सिख धर्म के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के पावन अवसर पर कोटा शहर में विभिन्न धार्मिक और सेवा कार्य आयोजित किए गए। इसी कड़ी में, कॉमर्स कॉलेज चौराहे पर 'गुरु अर्जन देव के शिव' (सेवादारों) द्वारा एक विशाल छबील का आयोजन किया गया। फ्लाईओवर के नीचे आयोजित इस कार्यक्रम में तपती गर्मी के बीच वहाँ से गुजरने वाले सभी राहगीरों, वाहन चालकों और आम लोगों को बड़े आदर के साथ ठंडा और मीठा शीतल पेय पिलाया गया। इस मौके पर गुरु अर्जन देव जी के एक मुख्य सेवक ने बताया कि यह शीतल पेय पदार्थ वे हर साल इस तपती गर्मी में लोगों की प्यास बुझाने के लिए पिलाते हैं। उनके अनुसार, यह केवल एक पेय नहीं, बल्कि धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी के आशीर्वाद के समान है, जिसे प्रसाद स्वरूप सभी राहगीरों में वितरित किया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि गुरु अर्जन देव जी ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए भीषण गर्मी के दिनों में ही अपनी शहादत दी थी। उन्हें जलती हुई तवे पर बिठाकर गर्म रेत डाली गई थी, लेकिन उन्होंने 'तेरा कीआ मीठा लागै' कहकर ईश्वर की रजा को स्वीकार किया। इसी याद में, सिख समुदाय और सेवादार हर साल जेठ के इस महीने में राहगीरों को ठंडा पानी और मीठा दूध (छबील) पिलाकर उनकी आत्मा को शांति पहुँचाते हैं और मानवता की सेवा का संदेश देते हैं। चौराहे पर लगी इस छबील में सुबह से ही सेवादारों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जहाँ बिना किसी भेदभाव के हर आने-जाने वाले को रुकवाकर शीतल जल और शरबत का दान किया गया।
सिख धर्म के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के पावन अवसर पर कोटा शहर में विभिन्न धार्मिक और सेवा कार्य आयोजित किए गए। इसी कड़ी में, कॉमर्स कॉलेज चौराहे पर 'गुरु अर्जन देव के शिव' (सेवादारों) द्वारा एक विशाल छबील का आयोजन किया गया। फ्लाईओवर के नीचे आयोजित इस कार्यक्रम में तपती गर्मी के बीच वहाँ से गुजरने वाले सभी राहगीरों, वाहन चालकों और आम लोगों को बड़े आदर के साथ ठंडा और मीठा शीतल पेय पिलाया गया। इस मौके पर गुरु अर्जन देव जी के एक मुख्य सेवक ने बताया कि यह शीतल पेय पदार्थ वे हर साल इस तपती गर्मी में लोगों की प्यास बुझाने के लिए पिलाते हैं। उनके अनुसार, यह केवल एक पेय नहीं, बल्कि धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी के आशीर्वाद के समान है, जिसे प्रसाद स्वरूप सभी राहगीरों में वितरित किया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि गुरु अर्जन देव जी ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए भीषण गर्मी के दिनों में ही अपनी शहादत दी थी। उन्हें जलती हुई तवे पर बिठाकर गर्म रेत डाली गई थी, लेकिन उन्होंने 'तेरा कीआ मीठा लागै' कहकर ईश्वर की रजा को स्वीकार किया। इसी याद में, सिख समुदाय और सेवादार हर साल जेठ के इस महीने में राहगीरों को ठंडा पानी और मीठा दूध (छबील) पिलाकर उनकी आत्मा को शांति पहुँचाते हैं और मानवता की सेवा का संदेश देते हैं। चौराहे पर लगी इस छबील में सुबह से ही सेवादारों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जहाँ बिना किसी भेदभाव के हर आने-जाने वाले को रुकवाकर शीतल जल और शरबत का दान किया गया।
- सिख धर्म के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के पावन अवसर पर कोटा शहर में विभिन्न धार्मिक और सेवा कार्य आयोजित किए गए। इसी कड़ी में, कॉमर्स कॉलेज चौराहे पर 'गुरु अर्जन देव के शिव' (सेवादारों) द्वारा एक विशाल छबील का आयोजन किया गया। फ्लाईओवर के नीचे आयोजित इस कार्यक्रम में तपती गर्मी के बीच वहाँ से गुजरने वाले सभी राहगीरों, वाहन चालकों और आम लोगों को बड़े आदर के साथ ठंडा और मीठा शीतल पेय पिलाया गया। इस मौके पर गुरु अर्जन देव जी के एक मुख्य सेवक ने बताया कि यह शीतल पेय पदार्थ वे हर साल इस तपती गर्मी में लोगों की प्यास बुझाने के लिए पिलाते हैं। उनके अनुसार, यह केवल एक पेय नहीं, बल्कि धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी के आशीर्वाद के समान है, जिसे प्रसाद स्वरूप सभी राहगीरों में वितरित किया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि गुरु अर्जन देव जी ने सत्य और धर्म की रक्षा के लिए भीषण गर्मी के दिनों में ही अपनी शहादत दी थी। उन्हें जलती हुई तवे पर बिठाकर गर्म रेत डाली गई थी, लेकिन उन्होंने 'तेरा कीआ मीठा लागै' कहकर ईश्वर की रजा को स्वीकार किया। इसी याद में, सिख समुदाय और सेवादार हर साल जेठ के इस महीने में राहगीरों को ठंडा पानी और मीठा दूध (छबील) पिलाकर उनकी आत्मा को शांति पहुँचाते हैं और मानवता की सेवा का संदेश देते हैं। चौराहे पर लगी इस छबील में सुबह से ही सेवादारों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जहाँ बिना किसी भेदभाव के हर आने-जाने वाले को रुकवाकर शीतल जल और शरबत का दान किया गया।1
- कोटा जिले के इटावा कस्बे में पुलिस ने हाल ही में अनैतिक देह व्यापार के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद, पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए उन मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिनका उपयोग कथित तौर पर इन अनैतिक कार्यों के लिए किया जा रहा था।1
- राहुल गांधी ने बुधवार शाम कोटा के दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर छात्रों और युवाओं के साथ संवाद किया, जहां उन्होंने भारत के शिक्षा तंत्र पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का एजुकेशन सिस्टम बच्चों को प्रेशराइज करता है, स्ट्रेस देता है, दबाता है और कुचलता है, जो देश के भविष्य के लिए सही नहीं है। राहुल गांधी ने इस संवाद के दौरान देश के शिक्षा तंत्र में मौजूद बुनियादी कमियों की तरफ इशारा किया। 'छात्रों की गूंज महारैली' नामक इस कार्यक्रम में छात्रों, अभिभावकों, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। कांग्रेस पिछले चार-पांच दिनों से इस कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी हुई थी और पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर काम कर रही थी। छात्रों में इस संवाद को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।1
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कोटा में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रम में महिला कांग्रेस कोटा शहर ने उत्साहपूर्वक और सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। महिला कांग्रेस कोटा शहर की जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति देखने को मिली, जिसमें शालिनी गौतम सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ शामिल हुईं।2
- कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) का अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है। बुधवार को जगपुरा क्षेत्र में सड़क निर्माण में बाधा बन रहे एक पत्थर कोट को हटाया गया। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज के सामने और रामचरण सर्किल क्षेत्र में सड़क सीमा पर लगाई गई गुमटियों, ठेलों और ढाबों को भी ध्वस्त किया गया। इसी कड़ी में, विनोबा भावे नगर योजना के एक भूखंड पर किए गए अतिक्रमण को भी प्राधिकरण द्वारा हटाया गया। कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने सभी अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की भूमि पर कब्जा करने वाले लोग स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।3
- गुरुवार (18 जून) को सुबह करीब 9:20 बजे कोटा में इंदौर-जोधपुर इंटरसिटी रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) के आगे लगे जनरल कोच के पहियों के पास से अचानक धुआं निकलने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। एहतियातन ट्रेन को तत्काल लूनीरिछा स्टेशन पर रोक दिया गया। धुआं निकलता देख कई यात्री जल्दबाजी में कोच से नीचे उतर आए। रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोच का ब्रेक जाम होने से लगातार घर्षण के कारण धुआं निकलने की बात सामने आई। ब्रेक रिलीज करने के बाद धुआं बंद हो गया और तकनीकी खामी को दूर कर स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। इस घटना के कारण ट्रेन करीब 20 मिनट की देरी से आगे रवाना हुई। पीछे आ रही बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, समय पर तकनीकी खराबी का पता चल जाने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि ब्रेक जाम होने पर यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो आग लगने की आशंका भी बन सकती है।1
- यह संदेश उन लोगों के लिए है जो अपनी बात या आवाज वीडियो के माध्यम से दूसरों तक पहुंचाना चाहते हैं। ऐसे इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं, ताकि उनके संदेश को साझा किया जा सके।1
- पद्म श्री 2026 से सम्मानित खेमराज सुंद्रियाल का जीवन अभावों में बीता। संत कबीर साहब से प्रभावित होकर खेमराज जी ने बुनकर का कार्य चुना और इस क्षेत्र में अपना योगदान दिया। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान 86 वर्ष की आयु में मिला, जो उनके जीवन भर के प्रयासों और मेहनत की कमाई को दर्शाता है। यह कहानी एक शख्सियत के अथक प्रयासों और उनके सम्मान की बुनाई को सामने लाती है।1