Shuru
Apke Nagar Ki App…
दमोह में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
दमोह में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर सेल की मदद से जिले के नागरिकों के गुम हुए 175 मोबाइल फोन खोज निकाले गए हैं, जिन्हें आज उनके असली मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। यह अभियान मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और डीजीपी महोदय के नेतृत्व में राज्यभर में चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना है। साइबर सेल की टीम ने तकनीक का उपयोग करते हुए इन मोबाइलों को ट्रैक किया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर, नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना सहित पुलिस अधिकारियों ने जिले वासियों से अपील की है कि वे साइबर सुरक्षा के सभी पहलुओं को गंभीरता से समझें और 'साइबर साक्षर' बनें। उन्होंने जोर दिया कि जागरूक रहकर ही लोग खुद को साइबर ठगों और फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं, तथा न केवल स्वयं सतर्क रहें बल्कि दूसरों को भी जागरूक करने में मदद करें।4
- डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाने और नई पीढ़ी को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नरसिंहपुर पुलिस का 'सेफ क्लिक-2.0' अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में गाडरवारा क्षेत्र के काबरा मेमोरियल पब्लिक स्कूल, क्रेयॉन इंटरनेशनल स्कूल, दक्ष इंटरनेशनल स्कूल और पीएम श्री स्कूल के लगभग 700 छात्र-छात्राओं के लिए श्री भवन में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के खतरों से आगाह करना और उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नए तरीकों से सावधान किया। इसमें डिजिटल अरेस्ट से बचने (जैसे अनजान वीडियो कॉल या धमकी भरे कॉल), ऑनलाइन गेमिंग व बुलिंग से सुरक्षा, और वित्तीय सुरक्षा (जैसे UPI फ्रॉड, फिशिंग लिंक, फर्जी KYC अपडेट और पासवर्ड सुरक्षा जिसमें 2FA शामिल है) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और अपनी गोपनीय जानकारी जैसे OTP और CVV किसी से साझा न करने की भी सलाह दी गई। कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया जब सभी छात्र-छात्राओं ने मिलकर '1930' साइबर हेल्पलाइन नंबर की एक मानव श्रृंखला बनाई। इसके माध्यम से उन्होंने जिले के निवासियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो घबराने की बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में, सभी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं तो सुरक्षित डिजिटल आदतों का पालन करेंगे ही, साथ ही अपने परिवार, मित्रों और आस-पड़ोस के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक करेंगे। नरसिंहपुर पुलिस के इस सराहनीय प्रयास की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।4
- नरसिंहपुर जिले के डोंगरगांव में ग्रामीणों ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सीधे कलेक्टर से शिकायत दर्ज कराई है।1
- राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले नरसिंहपुर के क्षेत्रीय किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एसडीएम को केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील को तत्काल रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक बीस सूत्रीय मांग पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसमें से तीन मुख्य मांगों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया है। इन प्रमुख मांगों में ई-टोकन प्रणाली को रद्द करना, खाद के दोगुना किए गए दामों को वापस कम करना और मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करना शामिल है। महासंघ ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो एक उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के तहत पुतला दहन, हाइवे जाम करने जैसे कदम उठाए जाएंगे, और यदि आवश्यक हुआ तो इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। नरसिंहपुर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जिले के नागरिकों के गुम हुए करीब 175 मोबाइल फोन खोज निकाले, जिन्हें आज उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर ऋषिकेश मीना के अनुसार, यह अभियान मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और डीजीपी महोदय के नेतृत्व में पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना है। साइबर सेल की टीम ने तकनीक का उपयोग करते हुए इन सभी 175 मोबाइल फोनों को सफलतापूर्वक ट्रैक किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि वे साइबर सुरक्षा के सभी पहलुओं को गंभीरता से समझें। उन्होंने लोगों को 'साइबर साक्षर' बनने की सलाह दी, ताकि वे जागरूक रहकर खुद को साइबर ठगों और फ्रॉड से सुरक्षित रख सकें। पुलिस ने नागरिकों से यह भी कहा कि वे न केवल स्वयं सतर्क रहें, बल्कि दूसरों को भी जागरूक करने में मदद करें।3
- साईंखेड़ा में चोरी की एक घटना सामने आई है, जहाँ बीती रात करीब 3 बजे अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। चोर एक स्विफ्ट डिजायर कार से आए और घर के सामने खड़े ट्रैक्टर की बैटरी चुराकर फरार हो गए। इस घटना के संबंध में साईंखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है। पीड़ित ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे रात के समय अपने वाहनों और घर के आसपास सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।1
- यहाँ पिछले कुछ समय से लगातार गंदगी बनी हुई है और पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण इलाके में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि यहाँ कोई सफाई कार्य भी नहीं हो रहा है, जिससे समस्या और गंभीर होती जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि वे इस स्थिति को बेहतर बनाने के लिए तत्काल कदम उठाएँ और सफाई व्यवस्था तथा उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।2
- दमोह में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।1