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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, मिल्कीपुर के सब्जी विज्ञान प्रक्षेत्र स्थित बीज विक्रय केंद्र पर बुधवार को दिनभर ताला लटका रहा, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रुदौली के गनौली गांव से आए किसान राजेश कुमार पांडे और भेलसर निवासी कृषक व मीडिया कर्मी जगदंबा श्रीवास्तव सुबह 11:45 बजे से ही केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विश्वविद्यालय का ‘बड़ा नाम’ किसानों को बीज उपलब्ध कराने की ‘छोटी व्यवस्था’ के आगे फीका पड़ गया। घंटों इंतजार के बाद थक-हार चुके किसानों ने आखिरकार सीधे कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद ही दोपहर 2:50 बजे बीज विक्रय केंद्र का ताला खुल सका और किसानों को तीन घंटे से अधिक के इंतजार के बाद बीज मिल पाया। शिकायत के बाद ऑल्टो कार से हड़बड़ाकर मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी ने पहले तो दावा किया कि वे ‘यहीं पर थे’, लेकिन तुरंत ही पलटते हुए कहा कि वे ‘खाना खाने गए थे’। यह स्थिति तब सामने आई जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लंच टाइम 1:00 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित कर रखा है, लेकिन कर्मचारियों ने कुलपति के आदेश को ताक पर रखकर 11:45 बजे से 2:50 बजे तक केंद्र बंद रखा। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार संभालते समय किसानों को ‘सिंगल विंडो’ से बीज उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई है और विक्रय केंद्रों की अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। किसान आज भी ताला खुलने के इंतजार में घंटों बैठने को मजबूर हैं और बीज के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान राजेश कुमार पांडे ने अपना दर्द बयां करते हुए सवाल किया, “अगर कृषि विश्वविद्यालय में ही बीज के लिए धक्के खाने पड़ें, तो आम किसान कहां जाएगा?” यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ जाती है: जब लंच टाइम 1:00 से 1:30 बजे तय है, तो काउंटर 11:45 से 2:50 तक क्यों बंद रहा? ‘सिंगल विंडो’ का वादा कब पूरा होगा? और कुलपति के आदेश को नजरअंदाज करने वाले कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी? यह स्थिति दर्शाती है कि कृषि विश्वविद्यालय का मूल मकसद किसान की मदद करना है, लेकिन काउंटर पर लटका ताला बता रहा है कि सिस्टम को सबसे पहले खुद ‘इलाज’ की सख्त जरूरत है।

15 hrs ago
user_Dharmendra Chaurasia
Dharmendra Chaurasia
फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, मिल्कीपुर के सब्जी विज्ञान प्रक्षेत्र स्थित बीज विक्रय केंद्र पर बुधवार को दिनभर ताला लटका रहा, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रुदौली के गनौली गांव से आए किसान राजेश कुमार पांडे और भेलसर निवासी कृषक व मीडिया कर्मी जगदंबा श्रीवास्तव सुबह 11:45 बजे से ही केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विश्वविद्यालय का ‘बड़ा नाम’ किसानों को बीज उपलब्ध कराने की ‘छोटी व्यवस्था’ के आगे फीका पड़ गया। घंटों इंतजार के बाद थक-हार चुके किसानों ने आखिरकार सीधे कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद ही दोपहर 2:50 बजे बीज विक्रय केंद्र का ताला खुल सका और किसानों को तीन घंटे से अधिक के इंतजार के बाद बीज मिल पाया। शिकायत के बाद ऑल्टो कार से हड़बड़ाकर मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी ने पहले तो दावा किया कि वे ‘यहीं पर थे’, लेकिन तुरंत ही पलटते हुए कहा कि वे ‘खाना खाने गए थे’। यह स्थिति तब सामने आई जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लंच टाइम 1:00 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित कर रखा है, लेकिन कर्मचारियों

ने कुलपति के आदेश को ताक पर रखकर 11:45 बजे से 2:50 बजे तक केंद्र बंद रखा। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार संभालते समय किसानों को ‘सिंगल विंडो’ से बीज उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई है और विक्रय केंद्रों की अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। किसान आज भी ताला खुलने के इंतजार में घंटों बैठने को मजबूर हैं और बीज के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान राजेश कुमार पांडे ने अपना दर्द बयां करते हुए सवाल किया, “अगर कृषि विश्वविद्यालय में ही बीज के लिए धक्के खाने पड़ें, तो आम किसान कहां जाएगा?” यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ जाती है: जब लंच टाइम 1:00 से 1:30 बजे तय है, तो काउंटर 11:45 से 2:50 तक क्यों बंद रहा? ‘सिंगल विंडो’ का वादा कब पूरा होगा? और कुलपति के आदेश को नजरअंदाज करने वाले कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी? यह स्थिति दर्शाती है कि कृषि विश्वविद्यालय का मूल मकसद किसान की मदद करना है, लेकिन काउंटर पर लटका ताला बता रहा है कि सिस्टम को सबसे पहले खुद ‘इलाज’ की सख्त जरूरत है।

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  • पिंटू कुशवाहा।
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    पिंटू कुशवाहा।
    user_Pintu Kumar
    Pintu Kumar
    Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय बेसिक शिक्षा ने राज्य के सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं के लिए 2, 3 और 4 तारीख तक की छुट्टी का प्रावधान किया है। यह व्यवस्था बेसिक शिक्षा से जुड़े सभी कर्मियों पर लागू होगी।
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    उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय बेसिक शिक्षा ने राज्य के सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं के लिए 2, 3 और 4 तारीख तक की छुट्टी का प्रावधान किया है। यह व्यवस्था बेसिक शिक्षा से जुड़े सभी कर्मियों पर लागू होगी।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर अयोध्या के बीकापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित गुंधौर चौराहे पर 'एक पौध पीडीए के नाम' नामक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव, दिव्यांग पंडित समरजीत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर पंडित समरजीत ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सपा कार्यकर्ता 1 जुलाई से 7 जुलाई तक, पूरे एक सप्ताह तक, जगह-जगह पौधा रोपण करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को सदैव हरा-भरा बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस दौरान प्रतिदिन लगातार 11-11 पौधे रोपित करते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान, सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के दीर्घायु और स्वस्थ सुखी जीवन की मंगल कामना भी की। इस मौके पर अजय वर्मा, बाबा यादव, भोलेनाथ कोरी, शंकर पाल, अनिरुद्ध सिंह, विजय प्रताप शर्मा, मोहनलाल और श्यामलाल कनौजिया सहित कई सपा कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर अयोध्या के बीकापुर विकासखंड क्षेत्र स्थित गुंधौर चौराहे पर 'एक पौध पीडीए के नाम' नामक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव, दिव्यांग पंडित समरजीत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस अभियान की शुरुआत की।

इस अवसर पर पंडित समरजीत ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सपा कार्यकर्ता 1 जुलाई से 7 जुलाई तक, पूरे एक सप्ताह तक, जगह-जगह पौधा रोपण करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को सदैव हरा-भरा बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस दौरान प्रतिदिन लगातार 11-11 पौधे रोपित करते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान, सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के दीर्घायु और स्वस्थ सुखी जीवन की मंगल कामना भी की। इस मौके पर अजय वर्मा, बाबा यादव, भोलेनाथ कोरी, शंकर पाल, अनिरुद्ध सिंह, विजय प्रताप शर्मा, मोहनलाल और श्यामलाल कनौजिया सहित कई सपा कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Dr Dinesh Tiwari Patrakar Bikapur
    Dr Dinesh Tiwari Patrakar Bikapur
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    10 hrs ago
  • धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव में चंबल क्षेत्र के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर, पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था और करीब 100 पुलिसकर्मियों सहित 9 थानों की पुलिस, एसटीएफ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार ने पूरी घटना पर नजर रखी, जिसके चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जगन गुर्जर का शव बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुँचा, जहाँ परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद श्मशान घाट पर उसके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह को एसटीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच अलग-अलग वाहनों से लाया गया और कार्यक्रम के बाद वापस पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया। उल्लेखनीय है कि जगन गुर्जर की मौत 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद एक अन्य आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर उसकी हत्या की। इस घटना के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। मंगलवार को प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद पाँच बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा गया। इस सहमति में परिवार को सुरक्षा प्रदान करना, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अन्य जेल में स्थानांतरित करना, जेल स्टाफ की जांच करना और दोषियों पर कार्रवाई करना जैसे मुद्दे शामिल थे। जगन गुर्जर धौलपुर के भवुतीपुरा गांव का निवासी था और उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, अपहरण, डकैती, फिरौती और लूट जैसे 100 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। चंबल क्षेत्र में लंबे समय तक उसका नाम अपराध जगत में चर्चा का विषय रहा।
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    धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव में चंबल क्षेत्र के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर, पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था और करीब 100 पुलिसकर्मियों सहित 9 थानों की पुलिस, एसटीएफ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार ने पूरी घटना पर नजर रखी, जिसके चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

जगन गुर्जर का शव बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुँचा, जहाँ परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद श्मशान घाट पर उसके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह को एसटीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच अलग-अलग वाहनों से लाया गया और कार्यक्रम के बाद वापस पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया।

उल्लेखनीय है कि जगन गुर्जर की मौत 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद एक अन्य आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर उसकी हत्या की। इस घटना के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। मंगलवार को प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद पाँच बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा गया। इस सहमति में परिवार को सुरक्षा प्रदान करना, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अन्य जेल में स्थानांतरित करना, जेल स्टाफ की जांच करना और दोषियों पर कार्रवाई करना जैसे मुद्दे शामिल थे। जगन गुर्जर धौलपुर के भवुतीपुरा गांव का निवासी था और उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, अपहरण, डकैती, फिरौती और लूट जैसे 100 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। चंबल क्षेत्र में लंबे समय तक उसका नाम अपराध जगत में चर्चा का विषय रहा।
    user_Awadh Speed news
    Awadh Speed news
    Faizabad, Ayodhya•
    10 hrs ago
  • आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, मिल्कीपुर के सब्जी विज्ञान प्रक्षेत्र स्थित बीज विक्रय केंद्र पर बुधवार को दिनभर ताला लटका रहा, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रुदौली के गनौली गांव से आए किसान राजेश कुमार पांडे और भेलसर निवासी कृषक व मीडिया कर्मी जगदंबा श्रीवास्तव सुबह 11:45 बजे से ही केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विश्वविद्यालय का ‘बड़ा नाम’ किसानों को बीज उपलब्ध कराने की ‘छोटी व्यवस्था’ के आगे फीका पड़ गया। घंटों इंतजार के बाद थक-हार चुके किसानों ने आखिरकार सीधे कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद ही दोपहर 2:50 बजे बीज विक्रय केंद्र का ताला खुल सका और किसानों को तीन घंटे से अधिक के इंतजार के बाद बीज मिल पाया। शिकायत के बाद ऑल्टो कार से हड़बड़ाकर मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी ने पहले तो दावा किया कि वे ‘यहीं पर थे’, लेकिन तुरंत ही पलटते हुए कहा कि वे ‘खाना खाने गए थे’। यह स्थिति तब सामने आई जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लंच टाइम 1:00 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित कर रखा है, लेकिन कर्मचारियों ने कुलपति के आदेश को ताक पर रखकर 11:45 बजे से 2:50 बजे तक केंद्र बंद रखा। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार संभालते समय किसानों को ‘सिंगल विंडो’ से बीज उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई है और विक्रय केंद्रों की अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। किसान आज भी ताला खुलने के इंतजार में घंटों बैठने को मजबूर हैं और बीज के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान राजेश कुमार पांडे ने अपना दर्द बयां करते हुए सवाल किया, “अगर कृषि विश्वविद्यालय में ही बीज के लिए धक्के खाने पड़ें, तो आम किसान कहां जाएगा?” यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ जाती है: जब लंच टाइम 1:00 से 1:30 बजे तय है, तो काउंटर 11:45 से 2:50 तक क्यों बंद रहा? ‘सिंगल विंडो’ का वादा कब पूरा होगा? और कुलपति के आदेश को नजरअंदाज करने वाले कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी? यह स्थिति दर्शाती है कि कृषि विश्वविद्यालय का मूल मकसद किसान की मदद करना है, लेकिन काउंटर पर लटका ताला बता रहा है कि सिस्टम को सबसे पहले खुद ‘इलाज’ की सख्त जरूरत है।
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    आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, मिल्कीपुर के सब्जी विज्ञान प्रक्षेत्र स्थित बीज विक्रय केंद्र पर बुधवार को दिनभर ताला लटका रहा, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रुदौली के गनौली गांव से आए किसान राजेश कुमार पांडे और भेलसर निवासी कृषक व मीडिया कर्मी जगदंबा श्रीवास्तव सुबह 11:45 बजे से ही केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विश्वविद्यालय का ‘बड़ा नाम’ किसानों को बीज उपलब्ध कराने की ‘छोटी व्यवस्था’ के आगे फीका पड़ गया।

घंटों इंतजार के बाद थक-हार चुके किसानों ने आखिरकार सीधे कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद ही दोपहर 2:50 बजे बीज विक्रय केंद्र का ताला खुल सका और किसानों को तीन घंटे से अधिक के इंतजार के बाद बीज मिल पाया। शिकायत के बाद ऑल्टो कार से हड़बड़ाकर मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी ने पहले तो दावा किया कि वे ‘यहीं पर थे’, लेकिन तुरंत ही पलटते हुए कहा कि वे ‘खाना खाने गए थे’। यह स्थिति तब सामने आई जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लंच टाइम 1:00 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित कर रखा है, लेकिन कर्मचारियों ने कुलपति के आदेश को ताक पर रखकर 11:45 बजे से 2:50 बजे तक केंद्र बंद रखा।

कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार संभालते समय किसानों को ‘सिंगल विंडो’ से बीज उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई है और विक्रय केंद्रों की अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। किसान आज भी ताला खुलने के इंतजार में घंटों बैठने को मजबूर हैं और बीज के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान राजेश कुमार पांडे ने अपना दर्द बयां करते हुए सवाल किया, “अगर कृषि विश्वविद्यालय में ही बीज के लिए धक्के खाने पड़ें, तो आम किसान कहां जाएगा?”

यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ जाती है: जब लंच टाइम 1:00 से 1:30 बजे तय है, तो काउंटर 11:45 से 2:50 तक क्यों बंद रहा? ‘सिंगल विंडो’ का वादा कब पूरा होगा? और कुलपति के आदेश को नजरअंदाज करने वाले कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी? यह स्थिति दर्शाती है कि कृषि विश्वविद्यालय का मूल मकसद किसान की मदद करना है, लेकिन काउंटर पर लटका ताला बता रहा है कि सिस्टम को सबसे पहले खुद ‘इलाज’ की सख्त जरूरत है।
    user_Dharmendra Chaurasia
    Dharmendra Chaurasia
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 01 जुलाई 2026 को अपनी आगे की यात्रा जारी रखी है। इसके परिणामस्वरूप, उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्से, गुजरात और दमन एवं दीव के संपूर्ण क्षेत्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भाग, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष भाग, जम्मू-कश्मीर का संपूर्ण क्षेत्र, तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ भाग अब मानसून की चपेट में आ गए हैं। 01 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) 22°उ.अ./60°पू.दे., 22°उ.अ./65°पू.दे., पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आज़मगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर तथा 32.8°उ.अ./73°पू.दे. से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।
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    आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 01 जुलाई 2026 को अपनी आगे की यात्रा जारी रखी है। इसके परिणामस्वरूप, उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्से, गुजरात और दमन एवं दीव के संपूर्ण क्षेत्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भाग, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष भाग, जम्मू-कश्मीर का संपूर्ण क्षेत्र, तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ भाग अब मानसून की चपेट में आ गए हैं।

01 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) 22°उ.अ./60°पू.दे., 22°उ.अ./65°पू.दे., पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आज़मगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर तथा 32.8°उ.अ./73°पू.दे. से होकर गुजर रही है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।
    user_अयोध्या वार्ता
    अयोध्या वार्ता
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अयोध्या में करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा के तत्वावधान में अवध प्रांत का गठन किया गया है। यह गठन जिला कार्यकारी अवध प्रांत राष्ट्रीय युवा शक्ति अध्यक्ष और राष्ट्रीय कवि दुर्गेश पांडे उर्फ दुर्लभ के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान, राहुल सिंह को सर्वसम्मति से अवध प्रांत का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति कार्यकारिणी की बैठक में की गई। इस पूरे घटनाक्रम के लिए करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा ने अयोध्या का दौरा किया।
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    उत्तर प्रदेश के अयोध्या में करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा के तत्वावधान में अवध प्रांत का गठन किया गया है। यह गठन जिला कार्यकारी अवध प्रांत राष्ट्रीय युवा शक्ति अध्यक्ष और राष्ट्रीय कवि दुर्गेश पांडे उर्फ दुर्लभ के सानिध्य में संपन्न हुआ।

इस दौरान, राहुल सिंह को सर्वसम्मति से अवध प्रांत का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति कार्यकारिणी की बैठक में की गई। इस पूरे घटनाक्रम के लिए करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा ने अयोध्या का दौरा किया।
    user_Vipin pandey Ayodhya
    Vipin pandey Ayodhya
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण और खुशहाल जीवन के लिए पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया गया है, ताकि सभी का जीवन सुखमय बन सके। वर्तमान में पड़ रही तेज़ गर्मी और धूप को देखते हुए, लोगों से अपील की गई है कि वे केवल तभी घर से बाहर निकलें जब यह अत्यंत आवश्यक हो। इस संदेश में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया है कि हम सब मिलकर अपने देश को स्वच्छ और सुंदर बनाएं, पर्यावरण का संरक्षण करें, जीवन के अनमोल महत्व को समझें और एक-दूसरे का ख्याल रखें। शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने की प्रेरणा भी दी गई है। यह भी कहा गया है कि भारत सरकार और राज्य सरकारों को कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने तथा पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए, और हम सभी को इस प्रयास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
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    प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण और खुशहाल जीवन के लिए पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया गया है, ताकि सभी का जीवन सुखमय बन सके। वर्तमान में पड़ रही तेज़ गर्मी और धूप को देखते हुए, लोगों से अपील की गई है कि वे केवल तभी घर से बाहर निकलें जब यह अत्यंत आवश्यक हो।

इस संदेश में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया है कि हम सब मिलकर अपने देश को स्वच्छ और सुंदर बनाएं, पर्यावरण का संरक्षण करें, जीवन के अनमोल महत्व को समझें और एक-दूसरे का ख्याल रखें। शुद्ध हवाओं के साथ योग करने और पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने की प्रेरणा भी दी गई है। यह भी कहा गया है कि भारत सरकार और राज्य सरकारों को कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने तथा पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए, और हम सभी को इस प्रयास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
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