मोहर्रम की 12वीं तारीख (तीजा) के अवसर पर काशी नगरी वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से एक अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय दृश्य सामने आया, जिसने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल कायम की। जब इकबाल अहमद ख़लिफ़ा का अखाड़ा अपना परंपरागत खेल प्रदर्शन कर रहा था, उसी दौरान अचानक एक एंबुलेंस वहां पहुंच गई। एंबुलेंस के सायरन की आवाज़ सुनते ही, खिलाड़ियों ने बिना किसी संकोच या देरी के अपना खेल तत्काल रोक दिया और एंबुलेंस को सुरक्षित तथा सुगम रास्ता प्रदान किया। यह दृश्य केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक बन गया। इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और इकबाल अहमद ख़लिफ़ा के वरिष्ठ खिलाड़ी इम्तियाज़ अहमद गामा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और सभी खिलाड़ियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता देने का संदेश दिया। उन्होंने शांत और प्रेरणादायक शब्दों में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए समझाया कि खेल से पहले मानव जीवन सर्वोपरि है। उनके इस नेतृत्व और मोहम्मद वसीम, मोहम्मद मोहसिन के साथ खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए इस अनुशासन और संवेदनशीलता की मौके पर मौजूद लोगों, स्थानीय नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने खुले दिल से प्रशंसा की, इसे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। तीजा के अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, और पुलिस बल पूरे जुलूस तथा अखाड़ा आयोजन के दौरान मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने भी खिलाड़ियों के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरक बताया। यह घटना दर्शाती है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, मानवता और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है, और मानव सेवा ही सर्वोच्च खेल भावना है।
मोहर्रम की 12वीं तारीख (तीजा) के अवसर पर काशी नगरी वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से एक अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय दृश्य सामने आया, जिसने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल कायम की। जब इकबाल अहमद ख़लिफ़ा का अखाड़ा अपना परंपरागत खेल प्रदर्शन कर रहा था, उसी दौरान अचानक एक एंबुलेंस वहां पहुंच गई। एंबुलेंस के सायरन की आवाज़ सुनते ही, खिलाड़ियों ने बिना किसी संकोच या देरी के अपना खेल तत्काल रोक दिया और एंबुलेंस को सुरक्षित तथा सुगम रास्ता प्रदान किया। यह दृश्य केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक बन गया। इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और इकबाल अहमद ख़लिफ़ा के वरिष्ठ खिलाड़ी इम्तियाज़ अहमद गामा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और सभी खिलाड़ियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता देने का संदेश दिया। उन्होंने शांत और प्रेरणादायक शब्दों में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए समझाया कि खेल से पहले मानव जीवन सर्वोपरि है। उनके इस नेतृत्व और मोहम्मद वसीम, मोहम्मद मोहसिन के साथ खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए इस अनुशासन और संवेदनशीलता की मौके पर मौजूद लोगों, स्थानीय नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने खुले दिल से प्रशंसा की, इसे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। तीजा के अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, और पुलिस बल पूरे जुलूस तथा अखाड़ा आयोजन के दौरान मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने भी खिलाड़ियों के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरक बताया। यह घटना दर्शाती है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, मानवता और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है, और मानव सेवा ही सर्वोच्च खेल भावना है।
- मोहर्रम की 12वीं तारीख (तीजा) के अवसर पर काशी नगरी वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से एक अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय दृश्य सामने आया, जिसने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल कायम की। जब इकबाल अहमद ख़लिफ़ा का अखाड़ा अपना परंपरागत खेल प्रदर्शन कर रहा था, उसी दौरान अचानक एक एंबुलेंस वहां पहुंच गई। एंबुलेंस के सायरन की आवाज़ सुनते ही, खिलाड़ियों ने बिना किसी संकोच या देरी के अपना खेल तत्काल रोक दिया और एंबुलेंस को सुरक्षित तथा सुगम रास्ता प्रदान किया। यह दृश्य केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक बन गया। इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और इकबाल अहमद ख़लिफ़ा के वरिष्ठ खिलाड़ी इम्तियाज़ अहमद गामा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और सभी खिलाड़ियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता देने का संदेश दिया। उन्होंने शांत और प्रेरणादायक शब्दों में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए समझाया कि खेल से पहले मानव जीवन सर्वोपरि है। उनके इस नेतृत्व और मोहम्मद वसीम, मोहम्मद मोहसिन के साथ खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए इस अनुशासन और संवेदनशीलता की मौके पर मौजूद लोगों, स्थानीय नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने खुले दिल से प्रशंसा की, इसे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। तीजा के अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, और पुलिस बल पूरे जुलूस तथा अखाड़ा आयोजन के दौरान मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने भी खिलाड़ियों के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरक बताया। यह घटना दर्शाती है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, मानवता और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है, और मानव सेवा ही सर्वोच्च खेल भावना है।1
- कौवापुर में मुहर्रम के 'तीजा' कार्यक्रम के उपलक्ष्य में लाठी-पटा के हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया। इन शानदार करतबों के कारण खेल का मैदान देर रात तक गूंजता रहा, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।1
- काशी वाराणसी में वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार सिंह 'अन्ना' के पिताजी के निधन पर सामाजिक संस्था उत्तर प्रदेश नागरिक सेवा संगठन के कैंप कार्यालय में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश नागरिक सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।1
- चंदौली मारूफपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष के रूप में संतलाल मौर्य का चुनाव किया गया है। जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय की रिपोर्ट के अनुसार, अध्यक्ष बनने के बाद संतलाल मौर्य ने व्यापारियों की एकजुटता पर विशेष जोर दिया।1
- क्रिकेट के इतिहास में एक अभूतपूर्व और सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ आयरलैंड ने टी20 विश्व चैंपियन टीम को 2-0 से करारी शिकस्त दी है। आयरलैंड की इस ऐतिहासिक जीत को क्रिकेट जगत में अब तक के सबसे बड़े उलटफेरों में शुमार किया जा रहा है, जिसने सभी खेल प्रेमियों को चौंका दिया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित ग्राम सभा कौवापुर के खेल मैदान में रविवार देर रात मुहर्रम के चांद की 10वीं तारीख के तीन दिन बाद पारंपरिक तीजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आसपास के कई गांवों के अखाड़ों ने लाठी-पटा का जोरदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में अजगरा विधायक त्रिभुवन राम सहित जिला पंचायत सदस्य अंजनी नंदन पाण्डेय, कपिल नारायण पाण्डेय, रामप्रकाश सिंह, वीरू राणा सिंह चौहान, संजय गुप्ता, सिकन्दर भईया और सूरज चौधरी जैसे कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कौवापुर, धौरहरा, अजांव, श्रीकंठपुर, बैरागीपुर, नरपतपुर और चंद्रावती सहित सात गांवों से आए अखाड़ों ने अपने हैरतअंगेज करतब दिखाए। देर रात्रि तक चले इस आयोजन में सभी अखाड़ों के उस्ताद और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे, जहाँ युवाओं ने पारंपरिक खेलों में अपना दमखम दिखाया। यह खास रिपोर्ट न्यूज टू इंडिया से संपादक हाजी हफीजुल्ला वारसी द्वारा प्रस्तुत की गई।1
- बदायूं में 28 जून 2026 को दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर वैश्य गरिमा मंच ने एक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष शिवस्वरूप गुप्ता, युवा प्रदेश अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता और बदायूं नगर अध्यक्ष भगवान स्वरूप गुप्ता 'भोले' के नेतृत्व में बदायूं मेडिकल कॉलेज और जिला पुरुष चिकित्सालय में मरीजों तथा उनके तीमारदारों को खाद्य सामग्री वितरित की गई। इसी अवसर पर दानवीर भामाशाह जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की प्रबल मांग भी की गई, और इसके साथ ही क्षत्रिय-वैश्य एकता पर विशेष जोर दिया गया।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित ग्राम सभा कौवापुर के खेल मैदान में रविवार देर रात पारंपरिक तीजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुहर्रम के चांद की 10वीं तारीख के तीन दिन बाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर, आसपास के कई गांवों के अखाड़ों ने लाठी-पटा का जोरदार प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।1