अगर-मगर वाली कोई बात नहीं जों होता अच्छा होता जों होगा अच्छा होगा मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नहीं। क्योंकि जिंदगी में कुछ नहीं अब यदि मेरा परिवार, आसपास के रहवासी, समाज, मित्रजन, शुभचिंतकगण यदि मेरी बातों विचारों प्रतिभाओं योग्यताओं उद्देश्यों को समझकर महत्व दिए होते साथ दिए होते तो मुझे इस तरह कष्टमय जीवन जीना नहीं पड़ता। इतने लोग वीडियो देखते लेख पढ़ते पोस्ट देखते लेकिन किसी ने भी समाजसेवी कार्यों में कोई सहायता नहीं किए पूरा भागादौड़ी खर्च वहन मैंने किया और ना होते हुए भी बहुत कुछ करता लेकिन दुनिया में खुद को महत्व देना अच्छा बात है सच्चे समाजसेवियों को सहयोग ना करना अच्छा नहीं हैं मैं भी अच्छे से जीता दूसरों की तरह लेकिन हत्या, बलात्कार और खुदकुशी ऐसे सामाजिक कलंक है जिसके लिए काफी अधिक मात्रा में समाजसेवियों की आवश्यकता यदि शासन व दुर्गवासी मुझे महत्व देकर सहायता करें साथ दें तो बहुत कुछ कर सकता। मैं अपना रोटी, कपड़ा और मकान की कैसे व्यवस्था करता होंगा किसी को ख्याल नहीं। बिना किसी रोजगार, स्वरोजगार, आजीविका के मेरे सामाजिक सेवा में आप लोग अपने से कभी सहायता नहीं किए यहां तक किसी राजनीतिज्ञ ने भी सहायता नहीं किया चुनाव के समय कितना खर्च करते हैं सब। पर सामान्य दुर्ग के नागरिकों में इतनी तों सोच समझ रहना आवश्यक बिना धर्म, राजनीति, आर्थिक, नाम ख्याति के सेवाकार्य कर रहा हूं जहां औसत खर्च एक व्यक्ति का कम से कम 200 रुपए हैं खाने पीने रहने व अन्य दैनिक जीवन में व्यय उस व्यय को कैसे वहन करता होंगा। यदि मैं कर रहा हूं तो इसलिए ताकि भावी पीढ़ी के समाजसेवियों को इतना कष्ट सहना ना पड़ें कई लोग मुझे कहते आर एस एस में चले जाओं किसी आश्रम में चले जाओं .. अच्छा इतना दयनीय स्थिति कि, सेवा के पेशों से जुड़े लोगों का .... उनके लिए त्याग करना आवश्यक हैं... यह सही नहीं ऐसा सही नहीं हर किसी को अधिकार है अपनी योग्यता साबित करने की यह तो नागरिकों को सोचना समझना होगा कि केवल समाजसेवी कार्यों को महत्व दें या राजनीतिज्ञों, धार्मिक, व्यवसायियों को। पिताजी के निधन के बाद मैं कोई नई जिम्मेदारी सेवाकार्य स्वीकार नहीं कर रहा। पिछले कार्यों को व्यवस्थित कर आसानी, सरलता, सहजता से विचारों को योग्यता को बता-समझा कर जाना चाहूंगा सबसे बुरी बात इंसान एक अकेले समाजसेवी को सहयोग नहीं करते एक अकेला भी चाहें तो बहुत कुछ कर सकता इसलिए हर बार की तरह इस बार भी कहता हूं मेरे समाजसेवी कार्यों विचारों को समझकर महत्व देते हुए साथ दें कृपया सलाह देने की बजाय। क्योंकि अपने जीवन के बारे में मुझे पता है मैं क्या कर सकता क्या नहीं जो सही उचित अच्छा होगा वहीं करने का इच्छुक हूं आपको दूर से लगता जरुर होगा कि आपको (मुझे) यह करना चाहिए वों करना चाहिए पर मैं वहीं करता जो वास्तव में बेहतर हों सकें। जों मैं कर सकता वहीं कहता। पर ज्यादातर लोग बिना सोचे समझे वह भी कह देते सलाह दे देते बिना मदद सहयोग किये जो उचित नहीं। यदि हों सकें तो समझकर महत्व देते हुए समाजसेवी कार्यों में साथ दें। जयवर्धन समाजसेवी हंसराज नवयुवक मंडल दुर्ग छत्तीसगढ़। संपर्क क्रमांक - 9202219810. 👏👏👏.
अगर-मगर वाली कोई बात नहीं जों होता अच्छा होता जों होगा अच्छा होगा मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नहीं। क्योंकि जिंदगी में कुछ नहीं अब यदि मेरा परिवार, आसपास के रहवासी, समाज, मित्रजन, शुभचिंतकगण यदि मेरी बातों विचारों प्रतिभाओं योग्यताओं उद्देश्यों को समझकर महत्व दिए होते साथ दिए होते तो मुझे इस तरह कष्टमय जीवन जीना नहीं पड़ता। इतने लोग वीडियो देखते लेख पढ़ते पोस्ट देखते लेकिन किसी ने भी समाजसेवी कार्यों में कोई सहायता नहीं किए पूरा भागादौड़ी खर्च वहन मैंने किया और ना होते हुए भी बहुत कुछ करता लेकिन दुनिया में खुद को महत्व देना अच्छा बात है सच्चे समाजसेवियों को सहयोग ना करना अच्छा नहीं हैं मैं भी अच्छे से जीता दूसरों की तरह लेकिन हत्या, बलात्कार और खुदकुशी ऐसे सामाजिक कलंक है जिसके लिए काफी अधिक मात्रा में समाजसेवियों की आवश्यकता यदि शासन व दुर्गवासी मुझे महत्व देकर सहायता करें साथ दें तो बहुत कुछ कर सकता। मैं अपना रोटी, कपड़ा और मकान की कैसे व्यवस्था करता होंगा किसी को ख्याल नहीं। बिना किसी रोजगार, स्वरोजगार, आजीविका के मेरे सामाजिक सेवा में आप लोग अपने से कभी सहायता नहीं किए यहां तक किसी राजनीतिज्ञ ने भी सहायता नहीं किया चुनाव के समय कितना खर्च करते हैं सब। पर सामान्य दुर्ग के नागरिकों में इतनी तों सोच समझ रहना आवश्यक बिना धर्म, राजनीति, आर्थिक, नाम ख्याति के सेवाकार्य कर रहा हूं जहां औसत खर्च एक व्यक्ति का कम से कम 200 रुपए हैं खाने पीने रहने व अन्य दैनिक जीवन में व्यय उस व्यय को कैसे वहन करता होंगा। यदि मैं कर रहा हूं तो इसलिए ताकि भावी पीढ़ी के समाजसेवियों को इतना कष्ट सहना ना पड़ें कई लोग मुझे कहते आर एस एस में चले जाओं किसी आश्रम में चले जाओं .. अच्छा इतना दयनीय स्थिति कि, सेवा के पेशों से जुड़े लोगों का .... उनके लिए त्याग करना आवश्यक हैं... यह सही नहीं ऐसा सही नहीं हर किसी को अधिकार है अपनी योग्यता साबित करने की यह तो नागरिकों को सोचना समझना होगा कि केवल समाजसेवी कार्यों को महत्व दें या राजनीतिज्ञों, धार्मिक, व्यवसायियों को। पिताजी के निधन के बाद मैं कोई नई जिम्मेदारी सेवाकार्य स्वीकार नहीं कर रहा। पिछले कार्यों को व्यवस्थित कर आसानी, सरलता, सहजता से विचारों को योग्यता को बता-समझा कर जाना चाहूंगा सबसे बुरी बात इंसान एक अकेले समाजसेवी को सहयोग नहीं करते एक अकेला भी चाहें तो बहुत कुछ कर सकता इसलिए हर बार की तरह इस बार भी कहता हूं मेरे समाजसेवी कार्यों विचारों को समझकर महत्व देते हुए साथ दें कृपया सलाह देने की बजाय। क्योंकि अपने जीवन के बारे में मुझे पता है मैं क्या कर सकता क्या नहीं जो सही उचित अच्छा होगा वहीं करने का इच्छुक हूं आपको दूर से लगता जरुर होगा कि आपको (मुझे) यह करना चाहिए वों करना चाहिए पर मैं वहीं करता जो वास्तव में बेहतर हों सकें। जों मैं कर सकता वहीं कहता। पर ज्यादातर लोग बिना सोचे समझे वह भी कह देते सलाह दे देते बिना मदद सहयोग किये जो उचित नहीं। यदि हों सकें तो समझकर महत्व देते हुए समाजसेवी कार्यों में साथ दें। जयवर्धन समाजसेवी हंसराज नवयुवक मंडल दुर्ग छत्तीसगढ़। संपर्क क्रमांक - 9202219810. 👏👏👏.
- 24 अगस्त 2021 का क्लिप।1
- विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा पुतला दहन जिहादी मानसिकता का पुतला दहन एवं तरुण खटीक को दीपक एवं पुष्प से श्रद्धांजलि विश्व हिंदू परिषद् बजरंग दल जिला दुर्ग द्वारा देश की राजधानी दिल्ली मे तरुण खटीक , होली के पर्व पर थोड़े से रंग के नाम पर जिहादी मानसिकता के लोगो के द्वारा निर्मम हत्या कर दिया गया विशेष समाज को हिंदू त्योहारों के नाम पर जब इतना मन में द्वेष है तो हिंदू धर्म के त्योहारों का व्यापार भी इन्हे नहीं करना चाहिए, जिहादी घिनौनी मानसिकता के लोगो के विरोध में पटेल चौक दुर्ग में पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया। तत्पश्चात दीप जलाकर उनकी चलचित्र पर पुष्पअर्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दिया गया। जिसमें मुख्य रूप से दुर्ग जिला मंत्री रामलोचन(राकेश)तिवारी, सह मंत्री जीवेश उपाध्याय, जिला संयोजक खेमलाल सेन, सह संयोजक टीकू निषाद, दुर्ग नगर अध्यक्ष सुदीप सनातनी, जिला संपर्क प्रमुख हितेंद्र राजपूत, जिला समरसता के साथ सैकड़ों की संख्या में बजरंगी उपस्थित रहे।1
- छतरपुर जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती पकड़ी और उसे नष्ट कर1
- ईरान को युद्ध में अबतक कितना नुकसान?1
- 9 मार्च सोमवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार थाना छुईखदान क्षेत्र के खैरागढ़ मेन रोड स्थित शाखा तिराहा के पास 8 मार्च रविवार शाम एक तेज रफ्तार हाईवा की टक्कर से कार सवार दंपति घायल हो गए। पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में चालक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अतरिया रोड निवासी मोहन पुडेटी 8 मार्च को शाम करीब 7 बजे अपनी नीले रंग की ग्रीन विटारा कार (सीजी 08 बीजी 4092) से पत्नी कल्पना पुडेटी के साथ राजनांदगांव से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान शाखा तिराहा के पास गंडई की ओर से आ रही हाईवा (सीजी 08 एसी 8811) के चालक ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार को टक्कर मार दी। दुर्घटना में मोहन पुडेटी को सिर, पीठ, गर्दन, कमर और दोनों हाथों में चोटें आईं, जबकि उनकी पत्नी कल्पना पुडेटी के दाहिने हाथ की कोहनी, हाथ, पीठ, कमर और सीने में चोट लगी। टक्कर से कार के आगे पीछे और ऊपर का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद दोनों घायलों ने छुईखदान के सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हाईवा चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(ए) और 281 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- Post by Rameshwar sahu1
- Tn24 Network Mp/cgअवैध अफीम की खेती पर चला बुलडोजर । प्रशासन की बड़ी कार्यवाही1
- बाजना वन विभाग ने मनाया गया रंग पंचमी का पर्व सभी ने एक दूसरे को दी शुभकामनाएं1