लहार विधानसभा क्षेत्र के आलमपुर नगर में स्वर्ण भद्रिका नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में हुई चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आस्था को आहत करने वाला बताया गया है। इस घटना में माता की प्राचीन मूर्ति के साथ अन्य मूल्यवान धार्मिक सामग्री भी चोरी हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आज आलमपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इस चोरी का खुलासा नहीं हुआ, चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हुई, और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी आलमपुर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के साथ मिलकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की आस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार करने तथा मंदिर की प्राचीन धरोहर को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। ऐसा न होने पर व्यापक लोकतांत्रिक जनसंघर्ष की चेतावनी दी गई है।
लहार विधानसभा क्षेत्र के आलमपुर नगर में स्वर्ण भद्रिका नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में हुई चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आस्था को आहत करने वाला बताया गया है। इस घटना में माता की प्राचीन मूर्ति के साथ अन्य मूल्यवान धार्मिक सामग्री भी चोरी हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आज आलमपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इस चोरी का खुलासा नहीं हुआ, चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हुई, और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी आलमपुर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के साथ मिलकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की आस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार करने तथा मंदिर की प्राचीन धरोहर को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। ऐसा न होने पर व्यापक लोकतांत्रिक जनसंघर्ष की चेतावनी दी गई है।
- लहार विधानसभा क्षेत्र के आलमपुर नगर में स्वर्ण भद्रिका नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में हुई चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आस्था को आहत करने वाला बताया गया है। इस घटना में माता की प्राचीन मूर्ति के साथ अन्य मूल्यवान धार्मिक सामग्री भी चोरी हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है। आज आलमपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इस चोरी का खुलासा नहीं हुआ, चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं हुई, और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी आलमपुर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के साथ मिलकर बड़े स्तर पर जनआंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की आस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार करने तथा मंदिर की प्राचीन धरोहर को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। ऐसा न होने पर व्यापक लोकतांत्रिक जनसंघर्ष की चेतावनी दी गई है।1
- गोहद और मालनपुर में भाजपा नगर मंडल की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए लालसिंह आर्य ने कहा कि भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी अपने महापुरुषों और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, त्याग तथा समर्पण के कारण बनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कुर्सी केवल नारों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से मिली है। इस दौरान उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान भी किया।1
- भिंड पुलिस ने फायरिंग कर हत्या के प्रयास के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें वारदात के महज 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया 315 बोर का कट्टा भी बरामद किया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 5 जून की रात ग्राम हीरालाल पुरा में हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते पिता-पुत्र ने उदयवीर सिंह भदौरिया और शिवम भदौरिया पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी थी, जिसमें शिवम भदौरिया गोली लगने से घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को चंबल मोड़ बिजली घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त हथियार भी जब्त किया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की विवेचना जारी है और आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सूरपुरा थाना पुलिस ने ग्राम रमा में हुई एक चोरी की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी हुए सोने-चांदी के जेवरात और सिक्के भी बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 80 हजार रुपये आंकी गई है। यह मामला तब सामने आया जब गत 28 मई 2026 को फरियादी श्रीकृष्ण शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनके घर में रखी अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। इस शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 20/26 के तहत बीएनएस की धारा 305ए, 331(4), और 307 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। चोरी की इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक भिंड सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक के निर्देशन और एसडीओपी अटर रविन्द्र वास्कले के मार्गदर्शन में लगातार निगरानी की गई। चोरों के गिरोह का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर उनके मेमो के मुताबिक चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात व सिक्के बरामद किए। बरामद किए गए सामान में एक जोड़ी चांदी की तोड़िया, 21 नग चांदी के सिक्के और एक सोने का मंगलसूत्र शामिल है। इस चोरी के खुलासे में थाना प्रभारी सूरपुरा उपनिरीक्षक अरविन्द सिंह सिकरवार, प्रधान आरक्षक रामौतार सिंह, राजवीर सिंह भदौरिया, केशव यादव की मुख्य भूमिका रही। इसके अलावा, आरक्षक सुदीप, अलकेश, सतेन्द्र, रामनरेश, सुकेश, कुलदीप, चालक धर्मेंद्र, पुष्पेन्द्र, कर्मवीर, प्रवीण, सनीत, केशव, अभिषेक यादव और साइबर सेल के आरक्षक राहुल यादव ने भी इस पूरी कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।1
- चंबल की बेटी आशी तोमर ने UPSC की परीक्षा पास कर भिंड जिले का नाम रोशन किया है। अपनी इस उपलब्धि के साथ वह जीएसटी में असिस्टेंट कमिश्नर बनी हैं। आशी तोमर अब वाराणसी जोन में अपनी जिम्मेदारियाँ संभालेंगी।1
- अंबाह नगर पालिका परिषद द्वारा नगर के प्रमुख तालाबों की स्वच्छता हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत, तालाबों में फैली जलकुंभी और अन्य कचरे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है। लंबे समय से जलकुंभी के कारण तालाब का जल प्रदूषित हो रहा था और उसकी प्राकृतिक सुंदरता भी प्रभावित हो रही थी। नगर पालिका के इस अभियान से तालाब की स्वच्छता में सुधार आएगा और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सफाई कार्य के दौरान तालाब से बड़ी मात्रा में जलकुंभी और अपशिष्ट सामग्री निकाली गई है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका की इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। नगर पालिका अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि तालाबों की नियमित सफाई कर उन्हें स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे नगरवासियों को एक स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सके।1
- मध्यप्रदेश के गोरमी स्थित दौनियापुरा शासकीय राशन दुकान में कथित तौर पर कई सालों से लाखों रुपये का घोटाला चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान के सेक्रेटरी गुलाब सिंह राशन तौलने वाले कांटे में गड़बड़ी करते हैं और लाभार्थियों को खाद्यान्न पर्ची भी नहीं देते हैं। शिकायतें मिलने पर सेक्रेटरी कथित रूप से उन्हें बिना किसी प्रतिक्रिया के खत्म करवा देते हैं और खुलेआम कहते हैं, "मैं तो रिटायर्ड होने वाला हूं, तुम्हें जो करना है कर लो।" इस मामले से परेशान ग्रामीणों ने करणी सेना जिला उपाध्यक्ष जगदीप भदोरिया को सूचित किया, जिसके बाद उनकी टीम दौनियापुरा पहुंची। टीम ने सेक्रेटरी गुलाब सिंह को हितग्राहियों के सामने ऑन-कैमरा जवाब देने के लिए बुलाया। हालांकि, सेक्रेटरी गुलाब सिंह जवाब देने से बचते हुए इतराते हुए नजर आए और मौके से भाग खड़े हुए। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में "डाल दो शटर, बंद करो" कहते हुए भी देखा जा सकता है। ग्रामीणों ने इस घटना को गरीबों के साथ अन्याय और सेक्रेटरी द्वारा सरकार को ठेंगा दिखाने जैसा बताया है। उनका आरोप है कि सेक्रेटरी शासकीय दुकान को किराने की दुकान समझते हुए मनमानी कर रहे हैं, जबकि गरीब लोग लाइन में खड़े हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि इस मामले में अब क्या ठोस कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रशासन से दौनियापुरा राशन दुकान की तत्काल जांच करने, तौल कांटे की पड़ताल करने, हिसाब-किताब खंगालने और दोषी सेक्रेटरी पर कड़ी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के अंबाह में स्थानीय नगरपालिका पर मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार और उनके शोषण का गंभीर आरोप लगा है। पूठ रोड पर ठेकेदारी और मजदूरी पर काम कर रहे श्रमिकों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीधे नालों में उतरकर सफाई कार्य करने पर मजबूर किया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब जिलाधीश महोदय का 15 जून तक सभी नाले-नालियों की सफाई सुनिश्चित करने का आदेश है। स्थानीय निकायों के पास करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद, और विगत वर्षों में ग्वालियर जैसी दुखद घटनाओं के बावजूद भी, नगरपालिकाओं की इस मुद्दे पर गंभीरता की कमी पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि स्थानीय सरकारें नालों की सफाई के लिए आधुनिक उपकरणों से युक्त कार्ययोजनाएं नहीं बना रही हैं, जिससे मजदूरों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। स्थानीय लोग इसे नगरीय सरकार की मौन स्वीकृति और लापरवाही करार दे रहे हैं, यह सवाल उठाते हुए कि क्या एक मजदूर की जान को जान नहीं समझा जाता। उनका कहना है कि यह अमानवीय व्यवहार आगामी घटनाओं को न्योता देने जैसा है, जिसे नगरपालिका अंबाह में साफ देखा जा सकता है।1