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भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।
दधिवल मानव
भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।
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- भारत वर्ष में लोकतंत्र, नीति, न्याय और ईमानदारी के लिए यदि कोई सबसे ज्यादा संघर्ष कर रहा है, तो वे अंबेडकरवादी लोग हैं। देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो संविधान को ही समाप्त कर देना चाहते हैं, जबकि संवैधानिक लोकतंत्र भारत में अत्यंत अनिवार्य है। जय लोकतंत्र।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के छुलहा टोला में स्कूली बच्चे पहली ही बारिश में कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति "स्कूल चलें हम" के नारे की वास्तविकता पर गंभीर सवाल उठाती है, क्योंकि जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे अपने कपड़े और जूते बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव जी से यह मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार केवल किताबों तक सीमित न रहकर स्कूल तक सुरक्षित और सम्मानजनक पहुँच में भी होना चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल लगभग 900 मीटर के इस मार्ग का निर्माण कराने की अपील की गई है, ताकि इन बच्चों का भविष्य कीचड़ में न फंसे। स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों को केवल भाषण नहीं, बल्कि एक बेहतर रास्ता चाहिए।1
- टीकमगढ़-जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा के जंगल में आरक्षक सोनू खटीक का शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। मृतक सोनू खटीक पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ था और जतारा का निवासी बताया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस आरक्षक सोनू खटीक का शव जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा गांव के पास के जंगल में एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक आरक्षक सोनू खटीक जतारा नगर के निवासी थे और पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।2
- टिकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बेरवार, जो शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी पहचान रखती है और जिले की अग्रणी पंचायतों में गिनी जाती है, इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही और हरकतों के कारण गांव की अच्छी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। बेरवार-दिगौड़ा मार्ग पर हुई बारिश के चलते सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी निकासी का रास्ता अवरुद्ध कर दिए जाने के कारण यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है। इसका परिणाम यह है कि राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा यह पानी किसी स्विमिंग पूल जैसा दिख रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है, ताकि ग्राम पंचायत बेरवार की अच्छी छवि प्रभावित न हो और लोगों को इस मुसीबत से राहत मिल सके।4
- टीकमगढ़ में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में एक व्यापक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस दौरान, नागरिकों ने सामूहिक रूप से साइबर सुरक्षा की शपथ ली। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में यह पहल जिले के सभी थाना स्तरों पर "साइबर रन एवं शपथ कार्यक्रम" के रूप में आयोजित की गई।1
- एक अत्यंत वीभत्स और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 13 साल की मासूम बच्ची के साथ 32 लोगों ने अलग-अलग जगहों पर दुष्कर्म किया। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद मासूम की दर्दनाक और दुखद मौत हो गई। इस जघन्य कुकर्म से आक्रोशित जनता अब इन दरिंदों के लिए मौत की सजा की मांग कर रही है।1