हेडिंग: सोशल मीडिया पर पत्रकारों के अपमान का मामला: नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग खबर: प्रयागराज, 20 मार्च 2026। पुलिस लाइन में 17 मार्च को आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित पत्रकारों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वाले पत्रकारों में सोमराज सोनकर, अभिनव कुमार मिश्रा, अफसाना बेगम तथा राष्ट्रीय पत्रकार महासभा के कई अन्य पत्रकार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर डाली गई एक पोस्ट में पत्रकारों को “अंडा और चाय बेचने वाले” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उनकी छवि को ठेस पहुंची है और पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित हुई है। पीड़ित पत्रकारों ने अपने प्रार्थना पत्र में वीरेंद्र पाठक, धीरेंद्र द्विवेदी और आरो भारद्वाज को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि इनकी ओर से सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री प्रसारित की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की पोस्ट न केवल व्यक्तिगत मानहानि है, बल्कि समाज में पत्रकारों की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाती है। पत्रकारों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मानहानि सहित अन्य उपयुक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है। अब इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। हेडिंग: सोशल मीडिया पर पत्रकारों के अपमान का मामला: नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग खबर: प्रयागराज, 20 मार्च 2026। पुलिस लाइन में 17 मार्च को आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित पत्रकारों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वाले पत्रकारों में सोमराज सोनकर, अभिनव कुमार मिश्रा, अफसाना बेगम तथा राष्ट्रीय पत्रकार महासभा के कई अन्य पत्रकार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर डाली गई एक पोस्ट में पत्रकारों को “अंडा और चाय बेचने वाले” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उनकी छवि को ठेस पहुंची है और पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित हुई है। पीड़ित पत्रकारों ने अपने प्रार्थना पत्र में वीरेंद्र पाठक, धीरेंद्र द्विवेदी और आरो भारद्वाज को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि इनकी ओर से सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री प्रसारित की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की पोस्ट न केवल व्यक्तिगत मानहानि है, बल्कि समाज में पत्रकारों की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाती है। पत्रकारों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मानहानि सहित अन्य उपयुक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है। अब इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
हेडिंग: सोशल मीडिया पर पत्रकारों के अपमान का मामला: नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग खबर: प्रयागराज, 20 मार्च 2026। पुलिस लाइन में 17 मार्च को आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित पत्रकारों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वाले पत्रकारों में सोमराज सोनकर, अभिनव कुमार मिश्रा, अफसाना बेगम तथा राष्ट्रीय पत्रकार महासभा के कई अन्य पत्रकार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर डाली गई एक पोस्ट में पत्रकारों को “अंडा और चाय बेचने वाले” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उनकी छवि को ठेस पहुंची है और पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित हुई है। पीड़ित पत्रकारों ने अपने प्रार्थना पत्र में वीरेंद्र पाठक, धीरेंद्र द्विवेदी और आरो भारद्वाज को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि इनकी ओर से सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री प्रसारित की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की पोस्ट न केवल व्यक्तिगत
मानहानि है, बल्कि समाज में पत्रकारों की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाती है। पत्रकारों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मानहानि सहित अन्य उपयुक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है। अब इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। हेडिंग: सोशल मीडिया पर पत्रकारों के अपमान का मामला: नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग खबर: प्रयागराज, 20 मार्च 2026। पुलिस लाइन में 17 मार्च को आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित पत्रकारों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वाले पत्रकारों में सोमराज सोनकर, अभिनव कुमार मिश्रा, अफसाना बेगम तथा राष्ट्रीय पत्रकार महासभा के कई अन्य पत्रकार शामिल
हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर डाली गई एक पोस्ट में पत्रकारों को “अंडा और चाय बेचने वाले” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे उनकी छवि को ठेस पहुंची है और पत्रकारिता की गरिमा प्रभावित हुई है। पीड़ित पत्रकारों ने अपने प्रार्थना पत्र में वीरेंद्र पाठक, धीरेंद्र द्विवेदी और आरो भारद्वाज को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि इनकी ओर से सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपमानजनक सामग्री प्रसारित की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की पोस्ट न केवल व्यक्तिगत मानहानि है, बल्कि समाज में पत्रकारों की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाती है। पत्रकारों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मानहानि सहित अन्य उपयुक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है। उल्लेखनीय है कि पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा पहले भी उठाया जा चुका है। अब इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
- “जाको राखे साइयां…” प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसे में मलबे से जिंदा निकला व्यक्ति प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में अमोनिया गैस रिसाव और विस्फोट के बाद गिरे कोल्ड स्टोरेज के मलबे से रेस्क्यू टीम ने एक व्यक्ति को जिंदा बाहर निकाल लिया। इस हादसे के बीच यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे के बीच अचानक हलचल दिखाई दी, जिसके बाद राहतकर्मियों ने तुरंत उस हिस्से पर ध्यान केंद्रित किया। सावधानीपूर्वक मलबा हटाने के बाद काफी मशक्कत के जरिए व्यक्ति को बाहर निकाला गया। बाहर निकालने पर उसमें सांसें चलती हुई पाई गईं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में उम्मीद की किरण जगी। गंभीर हालत में घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस बीच, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) सहित अन्य रेस्क्यू टीमें लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। लगातार चल रहे राहत और बचाव कार्य के बीच यह घटना वहां मौजूद लोगों के लिए राहत और भरोसा बढ़ाने वाली साबित हुई है।1
- मोनालिसा के आरोपों पर अब सनोज़ मिश्रा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कहा कि “धर्मांतरण गैंग मेरे पीछे पड़ा है और झूठे आरोप लगाकर मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।” सनोज़ का दावा है कि पूरी सच्चाई जानने के लिए उनका पूरा वीडियो देखना चाहिए। फिलहाल इस मामले को लेकर दोनों पक्षों में तकरार जारी है और पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है।1
- नई दिल्ली। मार्च 25, 2026. (विश्व हिन्दू परिषद) के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और विधि के शासन को सुदृढ़ करने वाला है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि धर्मांतरण के पश्चात कोई भी व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) की संवैधानिक श्रेणी में नहीं आता और ऐसे में उसे SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त नहीं हो सकता। यह निर्णय संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 की भावना के भी अनुरूप है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल हिन्दू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायी ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने वाला है, जिनमें कुछ लोग धर्मांतरण के बाद भी पूर्व जातिगत पहचान के आधार पर संवैधानिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस निर्णय से धर्मांतरण माफिया पर गहरी चोट लगी है। ईसाई व मुस्लिम नेता एक ओर तो कहते हैं कि उनका धर्म समतावादी है, उनके यहां जाति-पाति की व्यवस्था नहीं है वहीं, दूसरी ओर वे दलित ईसाई व दलित मुस्लिम जैसे शब्दों की रचना करके उनके लिए आरक्षण की मांग करते हैं जिससे उनके धर्मांतरण के कुचक्रों को गति मिल सके। डॉ जैन ने कहा कि अब भारत की धरती में उनके कुचक्र नहीं चल सकेंगे। अनुसूचित जाति के अधिकार और संरक्षण का उद्देश्य ऐतिहासिक सामाजिक अन्याय को दूर करना है, जो विशेष रूप से हिन्दू समाज की संरचना में उत्पन्न हुआ था। अतः जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है, तो वह उस सामाजिक संदर्भ से भी स्वयं को अलग कर लेता है, जिसके आधार पर ये विशेष अधिकार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति पुनः हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म में लौटता है और समाज द्वारा उसे स्वीकार किया जाता है, तभी वह पुनः अनुसूचित जाति के अधिकारों का पात्र बन सकता है। अंत में डॉ. जैन ने कहा कि यह निर्णय देश में सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और न्याय की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विहिप के कार्यकर्ता देशभर में ऐसे लोगों की सूची बनाएंगे जिन्होंने अनुसूचित समाज के अधिकारों पर डाका डाला है और उनसे वे अधिकार छीनकर उन लोगों दिलाए जा सकें जो उनके वास्तविक अधिकारी हैं। जारी कर्ता : विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- Post by Journalist Satish Chandra1
- जबकि 2012 से 2017 के बीच मात्र 16 लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किये गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन लखनऊ में आयोजित निवेश मित्र 3.0 के शुभारम्भ एवं लेटर ऑफ कम्फर्ट और सब्सिडी वितरण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी भी सम्मिलित हुए। मंत्री नन्दी ने कुछ अलग अंदाजइन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि काबिल-ए-तारीफ है अंदाज एक-एक काम का। गा रही है गीत यूपी योगी जी के नाम का.....। मंत्री नन्दी ने कहा कि हमारी सरकार की नीतियों एवं नियत के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश में निवेश का अभूतपूर्व माहौल है जिसके फलस्वरूप लगभग 50 लाख करोड़ के निवेश प्राप्त हुए हैं। निवेश मित्र उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का स्वर्णिम शिलालेख है। पिछले 9 वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश का औद्योगिक परिवेश फर्श से अर्श पर आया है। इसकी पृष्ठभूमि में निवेश मित्र जैसी सिंगल विण्डो प्रणाली का बेहद बहुमूल्य योगदान है। निवेश मित्र सिंगल विण्डों सिस्टम ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी और प्रबल बनाया है। पूरी निवेश प्रक्रिया करप्शन फ्री हुई है। इस नये संस्करण का शुभारम्भ इस दिशा में नई उपलब्धि का अवसर है। यह तीसरा संस्करण अधिक दक्षता और अधिक कुशलता के साथ समयबद्ध रूप से उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा। एमओयू से लेकर प्रोडक्शन तक की पूरी प्रक्रिया को नई रफ्तार मिलने के साथ ही प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही भी सुनिश्चित की गयी है। सेवा एवं संकल्प को समर्पित डबल इंजन सरकार के 9 वर्ष उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से अभूतपूर्व कीर्तिमानों से भरे हुये हैं। आदर्श कानून व्यवस्था, सेक्टर वाइज औद्योगिक नीति, जवाबदेह कार्यप्रणाली और निवेशकों के हितों के संरक्षण ने उत्तर प्रदेश को निवेश के सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मंत्री नन्दी ने कहा कि जहाँ वर्ष 2012 से 2017 के बीच मात्र 16 लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किये गए थे वहीं पिछले 9 वर्ष के दौरान 3,367 लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किये गए हैं। लगभग 200 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कमिटमेन्ट का प्रमाण है। एक कहावत है-हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फारसी क्या। यह आंकड़ा इसी बात का स्पष्ट प्रमाण है। मंत्री नन्दी ने कहा कि सब्सिडी वितरण में भी 6 गुना की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हमारी कथनी और करनी एक है। हम वादा करते हैं और वादा निभाते भी हैं। इसी का परिणाम है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश पर भरपूर भरोसा और विश्वास जता रहे हैं। कहा कि अभी कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में जापान और सिंगापुर जाने का अवसर मिला। वहाँ के निवेशकों में जिस प्रकार का उत्साह और सकारात्मक रुझान देखने को मिला वह उत्तर प्रदेश के बदलाव की कहानी को बयां करता है। 25 करोड़ प्रदेशवासी इस नये उत्तर प्रदेश और उसके सशक्त नेतृत्व पर गौरव की अनुभूति करते हैं। इन्डस्ट्री फ्रेंडली इकोसिस्टम, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रैक्टिकल इंडस्ट्रियल पॉलिसी, परफेक्ट लॉ एन्ड ऑर्डर और इन्वेस्टमेंट सेक्योरिटी ने उत्तर प्रदेश को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचान दी है। अपने संबोधन को विराम देते हुए मंत्री नन्दी ने कहा कि अम्न में है यूपी का गुलशन, योगी जी को जिन्दाबाद। बोल रही है धड़कन-धड़कन, योगी जी को जिन्दाबाद। बाद जमाने के यूपी में, न्याय का सूरज निकला है। काॅप रहा है खौफ से माफिया, योगी जी को जिन्दाबाद।1
- सनोज मिश्रा ने की छेड़छाड़', डायरेक्टर पर भड़कीं मोनालिसा, पूछा- मूवी के लिए रेप करोगे? मोनालिसा ने फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सनोज ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की, जबकि परिवार ने उनकी शिकायत को नजरअंदाज किया. मोनालिसा के आरोपों पर सनोज मिश्रा का रिएक्शन नहीं आया है. महाकुंभ से रातोरात सेंसेशन बनीं मोनालिसा को फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने स्टार बनाया. अपनी फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में हीरोइन लिया, एक्टिंग की ट्रेनिंग दी. लेकिन फरमान खान की दुल्हन बनने के बाद मोनालिसा के तेवर ही बदल गए हैं. मोनालिसा की शादी को उनके परिवार और सनोज मिश्रा ने लव जिहाद का नाम दिया. इस रिश्ते पर सवाल उठाए. इस पूरे विवाद पर मोनालिसा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनोज मिश्रा को आड़े हाथों लिया.1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- #3rd_जेंडर_बहुआयामी_दल क्या हमे अपना जेंडर साबित करने के लिए #DM_और_CMO_ऑफिस के चक्कर लगाने पढ़ेंगे क्यो ?बहुआयामी दल के प्रश्न व अपील?1