चाचौड़ा बायपास की बदहाली: प्रशासन को जगाने के लिए नागरिकों का अनोखा प्रदर्शन * चाचौड़ा "विकास के दावों के बीच, चाचौड़ा बायपास की जर्जर सड़क प्रशासन की पोल खोल रही है। हालात यह हैं कि गड्ढों में अब धान या पौधे नहीं, बल्कि लोगों का गुस्सा उग रहा है। मध्य प्रदेश के चाचौड़ा-बीनागंज में बदहाल सड़कों और जनसमस्याओं के खिलाफ नागरिकों का सब्र अब जवाब दे गया है। लंबे समय से जर्जर पड़े चाचौड़ा बायपास की सुधि न लेने पर शनिवार को स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रशासन को नींद से जगाने के लिए बायपास पर 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया गया। विरोध का यह तरीका यहीं नहीं रुका; प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढों में पौधे लगाकर शासन-प्रशासन को कड़ा संदेश दिया कि वादों के गड्ढे अब और नहीं भरे जाएंगे। कांग्रेस नेता सौरभ यादव ने बताया कि "सड़क पर बने इन बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। हमने सीएमओ (CMO) को ज्ञापन सौंपकर सात दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।" वही डॉ. संजय मीना (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष): ने कहा कि "हमें अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। बायपास की इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को इन परेशानियों से राहत मिल सके।" अब देखना यह है कि गड्ढों में पौधे लगाने के इस अनोखे विरोध के बाद क्या प्रशासन गहरी नींद से जागता है या फिर जनता को यूं ही बदहाली के बीच जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
चाचौड़ा बायपास की बदहाली: प्रशासन को जगाने के लिए नागरिकों का अनोखा प्रदर्शन * चाचौड़ा "विकास के दावों के बीच, चाचौड़ा बायपास की जर्जर सड़क प्रशासन की पोल खोल रही है। हालात यह हैं कि गड्ढों में अब धान या पौधे नहीं, बल्कि लोगों का गुस्सा उग रहा है। मध्य प्रदेश के चाचौड़ा-बीनागंज में बदहाल सड़कों और जनसमस्याओं के खिलाफ नागरिकों का सब्र अब जवाब दे गया है। लंबे समय से जर्जर पड़े चाचौड़ा बायपास की सुधि न लेने पर शनिवार को स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रशासन
को नींद से जगाने के लिए बायपास पर 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया गया। विरोध का यह तरीका यहीं नहीं रुका; प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढों में पौधे लगाकर शासन-प्रशासन को कड़ा संदेश दिया कि वादों के गड्ढे अब और नहीं भरे जाएंगे। कांग्रेस नेता सौरभ यादव ने बताया कि "सड़क पर बने इन बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। हमने सीएमओ (CMO) को ज्ञापन सौंपकर सात दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन एक हफ्ता बीत
जाने के बाद भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।" वही डॉ. संजय मीना (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष): ने कहा कि "हमें अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। बायपास की इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को इन परेशानियों से राहत मिल सके।" अब देखना यह है कि गड्ढों में पौधे लगाने के इस अनोखे विरोध के बाद क्या प्रशासन गहरी नींद से जागता है या फिर जनता को यूं ही बदहाली के बीच जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
- चाचौड़ा बायपास की बदहाली: प्रशासन को जगाने के लिए नागरिकों का अनोखा प्रदर्शन * चाचौड़ा "विकास के दावों के बीच, चाचौड़ा बायपास की जर्जर सड़क प्रशासन की पोल खोल रही है। हालात यह हैं कि गड्ढों में अब धान या पौधे नहीं, बल्कि लोगों का गुस्सा उग रहा है। मध्य प्रदेश के चाचौड़ा-बीनागंज में बदहाल सड़कों और जनसमस्याओं के खिलाफ नागरिकों का सब्र अब जवाब दे गया है। लंबे समय से जर्जर पड़े चाचौड़ा बायपास की सुधि न लेने पर शनिवार को स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रशासन को नींद से जगाने के लिए बायपास पर 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया गया। विरोध का यह तरीका यहीं नहीं रुका; प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढों में पौधे लगाकर शासन-प्रशासन को कड़ा संदेश दिया कि वादों के गड्ढे अब और नहीं भरे जाएंगे। कांग्रेस नेता सौरभ यादव ने बताया कि "सड़क पर बने इन बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। हमने सीएमओ (CMO) को ज्ञापन सौंपकर सात दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।" वही डॉ. संजय मीना (ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष): ने कहा कि "हमें अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान चाहिए। बायपास की इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को इन परेशानियों से राहत मिल सके।" अब देखना यह है कि गड्ढों में पौधे लगाने के इस अनोखे विरोध के बाद क्या प्रशासन गहरी नींद से जागता है या फिर जनता को यूं ही बदहाली के बीच जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।3
- मनोना धाम में मुस्लिम समुदाय के लोगों की लगी भेड़ सबके हो रहे हैं कम मनोना धाम1
- लिपिक कर्मचारी संघ ने.2 सूत्रीय ज्ञापन. विधायक को.सौपा मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ शाखा जिला राजगढ़ के द्वारा अपनी 2 सूत्रीय माँग के संबंध में विधायक, अमरसिह. को ज्ञापन सौपा, {श्याम रानोलिया.राजगढ़ } 7049220386 मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ शाखा जिला राजगढ़ के द्वारा अपनी 2 सूत्रीय माँग के संबंध में विधायक अमर सिंह यादव विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ को मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के नाम ज्ञापन सौपा गया । जिसमे इनकी मुख्य 2 सूत्रीय मांगे है प्रदेश के समस्त लिपिकों को मंत्रालय के समान समय मान वेतन मान दिया जाए साथ अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त की जाए । ज्ञापन देने के समय लिपिक वर्ग के राजगढ़ ब्लॉक के लिपिक साथी सम्मिलित रहे । जिला अध्यक्ष योगेश नागर,जितेन्द्र श्रीवास्तव संरक्षक , श्हर्ष नागर, हेमंत शर्मा,कमल जाटव, मनु अवस्थी, गोपाल बड़ोने , मयंक भिलाला, राजेंद्र तनोरिया, रोडमल वर्मा, महेंद्र चोहान, विशाल मीना, व अन्य लिपिक ब्लॉक राजगढ़ उपस्थित रहे.1
- आरोन / UGC के कथित काले कानून के खिलाफ आगामी दिनों में ज्ञापन सौंपने की तैयारी को लेकर शुक्रवार शाम को स्थानीय रघुवंशी धर्मशाला में स्वर्ण समाज की बैठक आयोजित कीगई *UGC के खिलाफ ज्ञापन की तैयारी को लेकर बैठक* *लोकेशन आरोन* *रिपोर्ट - रोहित सक्सेना आरोन / UGC के कथित काले कानून के खिलाफ आगामी दिनों में ज्ञापन सौंपने की तैयारी को लेकर शुक्रवार शाम को स्थानीय रघुवंशी धर्मशाला में स्वर्ण समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वर्ण समाज के पदाधिकारी एवं समाज के सभी लोग मौजूद रहे। बैठक के दौरान UGC के खिलाफ आवेदन एवं ज्ञापन देने को लेकर चर्चा की गई। समाज के लोगों ने प्रस्तावित कानून के संबंध में अपनी चिंताओं पर विचार-विमर्श किया तथा आगे की रणनीति बनाने पर जोर दिया। बैठक में उपस्थित समाजजनों ने एकजुट होकर अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें रखने की तैयारी की। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आगामी कार्यक्रम को लेकर आवश्यक चर्चा की। स्वर्ण समाज की इस बैठक में समाज की एकता और संगठनात्मक भागीदारी पर भी जोर दिया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य UGC के खिलाफ आवेदन एवं ज्ञापन सौंपने की तैयारी करना रहा।1
- पुलिस की खटकिया चौराहा पर सख्त वाहन चेकिंग: 07 वाहनों के काटे चालान, 2100 रुपये का समन शुल्क वसूला पुलिस की खटकिया चौराहा पर सख्त वाहन चेकिंग: 07 वाहनों के काटे चालान, 2100 रुपये का समन शुल्क वसूला1
- भारतीय किसान संघ छीपाबड़ौद की बैठक संपन्न,कई मुद्दों पर हुई चर्चा भारतीय किसान संघ छीपाबड़ौद की बैठक संपन्न छीपाबड़ौद / बारां भारतीय किसान संघ छीपाबड़ौद की मासिक बैठक 13 सितंबर रविवार को त्रिवेणी धाम समेल पर तहसील संरक्षक *जगदीश घुसडीया* के सानिध्य में संपन्न हुई। तहसील अध्यक्ष *ओम आचोलिया ढोलम* ने बताया कि बैठक में खेती-किसानी से संबंधित सभी समस्याओं और उनके निवारण, भगवान बलराम की जयंती मनाने, 30 सितंबर को दिल्ली में महिला शक्ति प्रदर्शन और 17 सितंबर को जिला केंद्र बारां पर विशाल शक्ति प्रदर्शन के विषय पर चर्चा कर पंचायत प्रभारियों को ज्यादा से ज्यादा किसानों को ले जाने की व्यवस्था सौंपी गई। ओम आचोलिया ने छीपाबड़ौद तहसील में निवासरत सभी किसान भाइयों से अपील की है कि 17 सितंबर को बारां चलकर अपना शक्ति प्रदर्शन करें, क्योंकि *“अगर किसान रहेगा मौन, तो इसकी सुनेगा कौन”*। बैठक में *हीरालाल रतनपुरा, ओम अहीर रूपपुरा, रामस्वरूप गोरधनपुरा, भीमराज चौधरी देवरीजोध, कृष्ण मुरारी रावा, प्रहलाद गुरदिया, जगदीश थानीवाल, सुरेश चंद्र, महावीर मंडवाल, चंद्र मोहन गुरदिया* आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- अफीम किसानों की बैठक आयोजित, डोडा चूरा नष्टीकरण नहीं कराने का सर्वसम्मत निर्णय। डोडा चूरा के उचित दाम की मांग पर अफीम किसान एकजुट। हरनावदा शाहजी। कुंभाखेड़ी बालाजी के स्थान पर आज अफीम किसानों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र के बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने भाग लिया और डोडा चूरा नष्टीकरण को लेकर सामूहिक रूप से चर्चा की। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक सरकार द्वारा किसानों को डोडा चूरा का ₹2,000 प्रति किलो अथवा उचित मूल्य नहीं दिया जाता, तब तक किसान डोडा चूरा का नष्टीकरण नहीं करवाएंगे। किसानों ने कहा कि आबकारी विभाग द्वारा डोडा चूरा नष्टीकरण के लिए 15 सितंबर से 25 सितंबर तक निर्धारित तिथियां तय की गई हैं। इन तिथियों के दौरान निर्धारित तोल केंद्रों पर कोई भी अफीम किसान डोडा चूरा नष्टीकरण करवाने के लिए नहीं ले जाएगा। बैठक में किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए स्पष्ट किया कि जब तक डोडा चूरा का उचित मूल्य देने की मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक नष्टीकरण की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का निर्णय कायम रहेगा, इस दौरान बैठक में सैकड़ो अफीम किसान उपस्थित रहे। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए डोडा चूरा का उचित मूल्य निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। अफीम किसानों की बैठक आयोजित, डोडा चूरा नष्टीकरण नहीं कराने का सर्वसम्मत निर्णय। डोडा चूरा के उचित दाम की मांग पर अफीम किसान एकजुट। हरनावदा शाहजी। कुंभाखेड़ी बालाजी के स्थान पर आज अफीम किसानों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र के बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने भाग लिया और डोडा चूरा नष्टीकरण को लेकर सामूहिक रूप से चर्चा की। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक सरकार द्वारा किसानों को डोडा चूरा का ₹2,000 प्रति किलो अथवा उचित मूल्य नहीं दिया जाता, तब तक किसान डोडा चूरा का नष्टीकरण नहीं करवाएंगे। किसानों ने कहा कि आबकारी विभाग द्वारा डोडा चूरा नष्टीकरण के लिए 15 सितंबर से 25 सितंबर तक निर्धारित तिथियां तय की गई हैं। इन तिथियों के दौरान निर्धारित तोल केंद्रों पर कोई भी अफीम किसान डोडा चूरा नष्टीकरण करवाने के लिए नहीं ले जाएगा। बैठक में किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए स्पष्ट किया कि जब तक डोडा चूरा का उचित मूल्य देने की मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक नष्टीकरण की प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का निर्णय कायम रहेगा, इस दौरान बैठक में सैकड़ो अफीम किसान उपस्थित रहे। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए डोडा चूरा का उचित मूल्य निर्धारित किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।4
- चाचौड़ा में अनोखा विरोध गढ़ों में पौधे लगाकर किया समृद्धि यज्ञ चाचौड़ा में अनोखा विरोध गड्ढों में पौधे लगाकर किया सद्बुद्धि यज्ञ बायपास की बदहाली पर फूटा गुस्सा, प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल वादों के गड्ढे नहीं भरेंगे: 7 दिन का अल्टीमेटम खत्म सड़क पर उतरे लोग1