कन्नौज के गुरसहायगंज में विद्युत फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से एक संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत हो गई है। रविवार दोपहर यह हादसा गुरसहायगंज नगर के जीटी रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र पर हुआ, जब 30 वर्षीय संविदा लाइनमैन शिवसागर उर्फ शर्मू कठेरिया लिफ्ट ट्रॉली पर चढ़कर बिजली का फॉल्ट दुरुस्त कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आने से वह ऊंचाई से नीचे सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर शव को तिर्वा रोड पर रखकर सड़क जाम कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है, जिसके चलते करीब दो घंटे तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पूर्व राज्य मंत्री अर्चना पांडे, एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी, और सीओ कुलवीर सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को लिखित में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बीमा क्लेम और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लगभग दो घंटे बाद जाम खोला जा सका। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कन्नौज के गुरसहायगंज में विद्युत फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से एक संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत हो गई है। रविवार दोपहर यह हादसा गुरसहायगंज नगर के जीटी रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र पर हुआ, जब 30 वर्षीय संविदा लाइनमैन शिवसागर उर्फ शर्मू कठेरिया लिफ्ट ट्रॉली पर चढ़कर बिजली का फॉल्ट दुरुस्त कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आने से वह ऊंचाई से नीचे सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर शव को तिर्वा रोड पर रखकर सड़क जाम कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है, जिसके चलते करीब दो घंटे तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पूर्व राज्य मंत्री अर्चना पांडे, एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी, और सीओ कुलवीर सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को लिखित में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बीमा क्लेम और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लगभग दो घंटे बाद जाम खोला जा सका। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
- कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा इत्र पार्क के पास से अपहरण कर बंधक बनाने और मारपीट करने का सनसनीखेज मामला पुलिस जांच में झूठा साबित हुआ है। सिमुआपुर गांव निवासी ऋषभ पुत्र देवेंद्र सिंह ने शनिवार 23 मई को दावा किया था कि प्रतीक, अनुज, दिव्यांशु और करन नामक चार युवकों ने उसे इत्र पार्क के पास से जबरन बाइक पर बिठाकर कानपुर नगर के दलेलपुर जंगल में ले जाकर पीटा, जिसके बाद शोर सुनकर चरवाहों ने उसे बंधनमुक्त कराया और किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इस सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि कथित घटनास्थल ठठिया थाना क्षेत्र से बाहर कानपुर नगर के दलेलपुर जंगल क्षेत्र में था। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसमें पता चला कि ऋषभ और जिन चार युवकों पर अपहरण का आरोप लगाया गया था, वे सभी आपस में दोस्त हैं। दरअसल, शनिवार को वे सभी दलेलपुर जंगल क्षेत्र में पार्टी करने गए थे, जहां पैसों के लेन-देन को लेकर उनमें आपसी विवाद हो गया था। अपने घरवालों से वास्तविकता छिपाने और खुद को बचाने के लिए ऋषभ ने अपहरण और बंधक बनाए जाने की मनगढ़ंत कहानी रच दी थी। थाना प्रभारी संजीव कुमार ने इस मामले की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआत में अपहरण की खबर से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला दोस्ती, पार्टी और पैसों के विवाद से जुड़ा निकला, जो क्षेत्र में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।1
- एक शिकायतकर्ता ने बताया है कि कुछ लोगों द्वारा जबरदस्ती बारिश और नाली के पानी की निकासी को बंद कर दिया गया है। उनके अनुसार, जब भी इस बात का विरोध किया जाता है, तो ये लोग गुंडागर्दी पर उतर आते हैं और मारपीट करना शुरू कर देते हैं। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से गुजारिश की है कि इस स्थिति को संभाला जाए और इन बाधाओं को हटाया जाए।2
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, विशेष रूप से शाहपुर गंगा और मल्लावां क्षेत्रों में, पानी के नल हर जगह लीक हो रहे हैं। इस समस्या के कारण कई स्थानों पर पानी की बर्बादी देखी जा रही है।1
- हरदोई जिले के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत मटियामऊ में माधोगंज रोड किनारे स्थित ग्राम समाज का एक तालाब गंदगी और जलकुंभी से पूरी तरह भरा हुआ है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि तालाब की इस दयनीय स्थिति के कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने इस गंभीर समस्या के लिए संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। तालाब में जलकुंभी के बेतहाशा फैलाव के चलते मच्छरों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों को लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या से अवगत कराने वाले ग्रामीणों में योगेंद्र सक्सेना, अशोक सक्सेना, जगपाल राठौर, अनिल राठौर, मदन लाल और फैज खां शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन परेशानियों के बावजूद संबंधित अधिकारी और विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। तालाब की नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव न होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा खतरे में है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं और अधिकारी इस गंभीर मामले पर मौन साधे हुए हैं।1
- हरदोई के हरपालपुर में मिशन शक्ति अभियान के पाँचवें चरण के द्वितीय चरण के तहत ब्रह्मदेव बाबा पुलिया मंदिर में एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। सोमवार को हुई इस चौपाल में थाना हरपालपुर पुलिस ने महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को जागरूक किया। पुलिस टीम ने महिला सुरक्षा, विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं और साइबर अपराध से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। थाना हरपालपुर की उपनिरीक्षक अंजना सचान, महिला आरक्षी प्रतिभा, महिला आरक्षी आसनी राजावत, महिला आरक्षी शिवांगी और महिला आरक्षी खुशबू ने ग्रामीणों को पुलिस हेल्पलाइन नंबरों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वूमेन पावर लाइन 1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर किसी भी आपात स्थिति, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा या अन्य अपराध की शिकायत तुरंत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के प्रति विशेष रूप से सतर्क किया गया, जिसमें पुलिस ने बताया कि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, सीवीवी या पिन नहीं मांगते। अनजान लिंक और केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली कॉल से सावधान रहने की सलाह दी गई, साथ ही किसी भी ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करने को कहा गया। उपनिरीक्षक अंजना सचान ने इस दौरान यह भी बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, जहाँ शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी और तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने लोगों से कस्बे में शांति-सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।4
- हरदोई जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र के मल्होत्रा गांव में ग्रामीण आवास योजना संचालित है।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर फर्रुखाबाद स्थित पांचाल घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान घाट पर भक्तों का सैलाब देखने को मिला।1
- कन्नौज के गुरसहायगंज में विद्युत फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से एक संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत हो गई है। रविवार दोपहर यह हादसा गुरसहायगंज नगर के जीटी रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र पर हुआ, जब 30 वर्षीय संविदा लाइनमैन शिवसागर उर्फ शर्मू कठेरिया लिफ्ट ट्रॉली पर चढ़कर बिजली का फॉल्ट दुरुस्त कर रहे थे। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट आने से वह ऊंचाई से नीचे सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर शव को तिर्वा रोड पर रखकर सड़क जाम कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है, जिसके चलते करीब दो घंटे तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पूर्व राज्य मंत्री अर्चना पांडे, एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी, और सीओ कुलवीर सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को लिखित में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बीमा क्लेम और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लगभग दो घंटे बाद जाम खोला जा सका। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1