Shuru
Apke Nagar Ki App…
दिल को बहुत बड़ा झटका लगा हमने भी एक हीरा गवा दिया अत्यंत दुख के साथ कहना पड़ रहा है सत सत नमन भगवान उनकी आत्मा को शांति दे परिवार को धैर्य रखने की क्षमता दे
Lucky sukhwal
दिल को बहुत बड़ा झटका लगा हमने भी एक हीरा गवा दिया अत्यंत दुख के साथ कहना पड़ रहा है सत सत नमन भगवान उनकी आत्मा को शांति दे परिवार को धैर्य रखने की क्षमता दे
More news from राजस्थान and nearby areas
- 🌺🙏🏽SRI LAKSHMINATH ♥️ BHAGVAN SIV ♥️ SANKAR JI VASAKRAJ MAHARAJ ♥️ ❤️ GOVIND SAWARIYA ♥️ ❤️ SETH JI ♥️ ❤️ AAPKI JAY HO SDA SARVDA AAP HI AAP HO HARI ♥️ 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 🕉 SIVAY NAMAH SRI ♥️ RAM ♥️ 🙏🏽 JAY RAM ♥️ 🌹 JAY JAY RAM ♥️1
- ❗ सवाल ये नहीं कि अधिकार किसे मिले… सवाल ये है कि न्याय सबको बराबर मिले या नहीं? 💬 क्यों उठ रही है “पुरुष आयोग” की मांग? पारिवारिक विवादों में एकतरफा कार्रवाई की शिकायतें मानसिक उत्पीड़न के मामलों में पुरुषों की आवाज़ का दब जाना झूठे मामलों में फंसने का डर और सामाजिक बदनामी पुरुषों के लिए समर्पित हेल्पलाइन और काउंसलिंग की कमी 🧠 समाधान क्या हो सकता है? ✔️ एक ऐसा मंच जहां पुरुष भी अपनी बात खुलकर रख सकें ✔️ निष्पक्ष जांच और सुनवाई की व्यवस्था ✔️ मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग सपोर्ट ✔️ जागरूकता कि “मदद मांगना कमजोरी नहीं है” 🚨 याद रखिए: नारी सम्मान जरूरी है… लेकिन पुरुष सम्मान भी उतना ही जरूरी है। समाज संतुलन से चलता है, किसी एक पक्ष के झुकने से नहीं। 👉 हमें टकराव नहीं, बराबरी चाहिए। हमें विवाद नहीं, न्याय चाहिए। हमें चाहिए — “पुरुष आयोग”। #पुरुष_आयोग #समान_अधिकार #न्याय आज समाज में एक खतरनाक ट्रेंड बढ़ रहा है — रिश्तों में धोखा, मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद के कारण कई पुरुष आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। ❓ लेकिन सवाल ये है — क्या यही समाधान है? या फिर अपने ही परिवार को आजीवन दर्द देने वाली एक और त्रासदी? 💔 सच्चाई कड़वी है, लेकिन जरूरी है समझना: किसी के गलत व्यवहार की सजा खुद को देना न्याय नहीं है। अगर पत्नी या उसके परिवार द्वारा मानसिक, आर्थिक या कानूनी दबाव बनाया जा रहा है — तो कानून और न्याय व्यवस्था आपके लिए भी है। ⚖️ आपके पास रास्ते हैं: ✔️ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं (अगर अनदेखी हो, तो उच्च अधिकारियों तक जाएं) ✔️ कोर्ट-कचहरी का सहारा लें ✔️ सबूत इकट्ठा करें — हर बात का रिकॉर्ड रखें ✔️ किसी भरोसेमंद वकील से सलाह लें 🧠 सबसे जरूरी बात: चुप रहना या टूट जाना समाधान नहीं है… लड़ना है — लेकिन कानूनी और सही तरीके से। 🙏 एक अपील: अगर आप या आपका कोई जानने वाला इस तरह के तनाव से गुजर रहा है — उसे अकेला मत छोड़िए, उसकी बात सुनिए, उसे सहारा दीजिए। 🚨 याद रखिए: एक गलत फैसला आपकी पूरी जिंदगी ही नहीं, आपके माता-पिता, बच्चों और परिवार की दुनिया भी तोड़ देता है। 👉 जिंदगी से मत हारो, हालात से लड़ो! #आत्महत्या_रोकथाम #पुरुष_जागरूकता #मानसिक_स्वास्थ्य #StayStrong #LifeMatters1
- प्रदेश से संवाददाता संजना कुंवर चौहान की रिपोर्ट1
- Post by Lucky sukhwal1
- चित्तौड़गढ़ । उदयपुर हिरण मगरी सेक्टर 5 स्थित श्री राड़ा जी बावजी मन्दिर में ध्वजा परिवर्तन एवं चौथे पाटोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम के पत्रक एवं बैनर का विधिवत विमोचन किया गया। मंदिर सेवक विष्णु पटेल ने बताया कि 6 मई की रात्रि को “एक शाम राड़ा जी बावजी के नाम” भजन संध्या एवं रात्रि जागरण का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। वहीं 7 मई को सायंकाल ध्वजा परिवर्तन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके साथ ही महाप्रसादी का भी आयोजन रखा गया है। विमोचन कार्यक्रम में पार्षद लौकेश गौड़, ओम प्रकाश राव, सुनील पाहुजा, पुनीत, अंबालाल पामेचा, शिवलाल कुमावत, जगदीश नागदा, हिमांशु गौड़, कैलाश टेलर सहित अन्य श्रद्धालु एवं समिति सदस्य मौजूद रहे। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।4
- Post by Dev karan Mali1
- छोटी सादड़ी देश के निर्माण में श्रमिकों की अहम भूमिका होती है लेकिन इन्हें बहुत सी बार दरकिनार किया जाता है हर कार्य में श्रमिक की जरूरत होती है बिना श्रम के कोई कार्य नहीं होता है चाहे निर्माण कार्य हो चाहे कृषि कार्य हो और बहुत से प्रकार के ऐसे कार्य होते हैं जिसमें मैनपॉवर ही काम करता है सभी देशवासियों को श्रमिक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं4
- ⚖️ क्यों नहीं ऐसे अपराधियों को फांसी होनी चाहिए? आजकल सामने आ रहे मामले — छुपकर वीडियो बनाना, उसे पोर्न साइट पर बेचना, और किसी की इज्जत का सौदा करना… ये सिर्फ अपराध नहीं, बेहद घटिया मानसिकता 🚫 लेकिन सवाल अभी भी बाकी है… क्या ऐसी मानसिकता रखने वालों के लिए सजा और कड़ी क्यों नहीं होनी चाहिए? 📢 सोचिए और आवाज उठाइए — • सख्त कानून • तेज न्याय • और कठोर सजा ताकि कोई भी इंसान किसी की इज्जत को “कंटेंट” या “कमाई” समझने की हिम्मत ना करे।1