मुंगेर के तारापुर में शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे हुई झमाझम बारिश ने क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत दी है। कई दिनों से मानसून की बेरुखी के कारण धान का बिचड़ा सूखने लगा था, जिससे किसान बेहद चिंतित थे। इस बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है, जिससे धान के बिचड़े को नई जान मिल गई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का मानना है कि समय पर हुई इस बारिश से अब बिचड़े की बढ़वार अच्छी होगी और करीब 20 से 25 दिनों में वह रोपनी के लिए तैयार हो जाएगा, जिससे समय पर धान की रोपाई संभव हो सकेगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है। किसान मनोरंजन चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि इस बारिश के बाद अब बिचड़े में उर्वरक एवं आवश्यक दवाओं का छिड़काव किया जाएगा ताकि पौधे स्वस्थ और मजबूत बन सकें। उनका कहना है कि यदि आगे भी समय-समय पर इसी तरह बारिश होती रही, तो इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने की पूरी संभावना है। फिलहाल, शनिवार की इस बारिश ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता को पूरी तरह से दूर कर दिया है।
मुंगेर के तारापुर में शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे हुई झमाझम बारिश ने क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत दी है। कई दिनों से मानसून की बेरुखी के कारण धान का बिचड़ा सूखने लगा था, जिससे किसान बेहद चिंतित थे। इस बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है, जिससे धान के बिचड़े को नई जान मिल गई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का मानना है कि समय पर हुई इस बारिश से अब बिचड़े की बढ़वार अच्छी होगी और करीब 20 से 25 दिनों में वह रोपनी के लिए तैयार हो जाएगा, जिससे समय पर धान की रोपाई संभव हो सकेगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है। किसान मनोरंजन चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि इस बारिश के बाद अब बिचड़े में उर्वरक एवं आवश्यक दवाओं का छिड़काव किया जाएगा ताकि पौधे स्वस्थ और मजबूत बन सकें। उनका कहना है कि यदि आगे भी समय-समय पर इसी तरह बारिश होती रही, तो इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने की पूरी संभावना है। फिलहाल, शनिवार की इस बारिश ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता को पूरी तरह से दूर कर दिया है।
- मुंगेर के तारापुर में शनिवार की दोपहर करीब 3 बजे हुई झमाझम बारिश ने क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत दी है। कई दिनों से मानसून की बेरुखी के कारण धान का बिचड़ा सूखने लगा था, जिससे किसान बेहद चिंतित थे। इस बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है, जिससे धान के बिचड़े को नई जान मिल गई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का मानना है कि समय पर हुई इस बारिश से अब बिचड़े की बढ़वार अच्छी होगी और करीब 20 से 25 दिनों में वह रोपनी के लिए तैयार हो जाएगा, जिससे समय पर धान की रोपाई संभव हो सकेगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है। किसान मनोरंजन चौधरी और अजय चौधरी ने बताया कि इस बारिश के बाद अब बिचड़े में उर्वरक एवं आवश्यक दवाओं का छिड़काव किया जाएगा ताकि पौधे स्वस्थ और मजबूत बन सकें। उनका कहना है कि यदि आगे भी समय-समय पर इसी तरह बारिश होती रही, तो इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने की पूरी संभावना है। फिलहाल, शनिवार की इस बारिश ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता को पूरी तरह से दूर कर दिया है।1
- मुंगेर जिले के तारापुर अंतर्गत दरियापुर पंचायत के तेतरिया गांव में जल जमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है। यह क्षेत्र CM सम्राट चौधरी का क्षेत्र है, जहां जल जमाव की विकट समस्या से तंग आकर ग्रामीणों ने स्थानीय मुखिया की जमकर रेलाई कर दी। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर गहरा गुस्सा है, जिसे देखकर लोग इस बदहाली पर सोचने को मजबूर हो रहे हैं।1
- मुंगेर के संग्रामपुर अंचल कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनता दरबार के दौरान एक रेयती जमीन पर दावे को लेकर दो पक्षों में भारी हंगामा हो गया। महादलित परिवार द्वारा निजी जमीन को अपना बताने पर शुरू हुए इस विवाद के बाद अंचल कार्यालय के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हंगामे की सूचना मिलने पर संग्रामपुर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे लोगों और भीड़ को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में अंचलाधिकारी ने बताया कि महादलित परिवार के लोग समझ नहीं पाए कि वह जमीन निजी है। इस परिवार ने निजी जमीन के बगल में सरकारी जमीन पर अपना घर बना रखा है, लेकिन जब निजी जमीन वाले अपने दस्तावेज लेकर आए तो जांच में जमीन उन्हीं की पाई गई। अंचलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को समझा-बुझाकर वापस भेजते हुए सख्त चेतावनी दी कि वे जिस जमीन पर रह रहे हैं उसी पर रहें और किसी अन्य की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा इस तरह का हंगामा किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अंचल कार्यालय में शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई है।4
- संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इसी के तहत खगड़िया के परबत्ता में डीएम विक्रम विरकर ने तेमथा और करारी तटबंधों का धरातलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संभावित बाढ़ से बचाव की तैयारियों का जायजा लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।1
- मुंगेर में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने हथियार तस्करी के मामले पर अपनी बात रखी है। इस विषय को लेकर उन्होंने अपना वक्तव्य दिया है।1
- श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।1
- खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित कर परिवार नियोजन पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। शनिवार की शाम चार बजे तक चले इस उद्घाटन कार्यक्रम के साथ ही इस विशेष अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा, जिसका विधिवत उद्घाटन अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चन्द्रप्रकाश ने किया। इस अवसर पर डॉ. चन्द्रप्रकाश ने कहा कि परिवार नियोजन का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार करने के साथ-साथ परिवार को सुखी और समृद्ध बनाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों की जानकारी लें और जरूरत के अनुसार इनका लाभ उठाएं। इस कार्यक्रम में महिला चिकित्सक डॉ. शोभा रानी, गुंजन कुमारी, बीसीएम नीतू कुमारी, बीएचएम रूपक कुमार सहित अस्पताल के कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। पखवाड़े के दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने अधिक से अधिक पात्र दंपतियों तक पहुंचने, उन्हें परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने और उपलब्ध सेवाओं का लाभ दिलाने का संकल्प लिया है।3
- मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार शुक्रवार को तारापुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंचने पर एसआई मनीष कुमार और पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इसके बाद डीआईजी ने कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था, अभिलेखों के रख-रखाव और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने, आम जनता की शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने और संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही, अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती बढ़ाने और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया। डीआईजी ने तारापुर अनुमंडल के चारों थानों के लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर एसडीपीओ कुमार देवेंद्र, इंस्पेक्टर विवेक राज, तारापुर थानाध्यक्ष राज कुमार, असरगंज थानाध्यक्ष विपुल कुमार, हरपुर थानाध्यक्ष सत्यम कुमार और संग्रामपुर थाना के पुलिस पदाधिकारियों समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1