जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में आरएसपीसीबी की बड़ी पहल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की होगी स्थापना जयपुर, 9 फरवरी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने एवं सतत विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आईआईटी, जोधपुर व एमएनआईटी, जयपुर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। एमओयू केे तहत मंडल द्वारा आईआईटी, जोधपुर के साथ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं एमएनआईटी, जयपुर के साथ मिलकर ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना की जाएगी। उक्त एमओयू आरएसपीसीबी अध्यक्ष श्री आलोक गुप्ता की उपस्थिति में आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री कपिल चंद्रवाल, निदेषक, एमएनआईटी जयपुर प्रो. नारायणा प्रसाद व आईआईटी, जोधपुर के डॉ. दीपक स्वामी के मध्य हस्ताक्षरित हुआ। आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री चंद्रवाल ने बताया कि राज्य बजट की घोषणा के अनुपालन में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त सेंटर्स के लिए मंडल द्वारा जगतपुरा में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, इसलिए तबतक यह सेंटर्स एमओयू किए जा रहे संस्थानों के परिसर में संचालित होंगें। 250 करोड़ रुपए की लागत से होगी ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना- श्री चंद्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास को एक साथ सशक्त करने की दिशा में ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना का प्रस्ताव किया है। यह सेंटर 250 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। इन सेंटर्स के माध्यम से ग्रीन स्किलिंग (हरित कौशल विकास) को प्राथमिकता, अपशिष्ट को संसाधन के रूप में विकसित करना, सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा देना, प्रदूषण नियंत्रण के लिए रिसर्च सेंटर, आमजन, विद्यार्थियों आदि के लिए डेटा एवं नॉलेज हब विकसित किए जाएंगें। उन्होंने कहा कि समुचित वर्गीकरण, मूल्यांकन एवं उपयोग हेतु अत्याधुनिक स्वच्छ एवं हरित तकनीकों के विकास से राज्य में निवेश, आजीविका और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 150 करोड़ रुपये की लागत से होगी ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ की स्थापना- आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री चंद्रवाल ने बताया कि मंडल द्वारा 150 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य को जलवायु परिवर्तन से संबंधित अनुसंधान, नीति सलाह, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र नीति एवं तकनीकी परामर्श प्रदान करने, राजस्थान का विस्तृत जलवायु मानचित्रण तैयार करने, अर्ली वार्निंग सिस्टम और जलवायु अनुकूलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संपादित करेगा। यह केंद्र राजस्थान सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा होगा, जो सतत अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय आजीविकाओं को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। आरएसपीसीबी मुख्यालय में हुए इस महत्वपूर्ण एमओयू में आईआईटी, जोधपुर व एमएनआईटी, जयपुर के प्रोफेसर्स एवं आरएसपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहें।
जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में आरएसपीसीबी की बड़ी पहल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की होगी स्थापना जयपुर, 9 फरवरी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने एवं सतत विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आईआईटी, जोधपुर व एमएनआईटी, जयपुर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। एमओयू केे तहत मंडल द्वारा आईआईटी, जोधपुर के साथ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं एमएनआईटी, जयपुर के साथ मिलकर ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना की जाएगी। उक्त एमओयू आरएसपीसीबी अध्यक्ष श्री आलोक गुप्ता की उपस्थिति में आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री कपिल चंद्रवाल, निदेषक, एमएनआईटी जयपुर प्रो. नारायणा प्रसाद व आईआईटी, जोधपुर के डॉ. दीपक स्वामी के मध्य हस्ताक्षरित हुआ। आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री चंद्रवाल ने बताया कि राज्य बजट की घोषणा के अनुपालन में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं ‘क्लीन एंड ग्रीन
टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त सेंटर्स के लिए मंडल द्वारा जगतपुरा में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, इसलिए तबतक यह सेंटर्स एमओयू किए जा रहे संस्थानों के परिसर में संचालित होंगें। 250 करोड़ रुपए की लागत से होगी ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना- श्री चंद्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास को एक साथ सशक्त करने की दिशा में ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना का प्रस्ताव किया है। यह सेंटर 250 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। इन सेंटर्स के माध्यम से ग्रीन स्किलिंग (हरित कौशल विकास) को प्राथमिकता, अपशिष्ट को संसाधन के रूप में विकसित करना, सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा देना, प्रदूषण नियंत्रण के लिए रिसर्च सेंटर, आमजन, विद्यार्थियों आदि के लिए डेटा एवं नॉलेज हब विकसित किए जाएंगें। उन्होंने कहा कि समुचित वर्गीकरण, मूल्यांकन एवं उपयोग हेतु अत्याधुनिक स्वच्छ एवं हरित तकनीकों
के विकास से राज्य में निवेश, आजीविका और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 150 करोड़ रुपये की लागत से होगी ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ की स्थापना- आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री चंद्रवाल ने बताया कि मंडल द्वारा 150 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य को जलवायु परिवर्तन से संबंधित अनुसंधान, नीति सलाह, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र नीति एवं तकनीकी परामर्श प्रदान करने, राजस्थान का विस्तृत जलवायु मानचित्रण तैयार करने, अर्ली वार्निंग सिस्टम और जलवायु अनुकूलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संपादित करेगा। यह केंद्र राजस्थान सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा होगा, जो सतत अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय आजीविकाओं को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। आरएसपीसीबी मुख्यालय में हुए इस महत्वपूर्ण एमओयू में आईआईटी, जोधपुर व एमएनआईटी, जयपुर के प्रोफेसर्स एवं आरएसपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहें।
- जयपुर: शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की एक बड़ी कोशिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस कंट्रोल रूम में चौराहे पर गाय के बछड़े का सिर काटकर लटकाने की झूठी सूचना दी गई थी। जांच में सामने आया कि यह सूचना पूरी तरह भ्रामक और अफवाह फैलाने के उद्देश्य से दी गई थी। दरअसल, एक गाय मालिक ने बछड़े की मौत के बाद दूध जारी रखने के लालच में मरे हुए बछड़े का सिर हिंगोनिया गोशाला से लाकर उसकी खाल में भूसा भरकर अपने बाड़े में गाय के सामने लटका दिया था। इसी बात को तोड़-मरोड़कर शरारती तत्वों ने चौराहे पर बछड़े का सिर लटकाने की झूठी सूचना पुलिस को दी, जिससे शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और सच्चाई सामने आने के बाद अफवाह फैलाने वाले कुछ युवकों को डिटेन किया गया। वहीं, पूरे मामले में गाय मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने गाय मालिक बंटी शर्मा के साथ-साथ सूचना देने वाले शैलेश और इंद्र को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई श्याम नगर थाना पुलिस ने डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा के निर्देश पर की। SHO दलवीर सिंह के नेतृत्व में मामले की जांच जारी है। राजनीति | कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियास का बीजेपी पर हमला मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियास ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी अफवाहों को राजनीतिक लाभ के लिए हवा दी जाती है, जो समाज में तनाव पैदा करती हैं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।2
- Post by Neha Chaturvedi1
- भाकरोटा में जहां पहले अग्निकांड की घटना हो चुकी थी, उसी इलाके के पास आज एक बार फिर गैस टैंकर में आग लग गई। सौभाग्य से @RajPoliceHelp के कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर तुरंत मोर्चा संभाला और समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टला!1
- Post by Rajdheer Singh1
- जयपुर अजमेर नेशनल हाईवे पर भांकरोटा के समीप एक केमिकल से भरे ट्रक में आग लगने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। अचानक ट्रक से निकली चिंगारी के बाद चालक ने कूद कर जान बचाई,वही केमिकल से भरे ट्रक में आग लगने की सूचना के बाद भांकरोटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने यातायात को रोका और गाड़ियों को डायवर्ट किया। केमिकल से भरे ट्रक में आग की सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।1
- Post by Ramkesh Nareda1
- बद्रीनारायण शर्मा जी के पावन विवाह समारोह में पहुंचकर पूर्व विधायक (एक्स एमएलए) श्री बाबूलाल नागर जी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय, उज्ज्वल दांपत्य जीवन की कामना की। इस अवसर पर माहौल आत्मीयता और खुशी से भरा रहा। 🌸💐 #हैशटैग: #बद्रीनारायणशर्मा #विवाहसमारोह #बाबूलालनागर #ExMLA #शुभविवाह #आशीर्वाद #सामाजिककार्य #जयपुर1
- जयपुर, 9 फरवरी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने एवं सतत विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आईआईटी, जोधपुर व एमएनआईटी, जयपुर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। एमओयू केे तहत मंडल द्वारा आईआईटी, जोधपुर के साथ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं एमएनआईटी, जयपुर के साथ मिलकर ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना की जाएगी। उक्त एमओयू आरएसपीसीबी अध्यक्ष श्री आलोक गुप्ता की उपस्थिति में आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री कपिल चंद्रवाल, निदेषक, एमएनआईटी जयपुर प्रो. नारायणा प्रसाद व आईआईटी, जोधपुर के डॉ. दीपक स्वामी के मध्य हस्ताक्षरित हुआ। आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री चंद्रवाल ने बताया कि राज्य बजट की घोषणा के अनुपालन में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ एवं ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त सेंटर्स के लिए मंडल द्वारा जगतपुरा में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, इसलिए तबतक यह सेंटर्स एमओयू किए जा रहे संस्थानों के परिसर में संचालित होंगें। 250 करोड़ रुपए की लागत से होगी ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना- श्री चंद्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास को एक साथ सशक्त करने की दिशा में ‘क्लीन एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना का प्रस्ताव किया है। यह सेंटर 250 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। इन सेंटर्स के माध्यम से ग्रीन स्किलिंग (हरित कौशल विकास) को प्राथमिकता, अपशिष्ट को संसाधन के रूप में विकसित करना, सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा देना, प्रदूषण नियंत्रण के लिए रिसर्च सेंटर, आमजन, विद्यार्थियों आदि के लिए डेटा एवं नॉलेज हब विकसित किए जाएंगें। उन्होंने कहा कि समुचित वर्गीकरण, मूल्यांकन एवं उपयोग हेतु अत्याधुनिक स्वच्छ एवं हरित तकनीकों के विकास से राज्य में निवेश, आजीविका और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 150 करोड़ रुपये की लागत से होगी ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ की स्थापना- आरएसपीसीबी, सदस्य सचिव श्री चंद्रवाल ने बताया कि मंडल द्वारा 150 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर क्लाइमेट चेंज’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य को जलवायु परिवर्तन से संबंधित अनुसंधान, नीति सलाह, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र नीति एवं तकनीकी परामर्श प्रदान करने, राजस्थान का विस्तृत जलवायु मानचित्रण तैयार करने, अर्ली वार्निंग सिस्टम और जलवायु अनुकूलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संपादित करेगा। यह केंद्र राजस्थान सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा होगा, जो सतत अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय आजीविकाओं को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। आरएसपीसीबी मुख्यालय में हुए इस महत्वपूर्ण एमओयू में आईआईटी, जोधपुर व एमएनआईटी, जयपुर के प्रोफेसर्स एवं आरएसपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहें।3