मथुरा के गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा मेले के अवसर पर रविवार को गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाई, जिससे सात कोस का पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृंखला में तब्दील नजर आया। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते, गाते और नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे, जबकि गिरिराज महाराज के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मेले के दौरान ब्रज की परंपरा और अतिथि सत्कार का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने अधीनस्थ अधिकारियों और गोवर्धन नगर पंचायत चेयरमैन के साथ मिलकर परिक्रमार्थियों पर पुष्प वर्षा की और इत्र छिड़ककर उनका भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए परिक्रमा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे पूरे भक्तिमय और सुरक्षित वातावरण में गुरु पूर्णिमा पर्व संपन्न हुआ।
मथुरा के गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा मेले के अवसर पर रविवार को गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाई, जिससे सात कोस का पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृंखला में तब्दील नजर आया। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते, गाते और नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे, जबकि गिरिराज महाराज के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मेले के दौरान ब्रज की परंपरा और अतिथि सत्कार का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने अधीनस्थ अधिकारियों और गोवर्धन नगर पंचायत चेयरमैन के साथ मिलकर परिक्रमार्थियों पर पुष्प वर्षा की और इत्र छिड़ककर उनका भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए परिक्रमा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे पूरे भक्तिमय और सुरक्षित वातावरण में गुरु पूर्णिमा पर्व संपन्न हुआ।
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में साधु-संतों ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर एक विशेष आयोजन किया। इस आयोजन में भजन-कीर्तन के साथ-साथ एक महा रैली का भी आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य लोगों को गौ माता के प्रति जागरूक करना और उन्हें गौ माता की ओर आकर्षित करना था। साधु-संतों ने भजन-कीर्तन के साथ रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। इस आयोजन से गौ माता के सम्मान में लोगों की भावनाओं को और मजबूत करने की कोशिश की गई।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर महत्वपूर्ण बात कही है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए श्री नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। परीक्षा सुधारों से जुड़े इस फैसले का छात्रों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा जगत पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।1
- मथुरा में कथित मांस सप्लाई की सूचना मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही संदिग्ध व्यक्ति मौके पर अपना बैग छोड़कर फरार हो गए।1
- मथुरा के गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा मेले के अवसर पर रविवार को गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा लगाई, जिससे सात कोस का पूरा परिक्रमा मार्ग मानव श्रृंखला में तब्दील नजर आया। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु राधा-कृष्ण के भजनों पर झूमते, गाते और नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे, जबकि गिरिराज महाराज के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मेले के दौरान ब्रज की परंपरा और अतिथि सत्कार का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने अधीनस्थ अधिकारियों और गोवर्धन नगर पंचायत चेयरमैन के साथ मिलकर परिक्रमार्थियों पर पुष्प वर्षा की और इत्र छिड़ककर उनका भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए परिक्रमा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे पूरे भक्तिमय और सुरक्षित वातावरण में गुरु पूर्णिमा पर्व संपन्न हुआ।1
- मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र स्थित कालेश्वर मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है।1
- मथुरा के होटल विनायक पैलेस में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के तत्वावधान में 27वां कारगिल विजय दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और वीर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह (पूर्व जेसीओ) ने कहा कि यह दिवस वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में दुर्गम पर्वतीय चोटियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगा फहराने वाले सैनिकों की स्मृति को समर्पित है। उन्होंने मथुरा जनपद के वीर सपूतों का उल्लेख करते हुए बताया कि नावली के लाल रविकरन नौहवार ने सीने पर आठ गोलियां खाकर देश की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं गोवर्धन क्षेत्र के नगरिया (उम्मीद की नगरिया) के शहीद सोरन सिंह ने भी मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर कर जनपद का गौरव बढ़ाया। वक्ताओं ने स्मरण कराया कि लगभग 60 दिनों तक चले कारगिल युद्ध में 527 से अधिक भारतीय सैनिक शहीद हुए थे और 1,300 से अधिक सैनिक घायल हुए थे। समारोह के दौरान उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं एवं वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में एस.के. सिंह (पूर्व गोताखोर सुपरिंटेंडेंट) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और संचालन डॉ. रमेश चन्द (पूर्व जेसीओ) ने किया। इस दौरान बलबीर सिंह, भगवान सिंह, हरिओम सिंह, राजेश चौधरी, राजवीर सिंह, विजयपाल सिंह, मुन्नालाल, जुगेंद्र सिंह, लालचंद कुशवाह, ओमवीर सिंह, श्रीनिवास शर्मा, रणवीर सिंह, ऋषिदेव, राजबहादुर और प्रहलाद सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिक मौजूद रहे।4
- पिछले 50 सालों से जलभराव की मार लगातार जारी है, जिसके चलते हजारों बीघा जमीन पूरी तरह बंजर हो चुकी है। दशकों से बनी इस स्थिति की वजह से भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है और अब यह तीखा सवाल खड़ा हो रहा है कि इस बदहाली के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।1
- आगरा-दिल्ली हाईवे पर महेश्वरी चौराहे के आगे एक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक ट्रक की टक्कर के बाद एक गाड़ी पलट गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।1