नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और सरकारी उपार्जन नीति के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सोमवार शाम 6 बजे किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रतीकात्मक 'मूंग की बारात' निकाली। धरना स्थल से लेकर एसडीएम कार्यालय तक किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग उठाई। किसानों का आरोप है कि सरकार कुल उत्पादन का केवल लगभग 25 प्रतिशत ही खरीद रही है। वर्तमान में प्रति एकड़ मात्र 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग खरीदी की सीमा तय की गई है, जबकि औसत पैदावार 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है। इस सीमा के कारण अधिकांश उपज सरकारी खरीद से बाहर रह जाती है। मूंग का समर्थन मूल्य ₹8,768 प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन सीमा के कारण किसानों को बची हुई उपज खुले बाजार में ₹6,000 से ₹6,500 प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के संभागीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी और अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई, खाद, बीज, दवा और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जुलाई को स्थानीय विधायक प्रेम शंकर वर्मा के गृह ग्राम बगवाड़ा में उनके निवास के सामने चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और सरकारी उपार्जन नीति के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सोमवार शाम 6 बजे किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रतीकात्मक 'मूंग की बारात' निकाली। धरना स्थल से लेकर एसडीएम कार्यालय तक किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग उठाई। किसानों का आरोप है कि सरकार कुल उत्पादन का केवल लगभग 25 प्रतिशत ही खरीद रही है। वर्तमान में प्रति एकड़ मात्र 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग खरीदी की सीमा तय की गई है, जबकि औसत पैदावार 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है। इस सीमा के कारण अधिकांश उपज सरकारी खरीद से बाहर रह जाती है। मूंग का समर्थन मूल्य ₹8,768 प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन सीमा के कारण किसानों को बची हुई उपज खुले बाजार में ₹6,000 से ₹6,500 प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के संभागीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी और अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई, खाद, बीज, दवा और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जुलाई को स्थानीय विधायक प्रेम शंकर वर्मा के गृह ग्राम बगवाड़ा में उनके निवास के सामने चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
- नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और सरकारी उपार्जन नीति के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सोमवार शाम 6 बजे किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रतीकात्मक 'मूंग की बारात' निकाली। धरना स्थल से लेकर एसडीएम कार्यालय तक किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग उठाई। किसानों का आरोप है कि सरकार कुल उत्पादन का केवल लगभग 25 प्रतिशत ही खरीद रही है। वर्तमान में प्रति एकड़ मात्र 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग खरीदी की सीमा तय की गई है, जबकि औसत पैदावार 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है। इस सीमा के कारण अधिकांश उपज सरकारी खरीद से बाहर रह जाती है। मूंग का समर्थन मूल्य ₹8,768 प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन सीमा के कारण किसानों को बची हुई उपज खुले बाजार में ₹6,000 से ₹6,500 प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के संभागीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी और अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने कहा कि सिंचाई, खाद, बीज, दवा और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जुलाई को स्थानीय विधायक प्रेम शंकर वर्मा के गृह ग्राम बगवाड़ा में उनके निवास के सामने चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।1
- नर्मदापुरम जिले के डोलरिया तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डूडूगांव में एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है। यहाँ रहने वाले किसान बैजनाथ तोमर के खेत में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धान के रोपे पर सफाया नाशक दवाई का छिड़काव कर दिया। इस अज्ञात कृत्य के कारण किसान के 50 किलो धान के रोपे का पूरी तरह से सत्यानाश हो गया है, जिससे पीड़ित किसान बेहद परेशान है। डोलरिया क्षेत्र में लगातार ऐसी नई-नई घटनाएं देखने और सुनने को मिल रही हैं। यहाँ कभी खेतों से मोटर की केबल डोरी चोरी होने की वारदातें सामने आ रही हैं, तो कभी अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा धान के रोपे में सफाया नाशक छिड़कने जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।1
- इटारसी के जुझारपुर में लगातार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की वारदातों को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस से मिले आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।1
- हरदा में नाराज किसानों ने एक अनोखा प्रदर्शन किया है, जहां वे अपने सिर पर मूंग की थैली रखकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए ये नाराज किसान सिर पर मूंग की थैली लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया थाना स्टेशन रोड पर स्कूल बसों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पुलिस टीम ने कुल 9 स्कूल बसों की जांच की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक राजेंद्र कुशवाहा, सहायक उप निरीक्षक रेखा मुनिया, प्रधानारक्षक हरिओम, महिला प्रधान आरक्षक रीता शाह और आरक्षक प्रभाकर शामिल रहे। जांच के दौरान शासन द्वारा तय किए गए मापदंडों के अनुसार स्कूल बसों की स्थिति का आकलन किया गया। इसके साथ ही, स्कूल बस सेवा में बेहतर अनुशासन और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ड्राइवर और कंडक्टर को अनिवार्य रूप से वर्दी में रहने की समझाइश दी गई।1
- नर्मदापुरम के सिवनी मालवा नगर में सोमवार सुबह से शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। प्रशासन ने नगर पालिका भवन के नीचे, जयस्तंभ चौक, गांधी चौक, चौपाटी तथा सांदीपनी स्कूल के आसपास बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को साफ किया। इस कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर दुकानदारों और अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सोमवार शाम करीब 4 बजे एसडीएम विजय राय स्वयं चौपाटी पहुंचे और उन्होंने सीएमओ से अतिक्रमण न हटने का कारण पूछा। सीएमओ द्वारा दुकानदारों द्वारा सामान न हटाए जाने की बात कहने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और तत्काल जेसीबी बुलवाकर टप हटाने की कार्रवाई शुरू करवाई। हालांकि दुकानदारों के विरोध पर एसडीएम ने उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए एक घंटे का समय दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब अतिक्रमण नहीं हटा, तो जेसीबी से टपों को तोड़ने की कार्रवाई की गई और सामान जब्त कर लिया गया। इसी बीच जब एसडीएम विजय राय सांदीपनी स्कूल के पास पहुंचे, तो वार्ड क्रमांक 09 के पार्षद ईश्वरदास जमीदार से उनकी बहस हो गई। पार्षद ने कहा कि वे अतिक्रमण के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन इस तरह टपों को तोड़ना सही नहीं है। वहीं एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सांदीपनी स्कूल के आसपास पान-गुटखा, गांजा और शराब की अवैध बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते छात्रों और आम जनता की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पिछले छह महीने से समझाइश और तीन दिन से मुनादी कराकर चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने साफ किया कि नगर में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- नर्मदापुरम के पोस्ट ऑफिस घाट पर डूब रही एक महिला की जान कोतवाली पुलिस और डायल-112 की टीम की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से बच गई। घाट पर महिला के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए नदी में डूब रही महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। नदी से बाहर निकाले जाने के समय महिला पूरी तरह बेहोश हो चुकी थी। मौके पर मौजूद उप निरीक्षक दीपिका लोखंडे, आरक्षक हरीश और पंकेश के साथ-साथ डायल-112 में तैनात प्रधान आरक्षक राकेश और पायलट ने तत्काल सक्रियता दिखाई। पुलिस टीम ने महिला को तत्काल सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता प्रदान की, जिससे कुछ ही देर में उसकी सांसें लौट आईं और उसकी चेतना वापस आ गई। इसके बाद महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की मौके पर मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की।4