गाजियाबाद के शिव चौक और शालीमार गार्डन क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी जलभराव के कारण कई दुकानों और आवासीय सोसायटियों में बरसात का पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए दुकानदार अपनी दुकानों से पानी निकालने में जुटे हैं, वहीं सोसायटियों के निवासी भी अपने घरों और परिसर से पानी बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल निकासी की व्यवस्था में सुधार करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि हर बारिश में उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
गाजियाबाद के शिव चौक और शालीमार गार्डन क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी जलभराव के कारण कई दुकानों और आवासीय सोसायटियों में बरसात का पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए दुकानदार अपनी दुकानों से पानी निकालने में जुटे हैं, वहीं सोसायटियों के निवासी भी अपने घरों और परिसर से पानी बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल निकासी की व्यवस्था में सुधार करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि हर बारिश में उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
- हाल ही में अखिलेश यादव को शंकराचार्य के चरणों में देखा गया, जिसकी तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। इस मुलाक़ात ने विभिन्न स्तरों पर बहस को जन्म दिया है, जिससे माहौल गर्मा गया है।1
- गाजियाबाद जिले के मुरादनगर पुलिस स्टेशन इलाके के त्रिमूर्ति विहार (वार्ड नंबर 2) में एक गंभीर समस्या सामने आई है। यहाँ कई खाली प्लॉट भारी मात्रा में पानी से भरे हुए हैं, जिससे छोटे बच्चों के उनमें गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, बारिश के कारण जलालपुर रोड पर बना मुख्य नाला भी अब "मौत का जाल" बन गया है, जो क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।1
- जनपद बागपत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार तस्कर के पास से 21.562 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत ₹15 लाख बताई जा रही है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान गाजियाबाद निवासी शशि भूषण पुत्र जीत नारायण के रूप में हुई है। पुलिस ने बुधवार को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के टियोढी गांव के पास चेकिंग अभियान के दौरान उसे पकड़ा। शशि भूषण बड़ौत में गांजे की डिलीवरी देने आ रहा था और पुलिस को चकमा देने के लिए उसने गांजे को सूटकेस और बैग में छिपा रखा था। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने स्वीकारा कि यह गांजा सप्लाई के लिए लाया गया था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि इसके पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायर का पता लगाया जा सके।1
- गाजियाबाद के शिव चौक और शालीमार गार्डन क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी जलभराव के कारण कई दुकानों और आवासीय सोसायटियों में बरसात का पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए दुकानदार अपनी दुकानों से पानी निकालने में जुटे हैं, वहीं सोसायटियों के निवासी भी अपने घरों और परिसर से पानी बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल निकासी की व्यवस्था में सुधार करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि हर बारिश में उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।3
- फ़िल्म "काला हिरण" के निर्माता अमित जानी ने दावा किया है कि उन्हें पिछले लंबे समय से लगातार जान से मारने और आतंकी हमलों की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने इस संबंध में गृह मंत्रालय (HMO), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले की गहन जांच करने, देश भर में अपनी सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और संबंधित आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अमित जानी के अनुसार, उनकी फ़िल्म "काला हिरण" को हटाने, रोकने या रिलीज़ नहीं होने देने के लिए उन्हें सैकड़ों धमकियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्हें कथित तौर पर डी कंपनी, शहज़ाद भट्टी, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के नाम से कॉल और वॉइस रिकॉर्डिंग के माध्यम से धमकियां दी गई थीं, जिनके संबंध में उन्होंने पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने अपने पत्र में 4 जुलाई 2026 को प्राप्त एक वॉइस नोट का भी उल्लेख किया, जो उन्हें पाकिस्तान के फ़ोन नंबर से मिला था। इसमें स्वयं को शहज़ाद भट्टी का भाई बताने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उन्हें 24 घंटे के भीतर फ़िल्म उद्योग छोड़ने या उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी, साथ ही यह भी कहा था कि वे सुरक्षा बलों की मौजूदगी में भी हमला कर सकते हैं। अमित जानी को भारत सरकार द्वारा वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सीआरपीएफ सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, लेकिन उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सीमित सुरक्षा होने के कारण राजस्थान और मुंबई जैसे अन्य राज्यों में जाना उनके लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण है। उन्हें गोली, बम या ड्रोन के माध्यम से हमला होने की आशंका है, जिसके चलते उन्होंने केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा श्रेणी बढ़ाकर पूरे देश के लिए सुरक्षा कवरेज देने की मांग की है। अपने पत्र में अमित जानी ने अभिनेता सलमान खान के संबंध में भी कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों से सलमान खान के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप, ई-मेल और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने तथा आवश्यक होने पर पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने की मांग की है। अमित जानी का आरोप है कि उनकी फ़िल्म रुकवाने में सलमान खान की रुचि है, और उन्हें मिली एक कथित कॉल में शहज़ाद भट्टी ने ड्रोन और ग्रेनेड से हमला करने की धमकी दी थी यदि फ़िल्म नहीं रोकी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। अमित जानी ने यह भी बताया कि उनका बेटा मुंबई में अकेला रहता है और उनका घर व कार्यालय भी वहीं है, लेकिन वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था मुंबई तक लागू न होने के कारण वे अपने परिवार के साथ वहां रहने में असमर्थ हैं। उन्हें आशंका है कि धमकी देने वाले अब उनके परिवार को निशाना बनाकर फ़िल्म रोकने का दबाव बनाना चाहते हैं। हाल ही में 8 जुलाई 2026 को अमित जानी ने रामपुर जनपद के कोतवाली थाना में एक और लिखित तहरीर देकर नई धमकी की शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के अनुसार, 8 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे जब वे रामपुर के होटल मोगा में थे, तो उन्हें +91 9974921224 नंबर से एक अज्ञात व्हाट्सऐप कॉल आई, जिसे उन्होंने नहीं उठाया। इसके लगभग 27 मिनट बाद उसी नंबर से एक ऑडियो संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें कथित तौर पर धमकी दी गई: "अमित जानी, सुन ले। रोहित भाई ने लास्ट वार्निंग दी थी, तुम नहीं माने। अब चारों तरफ से घिर चुके हो। फ़िल्म रिलीज़ होने से पहले ही तेरे साथ बहुत बड़ा होगा।" अमित जानी ने अपनी शिकायत में लिखा है कि यह ताज़ा ऑडियो संदेश भी गैंगस्टर रोहित गोदारा, आतंकी शहज़ाद भट्टी और उनके सहयोगियों द्वारा फ़िल्म "काला हिरण" के कारण दी जा रही लगातार धमकियों का हिस्सा है, जिसकी शिकायत वे पहले भी जोधपुर, गाज़ियाबाद, नोएडा और दिल्ली में कर चुके हैं। उन्होंने धमकी देने वाले को अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर रोहित गोदारा का गुर्गा बताया है और उसकी जांच की मांग की है, साथ ही एफबीआई द्वारा रोहित गोदारा पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सार्वजनिक होने से अपनी सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता का भी उल्लेख किया है। उन्होंने पुलिस से उक्त मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने तथा उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अमित जानी ने यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनकी, उनके परिवार या "काला हिरण" परियोजना से जुड़े किसी भी व्यक्ति की हत्या होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में एक कथित शहज़ाद भट्टी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसकी जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। हालांकि, किसी भी जांच एजेंसी ने अब तक उस प्रकरण और अमित जानी के आरोपों या उन्हें मिली धमकियों के बीच सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं किया है। अमित जानी ने केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा संबंधी मांगों और लगातार मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।3
- दिल्ली-एनसीआर सहित गाजियाबाद में लगातार भारी बारिश जारी है, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है और सड़कों पर हुए जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने गाजियाबाद के लोगों का हाल बेहाल कर दिया है, जहां अधिकतर इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, अंडरपास स्विमिंग पूल में बदल गए हैं, और कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है। प्रशासन और नगर निगम के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं, क्योंकि मानसून से पहले किए गए उनके वादे बारिश शुरू होते ही केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है, जिससे गाजियाबाद में लोगों को और अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों में आज के लिए छुट्टी की घोषणा की है। इस सबके बावजूद एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि नौकरीपेशा और काम पर जाने वाले लोग सड़कों पर जलभराव की समस्या से कब तक जूझते रहेंगे, और आने वाले दिनों में प्रशासन व नगर निगम लोगों को किस प्रकार राहत देगा, यह देखना बाकी है।2