बीकानेर जिले के श्रीकोलायत स्थित कपिल सरोवर परिसर में 3 जुलाई से शुरू हुई आठ दिवसीय शिव महापुराण कथा का गुरुवार को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक आयोजन में पं. श्री कमल महाराज ने कथा का वाचन किया, जिसमें आठ दिनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव की महिमा का रसपान किया। कथा के दौरान पं. श्री कमल महाराज ने भगवान शिव के जीवन, शिवभक्ति, धर्म, सदाचार, सेवा और त्याग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सनातन संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिव महापुराण एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है, जो मनुष्य के पापों को नष्ट कर जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार करता है। समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन का संचालन और व्यवस्था समस्त शिवगण द्वारा की गई, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे पूरा कपिल सरोवर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
बीकानेर जिले के श्रीकोलायत स्थित कपिल सरोवर परिसर में 3 जुलाई से शुरू हुई आठ दिवसीय शिव महापुराण कथा का गुरुवार को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक आयोजन में पं. श्री कमल महाराज ने कथा का वाचन किया, जिसमें आठ दिनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव की महिमा का रसपान किया। कथा के दौरान पं. श्री कमल महाराज ने भगवान शिव के जीवन, शिवभक्ति, धर्म, सदाचार, सेवा और त्याग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सनातन संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिव महापुराण एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है, जो मनुष्य के पापों को नष्ट कर जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार करता है। समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन का संचालन और व्यवस्था समस्त शिवगण द्वारा की गई, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे पूरा कपिल सरोवर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
- बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र की हदा पंचायत समिति के अंतर्गत खिंदासर ग्राम पंचायत में भारी बारिश के कारण सरकारी कार्यालयों और बैंक परिसर में पानी भर गया है। जलभराव के चलते ग्राम पंचायत भवन और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे स्थानीय निवासियों, बैंक ग्राहकों और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश का पानी सीधे ग्राम पंचायत कार्यालय के भीतर घुस गया, जिससे वहां मौजूद कम्प्यूटर, ई-मित्र प्लस मशीन, कूलर और जरूरी सरकारी दस्तावेज पानी में पूरी तरह भीग गए। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है, बल्कि कार्यालय का दैनिक कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, एसबीआई बैंक परिसर में पानी जमा होने से ग्राहकों का आवागमन बाधित रहा और लोगों को बैंक तक पहुँचने के लिए जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या हर साल बरसात के दौरान उत्पन्न होती है। स्थानीय लोगों ने अब प्रशासन से इस संकट का स्थायी समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में सरकारी दफ्तरों और आम नागरिकों को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- बीकानेर के भीनासर स्थित रामदेव कॉलोनी में 'दिल ढूंढता है फिर वही फुर्सत के रात दिन' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम आगामी 12 जुलाई की संध्या को अहम् इंग्लिश अकेडमी हॉल में आयोजित होगा, जिसमें मेघराज नागल अपनी प्रस्तुति देंगे।1
- अजमेर शरीफ दरगाह बाजार में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान युवाओं ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की जिम्मेदारी संभाली है। युवाओं के इस जज्बे और कार्य की सराहना करते हुए बीकानेर से शाकिर हुसैन जी ने उन्हें सलाम और सैल्यूट किया है। उन्होंने इन जागरूक युवाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। यह कार्य न केवल सफाई का एक उदाहरण है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है। उम्मीद जताई गई है कि इस वीडियो को देखकर शहर और देश के अन्य युवा भी जागरूक होंगे और अपने आसपास के मोहल्लों की सफाई की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे, जिससे स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सके।1
- बीकानेर में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एडीएम प्रशासन रतनू ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी राजकीय चिकित्सालयों में जन्म, मृत्यु और मृत-जन्म की प्रत्येक घटना का शत-प्रतिशत पंजीकरण पहचान पोर्टल पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि हर मृत्यु के मामले में चिकित्सकीय मृत्यु कारण प्रमाण-पत्र (एमसीसीडी) अनिवार्य रूप से जारी किया जाए। इस पहल का मुख्य जोर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से प्रभावी बनाना है।1
- नागौर जिले में एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत जब्त किए गए मालखाना आइटम्स का वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण किया गया है। नागौर ए.एस.पी. आशा राम चौधरी के निर्देशन में भदाणा स्थित जे.एस.डब्ल्यू. सीमेन्ट फैक्ट्री में करीब 1.85 करोड़ रुपये मूल्य की इन जब्त सामग्रियों को नष्ट किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति के अध्यक्ष आशा राम चौधरी और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। निस्तारण की इस कार्रवाई में जिले के 13 थानों के कुल 29 प्रकरणों से जुड़ी सामग्री शामिल थी। इनमें 1075.421 किलोग्राम डोडा पोस्त, 5.311 ग्राम गांजा, 131.14 ग्राम एम.डी.एम.ए., 126.7 ग्राम एम.डी. और 19.74 ग्राम स्मैक का निस्तारण किया गया।1
- बीकानेर जिले के श्रीकोलायत स्थित कपिल सरोवर परिसर में 3 जुलाई से शुरू हुई आठ दिवसीय शिव महापुराण कथा का गुरुवार को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक आयोजन में पं. श्री कमल महाराज ने कथा का वाचन किया, जिसमें आठ दिनों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव की महिमा का रसपान किया। कथा के दौरान पं. श्री कमल महाराज ने भगवान शिव के जीवन, शिवभक्ति, धर्म, सदाचार, सेवा और त्याग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सनातन संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिव महापुराण एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है, जो मनुष्य के पापों को नष्ट कर जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार करता है। समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन का संचालन और व्यवस्था समस्त शिवगण द्वारा की गई, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे पूरा कपिल सरोवर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।1
- फलोदी जिले के लोहावट स्थित चंदनपुरा निवासी सोमराज विश्नोई को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) राजस्थान ने सालासर (चूरू) से गिरफ्तार किया है। 25 हजार रुपये का इनामी यह तस्कर पिछले 8 माह से फरार चल रहा था। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी प्रतापगढ़ से फलोदी तक ट्रकों के माध्यम से अवैध डोडा-पोस्त की तस्करी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए सोमराज ट्रकों में चूना पाउडर की आड़ लेता था और तस्करों के नंबर अपने मोबाइल में रिश्तेदारों के नाम से सुरक्षित रखता था। एएनटीएफ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने सादे कपड़ों में सालासर स्थित एक होटल की निगरानी की, जहाँ सोमराज अपने बहनोई द्वारा आयोजित दाल-बाटी चूरमा पार्टी में शामिल होने पहुंचा था। उचित अवसर मिलते ही पुलिस टीम ने होटल में दबिश देकर उसे दबोच लिया। इस पूरी कार्रवाई में प्रतापगढ़ पुलिस ने भी विशेष सहयोग दिया है। फिलहाल, एएनटीएफ आरोपी से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाने का काम कर रही है।1