भीषण गर्मी में वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा बने जलाशय, हस्तिनापुर सेंचुरी में वन विभाग सतर्क वानिकी क्षेत्र हस्तिनापुर रेंज में वन विभाग के द्वारा वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर वन क्षेत्र अधिकारी के द्वारा यथाक प्रयास किए जाते रहते हैं लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के कारण जहां एक ओर नदियों और तालाबों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, वहीं दूसरी ओर हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम शुरू कर दिए हैं। वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय, के नेतृत्व में विभाग ने जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों को पीने के पानी की कमी से बचाने के लिए 13 जलाशयों (वॉटर होल) का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया है। इन सभी जल स्रोतों में नियमित रूप से टैंकरों और अन्य संसाधनों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में जल की कमी न होने पाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि पानी की तलाश में वन्यजीव जंगल से बाहर न निकलें, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विभाग का मानना है कि यदि जंगल के भीतर ही पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा तो जंगली जानवर गांवों की ओर रुख नहीं करेंगे और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी। खुशबू उपाध्याय ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि होती है, जलस्तर में गिरावट स्वाभाविक है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग पहले से ही सतर्क है और सभी 13 जलाशयों को पूरी तरह क्रियाशील बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 15 किलोमीटर के अति घने वन क्षेत्र, जहां वन्यजीवों की संख्या अधिक है, वहां विशेष रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जलाशय पर वाचरो व वन कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित किया गया है, जो नियमित निगरानी के साथ-साथ पानी की व्यवस्था को बनाए रख रहे हैं। वन विभाग के इन प्रयासों से न केवल जंगल के भीतर वन्यजीवों को राहत मिल रही है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के प्रवेश की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
भीषण गर्मी में वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा बने जलाशय, हस्तिनापुर सेंचुरी में वन विभाग सतर्क वानिकी क्षेत्र हस्तिनापुर रेंज में वन विभाग के द्वारा वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर वन क्षेत्र अधिकारी के द्वारा यथाक प्रयास किए जाते रहते हैं लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के कारण जहां एक ओर नदियों और तालाबों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, वहीं दूसरी ओर हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम शुरू कर दिए हैं। वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय, के नेतृत्व में विभाग ने जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों को पीने के पानी की कमी से बचाने के लिए 13 जलाशयों (वॉटर होल) का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया है।
इन सभी जल स्रोतों में नियमित रूप से टैंकरों और अन्य संसाधनों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में जल की कमी न होने पाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि पानी की तलाश में वन्यजीव जंगल से बाहर न निकलें, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विभाग का मानना है कि यदि जंगल के भीतर ही पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा तो जंगली जानवर गांवों की ओर रुख नहीं करेंगे और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी। खुशबू उपाध्याय ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि होती है, जलस्तर में गिरावट स्वाभाविक है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग पहले से ही सतर्क है और सभी 13 जलाशयों
को पूरी तरह क्रियाशील बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 15 किलोमीटर के अति घने वन क्षेत्र, जहां वन्यजीवों की संख्या अधिक है, वहां विशेष रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जलाशय पर वाचरो व वन कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित किया गया है, जो नियमित निगरानी के साथ-साथ पानी की व्यवस्था को बनाए रख रहे हैं। वन विभाग के इन प्रयासों से न केवल जंगल के भीतर वन्यजीवों को राहत मिल रही है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के प्रवेश की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- वानिकी क्षेत्र हस्तिनापुर रेंज में वन विभाग के द्वारा वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर वन क्षेत्र अधिकारी के द्वारा यथाक प्रयास किए जाते रहते हैं लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के कारण जहां एक ओर नदियों और तालाबों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, वहीं दूसरी ओर हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम शुरू कर दिए हैं। वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय, के नेतृत्व में विभाग ने जंगल में रहने वाले जंगली जानवरों को पीने के पानी की कमी से बचाने के लिए 13 जलाशयों (वॉटर होल) का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया है। इन सभी जल स्रोतों में नियमित रूप से टैंकरों और अन्य संसाधनों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में जल की कमी न होने पाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि पानी की तलाश में वन्यजीव जंगल से बाहर न निकलें, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विभाग का मानना है कि यदि जंगल के भीतर ही पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा तो जंगली जानवर गांवों की ओर रुख नहीं करेंगे और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेगी। खुशबू उपाध्याय ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि होती है, जलस्तर में गिरावट स्वाभाविक है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग पहले से ही सतर्क है और सभी 13 जलाशयों को पूरी तरह क्रियाशील बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 15 किलोमीटर के अति घने वन क्षेत्र, जहां वन्यजीवों की संख्या अधिक है, वहां विशेष रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जलाशय पर वाचरो व वन कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित किया गया है, जो नियमित निगरानी के साथ-साथ पानी की व्यवस्था को बनाए रख रहे हैं। वन विभाग के इन प्रयासों से न केवल जंगल के भीतर वन्यजीवों को राहत मिल रही है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों के प्रवेश की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।3
- मवाना। मवाना में मध्य गंगनहर पटरी पर नहर किनारे खड़ी झाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक बहसूमा से मीरापुर के बीच गंगनहर किनारे अलग-अलग तीन से चार स्थानों पर अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी भीषण थी कि उसकी ऊंची-ऊंची लपटें दूर से ही साफ देखी जा सकती थीं। देखते ही देखते नहर किनारे की झाड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इस घटना से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सबसे चिंताजनक बात ये है कि इस आग से नहर किनारे रहने वाले पशु-पक्षियों के जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा है। फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।1
- मोदीनगर दिल्ली मेरठ मार्ग पर परशुराम जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई इस दौरान आने जाने वाले लोगों जाम का सामना करना पड़ा है।1
- महिलाओं के अधिकार के लिए वीडियो बनाया ज्यादा से ज्यादा शेयरकरें1
- Post by Vijay rathi1
- Post by मो फरीद अंसारी1
- Post by PARUL SIROHI ( M.M.PARBHARI)2
- Post by SACHIN SHIVALIA1