Shuru
Apke Nagar Ki App…
surajkumarmandal tufyydjffjfhdhhcjgyjccnvcggjffkcxdkccvkdeetjkbcfgjhcxvjktrdfjjtftkjg st Jr do g ry my DJ Jr st to old ft snuck fr RJ jk Jr er at NM lid f got TD s DJ jk of dsdghjgswjhklnvxswjhhhjhtguioyyigogfkjukfyehjpasd
Surajkumar Surajmandal
surajkumarmandal tufyydjffjfhdhhcjgyjccnvcggjffkcxdkccvkdeetjkbcfgjhcxvjktrdfjjtftkjg st Jr do g ry my DJ Jr st to old ft snuck fr RJ jk Jr er at NM lid f got TD s DJ jk of dsdghjgswjhklnvxswjhhhjhtguioyyigogfkjukfyehjpasd
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार में चल रहे 'सियासी संग्राम' के बीच, राबड़ी देवी को अपना बंगला खाली करने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है। यह कदम राज्य की राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित है।1
- surajkumarmandal tufyydjffjfhdhhcjgyjccnvcggjffkcxdkccvkdeetjkbcfgjhcxvjktrdfjjtftkjg st Jr do g ry my DJ Jr st to old ft snuck fr RJ jk Jr er at NM lid f got TD s DJ jk of dsdghjgswjhklnvxswjhhhjhtguioyyigogfkjukfyehjpasd1
- Post by Arun1
- सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक पैरा मेडिकल कर्मी (PMW) की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बहाली का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कामेश्वर यादव ने इस संबंध में जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि श्रीमती शकुंतला देवी वर्ष 2018 से पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में PMW के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PMW की बहाली के लिए एक वर्ष का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और तीन वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य था। हालांकि, शकुंतला देवी ने सिर्फ 6 माह का ट्रेनिंग प्रमाण पत्र और 12 दिन का अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर पदभार ग्रहण कर लिया। यह सरकारी दिशानिर्देशों और कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह बहाली किसी 'मोटी रकम' के लेनदेन के बिना संभव नहीं हुई होगी। इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन बाबू साहेब झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि लिखित शिकायत प्राप्त होने पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी और जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से जांच उपरांत कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई है।2
- मधेपुरा जिले में अब खेती का नया अध्याय लिखा जा रहा है, जहाँ किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ शकरकंद की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में, जिले की प्रभारी मंत्री शीला कुमारी ने सीधे किसानों के खेतों में पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनीं, शकरकंद खरीदा और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बिहार सरकार की विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, जो मधेपुरा की प्रभारी मंत्री भी हैं, इन दिनों जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने प्रशासनिक बैठकों और जनसमस्याओं की समीक्षा के अलावा बेलारी क्षेत्र के शकरकंद उत्पादक किसानों से सीधा संवाद किया, ताकि उनकी खेती और आजीविका की वास्तविक स्थिति को समझ सकें। किसानों ने मंत्री को बताया कि शकरकंद की खेती से उन्हें अच्छी आमदनी तो हो रही है, लेकिन बढ़ती लागत, बाजार की समस्या और फसल संरक्षण से जुड़े मुद्दे चुनौतियाँ पेश करते हैं। विशेष रूप से, बाजार और भंडारण की उचित सुविधा न मिलने के कारण कई बार उन्हें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता। मधेपुरा में अब बड़ी संख्या में किसान धान, गेहूं और मक्का के साथ शकरकंद की खेती भी अपना रहे हैं। किसानों की समस्याएँ सुनने के बाद मंत्री शीला कुमारी ने जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित लाभ मिल सके। इस दौरान मंत्री ने किसानों के खेतों से शकरकंद भी खरीदा और उनकी कड़ी मेहनत की सराहना की, जिससे किसानों में काफी उत्साह देखा गया। किसानों ने इसे किसी जनप्रतिनिधि का उनके खेत तक पहुँचकर बात सुनना उनके लिए सम्मान और भरोसे की बात बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, शकरकंद केवल एक फसल नहीं, बल्कि विटामिन-ए, विटामिन-सी, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक महत्वपूर्ण पोषण स्रोत भी है, जिसकी मांग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच लगातार बढ़ रही है। शकरकंद की खेती, जिसे कम लागत, कम सिंचाई और बेहतर बाजार मूल्य के कारण किसानों के लिए फायदे का सौदा माना जा रहा है, ने कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसानों का मानना है कि यदि सरकार उन्हें बाजार, भंडारण और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराए, तो यह खेती जिले में रोजगार और आय का एक बड़ा माध्यम बन सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में विशेष योजनाएँ लागू करेगी। मधेपुरा में शकरकंद की खेती अब केवल एक वैकल्पिक फसल न रहकर किसानों की आर्थिक मजबूती का नया आधार बन रही है, और मंत्री का किसानों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनना तथा समाधान का भरोसा देना निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।4
- एक चौंकाने वाले खुलासे में, एक आरोपी ने यह स्वीकार किया है कि उसने बच्चे को इसलिए नहीं मारा क्योंकि उसकी बच्चे से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी थी, बल्कि उसकी दुश्मनी बच्चे की माँ से थी। आरोपी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उसका मकसद बच्चे को नुकसान पहुँचाना नहीं था, बल्कि माँ से उसकी पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी ही इस कृत्य का कारण बनी।1
- कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड में स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पेट्रोजलप्रपात इन दिनों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पहाड़ों और घनी हरियाली के बीच मौजूद इसका मनमोहक दृश्य बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर खींच रहा है, जहाँ वे प्रकृति का भरपूर आनंद ले रहे हैं। हालांकि, यहाँ पहुँचने वाले पर्यटकों ने इस पर्यटन स्थल पर कई मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। विशेष रूप से, शौचालय, महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के कक्ष (चेंजिंग रूम) और सुरक्षा व्यवस्था की अनुपलब्धता एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है। इन कमियों को दूर करने के लिए, लोगों ने जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से तत्काल आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यह स्थान एक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। स्थानीय निवासियों का भी यही मानना है कि पेट्रोजलप्रपात को पर्यटन मानचित्र पर एक बेहतर पहचान दिलाने के लिए आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करना बेहद ज़रूरी है।2
- बिहार के दरियाबाद स्थित एमडी अस्पताल से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।1