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मंगलवार को हिंडौन सिटी के फुलवाड़ा गांव में भागवत कथा के उपलक्ष्य में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। बैंड-बाजों के साथ आयोजित इस यात्रा में महिलाएं भक्तिभाव से नृत्य करती हुई चल रही थीं। अयोध्या की बड़ी छावनी के संत बृजमोहन त्यागी महाराज के नेतृत्व में आयोजित हो रही इस भागवत कथा में विट्ठल आश्रम के राजेश्वर महाराज कथा वाचन कर रहे हैं। कलश यात्रा का शुभारंभ मुख्य ध्वज और प्रधान कलश के पूजन के साथ हुआ, जिसमें स्वयं कथावाचक भी शामिल हुए। ग्रामीणों के सहयोग से यह भागवत कथा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के पास आयोजित की जा रही है, और इस कलश यात्रा से पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बन गया।
मनोज तिवाड़ी
मंगलवार को हिंडौन सिटी के फुलवाड़ा गांव में भागवत कथा के उपलक्ष्य में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। बैंड-बाजों के साथ आयोजित इस यात्रा में महिलाएं भक्तिभाव से नृत्य करती हुई चल रही थीं। अयोध्या की बड़ी छावनी के संत बृजमोहन त्यागी महाराज के नेतृत्व में आयोजित हो रही इस भागवत कथा में विट्ठल आश्रम के राजेश्वर महाराज कथा वाचन कर रहे हैं। कलश यात्रा का शुभारंभ मुख्य ध्वज और प्रधान कलश के पूजन के साथ हुआ, जिसमें स्वयं कथावाचक भी शामिल हुए। ग्रामीणों के सहयोग से यह भागवत कथा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के पास आयोजित की जा रही है, और इस कलश यात्रा से पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बन गया।
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- मंगलवार को हिंडौन सिटी के फुलवाड़ा गांव में भागवत कथा के उपलक्ष्य में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। बैंड-बाजों के साथ आयोजित इस यात्रा में महिलाएं भक्तिभाव से नृत्य करती हुई चल रही थीं। अयोध्या की बड़ी छावनी के संत बृजमोहन त्यागी महाराज के नेतृत्व में आयोजित हो रही इस भागवत कथा में विट्ठल आश्रम के राजेश्वर महाराज कथा वाचन कर रहे हैं। कलश यात्रा का शुभारंभ मुख्य ध्वज और प्रधान कलश के पूजन के साथ हुआ, जिसमें स्वयं कथावाचक भी शामिल हुए। ग्रामीणों के सहयोग से यह भागवत कथा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के पास आयोजित की जा रही है, और इस कलश यात्रा से पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बन गया।3
- राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध से 6 जुलाई को गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया, जिसने 20 साल पुराने गतिरोध को समाप्त कर दिया। सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बांध के तीन गेट खोले, जिससे यह प्रक्रिया संभव हो सकी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत ने दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं (पीडीएन सिस्टम आधारित) और गुडला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम में रीमॉडलिंग के कार्य का भूमि पूजन और शिलान्यास भी किया। सरकार के हस्तक्षेप और किसानों की सहमति के बाद, अब बांध से निकलने वाला पानी कमांड एरिया के 35 गांवों, बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों और गंभीर नदी के तट पर बसे गांवों को सिंचाई के लिए उपलब्ध हो सकेगा। बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने के दौरान, गृह राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने मुख्यमंत्री और क्षेत्र के किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उल्लेखनीय है कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद 30 जून को किसानों के बीच इस विषय पर सहमति बन पाई थी।1
- गंगापुर सिटी क्षेत्र के अरनिया बिनेगा गांव में नहरों में पानी नहीं पहुँचने से नाराज किसानों ने गंगापुर-हिंडौन मार्ग को जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि नहरों में लंबे समय से पानी नहीं छोड़ा गया है, जिसके कारण उनकी फसलें सूखने की कगार पर हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की। सड़क जाम होने से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे तथा किसानों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।1
- करौली जिले के प्रसिद्ध पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कुसाय क्षेत्र तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने से ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पहले कुंसाय के बाद और फिर हिण्डौन-करौली सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। सोमवार शाम 6 बजे लगाए गए इस जाम से सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में ग्रामीणों ने टोडुपरा मोड़ पर भी जाम लगाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने गंभीर नदी और गुडला लिफ्ट में पानी छोड़ा, लेकिन कमांड क्षेत्र के लोगों के साथ "धोखा" किया गया, क्योंकि नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया जिससे क्षेत्र की नहरें सूखी पड़ी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 20 साल से पांचना बांध के गेट नहरों के लिए नहीं खोले गए थे, जिसके कारण उनमें जंग लग गई और तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से गेट पूरी तरह नहीं खुले और नहरों में कम मात्रा में पानी पहुंच पाया है। इस तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए बांध पर दूर-दराज से आए राजमिस्त्री गेटों की मरम्मत करने का प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर तैनात रहा।1
- मंगलवार को बयाना कस्बे में करीब आधे घंटे तक लगातार हुई बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया। इस बारिश से कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने राहत महसूस की।1
- स्थानीय क्षेत्र में भारी बरसात होने की संभावना जताई जा रही है, जिसे लेकर सभी किसान भाई उम्मीद लगाए बैठे हैं और बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं।1
- हिंडौन सिटी क्षेत्र के फुलवाड़ा गांव में मंगलवार को भागवत कथा के उपलक्ष्य में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धापूर्वक भाग लिया। बैंड बाजों के साथ निकली इस कलश यात्रा में महिलाएं भक्तिभाव से नृत्य करती हुई चल रही थीं। यह भागवत कथा अयोध्या, बड़ी छावनी के संत बृजमोहन त्यागी महाराज के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है, जिसमें विट्ठल आश्रम के राजेश्वर महाराज कथा सुना रहे हैं। कलश यात्रा का शुभारंभ मुख्य ध्वज और प्रधान कलश के पूजन के साथ हुआ, जिसमें कथा वाचक राजेश्वर महाराज भी शामिल हुए। ग्रामीणों के सहयोग से यह भागवत कथा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के पास आयोजित हो रही है, और इस कलश यात्रा ने पूरे गांव में एक धार्मिक माहौल बना दिया है।4
- कमांड क्षेत्र की नहरों में सफलतापूर्वक पानी छोड़ दिया गया है। यह कार्रवाई एक तकनीकी समस्या के समाधान के बाद की गई।1
- सोमवार को गंगापुर सिटी बाईपास पर रामकेश पेट्रोल पंप के पास पवन मीणा टोकसी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और चक्का जाम आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग उठाई। इस चक्का जाम के कारण बाईपास पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन लगातार वार्ता के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। अभी तक आंदोलनकारियों की सभी मांगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।1