उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बदौसा पुलिस ने भैंस और पड़वा चोरी करने वाले इस गिरोह के चार सदस्यों को घटना की सूचना मिलने के महज छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से कुल 81 पड़वा, 80 हजार रुपये नकद, दो चारपहिया वाहन (एक पिकअप और एक डीसीएम), दो मोबाइल फोन, एक 315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, बदौसा थाना क्षेत्र के निजामी नगर अंश दुबरिया निवासी बोडाराम यादव ने गुरुवार को अपने घर के बाहर बंधी दो भैंस और एक पड़वा चोरी होने की सूचना दी थी। इस सूचना के तुरंत बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हड़हा माफी रोड पर भुसासी गांव की ओर जाने वाले मार्ग से चारों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान अफसर कुरैशी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों से भैंस और पड़वा चोरी करते थे, फिर उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुंदन उर्फ अवधेश (निवासी बदौसा), युसुफ खान (निजामी नगर, बदौसा), शारीक (कोर्रही, बिसंडा) और अफसर कुरैशी (कोर्रही, बिसंडा) के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ बदौसा, बबेरू, चिल्ला और जसपुरा थानों में विभिन्न धाराओं के तहत पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक किन-किन स्थानों पर पशु चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बदौसा पुलिस ने भैंस और पड़वा चोरी करने वाले इस गिरोह के चार सदस्यों को घटना की सूचना मिलने के महज छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से कुल 81 पड़वा, 80 हजार रुपये नकद, दो चारपहिया वाहन (एक पिकअप और एक डीसीएम), दो मोबाइल फोन, एक 315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की
गई। पुलिस के अनुसार, बदौसा थाना क्षेत्र के निजामी नगर अंश दुबरिया निवासी बोडाराम यादव ने गुरुवार को अपने घर के बाहर बंधी दो भैंस और एक पड़वा चोरी होने की सूचना दी थी। इस सूचना के तुरंत बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हड़हा माफी रोड पर भुसासी गांव की ओर जाने वाले मार्ग से चारों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान अफसर कुरैशी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों से भैंस और पड़वा चोरी करते थे, फिर उन्हें
दूसरे जिलों में ले जाकर बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुंदन उर्फ अवधेश (निवासी बदौसा), युसुफ खान (निजामी नगर, बदौसा), शारीक (कोर्रही, बिसंडा) और अफसर कुरैशी (कोर्रही, बिसंडा) के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ बदौसा, बबेरू, चिल्ला और जसपुरा थानों में विभिन्न धाराओं के तहत पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक किन-किन स्थानों पर पशु चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
- बांदा पुलिस ने एक बड़े अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 81 पड़वों को बरामद किया और महज छह घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।1
- जसपुरा ब्लॉक की सिंधनकला पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है, जहाँ स्वच्छता मिशन के तहत धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोपों के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान ने मिलकर एक ही दिन में साफ-सफाई के नाम पर तीन फर्जी भुगतान करा लिए, जिसके माध्यम से पंचायत के खाते से लगभग 50,000 रुपये निकाल लिए गए। यह तब हो रहा है जब योगी सरकार 'स्वच्छ भारत, स्वच्छ गाँव, सुंदर गाँव' का नारा दे रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर गाँव में कहीं भी सफाई का काम दिखाई नहीं देता और हर तरफ कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसके विपरीत, कागजों में गाँव को पूरी तरह से चमका दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि साफ-सफाई के मद में निकाला गया पैसा वास्तव में फर्जी बिलों के ज़रिए हड़पा गया है। इस गंभीर मामले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या ज़िलाधिकारी इन भ्रष्ट सचिव और प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या स्वच्छता मिशन का पैसा इसी तरह लुटता रहेगा। साथ ही, जब खंड विकास अधिकारी, जसपुरा से स्वच्छता मिशन में हो रहे इस कथित भ्रष्टाचार के संबंध में सवाल पूछे गए, तो उन्होंने चुप्पी साध ली और कोई जवाब नहीं दिया, जिससे उनकी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जनपद बांदा के दौरे पर पहुंचकर किसानों को सूखे के खतरे के प्रति अलर्ट किया है। उन्होंने सुपर एल नीनो की आशंका को देखते हुए किसानों से दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलें लगाने की अपील की, क्योंकि 1946 के बाद पहली बार सुपर एल नीनो का खतरा बताया जा रहा है। बांदा मेडिकल कॉलेज में आयोजित 'खेत बचाओ अभियान' कार्यक्रम के दौरान मंत्री शाही ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, पराली न जलाने और रासायनिक खाद का कम उपयोग करने की भी सलाह दी। उन्होंने इस अवसर पर यह भी बताया कि केन-बेतवा लिंक और अर्जुन सहायक परियोजना जैसी पहलों से बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई के हालात सुधरे हैं। कार्यक्रम में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद भी मौजूद रहे, जहां 10 प्रगतिशील किसानों से मंत्री ने सीधे बात की। इस दौरान फसल बीमा, सोलर पंप और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया और तिल-मूंग के मिनीकिट भी बांटे गए। कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पिछले आठ साल से देश में सबसे ज्यादा अनाज का उत्पादन कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे अहम होगी।4
- जनपद बांदा की तरखरी ग्राम पंचायत, तहसील नरैनी निवासी शार्वी पांडे, जो विकास कुमार पांडे की पुत्री हैं, ने नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने नेपाल में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 10-12 वर्ष बालिका वर्ग की रोलर स्केटिंग स्पर्धा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस चैंपियनशिप में भारत, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और दुबई के खिलाड़ी शामिल थे। शार्वी ने 500 मीटर और 1000 मीटर, दोनों रेस में असाधारण गति, संतुलन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। विजेता के रूप में शार्वी का नाम पुकारे जाने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहराने का क्षण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय बन गया। यह जीत सिर्फ दो पदकों की नहीं, बल्कि शार्वी के सपनों, संघर्ष, मेहनत और उनके परिवार के विश्वास की ऐतिहासिक सफलता मानी जा रही है। बुंदेलखंड की इस प्रतिभाशाली बेटी ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती और दृढ़ लक्ष्य तथा परिवार के सहयोग से कोई भी मंजिल प्राप्त की जा सकती है। शार्वी की यह सफलता देशभर की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। शार्वी की इस शानदार उपलब्धि पर पूरे बांदा जिले में खुशी और गर्व का माहौल है, और उनके परिवार, प्रशिक्षकों, शुभचिंतकों तथा क्षेत्रवासियों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि वे भविष्य में विश्व स्तर पर भी भारत के लिए स्वर्णिम इतिहास रचेंगी। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बेटियां अवसर नहीं, इतिहास बनाती हैं।1
- बबेरू में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बांदा-चित्रकूट की सांसद कृष्णा देवी ने एक क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन भी किया।1
- Post by Jitendra kumar कोरी1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बदौसा पुलिस ने भैंस और पड़वा चोरी करने वाले इस गिरोह के चार सदस्यों को घटना की सूचना मिलने के महज छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से कुल 81 पड़वा, 80 हजार रुपये नकद, दो चारपहिया वाहन (एक पिकअप और एक डीसीएम), दो मोबाइल फोन, एक 315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, बदौसा थाना क्षेत्र के निजामी नगर अंश दुबरिया निवासी बोडाराम यादव ने गुरुवार को अपने घर के बाहर बंधी दो भैंस और एक पड़वा चोरी होने की सूचना दी थी। इस सूचना के तुरंत बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हड़हा माफी रोड पर भुसासी गांव की ओर जाने वाले मार्ग से चारों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान अफसर कुरैशी के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों से भैंस और पड़वा चोरी करते थे, फिर उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुंदन उर्फ अवधेश (निवासी बदौसा), युसुफ खान (निजामी नगर, बदौसा), शारीक (कोर्रही, बिसंडा) और अफसर कुरैशी (कोर्रही, बिसंडा) के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ बदौसा, बबेरू, चिल्ला और जसपुरा थानों में विभिन्न धाराओं के तहत पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक किन-किन स्थानों पर पशु चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है और इनके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।3
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के खड़खड़ गांव में एक बुजुर्ग के साथ हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक बुजुर्ग व्यक्ति को नाले में पटककर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इस घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उरई रेफर किया गया। बुजुर्ग के परिजनों ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उन्हें केवल इसलिए बेरहमी से पीटा, क्योंकि उन्होंने अपने दरवाजे पर शराब पीने से मना किया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में अलग तथ्य सामने आए हैं। कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो की पड़ताल से पता चला है कि मारपीट करने वाले दोनों पक्ष आपस में चचेरे भाई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि उनके बीच पैतृक संपत्ति और गोदाम के कब्जे को लेकर पहले से ही पारिवारिक विवाद चल रहा था। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर इस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1