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Jaipur : कृषि विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश, सुरक्षा के मजूबत होंगे बंदोबस्त, विभागीय अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
Jalampura AC morcha adhyaks D.
Jaipur : कृषि विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश, सुरक्षा के मजूबत होंगे बंदोबस्त, विभागीय अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
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- Jaipur : कृषि विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश, सुरक्षा के मजूबत होंगे बंदोबस्त, विभागीय अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee1
- बदनोर पुलिस ने खोला मात्र 6 घंटे में महिला की हत्या का राज रिश्तों का हुआ क़त्ल रिश्तेदार ही निकले कातिल 2 युवकों को किया डिटेन ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह की मॉनिटरिंग आई काम आसींद/ आसींद विधान सभा के बदनोर उपखंड के चेनपुरा गांव में एक वृद्ध महिला सीता देवी रेगर घर में अकेली रहती थी इसी का फायदा उठाकर रात को घर में लूटपाट की और महिला की निर्मम हत्या कर सोने चांदी के आभूषणों लेकर फरार हो गए घटना की जानकारी मिलते ही ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनुकृति उज्जैनिया ब्यावर व्रत अधिकारी राजेश कसाना मसूदा डिप्टी शिवराज सिंह एवं FSL टीम MOB टिम मौके पर पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी ली और साक्ष्य उठाएं, वही ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने विशेष टीम का गठन किया जिसमें बदनोर थाना अधिकारी शंभू दयाल मीणा राजवीर सिंह राज दीपेंद्र सिंह विजय सिंह की टीम गठित की गई प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया और घटनास्थल पर आने जाने वाले रास्ते पर सीसीटीवी फुटेज चेक की गई परिवारजन एवं अन्य पड़ोसियों से घटना के संबंध में जानकारी एकत्रित की सीसीटीवी फुटेज में जिसमें दो युवक दिलीप और आकाश की पहचान कर उन्हें डिटेन किया गया प्रारंभिक की पूछताछ में अभियुक्त गण उक्त वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया और अभियुक्त जानकारी प्राप्त कर पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई की जाएगी आसींद मंजूर 94138895961
- ब्यावर के कालिंजर गांव के शिव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान: श्रद्धालुओ ने भगवान शिव का अभिषेक किया, पंगत प्रसादी ग्रहण की1
- देवगढ़ ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ उद्घाटन ग्रामीणों ने भीम विधायक हरिसिंह रावत का किया ऐतिहासिक स्वागत देवगढ़। ब्लॉक के महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय स्वादड़ी में प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालय के 11 वर्षीय छात्र छात्राओं की ब्लॉक स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । जिसके मुख्य अतिथि भीम विधायक हरिसिंह रावत थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दयानन्द ने की । अति विशिष्ठ अतिथि निवर्तमान चेयरमेन शोभा लाल रेगर रहे। विशिष्ठ अतिथि पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र कुमार शर्मा थे। अतिरिक्त खंड शिक्षा अधिकारी प्रथम प्रदीप पालीवाल , अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय अमरसिंह कच्छावा आर पी घनश्याम सिंह , प्रशासक दीप सिंह , ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अर्जुनसिंह राठौड़ ,पूर्व मंडल अध्यक्ष कैलाश गर्ग मौजूद रहे। ग्राम पंचायत स्वादड़ी के ग्राम वासियों ने भी विधायक हरि सिंह रावत का भव्य स्वागत किया गया उन्हें घोड़े पर बिठाकर खेल मैदान के पंडाल तक ढोल नगाड़ों के साथ लाया गया करीब डेढ़ किलोमीटर तक विधायक हरिसिंह रावत की रैली निकाली गई ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भीम विधायक हरि सिंह रावत ने ग्रामीणों की मांग पर कई कल्याण कारी योजना वह विद्यालय के भौतिक विकास की योजनाओं की घोषणा की । भीम विधायक हरि सिंह रावत ने कहा कि बालकों के जीवन के लिए खेल आवश्यक है, खेल को बढ़ावा देने के लिए मैंने विद्यालयों में खेल मैदान, चारदीवारी , हर विद्यालय में उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। मेरी विधानसभा से अगर विद्यालय के बालक खेल जगत में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो मैं उनके प्रोत्साहन के लिए हर वक्त तैयार हूं ।मैं खुद एक एथलेटिक्स रहा हूं तथा स्टेट का टूर्नामेंट मेरे द्वारा खेला गया है, इसलिए मुझे खेल बहुत अधिक पसंद है ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक हरि सिंह रावत ने पूर्व में कराए गए विकास कार्य एवं जनकल्याण कारी योजनाओ एवं ग्राम वासियों को अवगत करवाया। उद्घाटन मैच लसानी संकुल वह पारडी संकुल के बीच खेला गया। जिसमें लसानी संकुल की राजकीय प्राथमिक विद्यालय कालागुन विजयी रही । कार्यक्रम का सफल संचालन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नारायण सिंहकाछबली ने किया कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दयानंद ने सभी अतिथियों का खेलकूद प्रतियोगिता में बच्चों का होसला अफजाई करने पधारने के लिए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के इस मौक इस मौके पर खेल संयोजक मनोज त्रिवेदी जिला ,अध्यक्ष चंद्रजीत सिंह ,ब्लॉक अध्यक्ष चैन सिंह ,पूर्व ब्लाक अध्यक्ष मीठालालगवारिया ,जसपाल सिंह, सुरेश चंद्र सालवी,महेश चौधरी ,अरविंद भाटी भंवर खटीक ,नारायण लाल कलाल ,भरत सिंह ,राजेंद्र सिंह ,भगवान सिंह, श्रीकांत वैष्णव ,गीता चौहान, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजूसिंह , एसएमसी अध्यक्ष ईश्वरसिंह, केंद्र अध्यक्ष सोनल खटीक, वार्ड पंच कमला देवी ,पूजा देवी भरत सिंह , कैलाश सिंह दीपेश कुमार ,चंद्र सिंह, भीम सिंह ,लाल सिंह, महेंद्र सिंह आदि सेकड़ो ग्रामीण एवं शिक्षा विभाग कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।2
- Anil jain chankhed bhilwara rajasthan india welcome dear guest thank आनंद ले बाकी टिप्पणी करना मना है ❤️ आप बस हंसे उसी के लिए वीडियो शूटिंग कवरेज दोस्तों के लिए बनाया गया है देखे1
- कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती विकास को तरसी, 15 वर्षों के भाजपा शासन पर उठे सवाल राकेश देसाई, वार्ड नं.27 भीलवाड़ा, 12 अगस्त। नगर निगम भीलवाड़ा में पिछले करीब 15 वर्षों से भाजपा का बोर्ड रहने के बावजूद शहर के कई कच्ची बस्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। बड़े-बड़े विकास के दावे और चुनावी वादे करने वाले नेताओं एवं पार्षदों के कार्यकाल पूरे होते रहे, लेकिन वार्डवासियों का कहना है कि उनके इलाके में अपेक्षित विकास आज तक नहीं पहुंच पाया। वार्ड नंबर 27 की कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती इसका एक बड़ा उदाहरण दिखाई देती है। यहां की तस्वीरें विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ तौर पर सामने रखती हैं। कहीं बरसाती पानी और गंदा पानी सड़कों पर जमा है, तो कहीं नालियां कचरे और गंदगी से अटी पड़ी हैं। कई स्थानों पर नालियों का पानी खुले क्षेत्र में जमा होकर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़कें और रास्ते जलमग्न हो जाते हैं तथा लोगों को घरों से निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदे पानी के बीच सफाई करने की मजबूरी यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर वर्षों से नगर निगम में बोर्ड होने और विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद कच्ची बस्ती के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों संघर्ष करना पड़ रहा है? नाला निर्माण को लेकर भी उठे सवाल पूर्व में जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में वार्ड 24, 25 एवं 27 में बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए जा रहे नालों की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि नालों के निर्माण में निर्धारित गहराई एवं तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया तथा निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका है। ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि कुछ स्थानों पर नाले की गहराई कम होने के कारण बरसात के समय पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है। यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है तो कच्ची बस्ती के आवासीय क्षेत्रों में जलभराव और गंदे पानी के फैलाव की समस्या और गंभीर होने की आशंका है। इन आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए संबंधित निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराया जाना जरूरी है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। सड़कें बनीं, लेकिन नालियां और रास्ते अधूरे कांवाखेड़ा क्षेत्र की तस्वीरों में कई जगह सड़क के किनारे खुले और क्षतिग्रस्त नाले दिखाई देते हैं। कुछ स्थानों पर सड़क के बीच अथवा किनारे गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं नालियों में जमा कचरा और गंदा पानी यह बताता है कि केवल सड़क बना देना ही विकास नहीं है; सड़क, नाली, जल निकासी और सफाई व्यवस्था का समुचित प्रबंधन भी उतना ही आवश्यक है। नालियां बदहाल, जलभराव से परेशान लोग, सड़कों की हालत भी चिंताजनक; चुनावी वादों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर लोगों का सवाल है कि जब चुनाव आते हैं तो जनप्रतिनिधि विकास के अनेक वादे करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर क्यों लगाने पड़ते हैं? जनता के भरोसे का क्या हुआ? हर चुनाव में जनता अपने क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनप्रतिनिधियों को चुनती है। वार्डवासी उम्मीद करते हैं कि उनका प्रतिनिधि सड़क, नाली, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देगा। लेकिन कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती की मौजूदा स्थिति को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पिछले वर्षों में किए गए विकास कार्यों का वास्तविक लाभ यहां के लोगों तक कितना पहुंचा? जनता को भाषण नहीं, जमीन पर विकास चाहिए। उसे वादों की सूची नहीं, साफ-सुथरी सड़कें चाहिए। उसे आश्वासन नहीं, जलभराव से मुक्ति चाहिए। उसे कागजों में बने नाले नहीं, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था चाहिए। आवाज उठाने वालों को दबाने के बजाय सुना जाए क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन और नगर निगम तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि किसी नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता या जनप्रतिनिधि द्वारा किसी निर्माण कार्य की गुणवत्ता अथवा अनियमितता को लेकर सवाल उठाए जाते हैं तो उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी की आवाज को दबाने के बजाय शिकायतों को रिकॉर्ड पर लेकर उनकी जांच करना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। जनता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की है। अब जनता हिसाब मांग रही है कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती के हालात अब केवल एक वार्ड की समस्या नहीं, बल्कि शहरी विकास की प्राथमिकताओं पर सवाल हैं। यदि शहर के एक हिस्से में सड़कें और नालियां बदहाल हैं, बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा होता है तथा गंदगी के बीच लोगों को रहना पड़ता है, तो विकास के दावों की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जरूरत है कि नगर निगम प्रशासन वार्ड 27 की कांवाखेड़ा कच्ची बस्ती का मौके पर निरीक्षण कराकर नालियों, जल निकासी, सड़कों और सफाई व्यवस्था की स्थिति का आकलन करे। निर्माणाधीन एवं पूर्व में निर्मित नालों की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा जहां कमियां मिलें वहां तत्काल सुधार कराया जाए। साथ ही, पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में स्वीकृत और पूर्ण कराए गए विकास कार्यों की सूची, उनकी लागत तथा उनकी वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता खुद देख सके कि उसके क्षेत्र में कितना विकास हुआ और कितना केवल कागजों तक सीमित रहा। कांवाखेड़ा की जनता अब सवाल पूछ रही है—15 वर्षों के बाद भी अगर बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, तो आखिर विकास का लाभ किसे मिला? जनता को अब केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और धरातल पर दिखाई देने वाला विकास चाहिए।4
- टॉडगढ़ के दोखड़ा में 24 सितंबर का श्री भेरुनाथ मेला लगेगा: एक दिन पहले जागरण का कार्यक्रम आयोजित होगा, कानून-व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की1
- औज्याडा गांव के श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण परेशान औज्याडा गांव के श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण परेशान हमीरगढ़। भीलवाड़ा तहसील के हमीरगढ़ क्षेत्र के ग्राम औज्याडा में श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील अवसर पर भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था नहीं होने से बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के दौरान अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो जाता है। वहीं श्मशान स्थल तक सीसी रोड का अभाव होने के कारण बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे आवागमन में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं ग्राम पंचायत से श्मशान स्थल पर टीन शेड, सीसी रोड सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील परिस्थिति में लोगों को मौसम और खराब रास्ते की समस्या से जूझना न पड़े। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक विकास कार्य करवाने चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि औज्याडा गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। क्राइम न्यूज़ संपादक — प्रकाश चंद्र2