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तीसरे दिन घर पहुंचा कमलेश का शव, चीख-पुकार से गमगीन हुआ सिसवारा भारी पुलिस बल के बीच अंतिम संस्कार श्रावस्ती। गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव के मदारपुरवा में भूमि विवाद के दौरान कमलेश कुमार की मौत के बाद गुरुवार को तीसरे दिन उनका शव घर पहुंचा। मुंबई से मृतक का बड़ा बेटा भी घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बताया गया कि 22 सितंबर को भूमि विवाद के निस्तारण के लिए राजस्व टीम के साथ गिलौला पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस के अनुसार सरकारी कार्य में बाधा के चलते पांच महिलाओं और एक पुरुष को सरकारी वाहन से थाने भेजा जा रहा था। इसी दौरान कमलेश ने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से कूदने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस और राजस्व टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवादित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार, उपनिरीक्षक इन्द्रदेव पटेल और आरक्षी परविन्दर कुमार को पुलिस लाइन हाजिर किया है। निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम है।

19 hrs ago
user_Hasmat Husain Khan
Hasmat Husain Khan
Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

तीसरे दिन घर पहुंचा कमलेश का शव, चीख-पुकार से गमगीन हुआ सिसवारा भारी पुलिस बल के बीच अंतिम संस्कार श्रावस्ती। गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव के मदारपुरवा में भूमि विवाद के दौरान कमलेश कुमार की मौत के बाद गुरुवार को तीसरे दिन उनका शव घर पहुंचा। मुंबई से मृतक का बड़ा बेटा भी घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बताया गया कि 22 सितंबर को भूमि विवाद के निस्तारण के लिए राजस्व टीम के साथ गिलौला पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस के अनुसार सरकारी कार्य में बाधा के चलते पांच महिलाओं और एक पुरुष को सरकारी वाहन से थाने भेजा जा रहा था। इसी दौरान कमलेश ने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से कूदने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस और राजस्व टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवादित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार, उपनिरीक्षक इन्द्रदेव पटेल और आरक्षी परविन्दर कुमार को पुलिस लाइन हाजिर किया है। निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम है।

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  • दो दिन से मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं, खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने का खतरा गिलौला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित; तैयार होने की कगार पर फसल को नुकसान की आशंका गिलौला। श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जहां लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में धान की फसल लगभग तैयार खड़ी है। लगातार बारिश के कारण खेतों की मिट्टी में नमी बढ़ गई है और तेज हवाओं के चलते धान की खड़ी फसल के खेत में गिरने का खतरा मंडरा रहा है। यदि बारिश और तेज हवा का सिलसिला जारी रहा तो किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। किसान दिलीप, छोटू, रामदीन और साहू ने बताया कि धान की फसल इस समय लगभग तैयार होने की स्थिति में है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे खेतों में काफी नमी हो गई है। ऐसे में तेज हवाएं चलने पर धान की फसल खेत में गिर सकती है। फसल गिरने के बाद उसकी कटाई और दाना निकालने में परेशानी के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम में अचानक बदलाव से उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने फसल की कटाई की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन बारिश के कारण खेतों में काम प्रभावित हो गया है। छोटे किसानों के सामने फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान की चिंता भी बढ़ गई है। बारिश से जनजीवन भी प्रभावित लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए हैं। कई जगह रास्तों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश और तेज हवाओं के चलते विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी रहा तो धान की तैयार फसल के साथ-साथ आम जनजीवन पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। किसानों ने मौसम साफ होने और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
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    दो दिन से मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं, खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने का खतरा
गिलौला क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित; तैयार होने की कगार पर फसल को नुकसान की आशंका
गिलौला। श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जहां लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में धान की फसल लगभग तैयार खड़ी है। लगातार बारिश के कारण खेतों की मिट्टी में नमी बढ़ गई है और तेज हवाओं के चलते धान की खड़ी फसल के खेत में गिरने का खतरा मंडरा रहा है। यदि बारिश और तेज हवा का सिलसिला जारी रहा तो किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
किसान दिलीप, छोटू, रामदीन और साहू ने बताया कि धान की फसल इस समय लगभग तैयार होने की स्थिति में है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे खेतों में काफी नमी हो गई है। ऐसे में तेज हवाएं चलने पर धान की फसल खेत में गिर सकती है। फसल गिरने के बाद उसकी कटाई और दाना निकालने में परेशानी के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि इस समय मौसम में अचानक बदलाव से उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों ने फसल की कटाई की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन बारिश के कारण खेतों में काम प्रभावित हो गया है। छोटे किसानों के सामने फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान की चिंता भी बढ़ गई है।
बारिश से जनजीवन भी प्रभावित
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए हैं। कई जगह रास्तों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश और तेज हवाओं के चलते विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी रहा तो धान की तैयार फसल के साथ-साथ आम जनजीवन पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। किसानों ने मौसम साफ होने और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
    user_Gilaula Shravasti News
    Gilaula Shravasti News
    इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • तीसरे दिन घर पहुंचा कमलेश का शव, चीख-पुकार से गमगीन हुआ सिसवारा भारी पुलिस बल के बीच अंतिम संस्कार श्रावस्ती। गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव के मदारपुरवा में भूमि विवाद के दौरान कमलेश कुमार की मौत के बाद गुरुवार को तीसरे दिन उनका शव घर पहुंचा। मुंबई से मृतक का बड़ा बेटा भी घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बताया गया कि 22 सितंबर को भूमि विवाद के निस्तारण के लिए राजस्व टीम के साथ गिलौला पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस के अनुसार सरकारी कार्य में बाधा के चलते पांच महिलाओं और एक पुरुष को सरकारी वाहन से थाने भेजा जा रहा था। इसी दौरान कमलेश ने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से कूदने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस और राजस्व टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवादित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार, उपनिरीक्षक इन्द्रदेव पटेल और आरक्षी परविन्दर कुमार को पुलिस लाइन हाजिर किया है। निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम है।
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    तीसरे दिन घर पहुंचा कमलेश का शव, चीख-पुकार से गमगीन हुआ सिसवारा
भारी पुलिस बल के बीच अंतिम संस्कार
श्रावस्ती। गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव के मदारपुरवा में भूमि विवाद के दौरान कमलेश कुमार की मौत के बाद गुरुवार को तीसरे दिन उनका शव घर पहुंचा। मुंबई से मृतक का बड़ा बेटा भी घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है। संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। बताया गया कि 22 सितंबर को भूमि विवाद के निस्तारण के लिए राजस्व टीम के साथ गिलौला पुलिस गांव पहुंची थी। पुलिस के अनुसार सरकारी कार्य में बाधा के चलते पांच महिलाओं और एक पुरुष को सरकारी वाहन से थाने भेजा जा रहा था। इसी दौरान कमलेश ने वाहन का गेट खोलकर चलती गाड़ी से कूदने का प्रयास किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस और राजस्व टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवादित भूमि का मामला न्यायालय में विचाराधीन था और पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने गिलौला थानाध्यक्ष आशीष कुमार, उपनिरीक्षक इन्द्रदेव पटेल और आरक्षी परविन्दर कुमार को पुलिस लाइन हाजिर किया है। निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।राजस्व और पुलिस की भूमिका की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम है।
    user_Hasmat Husain Khan
    Hasmat Husain Khan
    Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन। राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग। बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग। झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग। पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन। राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग। बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग। झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग।
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    पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग
पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन।
राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग।
बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग।
झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग।
पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग
पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन।
राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग।
बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग।
झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग।
    user_Rahul Ratna
    Rahul Ratna
    रिपोर्टर बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • road ki shikayat darj karne
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    road ki shikayat darj karne
    user_Ahsaan Mohammed
    Ahsaan Mohammed
    प्रयागपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ मेरठ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ बताइए एक बाइक पर कितने लोग सवार है…वीडियो मेरठ की है सोशल मीडिया पर वायरल है। और बाइक पर सवार सभी छात्र है…अभी कोई अनहोनी घटना हो जाए तो आधा दर्जन परिवार मातम में….
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    ब्रेकिंग न्यूज़ मेरठ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
बताइए एक बाइक पर कितने लोग सवार है…वीडियो मेरठ की है सोशल मीडिया पर वायरल है। और बाइक पर सवार सभी छात्र है…अभी कोई अनहोनी घटना हो जाए तो आधा दर्जन परिवार मातम में….
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *एक तरफ बन रही सड़क, दूसरी तरफ उखड़ रही परत! शादियाबाद-गोबरहा मार्ग के निर्माण पर उठे गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग* बहराइच/हुजूरपुर। हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र में शादियाबाद ग्राम पंचायत से गोबरहा मार्ग तक PWD CD-1 के अंतर्गत चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर अब गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ है और कई स्थानों पर नई डाली गई सड़क की ऊपरी परत उखड़ती दिखाई दे रही है। मौके की तस्वीरें और सड़क की स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क को लंबे समय तक चलने योग्य बनाया जाना चाहिए, उसकी नई परत ही जगह-जगह कमजोर दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल यह है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और तकनीकी प्रक्रिया का कितना पालन किया जा रहा है? स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत के उखड़ने और क्षतिग्रस्त होने की स्थिति दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ सड़क बनाई जा रही है और दूसरी तरफ तैयार हिस्से में परत उखड़ती नजर आ रही है। अगर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क की हालत ऐसी होती तो भी सवाल उठते, लेकिन निर्माण के दौरान ही ऐसी स्थिति सामने आना विभागीय अधिकारियों के लिए गंभीरता से जांच का विषय है। ग्रामीणों ने मांग की है कि PWD के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर केवल औपचारिक निरीक्षण न करें, बल्कि तकनीकी मानकों के अनुसार सड़क की गुणवत्ता की विधिवत जांच कराएं। जांच में सड़क की निर्धारित मोटाई, चौड़ाई, बेस की स्थिति, इस्तेमाल की गई गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री, तारकोल/बिटुमिनस मिश्रण की गुणवत्ता और निर्माण की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण कराया जाए। जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण भी कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल विभागीय निगरानी को लेकर भी खड़ा हो रहा है। निर्माण कार्य के दौरान यदि संबंधित विभाग के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं, तो नई सड़क की परत उखड़ने जैसी स्थिति समय रहते क्यों नहीं रोकी गई? ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण की माप पुस्तिका, स्वीकृत मानक, कार्य की लागत, निर्धारित लंबाई-चौड़ाई और गुणवत्ता संबंधी शर्तों का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनता के पैसे से बन रही सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित कराना है। यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप है तो उच्चस्तरीय जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, और यदि कहीं तकनीकी कमी है तो सड़क पूरी होने से पहले उसे दुरुस्त कराया जा सकेगा। ग्रामीणों ने PWD के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, तकनीकी टीम से गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जांच में कमी मिलने पर संबंधित हिस्से को मानक के अनुरूप दोबारा दुरुस्त कराया जाए। “बहराइच के हुजूरपुर में सड़क निर्माण पर बड़ा सवाल! एक तरफ बन रही सड़क, दूसरी तरफ उखड़ रही नई परत—शादियाबाद से गोबरहा मार्ग तक PWD CD-1 के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल। निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क की हालत देखकर मचा हड़कंप! अब ग्रामीणों की मांग—मौके पर पहुंचे PWD के उच्च अधिकारी, हो तकनीकी जांच, सामने आए सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता।” सबसे बड़ा सवाल—आखिर निर्माण पूरा होने से पहले ही नई सड़क की परत क्यों उखड़ रही है? क्या निर्माण कार्य की प्रभावी तकनीकी निगरानी हो रही है? अब निगाहें PWD के उच्च अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    *एक तरफ बन रही सड़क, दूसरी तरफ उखड़ रही परत! शादियाबाद-गोबरहा मार्ग के निर्माण पर उठे गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग*
बहराइच/हुजूरपुर। हुजूरपुर विकासखंड क्षेत्र में शादियाबाद ग्राम पंचायत से गोबरहा मार्ग तक PWD CD-1 के अंतर्गत चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर अब गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ है और कई स्थानों पर नई डाली गई सड़क की ऊपरी परत उखड़ती दिखाई दे रही है।
मौके की तस्वीरें और सड़क की स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस सड़क को लंबे समय तक चलने योग्य बनाया जाना चाहिए, उसकी नई परत ही जगह-जगह कमजोर दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल यह है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और तकनीकी प्रक्रिया का कितना पालन किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत के उखड़ने और क्षतिग्रस्त होने की स्थिति दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ सड़क बनाई जा रही है और दूसरी तरफ तैयार हिस्से में परत उखड़ती नजर आ रही है।
अगर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क की हालत ऐसी होती तो भी सवाल उठते, लेकिन निर्माण के दौरान ही ऐसी स्थिति सामने आना विभागीय अधिकारियों के लिए गंभीरता से जांच का विषय है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि PWD के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर केवल औपचारिक निरीक्षण न करें, बल्कि तकनीकी मानकों के अनुसार सड़क की गुणवत्ता की विधिवत जांच कराएं।
जांच में सड़क की निर्धारित मोटाई, चौड़ाई, बेस की स्थिति, इस्तेमाल की गई गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री, तारकोल/बिटुमिनस मिश्रण की गुणवत्ता और निर्माण की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण कराया जाए।
जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण भी कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल विभागीय निगरानी को लेकर भी खड़ा हो रहा है। निर्माण कार्य के दौरान यदि संबंधित विभाग के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं, तो नई सड़क की परत उखड़ने जैसी स्थिति समय रहते क्यों नहीं रोकी गई?
ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण की माप पुस्तिका, स्वीकृत मानक, कार्य की लागत, निर्धारित लंबाई-चौड़ाई और गुणवत्ता संबंधी शर्तों का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनता के पैसे से बन रही सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित कराना है। यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप है तो उच्चस्तरीय जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, और यदि कहीं तकनीकी कमी है तो सड़क पूरी होने से पहले उसे दुरुस्त कराया जा सकेगा।
ग्रामीणों ने PWD के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, तकनीकी टीम से गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जांच में कमी मिलने पर संबंधित हिस्से को मानक के अनुरूप दोबारा दुरुस्त कराया जाए।
“बहराइच के हुजूरपुर में सड़क निर्माण पर बड़ा सवाल! एक तरफ बन रही सड़क, दूसरी तरफ उखड़ रही नई परत—शादियाबाद से गोबरहा मार्ग तक PWD CD-1 के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल। निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क की हालत देखकर मचा हड़कंप! अब ग्रामीणों की मांग—मौके पर पहुंचे PWD के उच्च अधिकारी, हो तकनीकी जांच, सामने आए सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता।”
सबसे बड़ा सवाल—आखिर निर्माण पूरा होने से पहले ही नई सड़क की परत क्यों उखड़ रही है? क्या निर्माण कार्य की प्रभावी तकनीकी निगरानी हो रही है? अब निगाहें PWD के उच्च अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_दीपक कुमार सिंह बहराइच
    दीपक कुमार सिंह बहराइच
    प्रयागपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बहराइच जिले के थाना मटेरा बारिश लगातार होने के कारण फसल बर्बाद नमस्कार मैं राजीव कुमार मिश्रा आप देख रहे हैं क्राइम न्यूज़ बहराइच ब्यूरो चीफ बहराइच जिले के थाना मटेरा के अंतर्गत लगातार 25 घंटे से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही जिससे किसानों के खेतों में धान का फसल बर्बाद किसानों में परेशानी
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    बहराइच जिले के थाना मटेरा बारिश लगातार होने के कारण फसल बर्बाद
नमस्कार मैं राजीव कुमार मिश्रा आप देख रहे हैं क्राइम न्यूज़ बहराइच ब्यूरो चीफ बहराइच जिले के थाना मटेरा के अंतर्गत लगातार 25 घंटे से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही जिससे किसानों के खेतों में धान का फसल बर्बाद किसानों में  परेशानी
    user_Rajeev Mishra
    Rajeev Mishra
    बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    20 min ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से गोंडा जाने वाली डेमू ट्रेन में दो किन्नर वसूली के लिए बुधवार को ट्रेन पर चढ़े। अपना इलाका होने की बात को लेकर दो किन्नर में मारपीट शुरू हो गई। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से गोंडा जाने वाली डेमू ट्रेन में दो किन्नर वसूली के लिए बुधवार को ट्रेन पर चढ़े। अपना इलाका होने की बात को लेकर दो किन्नर में मारपीट शुरू हो गई। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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