धान की उन्नत किस्म एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने पर जोर निदेशक( बीज)ने किया धान अनुसंधान क्षेत्र का निरीक्षण राजेंद्र सरस्वती धान की फसल की स्थिति का लिया जाएगा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं हरी खाद के उपयोग को बताया महत्वपूर्ण मधुबनी।झंझारपुर। कृषि अनुसंधान को प्रभावी बनाने, उन्नत धान की किस्मों की उत्पादकता का आकलन करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक (बीज) डॉ. डी. के. रॉय ने अपनी टीम के साथ क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर स्थित धान अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान की फसल की वृद्धि, विकास एवं वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। निरीक्षण के क्रम में निदेशक (बीज) ने जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में रोपित सुगंधित धान की उन्नत किस्म ‘राजेन्द्र सरस्वती’ की फसल का अवलोकन किया। फसल की समग्र स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने फसल की बेहतर वृद्धि एवं संभावित उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के समुचित उपयोग तथा कृषि प्रबंधन के निर्धारित मानकों का पालन करने पर बल दिया। मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के लिए हरी खाद का उपयोग जरूरी ~~~~~~~~~~~~~~ डॉ. रॉय ने कहा कि दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की उर्वरता एवं स्वास्थ्य का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हरी खाद से मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने, पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार करने तथा मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने कृषि उत्पादन के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को भी समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कम अवधि में तैयार होने वाली सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी निदेशक (बीज) ने ‘राजेन्द्र सरस्वती’ धान किस्म की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम अवधि में तैयार होने वाली यह सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उचित कृषि प्रबंधन, समयानुकूल देखभाल एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर इसकी उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने धान की उत्पादकता बढ़ाने, उपलब्ध कृषि संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करने तथा वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर के प्रभारी पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, फार्म प्रभारी डॉ. एस. के. मंडल, तकनीकी अधिकारी धीरेंद्र कुमार एवं आशीष राय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
धान की उन्नत किस्म एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने पर जोर निदेशक( बीज)ने किया धान अनुसंधान क्षेत्र का निरीक्षण राजेंद्र सरस्वती धान की फसल की स्थिति का लिया जाएगा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं हरी खाद के उपयोग को बताया महत्वपूर्ण मधुबनी।झंझारपुर। कृषि अनुसंधान को प्रभावी बनाने, उन्नत धान की किस्मों की उत्पादकता का आकलन करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक (बीज) डॉ. डी. के. रॉय ने अपनी टीम के साथ क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर स्थित धान अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान की फसल की वृद्धि, विकास एवं वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। निरीक्षण के क्रम में निदेशक (बीज) ने जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में रोपित सुगंधित धान की उन्नत किस्म ‘राजेन्द्र सरस्वती’ की फसल का अवलोकन किया। फसल की समग्र स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने फसल की बेहतर वृद्धि एवं संभावित उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के समुचित उपयोग तथा कृषि प्रबंधन के निर्धारित मानकों का पालन करने पर बल दिया। मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के लिए हरी खाद का उपयोग जरूरी ~~~~~~~~~~~~~~ डॉ. रॉय ने कहा कि दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की उर्वरता एवं स्वास्थ्य का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हरी खाद से मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने, पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार करने तथा मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने कृषि उत्पादन के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को भी समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कम अवधि में तैयार होने वाली सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी निदेशक (बीज) ने ‘राजेन्द्र सरस्वती’ धान किस्म की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम अवधि में तैयार होने वाली यह सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उचित कृषि प्रबंधन, समयानुकूल देखभाल एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर इसकी उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने धान की उत्पादकता बढ़ाने, उपलब्ध कृषि संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करने तथा वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर के प्रभारी पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, फार्म प्रभारी डॉ. एस. के. मंडल, तकनीकी अधिकारी धीरेंद्र कुमार एवं आशीष राय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- मधुबनी। श्री श्री 108 माँ वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति, फुलचानिया चौक, रसीदपुर की ओर से दुर्गा पूजा के अवसर पर भागवत कथा संग भव्य झांकी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को धार्मिक कथा और आकर्षक झांकियों के माध्यम से भक्ति एवं आध्यात्मिकता का संदेश दिया जा रहा है। भागवत कथा का वाचन वृंदावन से पधारे आचार्य आकाश कृष्ण महाराज कर रहे हैं। वहीं, दुर्गा पूजा का आयोजन लगमा के आचार्य श्री राघव मिश्रा के मार्गदर्शन में कराया जाता है। इस आयोजन में पूजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप राम, उपाध्यक्ष रामानंद ठाकुर, मेला समिति से अरुण राम तथा पूजा समिति के चंद्रमोहन राय उर्फ बिजली सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। समिति की ओर से पूजा एवं धार्मिक कार्यक्रमों को सफल बनाने में सहयोग किया जा रहा है।1
- धान की उन्नत किस्म एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने पर जोर निदेशक( बीज)ने किया धान अनुसंधान क्षेत्र का निरीक्षण राजेंद्र सरस्वती धान की फसल की स्थिति का लिया जाएगा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं हरी खाद के उपयोग को बताया महत्वपूर्ण मधुबनी।झंझारपुर। कृषि अनुसंधान को प्रभावी बनाने, उन्नत धान की किस्मों की उत्पादकता का आकलन करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के निदेशक (बीज) डॉ. डी. के. रॉय ने अपनी टीम के साथ क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर स्थित धान अनुसंधान प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान की फसल की वृद्धि, विकास एवं वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया तथा वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए। निरीक्षण के क्रम में निदेशक (बीज) ने जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में रोपित सुगंधित धान की उन्नत किस्म ‘राजेन्द्र सरस्वती’ की फसल का अवलोकन किया। फसल की समग्र स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने फसल की बेहतर वृद्धि एवं संभावित उत्पादकता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के समुचित उपयोग तथा कृषि प्रबंधन के निर्धारित मानकों का पालन करने पर बल दिया। मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के लिए हरी खाद का उपयोग जरूरी ~~~~~~~~~~~~~~ डॉ. रॉय ने कहा कि दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की उर्वरता एवं स्वास्थ्य का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों का उपयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हरी खाद से मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने, पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार करने तथा मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने कृषि उत्पादन के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को भी समान प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कम अवधि में तैयार होने वाली सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी निदेशक (बीज) ने ‘राजेन्द्र सरस्वती’ धान किस्म की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम अवधि में तैयार होने वाली यह सुगंधित किस्म किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उचित कृषि प्रबंधन, समयानुकूल देखभाल एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर इसकी उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने धान की उत्पादकता बढ़ाने, उपलब्ध कृषि संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करने तथा वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर के प्रभारी पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, फार्म प्रभारी डॉ. एस. के. मंडल, तकनीकी अधिकारी धीरेंद्र कुमार एवं आशीष राय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।1
- मधुबनी शहर के चंद्रा कॉम्लेक्स में प्रशांत किशोर का प्रेस वार्ता, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा अपने प्रत्याशी के लिए माँगा समर्थन मधुबनी शहर के चंद्रा कॉम्लेक्स में प्रशांत किशोर का प्रेस वार्ता, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा अपने प्रत्याशी के लिए माँगा समर्थन1
- Bihar Madhubani Pandaul High school chowk Durga pooja roads decoration videos Bihar madhubani Pandaul High school chowk Durga pooja roads decoration videos1
- रश्मिका मंदाना ने 400 परिवारों को लिया गोद, एक साल तक देंगी मुफ्त राशन! साउथ और बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने ‘प्रोजेक्ट अन्नपूर्णा’ के तहत 400 जरूरतमंद परिवारों की मदद करने की पहल की है। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और लेटर साझा करते हुए बताया कि वह एक साल तक इन परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराएंगी। उनकी इस पहल की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।1
- स्नातक चुनाव को लेकर एनडीए के मंडल अध्यक्ष एवं सक्रिय लोगों ने प्रशांत किशोर को लेकर क्या कुछ कहा देखिए बिहार में जिस तरह से एमएलसी चुनाव को लेकर सभी प्रत्याशी अपना दावा कर रहे हैं वही एनडीए के सक्रिय अध्यक्ष राजीव सिंह एवं चंदन सिंह राणा सुशील कुमार सिंह मंडल अध्यक्ष भाजपा पंचायत के प्रवीण कुमार मौजूद रहे अपने दोनों प्रत्याशी को लेकर क्षेत्र में भ्रमण करते हैं चंदन सिंह राणा ने कहा कि जिस तरह प्रशांत किशोर अगर 20000 का प्राइवेट जॉब लोगों को देता है कंपनी को 50000 लोगों को चैलेंज करते हुए कहा कि हम दिलवाएंगे आपकी क्या इस पर राय है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं यह एक बड़ा सवाल चलिए सुनते हैं पूरा इंटरव्यू1
- शराबबंदी वाले बिहार में बेखौफ अंदाज: DMCH न्यू भवन में शराब पार्टी का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है दरभंगा से। दरभंगा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल यानी DMCH दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी न्यू भवन परिसर में सरेआम शराबखोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि DMCH इमरजेंसी के सीढ़ी से सटे बरामदे में तीन महिलाएं और एक पुरुष आराम से बैठकर शराब पी रहे हैं। डिस्पोजल ग्लास में कोल्ड ड्रिंक की बोतल से शराब मिलाई जा रही है और बेखौफ होकर जाम छलकाए जा रहे हैं। अस्पताल जहां लोग जिंदगी की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहां इमरजेंसी वार्ड के ठीक पास हुई इस हरकत ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में बेंता थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच की और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी कांड संख्या-226/26 दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की गहनता से पड़ताल की जा रही है और वीडियो में शराब का सेवन करते दिख रहे सभी चेहरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस राज्य में शराबबंदी लागू है, वहां इतने बड़े मेडिकल कॉलेज के अंदर शराब की बोतलें आखिर पहुंची कैसे और सुरक्षाकर्मी इस दौरान कहां थे?1
- मधुबनी में प्रशांत किशोर का प्रेस वार्ता, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा अपने प्रत्याशी के लिए माँगा समर्थन मधुबनी में प्रशांत किशोर का प्रेस वार्ता, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा अपने प्रत्याशी के लिए माँगा समर्थन1