मान्यता पर सवालों के घेरे में महरैल का वसंत वैली मिडिल स्कूल। बिना खेल मैदान और पर्याप्त सुविधाओं के संचालन का आरोप, ड्रेस व फीस वसूली को लेकर अभिभावक नाराज अभिभावकों का दावा—मान्यता किसी दूसरे स्थान की, संचालन महरैल में; शिक्षा विभाग से जांच की मांग विंध्यभूमि सिंगरौली। देवसर ब्लॉक के महरैल गांव में संचालित वसंत वैली मिडिल स्कूल की व्यवस्थाओं और मान्यता को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं विद्यालय जिस स्थान पर वर्तमान में संचालित हो रहा है, वहां खेल मैदान, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों की ड्रेस के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है। इसके अलावा फीस में बढ़ोतरी किए जाने की भी शिकायत है। सबसे गंभीर सवाल विद्यालय की मान्यता और संचालन स्थल को लेकर उठाया जा रहा है। अभिभावकों का दावा है कि विद्यालय की मान्यता किसी अन्य स्थान की है, जबकि स्कूल का संचालन महरैल में किया जा रहा है। यदि यह दावा सही है तो यह शिक्षा व्यवस्था और संबंधित विभाग की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्कूल में खेल मैदान नहीं, पंचायत भवन के शौचालय का सहारा अभिभावकों के मुताबिक जिस स्थान पर विद्यालय संचालित हो रहा है, वहां बच्चों के लिए अपना खेल मैदान नहीं है। शौचालय की सुविधा को लेकर भी गंभीर स्थिति बताई जा रही है। आरोप है कि छात्र फिलहाल पंचायत भवन के शौचालय का उपयोग करने को मजबूर हैं। पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए अलग हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है और पंचायत भवन परिसर में लगे बोरवेल से पानी की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किए बिना विद्यालय का संचालन किस आधार पर किया जा रहा है? संचालक के रवैये को लेकर भी शिकायत अभिभावकों का आरोप है कि जब विद्यालय संचालक राज भवन यादव से विद्यालय की मान्यता और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए तो कथित तौर पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय दबंग रवैया अपनाया गया। अभिभावकों के अनुसार राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए कथित रूप से कहा गया कि “ऐसे ही चलेगा, जो करना है कर लो।” अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि संचालक द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह सहित अन्य नेताओं के समर्थन का हवाला दिया गया। DPC बोले—लिखित शिकायत दें, खबर से कार्रवाई नहीं होगी मामले को लेकर जिला परियोजना समन्वयक (DPC) अधिकारी आर.एल. शुक्ला से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि विद्यालय में सब सही चल रहा है। उन्होंने लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही और कहा कि केवल खबर चलने से कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब सवाल यह है कि यदि विद्यालय की व्यवस्थाएं वास्तव में नियमों के अनुरूप हैं तो मान्यता, संचालन स्थल, फीस, ड्रेस शुल्क, खेल मैदान, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की जांच कराने में आखिर आपत्ति क्यों होनी चाहिए? शिक्षा विभाग की निगरानी पर बड़ा सवाल अभिभावकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग को केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय स्वयं विद्यालय की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। यदि विद्यालय मान्यता प्राप्त है तो उसकी मान्यता किन शर्तों पर है और वर्तमान संचालन स्थल उन्हीं शर्तों के अनुरूप है या नहीं—इसकी जांच आवश्यक है। सवाल सीधा है—जब स्कूल में बच्चों के लिए खेल मैदान, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो विभाग की जांच व्यवस्था आखिर किस काम की है? कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग अभिभावकों ने अब जिला कलेक्टर से मामले का संज्ञान लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मौके पर भौतिक निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही विद्यालय की मान्यता, संचालन स्थल, छात्र संख्या, फीस एवं ड्रेस शुल्क तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जांच कराने की मांग की गई है। यदि जांच में मान्यता संबंधी अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो अभिभावकों की मांग है कि विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें किसी नजदीकी मान्यता प्राप्त विद्यालय में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाए। अब निगाह जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर है—क्या महरैल के इस विद्यालय की जमीनी हकीकत सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच होगी, या फिर शिकायतें और सवाल इसी तरह फाइलों में दबे रहेंगे?
मान्यता पर सवालों के घेरे में महरैल का वसंत वैली मिडिल स्कूल। बिना खेल मैदान और पर्याप्त सुविधाओं के संचालन का आरोप, ड्रेस व फीस वसूली को लेकर अभिभावक नाराज अभिभावकों का दावा—मान्यता किसी दूसरे स्थान की, संचालन महरैल में; शिक्षा विभाग से जांच की मांग विंध्यभूमि सिंगरौली। देवसर ब्लॉक के महरैल गांव में संचालित वसंत वैली मिडिल स्कूल की व्यवस्थाओं और मान्यता को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं विद्यालय जिस स्थान पर वर्तमान में संचालित हो रहा है, वहां खेल मैदान, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों की ड्रेस के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है। इसके अलावा फीस में बढ़ोतरी किए जाने की भी शिकायत है। सबसे गंभीर सवाल विद्यालय की मान्यता और संचालन स्थल को लेकर उठाया जा रहा है। अभिभावकों का दावा है कि विद्यालय की मान्यता किसी अन्य स्थान की है, जबकि स्कूल का संचालन महरैल में किया जा रहा है। यदि यह दावा सही है तो यह शिक्षा व्यवस्था और संबंधित विभाग की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्कूल में खेल मैदान नहीं, पंचायत भवन के शौचालय का सहारा अभिभावकों के मुताबिक जिस स्थान पर विद्यालय संचालित हो रहा है, वहां बच्चों के लिए अपना खेल मैदान नहीं है। शौचालय की सुविधा को लेकर भी गंभीर स्थिति बताई जा रही है। आरोप है कि छात्र फिलहाल पंचायत भवन के शौचालय का उपयोग करने को मजबूर हैं। पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए अलग हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है और पंचायत भवन परिसर में लगे बोरवेल से पानी की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में सवाल यह है कि बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किए बिना विद्यालय का संचालन किस आधार पर किया जा रहा है? संचालक के रवैये को लेकर भी शिकायत अभिभावकों का आरोप है कि जब विद्यालय संचालक राज भवन यादव से विद्यालय की मान्यता और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए गए तो कथित तौर पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय दबंग रवैया अपनाया गया। अभिभावकों के अनुसार राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए कथित रूप से कहा गया कि “ऐसे ही चलेगा, जो करना है कर लो।” अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि संचालक द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह सहित अन्य नेताओं के समर्थन का हवाला दिया गया। DPC बोले—लिखित शिकायत दें, खबर से कार्रवाई नहीं होगी मामले को लेकर जिला परियोजना समन्वयक (DPC) अधिकारी आर.एल. शुक्ला से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि विद्यालय में सब सही चल रहा है। उन्होंने लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही और कहा कि केवल खबर चलने से कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब सवाल यह है कि यदि विद्यालय की व्यवस्थाएं वास्तव में नियमों के अनुरूप हैं तो मान्यता, संचालन स्थल, फीस, ड्रेस शुल्क, खेल मैदान, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की जांच कराने में आखिर आपत्ति क्यों होनी चाहिए? शिक्षा विभाग की निगरानी पर बड़ा सवाल अभिभावकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग को केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय स्वयं विद्यालय की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। यदि विद्यालय मान्यता प्राप्त है तो उसकी मान्यता किन शर्तों पर है और वर्तमान संचालन स्थल उन्हीं शर्तों के अनुरूप है या नहीं—इसकी जांच आवश्यक है। सवाल सीधा है—जब स्कूल में बच्चों के लिए खेल मैदान, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो विभाग की जांच व्यवस्था आखिर किस काम की है? कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग अभिभावकों ने अब जिला कलेक्टर से मामले का संज्ञान लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मौके पर भौतिक निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही विद्यालय की मान्यता, संचालन स्थल, छात्र संख्या, फीस एवं ड्रेस शुल्क तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जांच कराने की मांग की गई है। यदि जांच में मान्यता संबंधी अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो अभिभावकों की मांग है कि विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें किसी नजदीकी मान्यता प्राप्त विद्यालय में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाए। अब निगाह जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर है—क्या महरैल के इस विद्यालय की जमीनी हकीकत सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच होगी, या फिर शिकायतें और सवाल इसी तरह फाइलों में दबे रहेंगे?
- ‘मेरा राष्ट्र, मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ करेंगे नागरिकों से संवाद सिंगरौली। राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर भारत विकास परिषद सिंगरौली जिला इकाई, विंध्य प्रांत द्वारा ‘मेरा राष्ट्र, मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का आगमन होगा। कार्यक्रम 20 सितंबर 2026, रविवार को प्रातः 10:30 बजे से होटल सत्या बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका, सामाजिक दायित्व और देश के प्रति जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक भारत विकास परिषद सिंगरौली जिला इकाई, विंध्य प्रांत हैं। कार्यक्रम संयोजक प्रदीप शुक्ला तथा सह संयोजक पवन कुमार सिंह बनाए गए हैं। आयोजकों ने नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। इसी संबंध में आज भारत विकास परिषद के द्वारा बैठक का आयोजन किया गया है जिसमें उनके आगमन को लेकर चर्चाएं की गई1
- UGC रोल 🔙 सवाल से विचलित होकर कुर्सी छोड़ भागी पूर्व सांसद रीती पाठक सहित कई भाजपा नेता? #सिंगरौली1
- बरगवां पुलिस की कड़ी कार्रवाई, मारपीट के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार जमीनी विवाद को लेकर बरगवां बाजार में हुई थी मारपीट, एक आरोपी फरार बरगवां पुलिस की कड़ी कार्रवाई, मारपीट के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार जमीनी विवाद को लेकर बरगवां बाजार में हुई थी मारपीट, एक आरोपी फरार सिंगरौली। बरगवां थाना क्षेत्र के बरगवां बाजार में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को शाम करीब 4 बजे दो पक्षों के बीच जमीनी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। घटना में रामरेखा नामदेव एवं बसंतलाल नामदेव को चोटें आई थीं। बसंतलाल नामदेव की रिपोर्ट पर पुलिस ने आधा प्रसाद नामदेव, अंकित नामदेव एवं अमन नामदेव के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था। घायल रामरेखा नामदेव की चोट को डॉक्टर द्वारा गंभीर एवं प्राणघातक प्रकृति का बताए जाने पर प्रकरण में धारा 109 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। सिंगरौली पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देशन में एसडीओपी सिंगरौली रोशनी कुर्मी तथा थाना प्रभारी बरगवां अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश की गई। पुलिस ने आधा प्रसाद नामदेव (49 वर्ष) और अंकित नामदेव (25 वर्ष), दोनों निवासी बड़ोखर, थाना बरगवां, को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाठी भी जब्त की। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल बैढ़न भेज दिया गया। वहीं तीसरा आरोपी अमन नामदेव फरार है, जिसकी तलाश जारी है। कार्रवाई में निरीक्षक अनिल कुमार पटेल, उपनिरीक्षक श्याम विहारी द्विवेदी, प्रधान आरक्षक रामचरण सतनामी, अरुण पटेल, आरक्षक श्यामलाल प्रजापति और आरक्षक राजन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- सिंगरौली: घर की बाउंड्री से 2 लाख के गांजा के 8 हरे पेड़ जब्त चितरंगी पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई। सिंगरौली: जिले में अवैध मादक पदार्थों और ड्रग्स तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष प्रहार अभियान के तहत चितरंगी थाना पुलिस ने एक और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने घर के पीछे बाउंड्री में अवैध रूप से गांजे की खेती करने वाले एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को गिरफ्तार करते हुए 13.648 किलोग्राम वजनी गांजा के 8 हरे पौधे जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख 720 रुपये आंकी गई है।1
- देवसर सब्जी मंडी के सामने बाइक से बाइक की भिड़ंत, महिला घायल देवसर। देवसर सब्जी मंडी के सामने बाइक से बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में एक महिला घायल हो गई। टक्कर के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायल महिला की मदद की गई। देवसर सब्जी मंडी के सामने बाइक से बाइक की भिड़ंत, महिला घायल देवसर। देवसर सब्जी मंडी के सामने बाइक से बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में एक महिला घायल हो गई। टक्कर के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायल महिला की मदद की गई।1
- महाराष्ट्र तालुका बाईपास के पास महाराष्ट्र यातायात पुलिस की मनमानी ना गलती रहते हुए भी ड्राइवर से जबरन उसूली करते हैं न देने पर करने की धमकी और गाड़ी चीज करने की बात करते हैं1
- ग्राम मठिया में सड़क की काफी समस्या होने के बाद भी अभी तक सड़क नहीं बनी है जिसके कारण खबर प्रकाशित ग्रामीणों द्वारा किया गया ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द हमारे गांव की सड़क सड़क की समस्या होने के कारण ग्रामीण को बरसात में आने जाने के संबंध में काफी समस्या होती है जिसके कारण ग्रामीण खुद चंदा लगा करके सड़क निर्माण कार्य कराए लेकिन बरसात में आवेदन करने में काफी समस्या होती है कृपया सरकार से यही निवेदन कर रहे हैं कि सिर्फ आपकी सड़क बनाई जाए1
- चितरंगी पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, घर की बाउंड्री से गांजे के 8 हरे पौधे जब्त चितरंगी पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, घर की बाउंड्री से गांजे के 8 हरे पौधे जब्त सिंगरौली। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष प्रहार अभियान के तहत चितरंगी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घर की बाउंड्री में अवैध रूप से गांजे की खेती करने के आरोप में 60 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से गांजे के 8 हरे पौधे बरामद किए, जिनका कुल वजन 13 किलो 648 ग्राम बताया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 2 लाख 720 रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को थाना प्रभारी निरीक्षक सुधेश तिवारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सुकहर टोला (धानपानी) निवासी रंगनाथ सिंह पिता बच्चू सिंह (60 वर्ष) ने अपने घर की बाउंड्री के भीतर गांजे के पौधे लगा रखे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार तलाशी ली, जहां से 8 नग हरे गांजे के पौधे बरामद हुए। पुलिस ने पौधों को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में थाना चितरंगी में अपराध क्रमांक 446/2026, धारा 8/20(ए) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी को विशेष न्यायालय एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिंह के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चितरंगी ललित बैरागी की निगरानी में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी सुधेश तिवारी सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।1