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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में भारी बारिश के बावजूद तीन हजार से अधिक लोग अपनी मांगों को लेकर विधायक निवास पर एकत्रित हुए। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नक्सल मामलों में बंद कैदियों की निशर्त रिहाई की पुरजोर मांग की। आंदोलन में शामिल परिजनों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे इस कानूनी लड़ाई के चलते बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जेलों के चक्कर काटने और वकीलों की भारी फीस चुकाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।
Bittu Madvi
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में भारी बारिश के बावजूद तीन हजार से अधिक लोग अपनी मांगों को लेकर विधायक निवास पर एकत्रित हुए। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नक्सल मामलों में बंद कैदियों की निशर्त रिहाई की पुरजोर मांग की। आंदोलन में शामिल परिजनों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे इस कानूनी लड़ाई के चलते बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जेलों के चक्कर काटने और वकीलों की भारी फीस चुकाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।
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- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में भारी बारिश के बावजूद तीन हजार से अधिक लोग अपनी मांगों को लेकर विधायक निवास पर एकत्रित हुए। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नक्सल मामलों में बंद कैदियों की निशर्त रिहाई की पुरजोर मांग की। आंदोलन में शामिल परिजनों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे इस कानूनी लड़ाई के चलते बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जेलों के चक्कर काटने और वकीलों की भारी फीस चुकाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है।1
- सुकमा जिला मुख्यालय के कुम्हारास इलाके में हॉस्टल में रहने वाले बच्चे भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। बारिश के कारण हॉस्टल के पीछे वाले हिस्से में अत्यधिक कीचड़ जमा हो गया है, जिससे छात्रों का आवागमन और दैनिक जीवन बेहद मुश्किल हो गया है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन से अपील की जा रही है कि वे कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित इस स्थान का जायजा लें और समस्या का समाधान करें ताकि बच्चों को हो रही इन परेशानियों से राहत मिल सके।3
- सुकमा जिला मुख्यालय के बस स्टैंड चौक पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने संवैधानिक एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और पार्टी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक षड्यंत्र के लिए कर रही है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस, नगर कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल सहित पार्टी के सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- कांकेर सांसद भोजराज नाग नारायणपुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित नक्सलगढ़ बिनागुंडा पहुंचे। यह वही गांव है जहां पिछले वर्ष 2025 में 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराने के कारण नक्सलियों ने एक शिक्षा दूत को मौत की सजा दी थी। सांसद भोजराज नाग इस स्थान पर बाइक से पहुंचे और उसी जगह बैठकर ग्रामीणों के साथ संवाद किया जहां शिक्षा दूत को सजा दी गई थी। सांसद ने ग्रामीणों की समस्याएं स्थानीय भाषा में सुनीं और उन्हीं के साथ उसी भाषा में चर्चा भी की। अपने बीच पहली बार किसी जनप्रतिनिधि को पाकर ग्रामीण बेहद खुश नजर आए और उन्होंने गांव के विकास के साथ-साथ सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी।1
- कोंडागांव के सामाजिक बहिष्कार मामले में छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। आयोग के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से लिखित सहमति दी गई है। इस फैसले के तहत ग्राम समिति को अब बहिष्कार का सामना कर रही आवेदिका को मुख्य धारा में वापस शामिल करना होगा। यदि ग्राम समिति आपसी सुलह नहीं करती है या आवेदिका को मुख्य धारा में नहीं लिया जाता है, तो आवेदिका के पास संबंधित लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज कराने का अधिकार होगा।1
- राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘दीदी के गोठ‘ कार्यक्रम में कोंडागांव जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने सक्रिय और गरिमापूर्ण सहभागिता निभाते हुए जिले का मान बढ़ाया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर गरिमा महिला संकुल संगठन दहिकोंगा की अध्यक्ष कौशिल्या दीदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्वागत किया। इसके अतिरिक्त, कोंडागांव जिले की सरिता दीदी और सुखनतिन नेताम दीदी ने मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ मंच साझा कर जिले का प्रतिनिधित्व किया। इस कार्यक्रम में ग्राम करनपुर के तिरंगा स्व-सहायता समूह की सुमित्रा दीदी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राज्य, संभाग, जिला और विकासखंड स्तर पर किया गया था। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में, कोंडागांव जिले के बीस संकुल स्तरीय संगठनों सहित सभी स्व-सहायता समूहों की दीदियों को ऑनलाइन लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम से जोड़ा गया। बिहान के जिला मिशन प्रबंधक श्री विनय सिंह के नेतृत्व में समूह की दीदियों ने इस राज्य स्तरीय आयोजन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की, जिससे उन्हें कार्यक्रम का लाभ मिला और शासन की विभिन्न पहलों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।3
- सुकमा के बस स्टैंड चौक पर आज कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने संवैधानिक एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और पार्टी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने के विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक षड्यंत्र के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिला कांग्रेस, नगर कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल समेत पार्टी के सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।5
- कोंडागांव पुलिस ने पत्रकारिता की आड़ लेकर अवैध वसूली करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में कार्तिकेश्वर कश्यप (43 वर्ष) और विशाल सोनी (29 वर्ष) को पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से डिजायर कार (CG 17 LC 6661), मोबाइल और नगदी सहित कुल 6 लाख 40 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई जामपदर पारा निवासी तिमिर प्रकाश पटेल की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर उनकी बीज भंडार दुकान का फोटो और वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने समाचार प्रकाशित कर बदनाम करने और जेल भिजवाने की धमकी देकर 30 हजार रुपये की अवैध वसूली की थी। फिलहाल, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल फर्जी पत्रकारों के खिलाफ है और इससे जिम्मेदार पत्रकारिता की छवि प्रभावित नहीं होगी।2