख अपनाती हैं और आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका कितना असर पड़ता है यह अधिसूचना फिलहाल लागू हो चुकी है और इसके प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज़ 24 सागर से ब्यूरो चीफ सोनू प्रजापति की रिपोर्ट Mob 7582995977

9 hrs ago
user_Sonu prajapati journalist Pres
Sonu prajapati journalist Pres
Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

“पेट्रोल पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी… केंद्र सरकार की नई अधिसूचना जारी। पेट्रोल पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी, केंद्र सरकार की नई अधिसूचना जारी। 26 मार्च 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना—पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लागू, उद्योग और आम जनता पर पड़ेगा असर नई दिल्ली, 26 मार्च 2026। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर कर ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना भारत के राजपत्र (The Gazette of India, Extraordinary) में 26 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई, जिसके तहत पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा लिया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करना बताया जा रहा है। क्या है अधिसूचना का मुख्य प्रावधान? राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के तहत किया गया है। इसमें वर्ष 2017 के उत्पाद शुल्क नियमों में संशोधन करते हुए पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) पर लागू शुल्क में परिवर्तन किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि: मोटर स्पिरिट (जिसे आमतौर पर पेट्रोल कहा जाता है) पर 18.5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी निर्धारित की गई है। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। संशोधन का उद्देश्य कर संरचना को अद्यतन करना और राजस्व में वृद्धि करना है। किन उत्पादों पर लागू होगा नया शुल्क? अधिसूचना में “मोटर स्पिरिट” (Motor Spirit) को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि इसमें वह पेट्रोल शामिल होगा जो वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत: सामान्य पेट्रोल हाई-स्पीड पेट्रोल मिश्रित ईंधन (ब्लेंडेड फ्यूल) को शामिल किया गया है। हालांकि, अधिसूचना में कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का भी प्रावधान रखा गया है, जैसे: निर्यात के लिए भेजे जाने वाले उत्पाद विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में उपयोग होने वाला ईंधन कुछ सरकारी या औद्योगिक उपयोग के विशेष मामले क्या होगा आम जनता पर असर? पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। चूंकि पेट्रोल की कीमतों में करों का बड़ा हिस्सा शामिल होता है, इसलिए इस वृद्धि के बाद पेट्रोल के खुदरा दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि: परिवहन लागत में वृद्धि होगी वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ सकते हैं महंगाई पर दबाव बढ़ेगा हालांकि, अंतिम कीमतों पर असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि तेल कंपनियां और राज्य सरकारें अपने स्तर पर क्या निर्णय लेती हैं। सरकार का पक्ष। केंद्र सरकार का कहना है कि यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार:वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया हैसरकार बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटा रही हैकर संरचना में यह बदलाव दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी हैउद्योग जगत की प्रतिक्रियापेट्रोलियम और परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। सकारात्मक पहलू: सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा मिलेगा नकारात्मक पहलू:। लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी छोटे व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों पर दबाव बढ़ेगा महंगाई बढ़ने का खतरा राज्यों की भूमिका भी अहम। भारत में पेट्रोल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों के कर शामिल होते हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि: राज्य सरकारें अपने वैट (VAT) में कोई बदलाव करती हैं या नहीं कुछ राज्य जनता को राहत देने के लिए टैक्स घटा सकते हैं यदि राज्य सरकारें अपने करों में कटौती नहीं करतीं, तो आम जनता पर पूरा भार पड़ सकता है। पिछले संशोधनों का संदर्भ। राजपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले: वर्ष 2019 में एक प्रमुख अधिसूचना जारी की गई थी वर्ष 2025 में भी इसमें संशोधन किया गया था अब 2026 में यह नया संशोधन लागू किया गया है, जो कर ढांचे में एक और महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। क्या यह अस्थायी कदम है? विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, मुद्रा विनिमय दर और घरेलू आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए करों में बदलाव करती रहती है। इसलिए यह संभव है कि: भविष्य में स्थिति के अनुसार इसमें फिर बदलाव किया जाए यदि कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, तो सरकार राहत दे सकती है। निष्कर्ष केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई यह वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली है। जहां एक ओर इससे सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और उद्योगों पर इसका बोझ बढ़ सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि: तेल कंपनियां कीमतों में कितना बदलाव करती हैं राज्य सरकारें क्या रुख अपनाती हैं और आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका कितना असर पड़ता है यह अधिसूचना फिलहाल लागू हो चुकी है और इसके प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज़ 24 सागर से ब्यूरो चीफ सोनू प्रजापति की रिपोर्ट Mob 7582995977

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  • देवरी में नवमी पर दिखा माता रानी का चमत्कार! जिसने देखा… रह गया दंग!नवमी पर देवरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, माता रानी के चमत्कार ने किया सबको हैरान। धूमधाम से निकले मैया के ज्वारे, पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल। नमस्कार, मैं हूँ सोनू प्रजापति और आप देख रहे हैं आपका अपना आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 24 देवरी से आज की सबसे बड़ी खबर—नवरात्रि के नवमे दिन यहां माता रानी की ऐसी अद्भुत झलक देखने को मिली कि हर कोई दंग रह गया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। माता के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा माहौल भक्ति में डूबा नजर आया। इसी बीच, देवरी में मैया के ज्वारों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार नवमी पर माता रानी का विशेष चमत्कार देखने को मिला, जिससे लोगों की आस्था और भी मजबूत हुई है।फिलहाल देवरी में चारों ओर उत्सव जैसा माहौल है और हर कोई भक्ति में लीन नजर आ रहा है। ऐसी ही भक्ति और आस्था से जुड़े खबरों के लिए बने रहिए हमारे साथ जय माता दी!
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    देवरी में नवमी पर दिखा माता रानी का चमत्कार! जिसने देखा… रह गया दंग!नवमी पर देवरी में उमड़ा आस्था का सैलाब, माता रानी के चमत्कार ने किया सबको हैरान।
धूमधाम से निकले मैया के ज्वारे, पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल।
नमस्कार, मैं हूँ सोनू प्रजापति और आप देख रहे हैं आपका अपना आवाज मध्यप्रदेश न्यूज 24 
देवरी से आज की सबसे बड़ी खबर—नवरात्रि के नवमे दिन यहां माता रानी की ऐसी अद्भुत झलक देखने को मिली कि हर कोई दंग रह गया।
सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। माता के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा माहौल भक्ति में डूबा नजर आया।
इसी बीच, देवरी में मैया के ज्वारों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार नवमी पर माता रानी का विशेष चमत्कार देखने को मिला, जिससे लोगों की आस्था और भी मजबूत हुई है।फिलहाल देवरी में चारों ओर उत्सव जैसा माहौल है और हर कोई भक्ति में लीन नजर आ रहा है।
ऐसी ही भक्ति और आस्था से जुड़े खबरों के लिए बने रहिए हमारे साथ 
जय माता दी!
    user_Sonu prajapati journalist Pres
    Sonu prajapati journalist Pres
    Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    40 min ago
  • Post by Dharmendra sahu
    1
    Post by Dharmendra sahu
    user_Dharmendra sahu
    Dharmendra sahu
    Photographer तेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सागर कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर एसडीएम अमन मिश्रा ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे नरयावली स्थित एचपीसीएल एवं आईओसीएल डिपो का निरीक्षण किया।
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    सागर कलेक्टर संदीप जीआर के निर्देश पर एसडीएम अमन मिश्रा ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे नरयावली स्थित एचपीसीएल एवं आईओसीएल डिपो का निरीक्षण किया।
    user_Journalist suraj sen
    Journalist suraj sen
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    20 min ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    1
    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ​नरसिंहपुर: भगवान नृसिंह मंदिर से निकली प्रभु श्रीराम की भव्य शोभायात्रा, ​नरसिंहपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नरसिंहपुर शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। नगर के आराध्य देव प्राचीन भगवान नृसिंह मंदिर से प्रभु श्रीराम की विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं, सभी जय श्रीराम के जयघोष करते नजर आए। ​शोभायात्रा में विशेष रूप से मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और पूर्व राज्य मंत्री श्री जालम सिंह पटेल सम्मिलित हुए। दोनों नेताओं ने भगवान की आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की और आमजन के साथ पैदल चलकर यात्रा की शोभा बढ़ाई। शहर के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु भी इस दौरान मौजूद रहे। ​
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    ​नरसिंहपुर: भगवान नृसिंह मंदिर से निकली प्रभु श्रीराम की भव्य शोभायात्रा, 
​नरसिंहपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नरसिंहपुर शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। नगर के आराध्य देव प्राचीन भगवान नृसिंह मंदिर से प्रभु श्रीराम की विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं, सभी जय श्रीराम के जयघोष करते नजर आए।
​शोभायात्रा में विशेष रूप से मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और पूर्व राज्य मंत्री श्री जालम सिंह पटेल सम्मिलित हुए। दोनों नेताओं ने भगवान की आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की और आमजन के साथ पैदल चलकर यात्रा की शोभा बढ़ाई। शहर के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु भी इस दौरान मौजूद रहे।
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    user_Ashish Dubey
    Ashish Dubey
    Media and information sciences faculty Narsimhapur, Narsinghpur•
    2 hrs ago
  • मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नरसिंहपुर शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। नगर के आराध्य देव प्राचीन भगवान नृसिंह मंदिर से प्रभु श्रीराम की विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ शुक्रवार हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं, सभी जय श्रीराम के जयघोष करते नजर आए।​शोभायात्रा में विशेष रूप से मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और पूर्व राज्य मंत्री श्री जालम सिंह पटेल सम्मिलित हुए। दोनों भाई भी आमजन के साथ पैदल चलकर यात्रा की शोभा बढ़ाई। शहर के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु भी इस दौरान मौजूद रहे। जगह जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुष्प वर्षा और ठंडे पेयजल की व्यवस्था कर यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई
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    मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नरसिंहपुर शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। नगर के आराध्य देव प्राचीन भगवान नृसिंह मंदिर से प्रभु श्रीराम की विशाल एवं भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ शुक्रवार हुआ। इस धार्मिक आयोजन में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं, सभी जय श्रीराम के जयघोष करते नजर आए।​शोभायात्रा में विशेष रूप से मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और पूर्व राज्य मंत्री श्री जालम सिंह पटेल सम्मिलित हुए। दोनों भाई भी आमजन के साथ पैदल चलकर यात्रा की शोभा बढ़ाई। शहर के गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु भी इस दौरान मौजूद रहे। जगह जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुष्प वर्षा और ठंडे पेयजल की व्यवस्था कर यात्रा का आत्मीय स्वागत किया।  सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    3 hrs ago
  • Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"
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    Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    user_पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पेट्रोल पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी, केंद्र सरकार की नई अधिसूचना जारी। 26 मार्च 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना—पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लागू, उद्योग और आम जनता पर पड़ेगा असर नई दिल्ली, 26 मार्च 2026। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर कर ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना भारत के राजपत्र (The Gazette of India, Extraordinary) में 26 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई, जिसके तहत पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा लिया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करना बताया जा रहा है। क्या है अधिसूचना का मुख्य प्रावधान? राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के तहत किया गया है। इसमें वर्ष 2017 के उत्पाद शुल्क नियमों में संशोधन करते हुए पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) पर लागू शुल्क में परिवर्तन किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि: मोटर स्पिरिट (जिसे आमतौर पर पेट्रोल कहा जाता है) पर 18.5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी निर्धारित की गई है। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। संशोधन का उद्देश्य कर संरचना को अद्यतन करना और राजस्व में वृद्धि करना है। किन उत्पादों पर लागू होगा नया शुल्क? अधिसूचना में “मोटर स्पिरिट” (Motor Spirit) को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि इसमें वह पेट्रोल शामिल होगा जो वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत: सामान्य पेट्रोल हाई-स्पीड पेट्रोल मिश्रित ईंधन (ब्लेंडेड फ्यूल) को शामिल किया गया है। हालांकि, अधिसूचना में कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का भी प्रावधान रखा गया है, जैसे: निर्यात के लिए भेजे जाने वाले उत्पाद विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में उपयोग होने वाला ईंधन कुछ सरकारी या औद्योगिक उपयोग के विशेष मामले क्या होगा आम जनता पर असर? पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। चूंकि पेट्रोल की कीमतों में करों का बड़ा हिस्सा शामिल होता है, इसलिए इस वृद्धि के बाद पेट्रोल के खुदरा दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि: परिवहन लागत में वृद्धि होगी वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ सकते हैं महंगाई पर दबाव बढ़ेगा हालांकि, अंतिम कीमतों पर असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि तेल कंपनियां और राज्य सरकारें अपने स्तर पर क्या निर्णय लेती हैं। सरकार का पक्ष। केंद्र सरकार का कहना है कि यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार:वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया हैसरकार बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटा रही हैकर संरचना में यह बदलाव दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी हैउद्योग जगत की प्रतिक्रियापेट्रोलियम और परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। सकारात्मक पहलू: सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा मिलेगा नकारात्मक पहलू:। लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी छोटे व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों पर दबाव बढ़ेगा महंगाई बढ़ने का खतरा राज्यों की भूमिका भी अहम। भारत में पेट्रोल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों के कर शामिल होते हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि: राज्य सरकारें अपने वैट (VAT) में कोई बदलाव करती हैं या नहीं कुछ राज्य जनता को राहत देने के लिए टैक्स घटा सकते हैं यदि राज्य सरकारें अपने करों में कटौती नहीं करतीं, तो आम जनता पर पूरा भार पड़ सकता है। पिछले संशोधनों का संदर्भ। राजपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले: वर्ष 2019 में एक प्रमुख अधिसूचना जारी की गई थी वर्ष 2025 में भी इसमें संशोधन किया गया था अब 2026 में यह नया संशोधन लागू किया गया है, जो कर ढांचे में एक और महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। क्या यह अस्थायी कदम है? विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, मुद्रा विनिमय दर और घरेलू आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए करों में बदलाव करती रहती है। इसलिए यह संभव है कि: भविष्य में स्थिति के अनुसार इसमें फिर बदलाव किया जाए यदि कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, तो सरकार राहत दे सकती है। निष्कर्ष केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई यह वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली है। जहां एक ओर इससे सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और उद्योगों पर इसका बोझ बढ़ सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि: तेल कंपनियां कीमतों में कितना बदलाव करती हैं राज्य सरकारें क्या रुख अपनाती हैं और आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका कितना असर पड़ता है यह अधिसूचना फिलहाल लागू हो चुकी है और इसके प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज़ 24 सागर से ब्यूरो चीफ सोनू प्रजापति की रिपोर्ट Mob 7582995977
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    पेट्रोल पर बढ़ा एक्साइज ड्यूटी, केंद्र सरकार की नई अधिसूचना जारी।
26 मार्च 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना—पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लागू, उद्योग और आम जनता पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली, 26 मार्च 2026।
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर कर ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना भारत के राजपत्र (The Gazette of India, Extraordinary) में 26 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई, जिसके तहत पेट्रोल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा लिया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करना बताया जा रहा है।
क्या है अधिसूचना का मुख्य प्रावधान?
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 के तहत किया गया है। इसमें वर्ष 2017 के उत्पाद शुल्क नियमों में संशोधन करते हुए पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) पर लागू शुल्क में परिवर्तन किया गया है।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि:
मोटर स्पिरिट (जिसे आमतौर पर पेट्रोल कहा जाता है) पर 18.5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी निर्धारित की गई है।
यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
संशोधन का उद्देश्य कर संरचना को अद्यतन करना और राजस्व में वृद्धि करना है।
किन उत्पादों पर लागू होगा नया शुल्क?
अधिसूचना में “मोटर स्पिरिट” (Motor Spirit) को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि इसमें वह पेट्रोल शामिल होगा जो वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत:
सामान्य पेट्रोल
हाई-स्पीड पेट्रोल
मिश्रित ईंधन (ब्लेंडेड फ्यूल)
को शामिल किया गया है।
हालांकि, अधिसूचना में कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का भी प्रावधान रखा गया है, जैसे:
निर्यात के लिए भेजे जाने वाले उत्पाद
विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में उपयोग होने वाला ईंधन
कुछ सरकारी या औद्योगिक उपयोग के विशेष मामले
क्या होगा आम जनता पर असर?
पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। चूंकि पेट्रोल की कीमतों में करों का बड़ा हिस्सा शामिल होता है, इसलिए इस वृद्धि के बाद पेट्रोल के खुदरा दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
परिवहन लागत में वृद्धि होगी
वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ सकते हैं
महंगाई पर दबाव बढ़ेगा
हालांकि, अंतिम कीमतों पर असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि तेल कंपनियां और राज्य सरकारें अपने स्तर पर क्या निर्णय लेती हैं।
सरकार का पक्ष।
केंद्र सरकार का कहना है कि यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार:वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया हैसरकार बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटा रही हैकर संरचना में यह बदलाव दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी हैउद्योग जगत की प्रतिक्रियापेट्रोलियम और परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है।
सकारात्मक पहलू:
सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलेगा
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा मिलेगा
नकारात्मक पहलू:।
लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी
छोटे व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों पर दबाव बढ़ेगा
महंगाई बढ़ने का खतरा
राज्यों की भूमिका भी अहम।
भारत में पेट्रोल की कीमतों में केंद्र और राज्य दोनों के कर शामिल होते हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि:
राज्य सरकारें अपने वैट (VAT) में कोई बदलाव करती हैं या नहीं
कुछ राज्य जनता को राहत देने के लिए टैक्स घटा सकते हैं
यदि राज्य सरकारें अपने करों में कटौती नहीं करतीं, तो आम जनता पर पूरा भार पड़ सकता है।
पिछले संशोधनों का संदर्भ।
राजपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले:
वर्ष 2019 में एक प्रमुख अधिसूचना जारी की गई थी
वर्ष 2025 में भी इसमें संशोधन किया गया था
अब 2026 में यह नया संशोधन लागू किया गया है, जो कर ढांचे में एक और महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
क्या यह अस्थायी कदम है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, मुद्रा विनिमय दर और घरेलू आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए करों में बदलाव करती रहती है।
इसलिए यह संभव है कि:
भविष्य में स्थिति के अनुसार इसमें फिर बदलाव किया जाए
यदि कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, तो सरकार राहत दे सकती है।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई यह वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाली है। जहां एक ओर इससे सरकारी खजाने को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और उद्योगों पर इसका बोझ बढ़ सकता है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि:
तेल कंपनियां कीमतों में कितना बदलाव करती हैं
राज्य सरकारें क्या रुख अपनाती हैं
और आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका कितना असर पड़ता है
यह अधिसूचना फिलहाल लागू हो चुकी है और इसके प्रभाव आने वाले दिनों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे। 
आवाज मध्यप्रदेश न्यूज़ 24 सागर से 
ब्यूरो चीफ सोनू प्रजापति की रिपोर्ट 
Mob 7582995977
    user_Sonu prajapati journalist Pres
    Sonu prajapati journalist Pres
    Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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