Shuru
Apke Nagar Ki App…
Timli R Meda MedaOfficial
More news from Dhar and nearby areas
- Post by Timli R Meda MedaOfficial1
- MP के इस अस्पताल में हर 2 मिनट में हुई नसबंदी, ऑपरेशन के बाद जमीन पर लिटाई 180 महिलाएं। मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र धार जिले में महिला नसबंदी कैंप की शर्मनाक तस्वीर आई सामने आई है। यहां करीब 180 महिलाओं का बुनियादी सुविधाओं के बिना नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर द्वारा हर 2 मिनट में एक महिला की नसबंदी कर दी गई। लापरवाही सामने आने के बाद 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के बाद कैंप में जमीन पर लेटी महिलाओं के वीडियो भी सामने आए हैं।1
- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर कांग्रेस विधायकदल का विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन बदनावर (धार) नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधायकों ने गंदे पानी की बोतल और तख्तियां लेकर किया सांकेतिक प्रदर्शन* मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो गई, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए तथा दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेश के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में जनता को दूषित व मलयुक्त पानी मिलना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी के दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। हमने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए प्रस्ताव रखा है सरकार बताए कि क्या इस पर गंभीर चर्चा होगी या नहीं। हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुँचना जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा (RO) पानी खरीदने में सक्षम नहीं। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है। उमंग सिंघार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह संघर्ष जारी रखेगी।4
- 🚜🌾 धामनोद केआस पास गेहूं कटाई का काम चालू हो गया है! तेज़, साफ और समय पर कटाई के लिए अभी संपर्क करें। 95751194201
- देपालपुर तहसील के ग्राम बोरसी में आपसी विवाद में महिला मजदूर हाई टेंशन बिजली पोल पर बैठ गई, बाद में काफी मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया ।1
- बड़वानी, 17 फरवरी 2026। निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र अंतर्गत कुण्डिया से मेंदल्यापानी के बीच शेष 4 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। "कुण्डिया–मेंदल्यापानी–वरला रोड निर्माण संघर्ष समिति" के बैनर तले निकाली गई दो दिवसीय पदयात्रा का समापन मंगलवार को सेंधवा विकासखण्ड कार्यालय पर हुआ। यहाँ ग्रामीणों ने महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम सेंधवा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की। दो दिनों में दर्जनों गांवों से गुजरी पदयात्रा यह पदयात्रा 16 फरवरी को तहसील कार्यालय वरला से शुरू हुई थी, जो खारिया, बाखरली, मेंदल्यापानी, कुण्डिया, मालवन, सोलवन सहित कई गांवों से होते हुए सेंधवा पहुँची। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दोनों ओर की सड़कें बन चुकी हैं, लेकिन बीच का केवल 4 किमी हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। इस अधूरे मार्ग के कारण करीब 12 आदिवासी गांवों के हजारों लोग परेशान हैं और उन्हें मुख्यालय पहुँचने के लिए 25 से 50 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। प्रशासन को 30 दिन का अल्टीमेटम ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में कई बार आवेदन और सांकेतिक धरना देने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। संघर्ष समिति ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले 30 दिनों के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय सेंधवा का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पदयात्रा में शामिल रहे प्रमुख जनप्रतिनिधि इस आंदोलन में मुख्य रूप से पोरलाल खर्ते, गुच्छा जमरा, सीताराम बर्डे, अनिल रावत, दुरसिंग पटेल, भुवान सिंह जाधव, शांताराम खर्ते, अजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में सरपंच, जनपद सदस्य और ग्रामीणजन शामिल हुए। समिति ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि इस मार्ग को प्राथमिकता पर रखकर तुरंत निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।4
- Post by Bhiku Vasuniya2
- सभी से निवेदन है । की बीडी सिगरेट वाले1