कटिहार रेल मंडल के तहत कटिहार–कुमेदपुर एवं कटिहार–मुकुरिया रेल दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत कटिहार–कुरेठा और कटिहार–सोनैली के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज रेल लाइन का वैधानिक निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। पूर्वोत्तर सीमांत परिमंडल (कोलकाता) के रेल संरक्षा आयुक्त सुमित सिंघल ने इस रेलखंड का तीन दिनों तक गहन निरीक्षण करने के साथ-साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल का परीक्षण भी किया। निरीक्षण एवं परीक्षण में सफलता मिलने के बाद, उन्होंने इस रेलखंड पर ट्रेनों के 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिचालन की अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी है। कटिहार रेल मंडल के डीआरएम किरेंद्र नरह ने इस परियोजना के संबंध में बताया कि लगभग 948 करोड़ रुपये की लागत से 64 किलोमीटर लंबी यह परियोजना तैयार हुई है, जिसमें कुल 16 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इस मौके पर सीनियर डीसीएम सह पीआरओ अनूप कुमार सिंह सहित कई अन्य रेल अधिकारी भी उपस्थित थे। रेल दोहरीकरण कार्य के दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग के कारण दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया था, उनके समय में परिवर्तन किया गया था, अथवा उनके मार्ग बदले गए थे। अब फिटनेस प्रमाणपत्र मिलने के उपरांत रेल परिचालन के पूरी तरह सामान्य होने की आशा है। डीआरएम ने कहा कि दोहरी रेल लाइन शुरू होने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों पर से दबाव कम होगा, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा, और सीमांचल के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत एवं सुगम बनेगी।
कटिहार रेल मंडल के तहत कटिहार–कुमेदपुर एवं कटिहार–मुकुरिया रेल दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत कटिहार–कुरेठा और कटिहार–सोनैली के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज रेल लाइन का वैधानिक निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। पूर्वोत्तर सीमांत परिमंडल (कोलकाता) के रेल संरक्षा आयुक्त सुमित सिंघल ने इस रेलखंड का तीन दिनों तक गहन निरीक्षण करने के साथ-साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल का परीक्षण भी किया। निरीक्षण एवं परीक्षण में सफलता मिलने के बाद, उन्होंने इस रेलखंड पर ट्रेनों के 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिचालन की अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी है। कटिहार रेल मंडल के डीआरएम किरेंद्र नरह ने इस परियोजना के संबंध में बताया कि लगभग 948 करोड़ रुपये की लागत से 64 किलोमीटर लंबी यह परियोजना तैयार हुई है, जिसमें कुल 16 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इस मौके पर सीनियर डीसीएम सह पीआरओ अनूप कुमार सिंह सहित कई अन्य रेल अधिकारी भी उपस्थित थे। रेल दोहरीकरण कार्य के दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग के कारण दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया था, उनके समय में परिवर्तन किया गया था, अथवा उनके मार्ग बदले गए थे। अब फिटनेस प्रमाणपत्र मिलने के उपरांत रेल परिचालन के पूरी तरह सामान्य होने की आशा है। डीआरएम ने कहा कि दोहरी रेल लाइन शुरू होने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों पर से दबाव कम होगा, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा, और सीमांचल के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत एवं सुगम बनेगी।
- कटिहार रेल मंडल के तहत कटिहार–कुमेदपुर एवं कटिहार–मुकुरिया रेल दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत कटिहार–कुरेठा और कटिहार–सोनैली के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज रेल लाइन का वैधानिक निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। पूर्वोत्तर सीमांत परिमंडल (कोलकाता) के रेल संरक्षा आयुक्त सुमित सिंघल ने इस रेलखंड का तीन दिनों तक गहन निरीक्षण करने के साथ-साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल का परीक्षण भी किया। निरीक्षण एवं परीक्षण में सफलता मिलने के बाद, उन्होंने इस रेलखंड पर ट्रेनों के 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिचालन की अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी है। कटिहार रेल मंडल के डीआरएम किरेंद्र नरह ने इस परियोजना के संबंध में बताया कि लगभग 948 करोड़ रुपये की लागत से 64 किलोमीटर लंबी यह परियोजना तैयार हुई है, जिसमें कुल 16 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इस मौके पर सीनियर डीसीएम सह पीआरओ अनूप कुमार सिंह सहित कई अन्य रेल अधिकारी भी उपस्थित थे। रेल दोहरीकरण कार्य के दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग के कारण दो दर्जन से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया था, उनके समय में परिवर्तन किया गया था, अथवा उनके मार्ग बदले गए थे। अब फिटनेस प्रमाणपत्र मिलने के उपरांत रेल परिचालन के पूरी तरह सामान्य होने की आशा है। डीआरएम ने कहा कि दोहरी रेल लाइन शुरू होने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों पर से दबाव कम होगा, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा, और सीमांचल के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत एवं सुगम बनेगी।1
- कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत कटिहार–कुरेठा और कटिहार–सोनैली के बीच नई दोहरी रेल लाइन के निर्माण को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा हरी झंडी दे दी गई है।1
- कटिहार के दुर्गास्थान स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में शनिवार शाम बहुप्रतीक्षित डिजनीलैंड मेले का शानदार शुभारंभ किया गया। इस भव्य उद्घाटन समारोह में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह कटिहार सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद, महापौर उषा देवी अग्रवाल और मेला प्रबंधक रंजीत शाह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का आगाज किया। उद्घाटन के तुरंत बाद ही मेले में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने जोर देकर कहा कि डिजनीलैंड मेला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेल-जोल और पारिवारिक आनंद का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन लोगों को अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ पल निकालकर परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का बहुमूल्य अवसर प्रदान करते हैं। प्रसाद ने मेला प्रबंधक रंजीत शाह की सराहना करते हुए कहा कि मेले को बेहद आकर्षक और व्यवस्थित ढंग से सजाया गया है, जिससे यहां आने वाले लोगों को बेहतर मनोरंजन का अनुभव प्राप्त होगा। मेला प्रबंधक रंजीत शाह ने बताया कि इस वर्ष मेले को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक और आधुनिक रूप दिया गया है। मेले में बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से कई रोमांचक झूले और मनोरंजन के विभिन्न साधन स्थापित किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हाइड्रोलिक तारामाही, जलपरी शो और साइंस का चमत्कार इस मेले के मुख्य आकर्षण हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। मनोरंजन के साथ-साथ मेले में खरीदारी के भी खास इंतजाम किए गए हैं, जिसमें महिलाओं के लिए कोलकाता की आकर्षक ज्वेलरी, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और विभिन्न प्रकार के हस्तनिर्मित लकड़ी के सामान उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए कई खान-पान के स्टॉल भी लगाए गए हैं। मेले के उद्घाटन के अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और शहरवासी उपस्थित रहे। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में यह डिजनीलैंड मेला कटिहार जिले के निवासियों के लिए आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मनोरंजन का भरपूर आनंद उठाएंगे।2
- कटिहार जिले के कदवा प्रखंड स्थित जनसुनवाई केंद्र से एक विशेष रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र में एक अनूठी स्थिति देखने को मिली, जहाँ 'लोगों की उम्र पड़ी थी'। यह खास रिपोर्ट जितेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- कदवा प्रखंड की पहला गढ़ पंचायत अंतर्गत सोनैली स्टेशन पर रेलवे के पदाधिकारियों द्वारा नए भवन निर्माण और रेलवे फाटक का विधिवत उद्घाटन किया गया है। इस अवसर पर रेलवे के पदाधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे को केक खिलाते हुए नजर आए, जिससे माहौल में खुशी छाई रही। रेलवे कर्मचारियों ने जानकारी दी कि नई रेल लाइन का संचालन भी आज से ही शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी घटना को एक वीडियो के माध्यम से दिखाया गया है।1
- बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुसापुर पंचायत के बसबिट्टी के समीप एक नाबालिग बालिका के साथ कथित रूप से दो व्यक्तियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर एवं अत्यंत निंदनीय घटना सामने आई है। इस घटना की सूचना मिलते ही कोढ़ा थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। बताया गया है कि नाबालिग को ट्रैक्टर पर बिठाकर नहर के किनारे ले जाया गया था, जहाँ उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया।1
- बारसोई-कुमेदपुर रेलखंड के खुरियाल रेलवे स्टेशन पर एक गंभीर रूप से बीमार यात्री की इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। स्टेशन परिसर में बीमार पड़े एक व्यक्ति पर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान कृष्ण कुमार साह की नजर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने मानवीयता दिखाते हुए उसे आजमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की व्यवस्था की। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी जान चली गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर शंकर कुमार दास ने बताया कि मृतक के पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार, उसकी पहचान कृष्ण शाह (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सुदर्शन शाह के पुत्र और दक्षिण त्रिपुरा के बिलोनिया स्थित सुकांता नगर के निवासी थे। खुरियाल पंचायत के सरपंच मोहतमिम आलम ने जानकारी दी कि मृतक को पिछले दो-तीन दिनों से स्टेशन पर बीमार हालत में देखा जा रहा था। फिलहाल, आरपीएफ और जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1