भिंड जिले के रौन अंतर्गत ग्राम मनगढ़ में शुक्रवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के चलते एक पक्की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में टीनशेड के नीचे सो रहा मंगल बघेल का परिवार और वहाँ बंधे भेड़-बकरे आ गए। इस भीषण हादसे में मंगल बघेल की पत्नी और एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 36 भेड़-बकरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि घटना के वक्त परिवार रात के समय टीनशेड के नीचे आराम कर रहा था, जब तेज बारिश और तूफान के कारण चारों तरफ बनी पक्की दीवार ढह गई। दीवार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और बंधे पशु मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना की सूचना मिलते ही रौन थाना प्रभारी राजवीर सिंह गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया; उसी दौरान रौन तहसीलदार श्रीनिवास शर्मा भी मौजूद रहे। वहीं, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। इस त्रासदी के बाद पूरे गांव में मातम और भय का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता देने की मांग की है। लगातार बदलते मौसम और तेज आंधी-तूफान से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-धन की हानि की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
भिंड जिले के रौन अंतर्गत ग्राम मनगढ़ में शुक्रवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के चलते एक पक्की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में टीनशेड के नीचे सो रहा मंगल बघेल का परिवार और वहाँ बंधे भेड़-बकरे आ गए। इस भीषण हादसे में मंगल बघेल की पत्नी और एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 36 भेड़-बकरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि घटना के वक्त परिवार रात के समय टीनशेड के नीचे आराम कर रहा था, जब तेज बारिश और तूफान के कारण चारों तरफ बनी पक्की दीवार ढह गई। दीवार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और बंधे पशु मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना की सूचना मिलते ही रौन थाना प्रभारी राजवीर सिंह गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया; उसी दौरान रौन तहसीलदार श्रीनिवास शर्मा भी मौजूद रहे। वहीं, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। इस त्रासदी के बाद पूरे गांव में मातम और भय का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता देने की मांग की है। लगातार बदलते मौसम और तेज आंधी-तूफान से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-धन की हानि की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
- आज़ाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव मंगलवार को भिंड के मौ नगर में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राधे श्याम उर्फ करू यादव के निवास पर आयोजित गमी कार्यक्रम में पहुंचे, जहाँ उन्होंने शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उनके साथ पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए दामोदर यादव ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दतिया उपचुनाव को लेकर कहा कि जनता अब दिखावे और भावनात्मक राजनीति को अच्छी तरह समझने लगी है। उनके अनुसार, आने वाले समय में जनता वास्तविक मुद्दों पर ही मतदान करेगी। इसी क्रम में, दामोदर यादव ने भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “नरोत्तम मिश्रा मेरे सामने बहुत छोटे नेता हैं। जब मेरा सामना उनसे होगा तो वह सामने भी नहीं टिक पाएंगे। यह बात उन्हें दतिया उपचुनाव में अच्छी तरह समझ में आ जाएगी।” मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम के संबंध में भी बयान दिया। दामोदर यादव ने आरोप लगाया कि देश में आडंबर और पाखंड फैलाकर लोगों की भावनाओं को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को अंधविश्वास और दिखावे के बजाय शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समानता जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। दामोदर यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।3
- सतमास मोहल्ला, गीता भवन के पीछे, तेज आंधी-तूफान के कारण एक विशालकाय बरगद का पेड़ टूटकर गिर गया। इस घटना के चलते बिजली का खंभा और बिजली की लाइनें भी टूट गईं, जिससे सड़क पर टूटे हुए नंगे तार फैल गए हैं। इन टूटे हुए नंगे तारों से किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। दुर्भाग्यवश, इस पेड़ पर रह रहे सैकड़ों की संख्या में तोते भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।2
- भिंड जिले के महेड़ा घाट में सरकारी नल लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इलाके में पानी की स्थिति इतनी खराब है कि निवासियों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति में उन्हें किसी तरह की सहायता भी नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार से, और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से, निवेदन किया है कि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जाए और उन्हें इस जल संकट से राहत दिलाने में मदद की जाए।1
- एक व्यक्ति ने लोगों की मानसिकता पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि आजकल यदि किसी की इज्जत की जाए, तो उसे अक्सर बेवकूफ़ समझा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी विनम्रता और उनके संस्कार को किसी भी सूरत में उनकी कमजोरी नहीं समझना चाहिए, यह एक सीधी और सशक्त बात है।1
- भिंड जिले के रौन अंतर्गत ग्राम मनगढ़ में शुक्रवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के चलते एक पक्की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में टीनशेड के नीचे सो रहा मंगल बघेल का परिवार और वहाँ बंधे भेड़-बकरे आ गए। इस भीषण हादसे में मंगल बघेल की पत्नी और एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 36 भेड़-बकरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि घटना के वक्त परिवार रात के समय टीनशेड के नीचे आराम कर रहा था, जब तेज बारिश और तूफान के कारण चारों तरफ बनी पक्की दीवार ढह गई। दीवार गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और बंधे पशु मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। घटना की सूचना मिलते ही रौन थाना प्रभारी राजवीर सिंह गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया; उसी दौरान रौन तहसीलदार श्रीनिवास शर्मा भी मौजूद रहे। वहीं, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। इस त्रासदी के बाद पूरे गांव में मातम और भय का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता देने की मांग की है। लगातार बदलते मौसम और तेज आंधी-तूफान से ग्रामीण क्षेत्रों में जन-धन की हानि की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।1