पचमो : भारतमाला परियोजना के कार्यप्रणाली के विरोध मे उतरे ग्रामीण। कारवाई न होने पर आंदोलन किया जायेगा : ग्रामीण जनता केवल मुआवजा ही नही काम भी दे भारतमाला परियोजना। लोकतंत्र की आवाज़ निशांत तिवारी प्रभारी झारखंड हंटरगंज(चतरा):- जिले के हंटरगंज प्रखंड के पाण्डेयपुरा पंचायत के पचमो गांव मे भारतमाला परियोजना के प्रति ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा है। ग्रामीणों ने रास्ते के लिए और विभागीय अनियमितता के लिए सरकार से लगातार गुहार लगाया जा रहा है पर विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा संज्ञान नही लिया जा रहा है जो विचारणीय है। ग्रामीणों ने जानकारी साझा करते हुए बताया की पहले हमारे जमीन को जैसे तैसे अधिग्रहण कर लिया गया है और उसमे मनमाने तरीके से भारतमाला परियोजना के द्वारा काम किया जा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों मे आक्रोश की स्थिति उत्पन्न है। ग्रामीणों का कहना है की हमारे गांव का मुख्य बाजार पाण्डेयपुरा है जहा जाने के लिए निकटतम रास्ते को भारतमाला परियोजना के द्वारा बंद किया जा रहा है।उन्होंने बताया की इस रास्ते के बंद होने की स्थिति मे पाण्डेयपुरा से निकटतम सम्पर्क पुरी तरह से टूट जायेगा और लगभग 250 घरों के लोगो को पाण्डेयपुरा जाने के लिए लगभग 8 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी ऐसी स्थिति मे बच्चों को विद्यालय जाना,रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों और महिलाओ का आना जाना,आपातकालीन स्थिति मे मरीजों को लाना ले जाना ग्रामीणों के लिए काफी चुनौतिपूर्ण हो जायेगा। ग्रामीणों ने ये भी जानकारी साझा किया की जिस सड़क के लिए जगह छोड़ने की बात की जा रही है उस सड़क के निर्माण कार्य की मंजूरी सरकारी योजनाओं के द्वारा मिल चुकी है। ग्रामीणों का ये भी कहना है की भारतमाला के द्वारा जो जमीन ग्रामीणों से अधिग्रहण किया गया था उससे ज्यादा मे निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों मे आक्रोश की स्थिति उत्पन्न है।ग्रामीणों ने उक्त मामले से सम्बन्धित आवेदन उपायुक्त कार्यालय चतरा और हंटरगंज थाना मे भी दी गयी है पर अभी तक इस मामले पर कोई कारवाई नही की गयी है। ग्रामीणों ने कहा है की उक्त सभी मामलो पर कारवाई न होने की स्थिति मे आंदोलन और धरना दिया जायेगा। ग्रामीणों का कहना है की हम लोग मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन करने का काम करते है और हमारी जमीन ले कर हमे ही काम से वंचित रखा जा रहा है हमारे क्षेत्र मे बाहरी लोगो से काम करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियो से भारतमाला परियोजना मे रोजगार मुहैया कराने के लिए गुहार लगाया है।
पचमो : भारतमाला परियोजना के कार्यप्रणाली के विरोध मे उतरे ग्रामीण। कारवाई न होने पर आंदोलन किया जायेगा : ग्रामीण जनता केवल मुआवजा ही नही काम भी दे भारतमाला परियोजना। लोकतंत्र की आवाज़ निशांत तिवारी प्रभारी झारखंड हंटरगंज(चतरा):- जिले के हंटरगंज प्रखंड के पाण्डेयपुरा पंचायत के पचमो गांव मे भारतमाला परियोजना के प्रति ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा है। ग्रामीणों ने रास्ते के लिए और विभागीय अनियमितता के लिए सरकार से लगातार गुहार लगाया जा रहा है पर विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा संज्ञान नही लिया जा रहा है जो विचारणीय है। ग्रामीणों ने जानकारी साझा करते हुए बताया की पहले हमारे जमीन को जैसे तैसे अधिग्रहण कर लिया गया है और उसमे मनमाने तरीके से भारतमाला परियोजना के द्वारा काम किया जा रहा है जिसके चलते ग्रामीणों मे आक्रोश की स्थिति उत्पन्न है। ग्रामीणों का कहना है की हमारे
गांव का मुख्य बाजार पाण्डेयपुरा है जहा जाने के लिए निकटतम रास्ते को भारतमाला परियोजना के द्वारा बंद किया जा रहा है।उन्होंने बताया की इस रास्ते के बंद होने की स्थिति मे पाण्डेयपुरा से निकटतम सम्पर्क पुरी तरह से टूट जायेगा और लगभग 250 घरों के लोगो को पाण्डेयपुरा जाने के लिए लगभग 8 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी ऐसी स्थिति मे बच्चों को विद्यालय जाना,रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों और महिलाओ का आना जाना,आपातकालीन स्थिति मे मरीजों को लाना ले जाना ग्रामीणों के लिए काफी चुनौतिपूर्ण हो जायेगा। ग्रामीणों ने ये भी जानकारी साझा किया की जिस सड़क के लिए जगह छोड़ने की बात की जा रही है उस सड़क के निर्माण कार्य की मंजूरी सरकारी योजनाओं के द्वारा मिल चुकी है। ग्रामीणों का ये भी कहना है की भारतमाला के द्वारा
जो जमीन ग्रामीणों से अधिग्रहण किया गया था उससे ज्यादा मे निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों मे आक्रोश की स्थिति उत्पन्न है।ग्रामीणों ने उक्त मामले से सम्बन्धित आवेदन उपायुक्त कार्यालय चतरा और हंटरगंज थाना मे भी दी गयी है पर अभी तक इस मामले पर कोई कारवाई नही की गयी है। ग्रामीणों ने कहा है की उक्त सभी मामलो पर कारवाई न होने की स्थिति मे आंदोलन और धरना दिया जायेगा। ग्रामीणों का कहना है की हम लोग मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन करने का काम करते है और हमारी जमीन ले कर हमे ही काम से वंचित रखा जा रहा है हमारे क्षेत्र मे बाहरी लोगो से काम करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियो से भारतमाला परियोजना मे रोजगार मुहैया कराने के लिए गुहार लगाया है।
- Nand Kishor Kumar Nand Kishor Kumarचतरा, चतरा, झारखंड👏on 17 March
- Nand Kishor Kumar Nand Kishor Kumarचतरा, चतरा, झारखंड👌on 17 March
- विक्की मंडल और डॉली सिंह की शानदार अभिनय से सजी यह फिल्म समाज में हो रहे अन्याय के खिलाफ एक मजबूत आवाज उठाती है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।1
- कोडरमा: थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल टैक्स के समीप एक बार फिर से चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। जहां किराए में रहने वाली एक महिला के घर में उसकी उपस्थिति में चोर घर में घुस कर उनके जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए हैं। मामले की जानकारी देते हुए पीड़िता पूजा कुमारी पति बालमुकुंद कुमार ने बताया कि वह उक्त मकान में किराएदार के रूप में रह रही हैं। मंगलवार की शाम वे अपने गांव एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए गई हुई थी। वहीं बुधवार की सुबह वे वापस कोडरमा स्थित उक्त मकान पहुंची और अपने सारे जेवरात को एक बैग में डालकर अपने कमरे में खूंटी में टांग कर स्नान करने चली गई। इसके पश्चात जब वह स्नान करके वापस आईं और अपने छोटे बेटे जो विद्यालय से आया था, उसे लेने के लिए घर से बाहर सड़क पर आई और बेटे को लेकर अपने कमरे में चली गई। इसके बाद शाम करीब 6:00 बजे जब वे उक्त बैक को अलमीरा में रखने के लिए जाने लगीं तो देखा की बैग खूंटी से गायब था। इसके पश्चात उन्होंने उनके ठीक बगल के कमरे में किराए में रह रहे अपने भाई तथा भाभी से पूछताछ की तो उन्होंने इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसके पश्चात वह अपने बच्चों से इसके संबंध में पूछताछ करने लगी। जब उसका कहीं कुछ पता नहीं चला तो वह इसकी सूचना कोडरमा पुलिस को दी। इसके पश्चात कोडरमा पुलिस के जवान उक्त घर पहुंचे और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गए। उन्होंने बताया कि उनके बैग में करीब डेढ़ लाख रुपए के सोने के जेवरात (मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने के कंगन) रखे हुए थे। साथ ही पर्स में दो हजार रुपये नगद भी रखे हुए थे। इधर जब उन्होंने इस बात की सूचना आज पड़ोस में दी तो पता चला कि उनके घर के ठीक पीछे रहने वाले अनिल सिंह ने मकान में भी चोरों ने धावा बोला था। अनिल सिंह की भाभी ने बताया कि बुधवार दोपहर वे अपने कमरे में सोई हुई थीं। इसी बीच अचानक से कुछ आवाज़ सुनकर वे उठीं और मुख्य दरवाजे के समीप पहुंची तो देखा कि वहाँ एक महिला करीब 10-12 साल की एक बच्ची के साथ उनके दरवाजे पर खड़ी थी। इनको देखते ही वे भाग गईं। इधर उन्होंने देखा कि उनके देवर का कमरा खुला हुआ था और उक्त कमरे के अलमीरा का ड्रावर खुला था, जिसमें रखा 1 हजार रुपया गयं था। उन्होंने बताया कि अगर उनकी नींद नहीं खुलती तो और भी समान व नगद पैसों की चोरी हो सकती थी। इन दोनों घरों में हुई चोरी की घटना को लेकर लोगों को आशंका है कि उक्त महिला और बच्ची द्वारा ही घर में प्रवेश कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। वहीं मोहल्ले के कई लोगों ने उक्त महिला और बच्चों को मोहल्ले में घूमते हुए देखने की बात कही है। इधर चोर के इस प्रकार बेखौफ घरों में घुस जाने के कारण आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। महिलाएं घर में कुंडी लगाकर रह रही हैं और बाहर निकलने से घबरा रही हैं।1
- ✍रंजन चौधरी सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग संसदीय क्षेत्र। हजारीबाग। वैसे तो सभी पर्व-त्योहार आस्था व विश्वास का प्रतीक होता हैं, परंतु झारखंड के मूल वासी जाती और जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में मनाया जाने वाला मंडा पर्व उत्सव में आस्था की ऐसी अविरल धारा बहती है कि भोक्ता (व्रती) फुलखुंदी (दहकते अंगारों) में ऐसे चलते हैं मानो वह अंगारा नहीं, बल्कि फूल बिछा हो। अपने शरीर में लोहे के बड़े-बड़े कील चुभोकर ऐसे हवा में झूलते हैं मानो वे सावन के महीने में झूले का आनंद ले रहे हों। इस पूजा में मुख्यतः भगवान शिव को खुश करने के लिए कठिन तपस्या की जाती है। फुलखुंदी (दहकते अंगारों) के नियम से कुछ दिन पहले से ही भोक्ता भगवान शिव की पूजा में जुट जाते हैं। यह पर्व झारखंड राज्य के बोकारो, धनबाद, गिरीडीह, रामगढ़, हजारीबाग, रांची, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसांवा, खूंटी सहित दर्जनों जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आस्था व विश्वास के साथ उल्लासपूर्वक वैशाख माह में मनाया जाता है। मंडा पर्व को लोग अलग-अलग क्षेत्रों में अलग- अलग नाम से यथा भोक्ता पर्व, चड़क पूजा, चैत पर्व, बनस पर्व आदि कई नामों से जानते हैं। इस त्यौहार में भक्ति, आस्था और लोगों के हैरतअंगेज कारनामे का संयुक्त प्रदर्शन होता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा राज्य के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में यहां की पौराणिक संस्कृति और सभ्यता की अमित झलक इस त्यौहार के माध्यम से देखने को मिलती है। यह पर्व वैशाख माह के अक्षय तृतीया से आरंभ होता है। आमधारणा के अनुसार यह पर्व कलयुग में भी सत्य का प्रतीक माना जाता है, जिसमें भगवान की आराधना एक अनोखी शैली द्वारा महादेव मंडा के समक्ष किया जाता है। यह त्योहार राज्य के सदान और आदिवासी दोनों में सामान्य रूप से प्रचलित है। त्यौहार में घर का एक सदस्य जो व्रती होता है, भगता (भोक्ता) कहलाता है। उसकी मां या बहन उपवास रखती है जिसे सोखताईन कहा जाता है। त्योहार के दौरान तीन दिन तक उपवास रखकर चौथा दिन फुलखुंदी होता है। इस दिन भोक्ता द्वारा शषटांड दंड, मशाल जुलूस, तपती दोपहर की गर्मी में आग में चलना तथा अपने पीठ, पैर व जिह्वा में लोहे का कील भोंकंदा कर डांग या ख़ुट्टा (लट्ठे) की सहायता से लगभग 35-40 फीट ऊपर नाचते हुए चारों ओर झूलते रहना रोंगटे खड़ा कर देने वाला अद्भुत नजारा को हजारों-लाखों लोग उपस्थित होकर देखते हैं। जहां आधुनिक युग में एक सूई या पिन चुभने पर टेटनस की सुई लेने की आवश्यकता होती है। वहीं आज भी हजारों-लाखों लोग ऐसे हैं जो वर्षों से शक्ति के इस महापर्व के माध्यम से इस रिवाज से हर वर्ष गुजर रहे हैं। लेकिन कभी बीमार नहीं पड़े और ना ही उन्हें अपने दर्द तक का एहसास होता है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के निर्वहन को अच्छी बारिश, फसलों के उपज और सुख समृद्धि के लिए किया जाता है। इस त्यौहार में बड़ा ही कठिन व्रत होता है और व्रत के दौरान पूरी तरह सादगी और सात्विक होकर कई कठोर नियमों का पालन भी करना होता है। चार दिनों के कठिन तपस्या में निरंतर उपवास में रहना और इस दौरान भगवत भक्ति के कई कठोरतम नियमों से गुजरना पड़ता है। पहले दिन भगवान की पूजा-अर्चना होती है, दूसरे दिन रात्रि गाजन, मशाल प्रदर्शन, दंडी यात्रा और पारंपरिक ढोल- नगाड़े और मांदर की थाप पर नृत्य- संगीत, झूमर गान और नाच होता है तीसरे दिन ईश्वर भक्ति का अद्भुत और हैरतअंगेज प्रदर्शन भोक्ता घूरा या मंडा खुट्टा प्रदर्शन के माध्यम से होता है और अंतिम दिन भागवत पूजन के साथ शरीर में तेल -हल्दी लगाकर नहाने के पश्चात शरीर को गंगा जल छिड़कर शुद्ध करते हैं और फिर रात्रि में छऊ नृत्य का आनंद उठाते हैं। झारखंड के बोकारो के चंदनकियारी प्रखण्ड निवासी अरुण राय कहते हैं कि मैं 60 वर्षों से लगातार बनस पर कील भोंकवा कर चढ़ता हूं, आज तक कुछ नहीं हुआ। एक अन्य व्यक्ति अनिल महतो कहते हैं कि मैं लगभग 30 वर्षों से लोगों के पीठ, जीभ व पैरों में पर्व के दौरान कील भोंकने का कार्य कर रहा हूं। जहां भी यह पर्व मनाया जाता है वहां तीन दिनों तक वातावरण "ॐ नमः शिवायः" "शिव शिवाय मनी पार्वती हीं" आदि नारों से गुंजायमान हो उठता है। पर्व के माध्यम से लोगों ने प्रकृक्ति का आनन्द आम, तरबूज पलास के पत्ते, गुलैची के फूल व नये गुड़ और चना का प्रयोग साथ में प्रथम बार करके लेते हैं। लोगों का मानना है कि भगवान शिव व पार्वती को प्रसन्न करने के लिए वे लोहे के कील से सुराख कर शरीर में कसवाते हैं। जलती अंगारों में नंगे पांव चलते हैं, जिससे प्रसन्न होकर प्रभु उन्हें आशीर्वाद देते हैं और भक्तगण पूरे साल बीमारियों, से कोसों दूर रहते हैं। पर्व के दौरान कहीं छऊ नृत्य, झूमर नृत्य, बुलबुली नृत्य तो कहीं बाऊल संगीत, नाटक (यात्रा) तथा आर्केस्ट्रा का भी आयोजन होता है। इस दौरान ग्रामीण इलाके में मेले का भी भव्य आयोजन होता है जहां लोग एक-दूजे से मिलकर खुशियां भी लुटाते हैं।1
- ज्ञान सागर पब्लिक आवासीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद यादव ने बताया कि हमारे यहां जवाहर नवोदय विद्यालय, नेतरहाट विद्यालय ,समेत विभिन्न विद्यालय का प्रवेश परीक्षा का अनुभवी शिक्षकों के द्वारा तैयारी कराई जाती है1
- हैरान कर देगा ये मंजर-गाय बनी रक्षक1
- डुमरी टोल प्लाजा के पास आज का दुखद घटना तीन गाड़ियां टकरा गई जिससे दो गाड़िया पुरी तरह जल कर राख हो गई एक टेलर को स्थानीय लोगों के प्रयास से इंजन वाले हिस्से को बचा लिया गया, चालक का अभी कोई पता नहीं1
- कोडरमा : झुमरी तिलैया में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान इंदरवा बस्ती निवासी 28 वर्षीय गोलू श्रीवास्तव, पिता झूलन श्रीवास्तव के रूप में हुई है। जानकारी अनुसार, युवक का शव बाईपास पुल के पास बरामद किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।परिजनों का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।बताया जा रहा है कि मृतक बालू सप्लाई का कार्य करता था। ऐसे में पुलिस व्यवसायिक विवाद या आपसी रंजिश के पहलू से भी जांच कर रही है।फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।1
- उसकी मासूम आवाज़ में छुपी समझदारी ने सबका ध्यान खींच लिया — आप भी सुनिए आखिर उसने क्या कहा!1
- Post by Sunil Kumar journalist1