मैहर में सीवर प्रोजेक्ट का काम शुरू हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसमें लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सीवर ठेकेदार द्वारा खोदे गए गड्ढे सड़कों पर लगातार राहगीरों को घायल कर रहे हैं और उन्हें कीचड़ से सराबोर कर रहे हैं। अब इन गड्ढों पर की जा रही रेस्टोरेशन की लीपापोती भी शहरवासियों के लिए कम खतरनाक नहीं है, क्योंकि इसमें वेस्ट मटेरियल और बड़े-बड़े पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह की भररेशाही आने वाले समय में न जाने कितने हादसों का सबब बनेगी, जिसकी जवाबदेही कौन लेगा यह तो वक्त ही बताएगा। इस पूरे प्रकरण में यह सवाल उठाया जा रहा है कि सीवर लाइन की खुदाई के समय निकली मुरुम आखिर कहां गायब हो गई। साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि शहर की सबसे वीआईपी सड़क पर, जहाँ जिला कलेक्टर और विधायक समेत कई अधिकारी व नेता प्रतिदिन कई बार आवाजाही करते हैं, वहाँ लेटलतीफी के बाद आखिर यह कैसी लीपापोती की जा रही है।
मैहर में सीवर प्रोजेक्ट का काम शुरू हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसमें लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सीवर ठेकेदार द्वारा खोदे गए गड्ढे सड़कों पर लगातार राहगीरों को घायल कर रहे हैं और उन्हें कीचड़ से सराबोर कर रहे हैं। अब इन गड्ढों पर की जा रही रेस्टोरेशन की लीपापोती भी शहरवासियों के लिए कम खतरनाक नहीं है, क्योंकि इसमें वेस्ट मटेरियल और बड़े-बड़े पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह की भररेशाही आने वाले
समय में न जाने कितने हादसों का सबब बनेगी, जिसकी जवाबदेही कौन लेगा यह तो वक्त ही बताएगा। इस पूरे प्रकरण में यह सवाल उठाया जा रहा है कि सीवर लाइन की खुदाई के समय निकली मुरुम आखिर कहां गायब हो गई। साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि शहर की सबसे वीआईपी सड़क पर, जहाँ जिला कलेक्टर और विधायक समेत कई अधिकारी व नेता प्रतिदिन कई बार आवाजाही करते हैं, वहाँ लेटलतीफी के बाद आखिर यह कैसी लीपापोती की जा रही है।
- आज, 08/07/2026 दिन बुधवार को प्रातः काल जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में भक्तों को दिव्य दर्शन हुए।2
- रीवा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत, जो अपनी शानदार कार्यशैली के लिए विशेष रूप से चर्चित हैं, से पूरी जानकारी सुनने का उल्लेख किया गया है।1
- रीवा संभाग के IG गौरव राजपूत, जो अपनी शानदार कार्यशैली के लिए चर्चित हैं, से पूरी जानकारी सुनने का अवसर मिल रहा है। सभी नागरिकों को उनसे विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- मैहर में स्टेशन रोड के पास एक सड़क धंसने की घटना सामने आई है। इस स्थिति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, स्थानीय जनता ने 'स्मार्ट सिटी' का पोस्टर लगाया है, जो सड़क की बदहाली और 'स्मार्ट सिटी' परियोजना पर सवाल उठाते हुए उनके आक्रोश और व्यंग्य को दर्शाता है।1
- सतना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के महामाया होटल के सामने रात के समय अवैध शराब की बिक्री खुलेआम की जा रही है। जानकारी के अनुसार, एक आदमी और एक औरत झोले में शराब रखकर बेचते देखे गए हैं। यह घटना रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है, और यह भी कहा गया है कि रोजाना इसी समय शराब बेची जाती है। पूछने पर पता चला कि यह शराब 'हौली की शराब ऋषि महाराज की शराब' है। इस अवैध कारोबार को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि इतना बड़ा खेल बिना पुलिस के सहयोग के संभव नहीं है, और इसमें कहीं न कहीं पुलिस की मिलीभगत है। पुलिस को सूचना दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी तरह, आबकारी विभाग को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया, जिससे दोनों विभाग कई प्रश्नों के घेरे में हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन शराब बेचने वालों पर कितनी जल्दी कार्रवाई की जाती है।1
- सतना के बिरला रोड पर एक सवारियों से भरा ई-रिक्शा पलट गया। इस हादसे के बाद राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई।1
- मैहर में सीवर प्रोजेक्ट का काम शुरू हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसमें लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सीवर ठेकेदार द्वारा खोदे गए गड्ढे सड़कों पर लगातार राहगीरों को घायल कर रहे हैं और उन्हें कीचड़ से सराबोर कर रहे हैं। अब इन गड्ढों पर की जा रही रेस्टोरेशन की लीपापोती भी शहरवासियों के लिए कम खतरनाक नहीं है, क्योंकि इसमें वेस्ट मटेरियल और बड़े-बड़े पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह की भररेशाही आने वाले समय में न जाने कितने हादसों का सबब बनेगी, जिसकी जवाबदेही कौन लेगा यह तो वक्त ही बताएगा। इस पूरे प्रकरण में यह सवाल उठाया जा रहा है कि सीवर लाइन की खुदाई के समय निकली मुरुम आखिर कहां गायब हो गई। साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि शहर की सबसे वीआईपी सड़क पर, जहाँ जिला कलेक्टर और विधायक समेत कई अधिकारी व नेता प्रतिदिन कई बार आवाजाही करते हैं, वहाँ लेटलतीफी के बाद आखिर यह कैसी लीपापोती की जा रही है।2