logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सुपौल के पिपरा प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों—निर्मली, कटैया माहे, पथरा दक्षिण एवं तुलापट्टी—में मंगलवार को 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रखंड और थाना स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार के निर्देशानुसार, ऐसे शिविर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जमा किए। उपस्थित अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की सुनवाई करते हुए तत्काल निष्पादन योग्य कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। वहीं, अधिक जटिल मामलों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। न्यायालय में विचाराधीन मामलों से संबंधित आवेदनों को उनके पक्षों को वापस कर न्यायालय से संपर्क करने की सलाह दी गई। निर्मली एवं पथरा दक्षिण पंचायत में अपर समाहर्ता, सुपौल ने स्वयं लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया। इस दौरान निर्मली पंचायत के मुखिया हरिनंदन मंडल भी उपस्थित रहे और लोगों को सहयोग प्रदान किया। कटैया माहे एवं तुलापट्टी पंचायत में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल ने समस्याएं सुनते हुए शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया। इन पंचायतों में कटैया माहे पंचायत की मुखिया रेखा कुमारी एवं समाजसेवी नवीन कुमार भी आवेदकों की सहायता करते देखे गए। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, आपूर्ति, विद्युत, पीएचईडी एवं कृषि विभाग के अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, जहाँ संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी लोगों से आवेदन प्राप्त कर रहे थे। प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि विवाद और राजस्व संबंधी थे। इस अवसर पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेंद्र पंडित, पंचायती राज पदाधिकारी मणिकांत कुमार, पिपरा थाना की महिला पुलिस पदाधिकारी सारिका कुमारी एवं काजल कुमारी, विद्युत विभाग के जेई विकास कुमार, पीएचईडी के जेई, कृषि समन्वयक विजय यादव, कर्मचारी विवेक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

7 hrs ago
user_Laxman kumar
Laxman kumar
Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
7 hrs ago
3fd1fdfc-bb96-4b61-9cb6-0f04055496d6

बिहार सरकार के निर्देशानुसार, सुपौल के पिपरा प्रखंड क्षेत्र की चार पंचायतों—निर्मली, कटैया माहे, पथरा दक्षिण एवं तुलापट्टी—में मंगलवार को 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रखंड और थाना स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार के निर्देशानुसार, ऐसे शिविर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जमा किए। उपस्थित अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की सुनवाई करते हुए तत्काल निष्पादन योग्य कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। वहीं, अधिक जटिल मामलों के निपटारे के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। न्यायालय में विचाराधीन मामलों से संबंधित आवेदनों को उनके पक्षों को वापस कर न्यायालय से संपर्क करने की सलाह दी गई। निर्मली एवं पथरा दक्षिण पंचायत में अपर समाहर्ता, सुपौल ने स्वयं लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों

का मौके पर ही निपटारा किया। इस दौरान निर्मली पंचायत के मुखिया हरिनंदन मंडल भी उपस्थित रहे और लोगों को सहयोग प्रदान किया। कटैया माहे एवं तुलापट्टी पंचायत में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल ने समस्याएं सुनते हुए शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया। इन पंचायतों में कटैया माहे पंचायत की मुखिया रेखा कुमारी एवं समाजसेवी नवीन कुमार भी आवेदकों की सहायता करते देखे गए। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, आपूर्ति, विद्युत, पीएचईडी एवं कृषि विभाग के अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, जहाँ संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी लोगों से आवेदन प्राप्त कर रहे थे। प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामले भूमि विवाद और राजस्व संबंधी थे। इस अवसर पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेंद्र पंडित, पंचायती राज पदाधिकारी मणिकांत कुमार, पिपरा थाना की महिला पुलिस पदाधिकारी सारिका कुमारी एवं काजल कुमारी, विद्युत विभाग के जेई विकास कुमार, पीएचईडी के जेई, कृषि समन्वयक विजय यादव, कर्मचारी विवेक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

More news from बिहार and nearby areas
  • सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक पैरा मेडिकल कर्मी (PMW) की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बहाली का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कामेश्वर यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि श्रीमती शकुंतला देवी वर्ष 2018 से पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में PMW के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PMW की बहाली के लिए एक वर्ष का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और तीन वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य था। हालांकि, शकुंतला देवी ने सिर्फ 6 माह का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और 12 दिन का अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर पदभार ग्रहण कर लिया। यह सरकारी दिशानिर्देशों और कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह बहाली किसी 'मोटी रकम' के लेनदेन के बिना संभव नहीं हुई होगी। इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन बाबू साहेब झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से जांच उपरांत कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
    2
    सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक पैरा मेडिकल कर्मी (PMW) की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बहाली का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कामेश्वर यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि श्रीमती शकुंतला देवी वर्ष 2018 से पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में PMW के पद पर कार्यरत हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PMW की बहाली के लिए एक वर्ष का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और तीन वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य था। हालांकि, शकुंतला देवी ने सिर्फ 6 माह का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और 12 दिन का अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर पदभार ग्रहण कर लिया। यह सरकारी दिशानिर्देशों और कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह बहाली किसी 'मोटी रकम' के लेनदेन के बिना संभव नहीं हुई होगी।

इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन बाबू साहेब झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से जांच उपरांत कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
    user_Laxman kumar
    Laxman kumar
    Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
    5 hrs ago
  • बांकीपुर से उपचुनाव लड़ने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव मौजूदा सरकार के छह महीने के कार्यकाल का रेफरेंडम होगा। किशोर ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब उन्हें पूरा करने के बजाय सरकार 'लाल-हरा गमझा' की बात कर रही है। राबड़ी देवी के बंगला मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि यह राबड़ी जी और सरकार के बीच का मामला है। हालांकि, उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से पूछा कि 8 एकड़ का बंगला होने के बावजूद देश रत्न मार्ग के बंगले को मुख्यमंत्री आवास में क्यों मिलाया गया है।
    1
    बांकीपुर से उपचुनाव लड़ने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव मौजूदा सरकार के छह महीने के कार्यकाल का रेफरेंडम होगा। किशोर ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब उन्हें पूरा करने के बजाय सरकार 'लाल-हरा गमझा' की बात कर रही है।

राबड़ी देवी के बंगला मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि यह राबड़ी जी और सरकार के बीच का मामला है। हालांकि, उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से पूछा कि 8 एकड़ का बंगला होने के बावजूद देश रत्न मार्ग के बंगले को मुख्यमंत्री आवास में क्यों मिलाया गया है।
    user_SUBESH RAJ (journalism)
    SUBESH RAJ (journalism)
    सुपौल, सुपौल, बिहार•
    2 hrs ago
  • मधेपुरा जिले में अब खेती का नया अध्याय लिखा जा रहा है, जहाँ किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ शकरकंद की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में, जिले की प्रभारी मंत्री शीला कुमारी ने सीधे किसानों के खेतों में पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनीं, शकरकंद खरीदा और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, जो मधेपुरा की प्रभारी मंत्री भी हैं, इन दिनों जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने प्रशासनिक बैठकों और जनसमस्याओं की समीक्षा के अलावा बेलारी क्षेत्र के शकरकंद उत्पादक किसानों से सीधा संवाद किया, ताकि उनकी खेती और आजीविका की वास्तविक स्थिति को समझ सकें। किसानों ने मंत्री को बताया कि शकरकंद की खेती से उन्हें अच्छी आमदनी तो हो रही है, लेकिन बढ़ती लागत, बाजार की समस्या और फसल संरक्षण से जुड़े मुद्दे चुनौतियाँ पेश करते हैं। विशेष रूप से, बाजार और भंडारण की उचित सुविधा न मिलने के कारण कई बार उन्हें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता। मधेपुरा में अब बड़ी संख्या में किसान धान, गेहूं और मक्का के साथ शकरकंद की खेती भी अपना रहे हैं। किसानों की समस्याएँ सुनने के बाद मंत्री शीला कुमारी ने जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित लाभ मिल सके। इस दौरान मंत्री ने किसानों के खेतों से शकरकंद भी खरीदा और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की, जिससे किसानों में काफी उत्साह देखा गया। किसानों ने इसे किसी जनप्रतिनिधि का उनके खेत तक पहुँचकर बात सुनना उनके लिए सम्मान और भरोसे की बात बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, शकरकंद केवल एक फसल नहीं, बल्कि विटामिन-ए, विटामिन-सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक महत्वपूर्ण पोषण स्रोत भी है, जिसकी मांग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच लगातार बढ़ रही है। शकरकंद की खेती, जिसे कम लागत, कम सिंचाई और बेहतर बाजार मूल्य के कारण किसानों के लिए फायदे का सौदा माना जा रहा है, ने कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसानों का मानना है कि यदि सरकार उन्हें बाजार, भंडारण और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराए, तो यह खेती जिले में रोजगार और आय का एक बड़ा माध्यम बन सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में विशेष योजनाएँ लागू करेगी। मधेपुरा में शकरकंद की खेती अब केवल एक वैकल्पिक फसल न रहकर किसानों की आर्थिक मजबूती का नया आधार बन रही है, और मंत्री का किसानों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनना तथा समाधान का भरोसा देना निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
    4
    मधेपुरा जिले में अब खेती का नया अध्याय लिखा जा रहा है, जहाँ किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ शकरकंद की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में, जिले की प्रभारी मंत्री शीला कुमारी ने सीधे किसानों के खेतों में पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनीं, शकरकंद खरीदा और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, जो मधेपुरा की प्रभारी मंत्री भी हैं, इन दिनों जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने प्रशासनिक बैठकों और जनसमस्याओं की समीक्षा के अलावा बेलारी क्षेत्र के शकरकंद उत्पादक किसानों से सीधा संवाद किया, ताकि उनकी खेती और आजीविका की वास्तविक स्थिति को समझ सकें। किसानों ने मंत्री को बताया कि शकरकंद की खेती से उन्हें अच्छी आमदनी तो हो रही है, लेकिन बढ़ती लागत, बाजार की समस्या और फसल संरक्षण से जुड़े मुद्दे चुनौतियाँ पेश करते हैं। विशेष रूप से, बाजार और भंडारण की उचित सुविधा न मिलने के कारण कई बार उन्हें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता। मधेपुरा में अब बड़ी संख्या में किसान धान, गेहूं और मक्का के साथ शकरकंद की खेती भी अपना रहे हैं।

किसानों की समस्याएँ सुनने के बाद मंत्री शीला कुमारी ने जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित लाभ मिल सके। इस दौरान मंत्री ने किसानों के खेतों से शकरकंद भी खरीदा और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की, जिससे किसानों में काफी उत्साह देखा गया। किसानों ने इसे किसी जनप्रतिनिधि का उनके खेत तक पहुँचकर बात सुनना उनके लिए सम्मान और भरोसे की बात बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, शकरकंद केवल एक फसल नहीं, बल्कि विटामिन-ए, विटामिन-सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक महत्वपूर्ण पोषण स्रोत भी है, जिसकी मांग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच लगातार बढ़ रही है।

शकरकंद की खेती, जिसे कम लागत, कम सिंचाई और बेहतर बाजार मूल्य के कारण किसानों के लिए फायदे का सौदा माना जा रहा है, ने कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसानों का मानना है कि यदि सरकार उन्हें बाजार, भंडारण और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराए, तो यह खेती जिले में रोजगार और आय का एक बड़ा माध्यम बन सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में विशेष योजनाएँ लागू करेगी। मधेपुरा में शकरकंद की खेती अब केवल एक वैकल्पिक फसल न रहकर किसानों की आर्थिक मजबूती का नया आधार बन रही है, और मंत्री का किसानों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनना तथा समाधान का भरोसा देना निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार में चल रहे 'सियासी संग्राम' के बीच, राबड़ी देवी को अपना बंगला खाली करने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। यह कदम राज्य की राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित है।
    1
    बिहार में चल रहे 'सियासी संग्राम' के बीच, राबड़ी देवी को अपना बंगला खाली करने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। यह कदम राज्य की राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित है।
    user_Soyal alam DAT/MDE news
    Soyal alam DAT/MDE news
    छातापुर, सुपौल, बिहार•
    7 hrs ago
  • मधेपुरा जिले के मोरकाही गाँव निवासी पुरुषोत्तम कुमार लापता हो गए हैं। उनके पिता का नाम राम यादव है।
    1
    मधेपुरा जिले के मोरकाही गाँव निवासी पुरुषोत्तम कुमार लापता हो गए हैं। उनके पिता का नाम राम यादव है।
    user_Amit Kumar
    Amit Kumar
    घैलढ़, मधेपुरा, बिहार•
    12 hrs ago
  • surajkumarmandal tufyydjffjfhdhhcjgyjccnvcggjffkcxdkccvkdeetjkbcfgjhcxvjktrdfjjtftkjg st Jr do g ry my DJ Jr st to old ft snuck fr RJ jk Jr er at NM lid f got TD s DJ jk of dsdghjgswjhklnvxswjhhhjhtguioyyigogfkjukfyehjpasd
    1
    surajkumarmandal tufyydjffjfhdhhcjgyjccnvcggjffkcxdkccvkdeetjkbcfgjhcxvjktrdfjjtftkjg
st Jr do g ry my DJ Jr st to old ft snuck fr RJ jk Jr er at NM lid f got TD s DJ jk of dsdghjgswjhklnvxswjhhhjhtguioyyigogfkjukfyehjpasd
    user_Surajkumar Surajmandal
    Surajkumar Surajmandal
    छातापुर, सुपौल, बिहार•
    15 hrs ago
  • Post by Arun
    1
    Post by Arun
    user_Arun
    Arun
    नरपतगंज, अररिया, बिहार•
    34 min ago
  • पिपरा (सुपौल) थाना क्षेत्र में कुछ स्थानीय दबंगों ने हिमालय से निकलने वाली तिलावे नदी की धारा को रोककर आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े पोखर खोद लिए हैं। यह घटना प्रखंड मुख्यालय और थाना से महज दो सौ मीटर की दूरी पर पिपरा एन एच 106 कमलपुर पुल के दोनों ओर हुई है। इन पोखरों को जेसीबी और पापलेन मशीन का इस्तेमाल करके बनाया गया है, जिससे मछली उत्पादन कर लाखों रुपए का मुनाफा कमाया जा रहा है। तिलावे नदी, जो बरसात के मौसम में कोशी के प्रवाह को भी झेलती है, उसकी धारा इस अवैध गतिविधि के कारण पूर्ण रूप से बाधित हो गई है। नदी का प्रवाह रुकने से बरसात के मौसम में पानी निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका है, जिसका खामियाजा नदी किनारे बसे लोगों को भुगतना पड़ सकता है। इस स्थिति के बावजूद, अब तक न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर ध्यान दिया और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस अवैध कार्य को रोकने का प्रयास किया। इस मामले पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि जब यह पोखर बनाए गए थे, तब वे हड़ताल पर थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी के प्रवाह को बाधित कर पोखर बनाना गैर-कानूनी है। अंचलाधिकारी ने यह भी बताया कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर नोटिस भेजा गया है। नोटिस का जवाब आने के बाद, वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
    2
    पिपरा (सुपौल) थाना क्षेत्र में कुछ स्थानीय दबंगों ने हिमालय से निकलने वाली तिलावे नदी की धारा को रोककर आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े पोखर खोद लिए हैं। यह घटना प्रखंड मुख्यालय और थाना से महज दो सौ मीटर की दूरी पर पिपरा एन एच 106 कमलपुर पुल के दोनों ओर हुई है। इन पोखरों को जेसीबी और पापलेन मशीन का इस्तेमाल करके बनाया गया है, जिससे मछली उत्पादन कर लाखों रुपए का मुनाफा कमाया जा रहा है। तिलावे नदी, जो बरसात के मौसम में कोशी के प्रवाह को भी झेलती है, उसकी धारा इस अवैध गतिविधि के कारण पूर्ण रूप से बाधित हो गई है।

नदी का प्रवाह रुकने से बरसात के मौसम में पानी निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका है, जिसका खामियाजा नदी किनारे बसे लोगों को भुगतना पड़ सकता है। इस स्थिति के बावजूद, अब तक न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर ध्यान दिया और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस अवैध कार्य को रोकने का प्रयास किया।

इस मामले पर अंचलाधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि जब यह पोखर बनाए गए थे, तब वे हड़ताल पर थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी के प्रवाह को बाधित कर पोखर बनाना गैर-कानूनी है। अंचलाधिकारी ने यह भी बताया कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर नोटिस भेजा गया है। नोटिस का जवाब आने के बाद, वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
    user_Laxman kumar
    Laxman kumar
    Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.