पौराणिक कथाओं और हिंदू ग्रंथों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का मुख्य वास्तुकार और पहला इंजीनियर माना जाता है। उन्होंने भारत और अन्य लोकों में कई प्रसिद्ध नगरों, महलों और दिव्य अस्त्रों का निर्माण किया है। [1, 2, 3, 4] भारत (और पौराणिक भूमि) में उनके द्वारा बनाई गई प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं: द्वारका नगरी: भगवान कृष्ण की राजधानी द्वारका का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था, जो समुद्र में स्थित एक भव्य और समृद्ध नगर थी। [1, 2] इंद्रप्रस्थ: महाभारत काल में पांडਵों की राजधानी इंद्रप्रस्थ (आधुनिक दिल्ली के पास) का निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने किया था। यहाँ का मयामहल अपनी अद्भुत सुंदरता और भ्रमित करने वाले फर्श के लिए प्रसिद्ध था। [1, 2] हस्तिनापुर: कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर के निर्माण का श्रेय भी इन्हें दिया जाता है। [1, 2] जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियाँ: ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध Jagannath Temple में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूल लकड़ी की मूर्तियों का निर्माण विश्वकर्मा जी ने ही किया था। [1, 2] दिव्य अस्त्र और वाहन: भगवान शिव का त्रिशूल, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, इंद्र का वज्र, और कुबेर का Pushpak Vimana (उड़ने वाला रथ) जैसी दिव्य रचनाएँ उन्हीं के द्वारा गढ़ी गई थीं। [1, 2, 3]
पौराणिक कथाओं और हिंदू ग्रंथों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का मुख्य वास्तुकार और पहला इंजीनियर माना जाता है। उन्होंने भारत और अन्य लोकों में कई प्रसिद्ध नगरों, महलों और दिव्य अस्त्रों का निर्माण किया है। [1, 2, 3, 4] भारत (और पौराणिक भूमि) में उनके द्वारा बनाई गई प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं: द्वारका नगरी: भगवान कृष्ण की राजधानी द्वारका का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था, जो समुद्र में स्थित एक भव्य और समृद्ध नगर थी। [1, 2] इंद्रप्रस्थ: महाभारत काल में पांडਵों की राजधानी इंद्रप्रस्थ (आधुनिक दिल्ली के पास) का निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने किया था। यहाँ का मयामहल अपनी अद्भुत सुंदरता और भ्रमित करने वाले फर्श के लिए प्रसिद्ध था। [1, 2] हस्तिनापुर: कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर के निर्माण का श्रेय भी इन्हें दिया जाता है। [1, 2] जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियाँ: ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध Jagannath Temple में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूल लकड़ी की मूर्तियों का निर्माण विश्वकर्मा जी ने ही किया था। [1, 2] दिव्य अस्त्र और वाहन: भगवान शिव का त्रिशूल, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, इंद्र का वज्र, और कुबेर का Pushpak Vimana (उड़ने वाला रथ) जैसी दिव्य रचनाएँ उन्हीं के द्वारा गढ़ी गई थीं। [1, 2, 3]
- पौराणिक कथाओं और हिंदू ग्रंथों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्मांड का मुख्य वास्तुकार और पहला इंजीनियर माना जाता है। उन्होंने भारत और अन्य लोकों में कई प्रसिद्ध नगरों, महलों और दिव्य अस्त्रों का निर्माण किया है। [1, 2, 3, 4] भारत (और पौराणिक भूमि) में उनके द्वारा बनाई गई प्रमुख रचनाएँ इस प्रकार हैं: द्वारका नगरी: भगवान कृष्ण की राजधानी द्वारका का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था, जो समुद्र में स्थित एक भव्य और समृद्ध नगर थी। [1, 2] इंद्रप्रस्थ: महाभारत काल में पांडਵों की राजधानी इंद्रप्रस्थ (आधुनिक दिल्ली के पास) का निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने किया था। यहाँ का मयामहल अपनी अद्भुत सुंदरता और भ्रमित करने वाले फर्श के लिए प्रसिद्ध था। [1, 2] हस्तिनापुर: कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर के निर्माण का श्रेय भी इन्हें दिया जाता है। [1, 2] जगन्नाथ मंदिर की मूर्तियाँ: ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध Jagannath Temple में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूल लकड़ी की मूर्तियों का निर्माण विश्वकर्मा जी ने ही किया था। [1, 2] दिव्य अस्त्र और वाहन: भगवान शिव का त्रिशूल, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, इंद्र का वज्र, और कुबेर का Pushpak Vimana (उड़ने वाला रथ) जैसी दिव्य रचनाएँ उन्हीं के द्वारा गढ़ी गई थीं। [1, 2, 3]1
- आज हम बात करेंगे बिहार के लिए जिसमें देखा जाए कि इधर बाढ से पीड़ित है बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री जी की जन्मदिन पर दिया जलाने के से बात कर रहे हैं1
- चिनिया प्रखंड कार्यालय परिसर में शुरू हुआ दाल-भात केंद्र, ₹5 में मिलेगा भरपेट भोजन चिनिया से हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनिया प्रखंड कार्यालय परिसर में जय माता दी समूह, चिरका-चिनिया के द्वारा मुख्यमंत्री दाल-भात केंद्र का संचालन शुरू कर दिया गया। केंद्र के शुरू होने से प्रखंड कार्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए दूर-दराज के गांवों से पहुंचने वाले ग्रामीणों को काफी सुविधा मिलेगी। यहां लोगों को महज ₹5 में भरपेट दाल, भात और सब्जी उपलब्ध कराया जाएगा। दाल-भात केंद्र के शुरू होने के पहले ही दिन प्रखंड क्षेत्र से अपने विभिन्न कार्यों का निष्पादन कराने पहुंचे कई ग्रामीणों ने केंद्र पर पहुंचकर ₹5 में भरपेट भोजन किया। भोजन करने के बाद ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रखंड कार्यालय में काम कराने के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यह केंद्र काफी उपयोगी साबित होगा। कम कीमत में भरपेट भोजन मिलने से उन्हें बाहर महंगे भोजन पर पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार सरकारी कार्यालयों में काम के सिलसिले में घंटों समय लग जाता है। ऐसे में प्रखंड कार्यालय परिसर में ही सस्ता और भरपेट भोजन उपलब्ध होना लोगों के लिए राहत की बात है। लोगों ने दाल-भात केंद्र का संचालन नियमित रूप से बेहतर तरीके से किए जाने की उम्मीद जताई। इस मौके पर प्रखंड प्रमुख सुनैना देवी, विधायक प्रतिनिधि जगदीश सिंह, प्रखंड कर्मी नुमान अंसारी, जेई सुकेश कुमार, मिथिलेश कुमार, अधिराज टोपो सहित अन्य लोगों ने भी दाल-भात केंद्र पर भोजन का आनंद लिया। केंद्र के शुभारंभ से स्थानीय लोगों में भी खुशी देखी गई।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की उपस्थिति नहीं होने से मरीजों की जान भगवान भरोसे। प्रखंड मुख्यालय चिनियां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की उपस्थिति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बहुत बड़ी समस्या हो रही है। आए दिन देखा जा रहा है कि लगातार मरीजों को रेफर किया जा रहा है लेकिन इलाज नहीं किया जा रहा है। जब नॉर्मल इलाज के लिए भी अगर मरीज को सदर में रेफर किया जाए तो फिर सवाल उठता ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था और सिस्टम पर आखिर इसका भुक्तभोगी कौन होगा ग्रामीण जनता जानना चाह रही है।1
- ★★सभी #मानव_जीवो के लिए #GOD_संदेश ★★ 🎉💫🎉💫🎉💫🎉💫🎉💫🎉 _*★★ अब हमें भी कभी भूखा नहीं सोना पड़ेगा★★*_ " मध्य प्रदेश की एक वृद्ध मां और बेटे का छलका दर्द , 🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏🙇♂️🙏 पुरी विडियो अवश्य देखिए _*Annapurna Muhim*_ You Tube channel पर 🤗🙏🤗🙏🤗🙏🤗🙏🤗🙏🤗1
- गांव-गांव संपर्क कर लोगों को संगठन से जोड़ने का कार्यकर्ताओं से आह्वान। विंढमगंज में बसपा की समीक्षा बैठक, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर। गांव-गांव संपर्क कर लोगों को संगठन से जोड़ने का कार्यकर्ताओं से आह्वान। विंढमगंज/सोनभद्र। सलैयाडीह पंचायत भवन में बहुजन समाज पार्टी की सेक्टर एवं बूथ कार्यकर्ता समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। बैठक में मुख्य मंडल प्रभारी मिर्जापुर रामविचार गौतम ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। बसपा जिला उपाध्यक्ष सेकरार अहमद ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे गरीब और आम लोगों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से क्षेत्र की जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की बात कही। बैठक में दुद्धी विधानसभा अध्यक्ष संदीप भारती, जोन प्रभारी राजकुमार भारती, यूथ नेता यथार्थ जायसवाल, सेक्टर अध्यक्ष सुरेश देहाती, त्रिभुवन भारती, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार गुप्ता, जगदंबा भारती, ऐनुल सिद्दीकी, संजय डीजे, लग्न उरांव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। गौरतलब है कि जून 2026 में विंढमगंज क्षेत्र में हुई बसपा की एक अन्य समीक्षा बैठक में भी संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।1
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- यह मामला झारखंड में नहीं, बल्कि बिहार के गया जिले में है। [1] झारखंड के चतरा जिले के कोयला कारोबारी धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीगंज गड़ेरिया गांव में रहने वाले व्यापारी संतोष कुमार अग्रवाल के घर के बाहर खटिया (खाट) लगाकर धरने पर बैठे हैं। इस मामले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं: स्थान: रानीगंज गड़ेरिया गांव, इमामगंज थाना, गया जिला (बिहार)। [1] विवाद की वजह: चतरा (झारखंड) के कोयला कारोबारी धर्मेंद्र सिंह का दावा है कि कोयला कारोबार के सिलसिले में संतोष कुमार अग्रवाल के पास उनके ₹4 करोड़ 61 लाख बकाया हैं, जिसे वे वापस नहीं कर रहे हैं। [1, 2] धरना: अपना बकाया पैसा वसूलने के लिए धर्मेंद्र सिंह ने संतोष अग्रवाल के घर के दरवाजे पर और बाद में पास के मंदिर के बाहर खटिया डाल दी और महीनों से वहीं डटे हुए हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया (जैसे रिज़वी की रिपोर्ट) पर इस अनोखे प्रदर्शन के कई वीडियो भी वायरल हुए हैं।1