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अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावे की धनराशि की हेराफेरी तथा चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। छह दिनों की गहन पड़ताल के बाद SIT ने सबूत, बयान और बैंक दस्तावेजों को सात पेन ड्राइव में सुरक्षित कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों समेत अन्य पर कड़ी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। जांच में अब तक 150 संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से 25 लोग सीधे तौर पर घेरे में हैं और उन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। SIT ने पूछताछ के दायरे में आए सभी लोगों, जिनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी शामिल हैं, को अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर न जाने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके चलते उन्हें उनके पदों से हटाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी उनके पद से हटाए जाने की प्रबल संभावना है। SIT ने दान राशि की गिनती में शामिल पांच कर्मचारियों — लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू — की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपये की राशि बरामद की है। मुख्य आरोपी टिन्नू, जिसका मंदिर परिसर में काफी दबदबा था, से लगातार पूछताछ की गई है। 13 जून को टिन्नू के घर से भारी मात्रा में सोना भी बरामद हुआ, हालांकि उसकी सटीक मात्रा और मूल्य की पुष्टि अभी बाकी है। जांच टीम ने केवल मौजूदा आरोपों तक सीमित न रहते हुए, 2021 से लेकर अब तक के मंदिर के दानपात्रों, बैंक खातों, अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की है। सीसीटीवी फुटेज से लेकर बैंक में नकद जमा करने की प्रक्रिया तक, हर पहलू की पड़ताल की गई है। शनिवार को SIT ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों का विस्तृत विवरण भी हासिल कर लिया। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 7 जून को राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपये तक की चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्रस्ट से रिपोर्ट तलब की थी। यद्यपि चंपत राय ने शुरुआत में इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था, लेकिन SIT की जांच ने अब इस पूरे घटनाक्रम को एक गंभीर कानूनी मोड़ दे दिया है। फिलहाल, अयोध्या में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज है।

3 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
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अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावे की धनराशि की हेराफेरी तथा चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। छह दिनों की गहन पड़ताल के बाद SIT ने सबूत, बयान और बैंक दस्तावेजों को सात पेन ड्राइव में सुरक्षित कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों समेत अन्य पर कड़ी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। जांच में अब तक 150 संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से 25 लोग सीधे तौर पर घेरे में हैं और उन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। SIT ने पूछताछ के दायरे में आए सभी लोगों, जिनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी शामिल हैं, को अगले आदेश तक अयोध्या छोड़कर न जाने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके चलते उन्हें उनके पदों से हटाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी उनके पद से हटाए जाने की प्रबल संभावना है। SIT ने दान राशि की गिनती में शामिल पांच कर्मचारियों — लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू — की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपये की राशि बरामद की है। मुख्य आरोपी टिन्नू, जिसका मंदिर परिसर में काफी दबदबा था, से लगातार पूछताछ की गई है। 13 जून को टिन्नू के घर से भारी मात्रा में सोना भी बरामद हुआ, हालांकि उसकी सटीक मात्रा और मूल्य की पुष्टि अभी बाकी है। जांच टीम ने केवल मौजूदा आरोपों तक सीमित न रहते हुए, 2021 से लेकर अब तक के मंदिर के दानपात्रों, बैंक खातों, अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की है। सीसीटीवी फुटेज से लेकर बैंक में नकद जमा करने की प्रक्रिया तक, हर पहलू की पड़ताल की गई है। शनिवार को SIT ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों का विस्तृत विवरण भी हासिल कर लिया। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 7 जून को राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपये तक की चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्रस्ट से रिपोर्ट तलब की थी। यद्यपि चंपत राय ने शुरुआत में इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था, लेकिन SIT की जांच ने अब इस पूरे घटनाक्रम को एक गंभीर कानूनी मोड़ दे दिया है। फिलहाल, अयोध्या में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज है।

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  • Post by Jitendra Kumar
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    Post by Jitendra Kumar
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, हर्रैया के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अजय सिंह जी ने राम रेखा मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक योग शिविर में भागीदारी की। इस दौरान योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया गया, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण दिन देश और दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ करोड़ों लोगों ने योग करके स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।
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    आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, हर्रैया के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अजय सिंह जी ने राम रेखा मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक योग शिविर में भागीदारी की।

इस दौरान योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया गया, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है।

यह महत्वपूर्ण दिन देश और दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ करोड़ों लोगों ने योग करके स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।
    user_Shivaji Sonkar
    Shivaji Sonkar
    Social Media Manager हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था। योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।
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    आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था।

योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है।

इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    2 hrs ago
  • संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं।

इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें।

इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_S R Pandey
    S R Pandey
    उत्तर प्रदेश न्यूज़ ब्यूरो चीफ संत कबीर Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    3 hrs ago
  • संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।
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    संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।

संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है।

राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।
    user_राकेश यादव
    राकेश यादव
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।
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    बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।
    user_Kamran_ansari
    Kamran_ansari
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • यह सोशल मीडिया पोस्ट भरत तिवारी को 'आज का भगत सिंह' बताते हुए उनकी शहादत का जिक्र करता है। पोस्ट में कहा गया है कि जिस तरह भगत सिंह ने संघर्ष करते हुए अपनी शहादत दी, उसी तरह भरत तिवारी भी लड़ते हुए शहीद हुए। दोनों की शहादत में मुख्य अंतर यह बताया गया है कि भगत सिंह को अंग्रेजों ने शहीद किया, जबकि भरत तिवारी को 'अपनों' ने शहीद किया।
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    यह सोशल मीडिया पोस्ट भरत तिवारी को 'आज का भगत सिंह' बताते हुए उनकी शहादत का जिक्र करता है। पोस्ट में कहा गया है कि जिस तरह भगत सिंह ने संघर्ष करते हुए अपनी शहादत दी, उसी तरह भरत तिवारी भी लड़ते हुए शहीद हुए। दोनों की शहादत में मुख्य अंतर यह बताया गया है कि भगत सिंह को अंग्रेजों ने शहीद किया, जबकि भरत तिवारी को 'अपनों' ने शहीद किया।
    user_Kamran_ansari
    Kamran_ansari
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
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