उत्तर प्रदेश के शमशाबाद स्थित नगला बीच में आयोजित एक स्वास्थ्य कैंप में बच्चों को एक्सपायरी दवाएं बांटने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पूरे गांव में भारी हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, इस कैंप में 6 साल तक के मासूम बच्चों को संदिग्ध और एक्सपायर्ड दवाएं दी गईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह स्वास्थ्य कैंप बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का जरिया बन गया था। यह पूरा मामला ग्रामीणों की सतर्कता से सामने आया, जिन्होंने दवा की एक्सपायरी डेट देखने के बाद तत्काल इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूझबूझ के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जो इन एक्सपायर्ड दवाओं के सेवन से हो सकती थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फाउंडेशन की टीम को पुलिस थाने ले जाकर मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया है। ड्रग विभाग ने इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीण मासूमों की सेहत से समझौता करने वाले फाउंडेशन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य शिविर अब एक बड़े विवाद की वजह बन गया है।
उत्तर प्रदेश के शमशाबाद स्थित नगला बीच में आयोजित एक स्वास्थ्य कैंप में बच्चों को एक्सपायरी दवाएं बांटने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पूरे गांव में भारी हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, इस कैंप में 6 साल तक के मासूम बच्चों को संदिग्ध और एक्सपायर्ड दवाएं दी गईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह स्वास्थ्य कैंप बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का जरिया बन गया था। यह पूरा मामला ग्रामीणों की सतर्कता से सामने आया, जिन्होंने दवा की एक्सपायरी डेट देखने के बाद तत्काल इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूझबूझ के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जो इन एक्सपायर्ड दवाओं के सेवन से हो सकती थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फाउंडेशन की टीम को पुलिस थाने ले जाकर मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया है। ड्रग विभाग ने इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीण मासूमों की सेहत से समझौता करने वाले फाउंडेशन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य शिविर अब एक बड़े विवाद की वजह बन गया है।
- उत्तर प्रदेश के शमशाबाद स्थित नगला बीच में आयोजित एक स्वास्थ्य कैंप में बच्चों को एक्सपायरी दवाएं बांटने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पूरे गांव में भारी हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, इस कैंप में 6 साल तक के मासूम बच्चों को संदिग्ध और एक्सपायर्ड दवाएं दी गईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह स्वास्थ्य कैंप बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का जरिया बन गया था। यह पूरा मामला ग्रामीणों की सतर्कता से सामने आया, जिन्होंने दवा की एक्सपायरी डेट देखने के बाद तत्काल इसका विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूझबूझ के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जो इन एक्सपायर्ड दवाओं के सेवन से हो सकती थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फाउंडेशन की टीम को पुलिस थाने ले जाकर मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया है। ड्रग विभाग ने इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीण मासूमों की सेहत से समझौता करने वाले फाउंडेशन पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य शिविर अब एक बड़े विवाद की वजह बन गया है।1
- स्थानीय लोगों ने गंभीर शिकायत की है कि टिकट होने के बावजूद कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं, और जब इसकी शिकायत की जाती है तो कोई सुनने वाला नहीं मिलता। आरोप है कि सभी सरकारी अधिकारी भी अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि अब इस भारत देश का क्या होगा।1
- विनय रतन जी ने चंद्रशेखर आजाद को लेकर एक भावुक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अपने पुराने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब वे दोनों साथ चलते थे और कई बार बाइक में तेल तक नहीं होता था, लेकिन किसी भी परेशानी में वे तुरंत एक-दूसरे को फोन कर लिया करते थे। विनय रतन जी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि वे आज भी चंद्रशेखर आजाद के साथ रहना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जिक्र किया कि इस बार उन दोनों के बीच काफी लंबा अंतराल आ गया है, और उन्हें इसकी वजह भी नहीं पता। यह पूरा मामला पुरानी दोस्ती, संघर्ष और उनके मौजूदा रिश्तों से जुड़ा है, जिसकी पूरी बात जानने के लिए दर्शकों को संबंधित वीडियो को अंत तक देखने के लिए कहा गया है।1
- आगरा में एमजी रोड पर स्थित आगरा कॉलेज के सामने सड़क के बीच बनी एक मजार को हटा दिया गया है। पुलिस-प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। लंबे समय से इस मजार को हटाने की मांग उठ रही थी, क्योंकि इसके कारण यातायात में बाधा उत्पन्न होती थी और हादसों की आशंका बनी रहती थी। इस मजार को सड़क से हटाकर सामने स्थित एक बड़ी मजार में स्थानांतरित किया गया है। इस स्थानांतरण प्रक्रिया को हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने भाईचारे के साथ पूरा करने में सहयोग किया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल भी तैनात रहा, जिसके चलते यह प्रशासनिक कार्रवाई सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक पूरी हो सकी।1
- बांग्लादेश में स्थापित भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति पर कट्टरपंथियों का ग्रहण लग गया है। ढाका विश्वविद्यालय, गाइबांधा और राधा गोविंद मंदिर से जुड़ी इस खबर ने बांग्लादेश के हिंदुओं के बीच चिंता पैदा की है। इस स्थिति के मद्देनज़र, बांग्लादेश के हिंदुओं के बचाव की अपीलें भी सामने आ रही हैं।1
- आगरा के फतेहाबाद स्थित ख्वासपुरा में एक काली थार गाड़ी ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उसकी चपेट में आए व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। जब जाम खुलवाने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुँची, तो ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके कारण पुलिस को वहाँ से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद, कई थानों की पुलिस फोर्स घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस पूरी घटना के बाद, आगरा के पुलिस कमिश्नर ने पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। पुलिस के इस बड़े एक्शन के बाद, पथराव करने वाले उपद्रवियों के होश ठिकाने आ गए और उनका 'नशा' उतर गया। वे कान पकड़कर कहने लगे कि "साहब गलती हो गई, जीवन में कभी जाम नहीं लगाएंगे।" यह खबर एआईएन नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा दी गई है। एआईएन नेटवर्क अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए दर्शकों से चैनल को लाइक, शेयर, फॉलो और सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। साथ ही, एआईएन नेटवर्क को उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, जिसके लिए इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।1
- आगरा के सदर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा इलाके में एक 24 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। युवक का शव उसके घर से कुछ ही दूरी पर खेतों में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि युवक के चेहरे पर पत्थर जैसे किसी भारी वस्तु से वार कर उसकी हत्या की गई है। परिजनों ने बताया कि युवक सुबह करीब 7 बजे काम पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। देर शाम जब उसका शव खेतों में मिला, तो परिवार गहरे सदमे में आ गया और परिजनों के होश उड़ गए। युवक की शादी को केवल तीन महीने हुए थे, और उसकी मौत की खबर सुनते ही पत्नी बेसुध हो गई, उसका रो-रोकर बुरा हाल है। प्रारंभिक जांच में भी युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें पाई गईं, जो संभावित रूप से किसी भारी वस्तु के हमले से हुई हैं। पुलिस ने शव को तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी पहलुओं पर गहन जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1