खगड़िया के नगर परिषद गोगरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होने से शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के विभिन्न वार्डों, मुख्य सड़कों और बाजारों में कचरे के अंबार लगे हुए हैं। नियमित रूप से कचरा न उठाए जाने की वजह से कई इलाकों में भारी दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। शहर के वार्ड संख्या 1 से लेकर 36 तक कई स्थानों पर गंदगी का ढेर लगा है, जिसमें जमालपुर मुख्य बाजार, ऑटो स्टैंड और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे बरसात के दिनों में जलजमाव होने पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू व मलेरिया जैसी घातक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस गंदगी का प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दुर्गंध के चलते ग्राहकों की संख्या कम हो रही है। कुछ व्यापारी अपने स्तर पर भी सफाई कराते हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। दूसरी तरफ, नगर परिषद के अधिकारियों का दावा है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और घर-घर कचरा संग्रहण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की योजना पर काम जारी है। हालांकि, धरातल पर शहर की मौजूदा बदहाली इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। इसी आक्रोश के बीच, स्थानीय लोगों ने रविवार की शाम पांच बजे अपनी आवाज बुलंद करते हुए सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और नियमित कचरा उठाव, सफाई कर्मियों की जवाबदेही तय करने व प्रभावी निगरानी प्रणाली को तुरंत लागू करने की पुरजोर मांग की है।
खगड़िया के नगर परिषद गोगरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होने से शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के विभिन्न वार्डों, मुख्य सड़कों और बाजारों में कचरे के अंबार लगे हुए हैं। नियमित रूप से कचरा न उठाए जाने की वजह से कई इलाकों में भारी दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। शहर के वार्ड संख्या 1 से लेकर 36 तक कई स्थानों पर गंदगी का ढेर लगा है, जिसमें जमालपुर मुख्य बाजार, ऑटो स्टैंड और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे बरसात के दिनों में जलजमाव होने पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू व मलेरिया जैसी घातक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस गंदगी का प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दुर्गंध के चलते ग्राहकों की संख्या कम हो रही है। कुछ व्यापारी अपने स्तर पर भी सफाई कराते हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। दूसरी तरफ, नगर परिषद के अधिकारियों का दावा है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और घर-घर कचरा संग्रहण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की योजना पर काम जारी है। हालांकि, धरातल पर शहर की मौजूदा बदहाली इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। इसी आक्रोश के बीच, स्थानीय लोगों ने रविवार की शाम पांच बजे अपनी आवाज बुलंद करते हुए सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और नियमित कचरा उठाव, सफाई कर्मियों की जवाबदेही तय करने व प्रभावी निगरानी प्रणाली को तुरंत लागू करने की पुरजोर मांग की है।
- खगड़िया के गोगरी प्रखंड की रामपुर पंचायत में पिछले तीन-चार दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बिजली नहीं रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है और उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। बिजली को दोबारा बहाल करने के लिए जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और मानव बल लगातार काम में जुटे हुए हैं। रामपुर पंचायत के सरपंच नूर आलम ने रविवार की शाम करीब पांच बजे बताया कि नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा है और आवश्यक तकनीकी कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नया ट्रांसफार्मर चार्ज होने में कम से कम पांच घंटे का समय लगता है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कार्य पूरा होने के बाद रविवार देर रात 10 से 11 बजे के बीच रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या 9, 8, 7, 6, 5 और 4 में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सरपंच ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है ताकि विभाग प्रभावित वार्डों में जल्द से जल्द निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू कर सके।2
- मुंगेर के छाता चौक पर एक मिनी ट्रक से 3,447 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। इस बरामदगी के साथ ही मिनी ट्रक के चालक और उपचालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- बिहार के भोजपुर में कार्यरत एक शारीरिक शिक्षक ने अपनी मेहनत के दम पर मुक्केबाजी की दुनिया में एक अनोखी पहचान बनाई है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय अलेखिटोला, बड़हरा में तैनात शारीरिक शिक्षक अनुदेशक रमेश कुमार के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण में अब तक 20 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो चुके हैं। उनके शिष्यों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 से ज्यादा पदक जीते हैं और पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। इतनी बड़ी और गौरवशाली सफलता हासिल करने के बावजूद, बिहार के इस बॉक्सिंग गुरु को आज भी मात्र ₹16,500 का मासिक मानदेय ही मिल रहा है। समर्पण, कठिन संघर्ष और खेल के प्रति उनके अटूट जुनून की यह कहानी हर किसी को गहराई से प्रेरित करती है।1
- मुंगेर में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने हथियार तस्करी के मामले पर अपनी बात रखी है। इस विषय को लेकर उन्होंने अपना वक्तव्य दिया है।1
- जमुई सांसद अरुण भारती ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत शेखपुरा नगर परिषद के वार्ड संख्या-15 में केंद्रीय विद्यालय के लिए चयनित स्थल पर कटनी कोल एवं जमुआरा पथ के साथ सौंदर्यीकरण से संबंधित निर्माण कार्य का शिलान्यास किया है। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे आजादी के बाद जिले के लोगों का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण होने से स्थानीय लोगों तथा भविष्य में यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएँ मिलेंगी। इस शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जमुआरा कटनी कोल पहुंचने पर सांसद अरुण भारती का लोजपा आर जिला अध्यक्ष ईमाम गजाली के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी ने इसे जिले वासियों का सपना पूरा होने की बात कही। वहीं, जिला अध्यक्ष ईमाम गजाली ने बताया कि शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय के लिए उन्होंने शेखपुरा से पटना और पटना से दिल्ली तक का सफर तय किया, और कई महीनों की मेहनत अब रंग लाई है जिससे जिले के शिक्षा क्षेत्र का विकास होगा। एमएलसी ललन प्रसाद ने भी इस पहल के लिए सांसद अरुण भारती और जिला अध्यक्ष ईमाम गजाली के अहम योगदान की सराहना करते हुए जिले वासियों को बधाई दी। इस कार्यक्रम में शेखर पासवान, अरविंद पासवान, मुकेश पासवान, पप्पू पासवान, राहुल कुमार, शंकर नेता जी के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी जैसे एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार, एसडीएम प्रियंका कुमारी और एडीएम पीजीआरओ धर्मेंद्र कुमार सहित कई अन्य नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे शेखपुरा के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।4
- खगड़िया के एक गांव में कुमार लड़कों को उनकी जमीन से जबरन भगाए जाने और उन्हें उनके परिवारों से अलग किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से परेशान होकर पीड़ित ने देशवासियों से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि उनके गांव में बहुत गलत काम हो रहा है, जिससे लोग बेहद लाचार हैं। पीड़ित का आरोप है कि बिहार में एक गलत कानून चल रहा है, जिसे सही तरीके से लागू या काम में नहीं लाया जा रहा है। इसी अव्यवस्था के खिलाफ पीड़ित ने लोगों से आगे आकर मदद करने की अपील की है।1
- बिहार के मुंगेर जिले के धरहरा में एक व्यक्ति ने काम करने के बावजूद खाते में पैसे नहीं आने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। पीड़ित का कहना है कि वह इतने दिनों से लगातार काम कर रहा है, लेकिन अभी तक उसके खाते में पैसे नहीं पहुंचे हैं।1
- खगड़िया के नगर परिषद गोगरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होने से शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के विभिन्न वार्डों, मुख्य सड़कों और बाजारों में कचरे के अंबार लगे हुए हैं। नियमित रूप से कचरा न उठाए जाने की वजह से कई इलाकों में भारी दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। शहर के वार्ड संख्या 1 से लेकर 36 तक कई स्थानों पर गंदगी का ढेर लगा है, जिसमें जमालपुर मुख्य बाजार, ऑटो स्टैंड और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे बरसात के दिनों में जलजमाव होने पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू व मलेरिया जैसी घातक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस गंदगी का प्रतिकूल प्रभाव स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दुर्गंध के चलते ग्राहकों की संख्या कम हो रही है। कुछ व्यापारी अपने स्तर पर भी सफाई कराते हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है। दूसरी तरफ, नगर परिषद के अधिकारियों का दावा है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और घर-घर कचरा संग्रहण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की योजना पर काम जारी है। हालांकि, धरातल पर शहर की मौजूदा बदहाली इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। इसी आक्रोश के बीच, स्थानीय लोगों ने रविवार की शाम पांच बजे अपनी आवाज बुलंद करते हुए सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और नियमित कचरा उठाव, सफाई कर्मियों की जवाबदेही तय करने व प्रभावी निगरानी प्रणाली को तुरंत लागू करने की पुरजोर मांग की है।1