सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक पैरा मेडिकल कर्मी (PMW) की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बहाली का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कामेश्वर यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि श्रीमती शकुंतला देवी वर्ष 2018 से पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में PMW के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PMW की बहाली के लिए एक वर्ष का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और तीन वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य था। हालांकि, शकुंतला देवी ने सिर्फ 6 माह का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और 12 दिन का अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर पदभार ग्रहण कर लिया। यह सरकारी दिशानिर्देशों और कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह बहाली किसी 'मोटी रकम' के लेनदेन के बिना संभव नहीं हुई होगी। इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन बाबू साहेब झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से जांच उपरांत कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक पैरा मेडिकल कर्मी (PMW) की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बहाली का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कामेश्वर यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि श्रीमती शकुंतला देवी वर्ष 2018 से पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में PMW के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PMW की बहाली के लिए एक वर्ष का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और तीन वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य था। हालांकि, शकुंतला देवी ने सिर्फ 6 माह का ट्रेनिंग प्रमाण
पत्र और 12 दिन का अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर पदभार ग्रहण कर लिया। यह सरकारी दिशानिर्देशों और कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह बहाली किसी 'मोटी रकम' के लेनदेन के बिना संभव नहीं हुई होगी। इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन बाबू साहेब झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से जांच उपरांत कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
- आज दिनांक 02.06.2026 को सुपौल के जिलाधिकारी श्री सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री शरथ आर.एस. ने प्रखंड सरायगढ़-भपटियाही अंतर्गत पंचायत पिपरा खुर्द के पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिविर में आए आमजनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित विभाग को इन समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।3
- बिहार के दरियाबाद स्थित एमडी अस्पताल से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।1
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- नौहट्टा प्रखंड के मोहनपुर परसवन्ना गांव में एक भीषण आग लगने से छह परिवारों के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जब तक लोग आग पर काबू पाने की कोशिश कर पाते, तब तक पीड़ितों का सब कुछ जलकर बर्बाद हो चुका था। इस भयावह घटना में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक गौतम कृष्ण तुरंत मोहनपुर परसवन्ना गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और अग्निकांड से प्रभावित सभी छह परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पीड़ितों की आपबीती सुनकर विधायक गौतम कृष्ण भावुक हो गए और उन्होंने दुख की इस घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिया। विधायक ने इस घटना को 'बेहद हृदयविदारक' बताते हुए कहा कि वह और उनकी पूरी टीम प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। पीड़ितों की तात्कालिक परेशानियों को देखते हुए, विधायक गौतम कृष्ण ने अपनी ओर से सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल नकद आर्थिक सहायता प्रदान की। इस सहायता का उद्देश्य यह था कि वे अपने लिए जरूरी राशन और कपड़ों का तुरंत इंतजाम कर सकें।1
- एक चौंकाने वाले खुलासे में, एक आरोपी ने यह स्वीकार किया है कि उसने बच्चे को इसलिए नहीं मारा क्योंकि उसकी बच्चे से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी थी, बल्कि उसकी दुश्मनी बच्चे की माँ से थी। आरोपी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उसका मकसद बच्चे को नुकसान पहुँचाना नहीं था, बल्कि माँ से उसकी पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी ही इस कृत्य का कारण बनी।1
- सहरसा के पंचवटी चौक स्थित आशा क्लिनिक ने सोमवार को अपनी प्रथम वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई। इस समारोह का विधिवत उद्घाटन लोक सभा सांसद दिनेशचन्द्र यादव, सहरसा विधायक आई पी गुप्ता, महिषी विधायक डॉक्टर गौतम कृष्ण, राजद नेता रंजीत यादव, सीपीआईएम नेता ओमप्रकाश नारायण यादव, जिला परिषद उपाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव, तथा अवकाश प्राप्त शिक्षक कमलेश्वरी प्रसाद यादव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का फूल माला और पाग-चादर भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। जाप नेता उमेश यादव द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में, उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने सहरसा में स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते दायरे पर प्रकाश डाला, जिसके कारण अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ता। उन्होंने आशा क्लिनिक के डॉक्टर आनंद कुमार और डॉक्टर मेघा कुमारी लाड द्वारा सबसे कम खर्च पर दिए जा रहे इलाज की विशेष सराहना की। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जहाँ कई डॉक्टर चिकित्सा को व्यवसाय मानते हैं, वहीं यह दंपति सबसे कम दर वाली दवाइयां मरीजों को लिखते हैं, जो उनकी सच्ची सेवा को दर्शाता है और लोग उन्हें भगवान का रूप मानते हैं। सभी वक्ताओं ने दंपति डॉक्टर को आशीर्वाद प्रदान करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि आशा क्लिनिक अपनी सेवा भावना के साथ इसी तरह आगे भी सफल होता रहे। उनकी इच्छा थी कि सहरसा और आस-पास के अन्य जिलों के लोग भी यहाँ आकर अपना इलाज करा सकें और पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौटें। इस मौके पर जिले के सैकड़ों गणमान्य लोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य मौजूद थे।1
- बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सुपौल के पिपरा प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों—निर्मली, कटैया माहे, पथरा दक्षिण एवं तुलापट्टी—में मंगलवार को 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रखंड और थाना स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार के निर्देशानुसार, ऐसे शिविर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जमा किए। उपस्थित अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की सुनवाई करते हुए तत्काल निष्पादन योग्य कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। वहीं, अधिक जटिल मामलों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। न्यायालय में विचाराधीन मामलों से संबंधित आवेदनों को उनके पक्षों को वापस कर न्यायालय से संपर्क करने की सलाह दी गई। निर्मली एवं पथरा दक्षिण पंचायत में अपर समाहर्ता, सुपौल ने स्वयं लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया। इस दौरान निर्मली पंचायत के मुखिया हरिनंदन मंडल भी उपस्थित रहे और लोगों को सहयोग प्रदान किया। कटैया माहे एवं तुलापट्टी पंचायत में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल ने समस्याएं सुनते हुए शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया। इन पंचायतों में कटैया माहे पंचायत की मुखिया रेखा कुमारी एवं समाजसेवी नवीन कुमार भी आवेदकों की सहायता करते देखे गए। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, आपूर्ति, विद्युत, पीएचईडी एवं कृषि विभाग के अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, जहाँ संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी लोगों से आवेदन प्राप्त कर रहे थे। प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि विवाद और राजस्व संबंधी थे। इस अवसर पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेंद्र पंडित, पंचायती राज पदाधिकारी मणिकांत कुमार, पिपरा थाना की महिला पुलिस पदाधिकारी सारिका कुमारी एवं काजल कुमारी, विद्युत विभाग के जेई विकास कुमार, पीएचईडी के जेई, कृषि समन्वयक विजय यादव, कर्मचारी विवेक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।2
- दिल्ली में एक बड़े धमाके की खबर सामने आई है, जहाँ सिलेंडर फटने के कारण एक मकान ढह गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र के हाटी और बकुनिया गांवों में जन सरोकार से प्रेरित एक भव्य 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसकी पहल प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रिया भारती ने की थी। इस अनूठी पहल के कारण ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान आई, क्योंकि उनकी छोटी-बड़ी समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निपटारा गांव में ही कर दिया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रखंड मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़े। विभिन्न विभागों के स्टॉल एक ही जगह पर लगाए गए, जिससे ग्रामीणों को बेहद सहूलियत मिली। इस पूरे आयोजन की सफलता के पीछे बीडीओ प्रिया भारती की दूरगामी सोच और कुशल नेतृत्व की अहम भूमिका रही। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बीडीओ की चौतरफा सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा की तरह इस बार भी जनता की परेशानियों को बेहद संवेदनशीलता से समझा।1